Wednesday, April 20, 2022

UPSC New Chairman: मनोज सोनी ने संघर्षों के बीच गुजारा बचपन, ऐसा रहा कुलपति से लेकर UPSC चेयरमैन बनने तक का सफर

मनोज सोनी को संघ लोक सेवा आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बचपन में अगरबत्ती बेचने से लेकर सबसे कम उम्र में विश्वविद्यालय के कुलपति बनने की उनकी यह कहानी काफी प्रेरणादायक है। यहां हम आपको उनके अब तक के सफर के बारे में बताएंगे।

Manoj Soni Early Life: संघर्षों में गुजरा बचपन
मनोज का जन्म 17 फरवरी 1965 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता फुटपाथ मार्केट में कपड़े बेचा करते थे। जब मनोज कक्षा 5वीं में थे तभी उनके पिता की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद परिवार के पालन पोषण के लिए उन्होंने अगरबत्ती बेचना शुरू कर दिया था। फिर कुछ साल बाद वह‌ अपनी मां के साथ गुजरात चले आए थे। यहां मनोज ने कक्षा 12वीं की साइंस परीक्षा में फेल होने के बाद राज रत्न पीटी पटेल कॉलेज में आर्ट्स विषय को चुन लिया था।

UPSC New Chairman: दो विश्वविद्यालयों के बनें कुलपति
मनोज के पिता मुंबई में एक मिशन से जुड़े हुए थे। उनके देहांत के बाद मनोज भी इस मिशन से जुड़ गए थे और यहां उन्हें पढ़ाई लिखाई में काफी सहायता मिली। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद मनोज ने एसपी विश्वविद्यालय में पढ़ाना शुरू कर दिया था। इसके बाद साल 1991 से 2016 तक उन्होंने सरदार पटेल यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल रिलेशंस विषय भी पढ़ाया। इस दौरान उन्होंने साल 2005 से 2008 तक एमएसयू वडोदरा में और फिर साल 2009 से 2015 तक डॉ.बाबासाहेब अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी में कुलपति का कार्यभार भी संभाला।

Manoj Soni Education: इन‌ विषयों में है रुचि
मनोज को अंतरराष्ट्रीय संबंधों के अलावा राजनीति विज्ञान में काफी रुचि है। सोनी ने साल 1995 में डॉक्टर की पढ़ाई पूरी की और फिर ‘पोस्ट कोल्ड वॉर इंटरनेशनल सिस्टमैटिक ट्रांजिशन एंड इंडो-यूएस रिलेशन्स’ पर रिसर्च किया। इसके अलावा उन्होंने ‘अंडरस्टैंडिंग तक ग्लोबल पॉलीटिकल अर्थक्वेक’ नामक एक किताब भी लिखी है।

UPSC New Chairman: राहुल गांधी ने क्यों कसा तंज
जहां ‘द वायर’ ने मनोज सोनी को बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के निकट बताया। वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी उनकी नियुक्ति पर तंज कसते हुए यूपीएससी को यूनियन प्रचार संघ कमीशन कहा। उनके इस ट्वीट पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।



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मनोज सोनी को संघ लोक सेवा आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बचपन में अगरबत्ती बेचने से लेकर सबसे कम उम्र में विश्वविद्यालय के कुलपति बनने की उनकी यह कहानी काफी प्रेरणादायक है। यहां हम आपको उनके अब तक के सफर के बारे में बताएंगे।

Manoj Soni Early Life: संघर्षों में गुजरा बचपन
मनोज का जन्म 17 फरवरी 1965 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता फुटपाथ मार्केट में कपड़े बेचा करते थे। जब मनोज कक्षा 5वीं में थे तभी उनके पिता की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद परिवार के पालन पोषण के लिए उन्होंने अगरबत्ती बेचना शुरू कर दिया था। फिर कुछ साल बाद वह‌ अपनी मां के साथ गुजरात चले आए थे। यहां मनोज ने कक्षा 12वीं की साइंस परीक्षा में फेल होने के बाद राज रत्न पीटी पटेल कॉलेज में आर्ट्स विषय को चुन लिया था।

UPSC New Chairman: दो विश्वविद्यालयों के बनें कुलपति
मनोज के पिता मुंबई में एक मिशन से जुड़े हुए थे। उनके देहांत के बाद मनोज भी इस मिशन से जुड़ गए थे और यहां उन्हें पढ़ाई लिखाई में काफी सहायता मिली। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद मनोज ने एसपी विश्वविद्यालय में पढ़ाना शुरू कर दिया था। इसके बाद साल 1991 से 2016 तक उन्होंने सरदार पटेल यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल रिलेशंस विषय भी पढ़ाया। इस दौरान उन्होंने साल 2005 से 2008 तक एमएसयू वडोदरा में और फिर साल 2009 से 2015 तक डॉ.बाबासाहेब अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी में कुलपति का कार्यभार भी संभाला।

Manoj Soni Education: इन‌ विषयों में है रुचि
मनोज को अंतरराष्ट्रीय संबंधों के अलावा राजनीति विज्ञान में काफी रुचि है। सोनी ने साल 1995 में डॉक्टर की पढ़ाई पूरी की और फिर ‘पोस्ट कोल्ड वॉर इंटरनेशनल सिस्टमैटिक ट्रांजिशन एंड इंडो-यूएस रिलेशन्स’ पर रिसर्च किया। इसके अलावा उन्होंने ‘अंडरस्टैंडिंग तक ग्लोबल पॉलीटिकल अर्थक्वेक’ नामक एक किताब भी लिखी है।

UPSC New Chairman: राहुल गांधी ने क्यों कसा तंज
जहां ‘द वायर’ ने मनोज सोनी को बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के निकट बताया। वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी उनकी नियुक्ति पर तंज कसते हुए यूपीएससी को यूनियन प्रचार संघ कमीशन कहा। उनके इस ट्वीट पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।

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