Monday, January 31, 2022

वो 5 छात्र नेता जिन्होंने कम उम्र में ही रख दिए थे राजनीति में कदम, फिर केंद्र सरकार में मिलीं अहम जिम्मेदारियां

राजनीति एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें कई लोग छात्र जीवन में ही उतर आते हैं। कम उम्र में ही राजनीतिक उतार-चढ़ावों का सामना करने से इन छात्रों में विलक्षण नेतृत्व क्षमता भी उभरकर सामने आती है। यही वजह है कि आज देश के कई राजनेता ऐसे हैं, जो छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे और आज राजनीतिक बुलंदियों पर बैठे हैं। यहां हम आपको बीजेपी के उन 5 वरिष्ठ नेताओं के बारे में बताएंगे, जिन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र जीवन में ही कर दी थी, बाद में ये छात्रनेता से राष्ट्रीय नेता बने।

अमित शाह

देश की राजनीति में अमित शाह (Amit Shah) को चाणक्य कहा जाता है। वह बीजेपी के प्रमुख रणनीतिकारों में से एक हैं और देश के गृह मंत्री हैं। पीएम मोदी भी उनके राजनीतिक कौशल को मानते हैं। शाह ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 1983 में छात्र संगठन एबीवीपी से की थी। इसके बाद साल 1986 में वह बीजेपी में शामिल हुए और बीजेपी युवा मोर्चा के लिए सक्रिय रहने लगे। उसके बाद से आज तक शाह ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और वह भारत के सबसे पॉपुलर राजनेताओं में से एक हैं। शाह का जन्म 22 अक्टूबर, 1964 को मुंबई के एक गुजराती परिवार में हुआ था और जन्म के सोलह वर्ष तक वह अपने पैतृक गांव मान्सा, गुजरात में रहे और यहीं से स्कूली शिक्षा ली। इसके बाद उनका परिवार अहमदाबाद आ गया था।

राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) को बीजेपी के सबसे दमदार नेताओं में से एक माना जाता है। वह इस समय देश के रक्षा मंत्री भी हैं। साल 1964 में जब वह 13 साल के थे, तभी उन्होंने राजनीतिक जीवन में कदम रख दिए थे। जीवन के शुरुआती सालों में ही वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे और यहां उन्होंने अहम भूमिकाएं निभाईं। इसके बाद 1969 में उन्होंने छात्र संगठन एबीवीपी की गोरखपुर इकाई के सचिव के रूप में काम किया। इसके बाद से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज वह राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख हिस्सा हैं। उनका जन्म यूपी के चंदौली जिले में 10 जुलाई 1951 को हुआ था। उन्होंने गोरखपुर से भौतिकी में एमएससी किया है। इसके बाद वह 1971 में मिर्जापुर में केबी पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कॉलेज में लेक्चरार रहे।

नितिन गडकरी

नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) को बीजेपी का कूल नेता कहा जाता है। उनके मित्र विरोधी पार्टियों में भी हैं और वह बहुत ही आसानी से सामने वाले को अपना मुरीद बना लेते हैं। इस समय वह केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री हैं। उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत साल 1976 में नागपुर विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् से की थी। वह जब महज 24 साल के थे, तभी भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष बन गए थे। गडकरी काफी पढ़े लिखे भी हैं और उन्होंने कामर्स में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके अलावा उन्होंने कानून और बिजनेस मैनेजमेंट की भी पढ़ाई की है। गडकरी का जन्म नागपुर जिले के एक मध्यम वर्गीय परिवार में 27 मई 1957 को हुआ था।

जेपी नड्डा

जगत प्रकाश नड्डा (JP Nadda) बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद हैं। उनका जन्म बिहार के पटना में 1960 में हुआ था। जब वह 16 साल के थे, तभी जेपी आंदोलन से जुड़ गए थे और शुरुआत से ही उनका रुझान राजनीति में था। वह छात्र जीवन में छात्र संगठन एबीवीपी से जुड़ गए थे। उनकी कुशलता की वजह से ही उन्हें साल 1982 में हिमाचल में विद्यार्थी परिषद का प्रचारक बनाकर भेजा गया था। ये उनकी नेतृत्व क्षमता ही थी कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पहली बार एबीवीपी ने जीत हासिल की थी। जेपी नड्डा की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने बीए और एलएलबी की डिग्री हासिल की है। वह पहली बार साल 1993 में हिमाचल प्रदेश से विधायक चुने गये थे। इसके बाद वह राज्य और केंद्र सरकार में मंत्री रहे।

अरुण जेटली

अरुण जेटली (Arun Jaitley) को बीजेपी का काबिल नेता माना जाता था। वह पेशे से सफल वकील थे और केंद्र सरकार में उन्होंने वित्त, रक्षा और कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय संभाला। साल 1970 के दशक में वह एबीवीपी का हिस्सा थे और दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र नेता थे। साल 1974 में वह दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष भी रहे। बाद में उन्हें एबीवीपी का अखिल भारतीय सचिव नियुक्त किया गया। उनका जन्म दिल्ली में पंजाबी हिंदू मोहयाल ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता महाराज किशन भी पेशे से वकील थे। 24 अगस्त 2019 को बीजेपी के इस कद्दावर नेता का निधन हो गया था।

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राजनीति एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें कई लोग छात्र जीवन में ही उतर आते हैं। कम उम्र में ही राजनीतिक उतार-चढ़ावों का सामना करने से इन छात्रों में विलक्षण नेतृत्व क्षमता भी उभरकर सामने आती है। यही वजह है कि आज देश के कई राजनेता ऐसे हैं, जो छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे और आज राजनीतिक बुलंदियों पर बैठे हैं। यहां हम आपको बीजेपी के उन 5 वरिष्ठ नेताओं के बारे में बताएंगे, जिन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र जीवन में ही कर दी थी, बाद में ये छात्रनेता से राष्ट्रीय नेता बने।

अमित शाह

देश की राजनीति में अमित शाह (Amit Shah) को चाणक्य कहा जाता है। वह बीजेपी के प्रमुख रणनीतिकारों में से एक हैं और देश के गृह मंत्री हैं। पीएम मोदी भी उनके राजनीतिक कौशल को मानते हैं। शाह ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 1983 में छात्र संगठन एबीवीपी से की थी। इसके बाद साल 1986 में वह बीजेपी में शामिल हुए और बीजेपी युवा मोर्चा के लिए सक्रिय रहने लगे। उसके बाद से आज तक शाह ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और वह भारत के सबसे पॉपुलर राजनेताओं में से एक हैं। शाह का जन्म 22 अक्टूबर, 1964 को मुंबई के एक गुजराती परिवार में हुआ था और जन्म के सोलह वर्ष तक वह अपने पैतृक गांव मान्सा, गुजरात में रहे और यहीं से स्कूली शिक्षा ली। इसके बाद उनका परिवार अहमदाबाद आ गया था।

राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) को बीजेपी के सबसे दमदार नेताओं में से एक माना जाता है। वह इस समय देश के रक्षा मंत्री भी हैं। साल 1964 में जब वह 13 साल के थे, तभी उन्होंने राजनीतिक जीवन में कदम रख दिए थे। जीवन के शुरुआती सालों में ही वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे और यहां उन्होंने अहम भूमिकाएं निभाईं। इसके बाद 1969 में उन्होंने छात्र संगठन एबीवीपी की गोरखपुर इकाई के सचिव के रूप में काम किया। इसके बाद से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज वह राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख हिस्सा हैं। उनका जन्म यूपी के चंदौली जिले में 10 जुलाई 1951 को हुआ था। उन्होंने गोरखपुर से भौतिकी में एमएससी किया है। इसके बाद वह 1971 में मिर्जापुर में केबी पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कॉलेज में लेक्चरार रहे।

नितिन गडकरी

नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) को बीजेपी का कूल नेता कहा जाता है। उनके मित्र विरोधी पार्टियों में भी हैं और वह बहुत ही आसानी से सामने वाले को अपना मुरीद बना लेते हैं। इस समय वह केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री हैं। उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत साल 1976 में नागपुर विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् से की थी। वह जब महज 24 साल के थे, तभी भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष बन गए थे। गडकरी काफी पढ़े लिखे भी हैं और उन्होंने कामर्स में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके अलावा उन्होंने कानून और बिजनेस मैनेजमेंट की भी पढ़ाई की है। गडकरी का जन्म नागपुर जिले के एक मध्यम वर्गीय परिवार में 27 मई 1957 को हुआ था।

जेपी नड्डा

जगत प्रकाश नड्डा (JP Nadda) बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद हैं। उनका जन्म बिहार के पटना में 1960 में हुआ था। जब वह 16 साल के थे, तभी जेपी आंदोलन से जुड़ गए थे और शुरुआत से ही उनका रुझान राजनीति में था। वह छात्र जीवन में छात्र संगठन एबीवीपी से जुड़ गए थे। उनकी कुशलता की वजह से ही उन्हें साल 1982 में हिमाचल में विद्यार्थी परिषद का प्रचारक बनाकर भेजा गया था। ये उनकी नेतृत्व क्षमता ही थी कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पहली बार एबीवीपी ने जीत हासिल की थी। जेपी नड्डा की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने बीए और एलएलबी की डिग्री हासिल की है। वह पहली बार साल 1993 में हिमाचल प्रदेश से विधायक चुने गये थे। इसके बाद वह राज्य और केंद्र सरकार में मंत्री रहे।

अरुण जेटली

अरुण जेटली (Arun Jaitley) को बीजेपी का काबिल नेता माना जाता था। वह पेशे से सफल वकील थे और केंद्र सरकार में उन्होंने वित्त, रक्षा और कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय संभाला। साल 1970 के दशक में वह एबीवीपी का हिस्सा थे और दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र नेता थे। साल 1974 में वह दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष भी रहे। बाद में उन्हें एबीवीपी का अखिल भारतीय सचिव नियुक्त किया गया। उनका जन्म दिल्ली में पंजाबी हिंदू मोहयाल ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता महाराज किशन भी पेशे से वकील थे। 24 अगस्त 2019 को बीजेपी के इस कद्दावर नेता का निधन हो गया था।

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