Google Doodle 2022: इंग्लिश कॉस्मोलॉजिस्ट, लेखक और थियोरेटिकल फिजिसिस्ट स्टीफन हॉकिंग का जन्म 8 जनवरी 1942 को हुआ था। एक भयानक बीमारी से ग्रस्त होने के बावजूद भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी और ब्रह्मांड के कई राज़ लोगों के सामने लाए। गूगल ने उनकी 80वीं जयंती पर एक खास एनीमेटेड वीडियो बनाकर श्रद्धांजलि दी है। इस वीडियो में उनके जीवन और उपलब्धियों पर रोशनी डाली गई है।
इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड में पैदा हुए हॉकिंग बचपन से ही ब्रह्मांड के प्रति आकर्षित थे। 21 साल की उम्र में ही उन्हें एक न्यूरोडीजेनरेटिव बीमारी का सामना करना पड़ा। इस बीमारी ने उन्हें धीरे-धीरे व्हीलचेयर तक सीमित कर दिया था। इसकी वजह से उन्होंने अपनी आवाज भी खो दी थी और वह स्पीच जेनरेटिंग डिवाइस की मदद से लोगों से बात करते थे। अस्पताल गए तो डॉक्टर ने कहा कि वह दो साल से अधिक जीवित नहीं रह पाएंगे लेकिन अपनी मज़बूत इच्छाशक्ति के चलते उन्होंने न केवल डॉक्टर की बात को गलत साबित किया बल्कि 76 साल के जीवन काल में उन्होंने कई कारनामे भी कर दिखाएं।
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शारीरिक असक्षमताओं के बावजूद भी हॉकिंग ने ऑक्सफोर्ड से फिजिक्स में बैचलर्स की डिग्री प्राप्त करने के बाद कैंब्रिज विश्वविद्यालय से पीएचडी पूरी की है। उन्होंने अपने जीवन के दौरान अंतरिक्ष के बहुत से रहस्यों को सामने लाया है। जिसमें बिग बैंग थ्योरी और ब्लैक होल थ्योरी सहित अन्य कई महत्वपूर्ण थ्योरी शामिल है। उन्होंने ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम, द ग्रैंड डिजाइन, माय ब्रीफ हिस्ट्री, यूनिवर्स इन नटशेल, द थ्योरी ऑफ एवरीथिंग नामक कई रोचक किताबें भी लिखी हैं।
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हॉकिंग ने यह भी कहा था कि ईश्वर ने यह दुनिया नहीं रची है बल्कि यह तो भौतिकी विज्ञान के नियमों का नतीजा है। ब्लैक होल के टकराने से लेकर बिगबैंग तक, ब्रह्मांड की उत्पत्ति से जुड़े उनके सिद्धांतों ने मॉडर्न फिजिक्स में क्रांति ला दी थी। गूगल भी उन्हें इतिहास के सबसे प्रभावशाली वैज्ञानिकों में एक के रूप में वर्णित करता है।
The post Google Doodle 2022: गंभीर बीमारी के बावजूद भी स्टीफन हॉकिंग ने खोलें थे दुनिया के कई राज़, गूगल ने आज डूडल बना कर किया याद appeared first on Jansatta.
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