UPSC: सलोनी वर्मा झारखंड के जमशेदपुर की रहने वाली हैं। हालांकि, उन्होंने अपना ज्यादातर समय दिल्ली में ही बिताया है। सलोनी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से बैचलर्स की डिग्री हासिल की है। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद ही उन्होंने सिविल सेवा के क्षेत्र में जाने का फैसला किया। सलोनी ने कठिन परिश्रम और लगन के चलते सिविल सेवा परीक्षा के दूसरे प्रयास में ही 70वीं रैंक प्राप्त कर न केवल अपना बल्कि परिवार वालों का भी नाम रोशन किया।
देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता पाने के लिए सलोनी ने सबसे पहले यूपीएससी एग्जाम के सिलेबस को अच्छी तरह से समझा और फिर उसी हिसाब से स्टडी मैटेरियल तैयार किया। उनका मानना है कि इस क्षेत्र में कदम रखने से पहले उम्मीदवारों को अपनी क्षमता और रुचि का आकलन करना चाहिए। साथ ही टॉपर्स के इंटरव्यू देखें और ब्लॉक भी पढ़ें। ऐसा करने से आपको परीक्षा के लिए सही गाइडेंस मिलेगा।
UPSC: मेडिकल की पढ़ाई के बाद आर्तिका ने सिविल सेवा की तरफ रखा कदम, पहले ही प्रयास में किया टॉप
सलोनी के यूपीएससी सफर की बात करें तो उन्होंने परीक्षा के पहले प्रयास में तो असफलता पाई थी। इससे निराश होने की जगह उन्होंने दोगुनी मेहनत से तैयारी जारी रखी। इसके अलावा पहले प्रयास में हुई गलतियों को पहचाना और समय रहते उसमें सुधार भी किया। जानकारी के लिए बता दें कि उन्होंने इस परीक्षा के लिए कोचिंग भी नहीं ज्वाइन की थी। आखिरकार, सिविल सेवा परीक्षा के दूसरे ही प्रयास में सलोनी ने 70वीं रैंक प्राप्त कर अपना सपना पूरा किया।
सलोनी के अनुसार यूपीएससी एग्जाम में सफलता प्राप्त करने के लिए उम्मीदवारों को सही रणनीति के साथ नियमित रूप से प्रयास करते रहना चाहिए। इस दौरान मिलने वाली असफलताओं से निराश होने की जगह हमें अपनी कमियों पर काम करना चाहिए। साथ ही नियमित रूप से रिवीजन, आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस, टाइम मैनेजमेंट और मॉक टेस्ट देने के अलावा आत्मविश्वास होना बेहद आवश्यक है।
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UPSC: सलोनी वर्मा झारखंड के जमशेदपुर की रहने वाली हैं। हालांकि, उन्होंने अपना ज्यादातर समय दिल्ली में ही बिताया है। सलोनी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से बैचलर्स की डिग्री हासिल की है। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद ही उन्होंने सिविल सेवा के क्षेत्र में जाने का फैसला किया। सलोनी ने कठिन परिश्रम और लगन के चलते सिविल सेवा परीक्षा के दूसरे प्रयास में ही 70वीं रैंक प्राप्त कर न केवल अपना बल्कि परिवार वालों का भी नाम रोशन किया।
देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता पाने के लिए सलोनी ने सबसे पहले यूपीएससी एग्जाम के सिलेबस को अच्छी तरह से समझा और फिर उसी हिसाब से स्टडी मैटेरियल तैयार किया। उनका मानना है कि इस क्षेत्र में कदम रखने से पहले उम्मीदवारों को अपनी क्षमता और रुचि का आकलन करना चाहिए। साथ ही टॉपर्स के इंटरव्यू देखें और ब्लॉक भी पढ़ें। ऐसा करने से आपको परीक्षा के लिए सही गाइडेंस मिलेगा।
UPSC: मेडिकल की पढ़ाई के बाद आर्तिका ने सिविल सेवा की तरफ रखा कदम, पहले ही प्रयास में किया टॉप
सलोनी के यूपीएससी सफर की बात करें तो उन्होंने परीक्षा के पहले प्रयास में तो असफलता पाई थी। इससे निराश होने की जगह उन्होंने दोगुनी मेहनत से तैयारी जारी रखी। इसके अलावा पहले प्रयास में हुई गलतियों को पहचाना और समय रहते उसमें सुधार भी किया। जानकारी के लिए बता दें कि उन्होंने इस परीक्षा के लिए कोचिंग भी नहीं ज्वाइन की थी। आखिरकार, सिविल सेवा परीक्षा के दूसरे ही प्रयास में सलोनी ने 70वीं रैंक प्राप्त कर अपना सपना पूरा किया।
सलोनी के अनुसार यूपीएससी एग्जाम में सफलता प्राप्त करने के लिए उम्मीदवारों को सही रणनीति के साथ नियमित रूप से प्रयास करते रहना चाहिए। इस दौरान मिलने वाली असफलताओं से निराश होने की जगह हमें अपनी कमियों पर काम करना चाहिए। साथ ही नियमित रूप से रिवीजन, आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस, टाइम मैनेजमेंट और मॉक टेस्ट देने के अलावा आत्मविश्वास होना बेहद आवश्यक है।
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