बिहार के भागलपुर जिले को नया एसएसपी मिल गया है। IPS अधिकारी बाबूराम ने 3 जनवरी 2022 को यहां बतौर एसएसपी ज्वाइन कर लिया है। वह बिहार कैडर के 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
बाबूराम इससे पहले मुंगेर में एसपी रहे हैं। यहां उन्होंने अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया था। ये मामला काफी चर्चा में रहा था क्योंकि यहां एक कुएं से 20 एके-47 बरामद हुई थीं। ये एके-47 जबलपुर ओडिनेन्स फैक्ट्री से तस्करी करके मुंगेर लाई गई थीं।
यह मामला सितंबर 2018 का है। इस तस्करी के तार जबलपुर-मुंगेर-बागडोगरा-पटना तक जुड़े थे। जिसके बाद करीब 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
IPS अधिकारी बाबूराम अपनी सख्त कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं। 2015 में जब वह औरंगाबाद के एसपी थे, तब उन्होंने नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया था और सात खूंखार नक्सलियों को गिरफ्तार किया था। इस दौरान 3 नक्सलियों ने समर्पण भी किया था।
अगर निजी जीवन की बात करें तो बाबूराम हरियाणा के यमुनानगर के रहने वाले हैं। उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से शिक्षा हासिल की है। आईपीएस बनने के बाद उन्हें बिहार कैडर मिला और गया में बतौर ट्रेनी आईपीएस पोस्टिंग मिली। इसके बाद मधुबनी में भी उन्होंने बतौर एएसपी सेवाएं दी।
वह बिहार के कई जिलों में पुलिस कफ्तान रहे हैं और अब डीआईजी के पद पर तरक्की पाने की कतार में है। संभावना जताई जा रही है कि वह इसी साल के आखिर तक डीआईजी बन सकते हैं।
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बिहार के भागलपुर जिले को नया एसएसपी मिल गया है। IPS अधिकारी बाबूराम ने 3 जनवरी 2022 को यहां बतौर एसएसपी ज्वाइन कर लिया है। वह बिहार कैडर के 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
बाबूराम इससे पहले मुंगेर में एसपी रहे हैं। यहां उन्होंने अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया था। ये मामला काफी चर्चा में रहा था क्योंकि यहां एक कुएं से 20 एके-47 बरामद हुई थीं। ये एके-47 जबलपुर ओडिनेन्स फैक्ट्री से तस्करी करके मुंगेर लाई गई थीं।
यह मामला सितंबर 2018 का है। इस तस्करी के तार जबलपुर-मुंगेर-बागडोगरा-पटना तक जुड़े थे। जिसके बाद करीब 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
IPS अधिकारी बाबूराम अपनी सख्त कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं। 2015 में जब वह औरंगाबाद के एसपी थे, तब उन्होंने नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया था और सात खूंखार नक्सलियों को गिरफ्तार किया था। इस दौरान 3 नक्सलियों ने समर्पण भी किया था।
अगर निजी जीवन की बात करें तो बाबूराम हरियाणा के यमुनानगर के रहने वाले हैं। उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से शिक्षा हासिल की है। आईपीएस बनने के बाद उन्हें बिहार कैडर मिला और गया में बतौर ट्रेनी आईपीएस पोस्टिंग मिली। इसके बाद मधुबनी में भी उन्होंने बतौर एएसपी सेवाएं दी।
वह बिहार के कई जिलों में पुलिस कफ्तान रहे हैं और अब डीआईजी के पद पर तरक्की पाने की कतार में है। संभावना जताई जा रही है कि वह इसी साल के आखिर तक डीआईजी बन सकते हैं।
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