Tuesday, January 25, 2022

UPSC Success Story: 3 बार परीक्षा में फेल हुईं चंद्रिमा अत्री लेकिन नहीं हारी हिम्मत, चौथी कोशिश में पाई 72वीं रैंक, आज हैं IAS अधिकारी

IAS Success Story: यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा पास करना हर सिविल सेवा की तैयारी कर रहे युवा के लिए सपना होता है। लेकिन इसमें सफलता कुछ ही लोगों को मिल पाती है। IAS अधिकारी चंद्रिमा अत्री (IAS Chandrima Attri) की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।

चंद्रिमा अत्री (Chandrima Attri) ने साल 2019 में ऑल इंडिया 72वीं रैंक हासिल की थी। उन्हें निबंध में अच्छे नंबर मिले थे। चंद्रिमा शुरू से ही आईएएस बनना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने ग्रेजुएशन के बाद ही सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी।

हालांकि उनके लिए यूपीएससी (UPSC) का पेपर क्वालीफाई करना आसान नहीं रहा। वह यूपीएससी की परीक्षा में 3 बार असफल हुईं लेकिन चौथी कोशिश में उन्होंने ऑल इंडिया 72वीं रैंक पाई।

चंद्रिमा का मानना है कि अगर यूपीएससी के पेपर दे रहे युवा निबंध में अच्छा प्रदर्शन करें तो ज्यादा नंबर हासिल कर सकते हैं। निबंध को करने में 3 घंटे मिलते हैं और 2 विषय होते हैं, इसलिए अपने समय को 2 हिस्सों में बांटकर निबंध लिखें, जिससे दोनों निबंधों को पूरा समय मिल जाए।

चंद्रिमा ये भी कहती हैं कि सही रणनीति इस परीक्षा में सफलता दिलाती है, इसलिए युवा एक बेहतर रणनीति बनाकर ही इस परीक्षा की तैयारी करें।

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चंद्रिमा अत्री (Chandrima Attri) ने साल 2019 में ऑल इंडिया 72वीं रैंक हासिल की थी। उन्हें निबंध में अच्छे नंबर मिले थे। चंद्रिमा शुरू से ही आईएएस बनना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने ग्रेजुएशन के बाद ही सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी।

हालांकि उनके लिए यूपीएससी (UPSC) का पेपर क्वालीफाई करना आसान नहीं रहा। वह यूपीएससी की परीक्षा में 3 बार असफल हुईं लेकिन चौथी कोशिश में उन्होंने ऑल इंडिया 72वीं रैंक पाई।

चंद्रिमा का मानना है कि अगर यूपीएससी के पेपर दे रहे युवा निबंध में अच्छा प्रदर्शन करें तो ज्यादा नंबर हासिल कर सकते हैं। निबंध को करने में 3 घंटे मिलते हैं और 2 विषय होते हैं, इसलिए अपने समय को 2 हिस्सों में बांटकर निबंध लिखें, जिससे दोनों निबंधों को पूरा समय मिल जाए।

चंद्रिमा ये भी कहती हैं कि सही रणनीति इस परीक्षा में सफलता दिलाती है, इसलिए युवा एक बेहतर रणनीति बनाकर ही इस परीक्षा की तैयारी करें।

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