Wednesday, December 29, 2021

‘ना’ कहना भी सीखें

हर काम के लिए हमेशा ‘हां’ कह देना आप पर न केवल काम को बोझ बढ़ाएगा बल्कि आपको ऐसे कार्य भी करने होंगे जिनको करना आप पसंद नहीं करते हैं। आपका समय और ऊर्जा बहुमूल्य व सीमित हैं और आपको इन दोनों को इसी प्रकार की अहमियत देनी होगी। कई बार लोग अपनी छवि के खराब होने के डर से किसी भी कार्य को ‘ना’ नहीं कर पाते हैं। लेकिन आपको यह समझना होगा कि काम करने के लिए ‘हां’ कहने के बाद समय की कमी के चलते काम खराब होता है तो इससे आपकी छवि अधिक खराब होगी।

कई स्थानों पर आपके पास ‘ना’ कहने का विकल्प नहीं होता है, जैसे दफ्तर में। लेकिन जहां आप ‘ना’ कह सकते हैं, वहां भी नहीं कहते हैं। इसकी एक बड़ी वजह है कि ‘ना’ कहना आसान नहीं होता है। सबसे पहले तो हमें बहुत ही सभ्य तरीके से किसी कार्य के लिए मना करना चाहिए। साथ ही मना करने का वाजिब कारण भी बताया जाना जरूरी है। लेकिन इस कारण को विस्तार में बताने की आवश्यकता नहीं होती है।

कई बार देखा गया है कि कुछ लोग पूरी कहानी बताएंगे, जबकि सिर्फ कारण बताने भर से काम चल सकता है। किसी कार्य को मना करने के साथ आप उन्हें कार्य करने का विकल्प भी बता सकते हैं। जैसे आप कह सकते हैं कि आप आज व्यस्त हैं लेकिन आने वाले रविवार को आप खाली रहेंगे और उस दिन इस कार्य को कर सकते हैं। या फिर आप उस कार्य को करने के लिए किसी अन्य का नाम सुझा सकते हैं।

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हर काम के लिए हमेशा ‘हां’ कह देना आप पर न केवल काम को बोझ बढ़ाएगा बल्कि आपको ऐसे कार्य भी करने होंगे जिनको करना आप पसंद नहीं करते हैं। आपका समय और ऊर्जा बहुमूल्य व सीमित हैं और आपको इन दोनों को इसी प्रकार की अहमियत देनी होगी। कई बार लोग अपनी छवि के खराब होने के डर से किसी भी कार्य को ‘ना’ नहीं कर पाते हैं। लेकिन आपको यह समझना होगा कि काम करने के लिए ‘हां’ कहने के बाद समय की कमी के चलते काम खराब होता है तो इससे आपकी छवि अधिक खराब होगी।

कई स्थानों पर आपके पास ‘ना’ कहने का विकल्प नहीं होता है, जैसे दफ्तर में। लेकिन जहां आप ‘ना’ कह सकते हैं, वहां भी नहीं कहते हैं। इसकी एक बड़ी वजह है कि ‘ना’ कहना आसान नहीं होता है। सबसे पहले तो हमें बहुत ही सभ्य तरीके से किसी कार्य के लिए मना करना चाहिए। साथ ही मना करने का वाजिब कारण भी बताया जाना जरूरी है। लेकिन इस कारण को विस्तार में बताने की आवश्यकता नहीं होती है।

कई बार देखा गया है कि कुछ लोग पूरी कहानी बताएंगे, जबकि सिर्फ कारण बताने भर से काम चल सकता है। किसी कार्य को मना करने के साथ आप उन्हें कार्य करने का विकल्प भी बता सकते हैं। जैसे आप कह सकते हैं कि आप आज व्यस्त हैं लेकिन आने वाले रविवार को आप खाली रहेंगे और उस दिन इस कार्य को कर सकते हैं। या फिर आप उस कार्य को करने के लिए किसी अन्य का नाम सुझा सकते हैं।

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