RBSE Board 5th,8th Result 2022: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान (RBSE) 5वीं और 8वीं का रिजल्ट इस माह के अंत घोषित किया जा सकता है। रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर घोषित किया जाएगा। घोषित होने के बाद छात्र आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपने परिणाम चेक कर सकते हैं।
बता दें कि राजस्थान बोर्ड 8वीं परीक्षा 2022 का आयोजन 17 अप्रैल 2022 और 5वीं परीक्षा 2022 का 27 अप्रैल 2022 से किया गया था। 5वीं और 8वीं की परीक्षा में करीब 25 लाख छात्र शामिल हुए थे। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजस्थान बोर्ड आज यानी 25 मई 2022 को 5वीं और 8वीं का रिजल्ट घोषित करेगा।
वहीं राजस्थान बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 15 जून को घोषित किया जा सकता है। हालांकि अभी बोर्ड की ओर से रिजल्ट की डेट नहीं जारी की गई है। राजस्थान बोर्ड की परीक्षाएं राज्य में निर्धारित 6074 केंद्रों पर कोरोना सुरक्षा दिशा-निर्देश के तहत आयोजित की गई थी। बोर्ड परीक्षा में करीब 20 लाख छात्र-छात्राएं शामिल हुए थीं। 10वीं की परीक्षा 31 मार्च 2022 से 26 अप्रैल 2022 तक और 12वीं की परीक्षा 24 मार्च 2022 से 26 अप्रैल 2022 तक चली थी।
RBSE Board 5th,8th Result 2022 How to Check: ऐसे चेक कर सकेंगे रिजल्ट
1.सबसे पहले छात्र आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं।
2.होम पेज पर दिए गए RBSE Board 5th,8th Result 2022 के लिंक पर क्लिक करें।
4.यहां रोल नंबर आदि दर्ज कर सबमिट करें।
5.रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा।
6.अब चेक करें और डाउनलोड करें।
from Education News Hindi, Latest Educational News In India, Today Education News (एजुकेशन न्यूज़), शिक्षा समाचार, Admit Card, Exam Results | Jansatta https://ift.tt/TSqtd5y
via IFTTT
RBSE Board 5th,8th Result 2022: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान (RBSE) 5वीं और 8वीं का रिजल्ट इस माह के अंत घोषित किया जा सकता है। रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर घोषित किया जाएगा। घोषित होने के बाद छात्र आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपने परिणाम चेक कर सकते हैं।
बता दें कि राजस्थान बोर्ड 8वीं परीक्षा 2022 का आयोजन 17 अप्रैल 2022 और 5वीं परीक्षा 2022 का 27 अप्रैल 2022 से किया गया था। 5वीं और 8वीं की परीक्षा में करीब 25 लाख छात्र शामिल हुए थे। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजस्थान बोर्ड आज यानी 25 मई 2022 को 5वीं और 8वीं का रिजल्ट घोषित करेगा।
वहीं राजस्थान बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 15 जून को घोषित किया जा सकता है। हालांकि अभी बोर्ड की ओर से रिजल्ट की डेट नहीं जारी की गई है। राजस्थान बोर्ड की परीक्षाएं राज्य में निर्धारित 6074 केंद्रों पर कोरोना सुरक्षा दिशा-निर्देश के तहत आयोजित की गई थी। बोर्ड परीक्षा में करीब 20 लाख छात्र-छात्राएं शामिल हुए थीं। 10वीं की परीक्षा 31 मार्च 2022 से 26 अप्रैल 2022 तक और 12वीं की परीक्षा 24 मार्च 2022 से 26 अप्रैल 2022 तक चली थी।
RBSE Board 5th,8th Result 2022 How to Check: ऐसे चेक कर सकेंगे रिजल्ट
1.सबसे पहले छात्र आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं।
2.होम पेज पर दिए गए RBSE Board 5th,8th Result 2022 के लिंक पर क्लिक करें।
4.यहां रोल नंबर आदि दर्ज कर सबमिट करें।
5.रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा।
6.अब चेक करें और डाउनलोड करें।
CBSE CTET 2022: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) जुलाई 2022 का नोटिफिकेशन जल्द ही जारी किया जाएगा। जिसके बाद सभी योग्य उम्मीदवार CTET July 2022 के लिए आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर समय के अंदर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
सीबीएसई बोर्ड द्वारा यह परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाती है। इससे पहले यह परीक्षा 16 दिसंबर 2021 से 21 जनवरी 2022 तक आयोजित की गई थी और इस परीक्षा का परिणाम 9 मार्च को घोषित किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीटीईटी जुलाई का नोटिफिकेशन मई के अंत तक जारी हो सकता है। सभी उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर इन स्टेप्स के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
सीटीईटी परीक्षा में दो पेपर होते हैं। पहला पेपर कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए होता है। जबकि, दूसरा पेपर ऐसे उम्मीदवारों के लिए होता है जो कक्षा 6 से कक्षा 8 तक पढ़ाने के इच्छुक हैं। जो उम्मीदवार कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक के छात्रों को पढ़ाना चाहते हैं, उन्हें दोनों पेपर के लिए उपस्थित होना होता है। विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवार नोटिफिकेशन जारी होने का इंतजार करें।
from Education News Hindi, Latest Educational News In India, Today Education News (एजुकेशन न्यूज़), शिक्षा समाचार, Admit Card, Exam Results | Jansatta https://ift.tt/WK5DiQ9
via IFTTT
CBSE CTET 2022: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) जुलाई 2022 का नोटिफिकेशन जल्द ही जारी किया जाएगा। जिसके बाद सभी योग्य उम्मीदवार CTET July 2022 के लिए आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर समय के अंदर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
सीबीएसई बोर्ड द्वारा यह परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाती है। इससे पहले यह परीक्षा 16 दिसंबर 2021 से 21 जनवरी 2022 तक आयोजित की गई थी और इस परीक्षा का परिणाम 9 मार्च को घोषित किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीटीईटी जुलाई का नोटिफिकेशन मई के अंत तक जारी हो सकता है। सभी उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर इन स्टेप्स के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
सीटीईटी परीक्षा में दो पेपर होते हैं। पहला पेपर कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए होता है। जबकि, दूसरा पेपर ऐसे उम्मीदवारों के लिए होता है जो कक्षा 6 से कक्षा 8 तक पढ़ाने के इच्छुक हैं। जो उम्मीदवार कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक के छात्रों को पढ़ाना चाहते हैं, उन्हें दोनों पेपर के लिए उपस्थित होना होता है। विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवार नोटिफिकेशन जारी होने का इंतजार करें।
CBSE CTET 2022: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) जुलाई 2022 का नोटिफिकेशन जल्द ही जारी किया जाएगा। जिसके बाद सभी योग्य उम्मीदवार CTET July 2022 के लिए आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर समय के अंदर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
सीबीएसई बोर्ड द्वारा यह परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाती है। इससे पहले यह परीक्षा 16 दिसंबर 2021 से 21 जनवरी 2022 तक आयोजित की गई थी और इस परीक्षा का परिणाम 9 मार्च को घोषित किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीटीईटी जुलाई का नोटिफिकेशन मई के अंत तक जारी हो सकता है। सभी उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर इन स्टेप्स के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
सीटीईटी परीक्षा में दो पेपर होते हैं। पहला पेपर कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए होता है। जबकि, दूसरा पेपर ऐसे उम्मीदवारों के लिए होता है जो कक्षा 6 से कक्षा 8 तक पढ़ाने के इच्छुक हैं। जो उम्मीदवार कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक के छात्रों को पढ़ाना चाहते हैं, उन्हें दोनों पेपर के लिए उपस्थित होना होता है। विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवार नोटिफिकेशन जारी होने का इंतजार करें।
from Education News Hindi, Latest Educational News In India, Today Education News (एजुकेशन न्यूज़), शिक्षा समाचार, Admit Card, Exam Results | Jansatta https://ift.tt/WK5DiQ9
via IFTTT
CBSE CTET 2022: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) जुलाई 2022 का नोटिफिकेशन जल्द ही जारी किया जाएगा। जिसके बाद सभी योग्य उम्मीदवार CTET July 2022 के लिए आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर समय के अंदर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
सीबीएसई बोर्ड द्वारा यह परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाती है। इससे पहले यह परीक्षा 16 दिसंबर 2021 से 21 जनवरी 2022 तक आयोजित की गई थी और इस परीक्षा का परिणाम 9 मार्च को घोषित किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीटीईटी जुलाई का नोटिफिकेशन मई के अंत तक जारी हो सकता है। सभी उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर इन स्टेप्स के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
सीटीईटी परीक्षा में दो पेपर होते हैं। पहला पेपर कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए होता है। जबकि, दूसरा पेपर ऐसे उम्मीदवारों के लिए होता है जो कक्षा 6 से कक्षा 8 तक पढ़ाने के इच्छुक हैं। जो उम्मीदवार कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक के छात्रों को पढ़ाना चाहते हैं, उन्हें दोनों पेपर के लिए उपस्थित होना होता है। विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवार नोटिफिकेशन जारी होने का इंतजार करें।
पिछले कुछ सालों में, टेक्नोलॉजी से आए उतार-चढ़ावों के बीच दुनिया कोविड की वजह से कई बड़े बदलावों की गवाह बनी है। द फ़ाइनेंशियल टाइम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर के कई देशों में मौजूदा बुरे दौर के बावजूद स्टार्टअप्स में एक बूम देखने को मिला है। इस बूम ने कुछ हद तक अनिश्चितता और स्टार्टअप्स के बंद होने में भी अहम भूमिका अदा की है। औपचारिक क्षेत्र की नौकरियों और एंट्रेप्रिन्योरशिप (स्वरोजगार) से जुड़ी ज़रूरतों में जबर्दस्त बदलाव हुआ है। साथ ही, इनका फ़ोकस अब क्रिएटिविटी, नया करने की पहल और रचनात्मक सोच पर है। अभी के समय में मैनेजर्स को नई चीज़ों के लिए तैयार करना ज़रूरी है, ताकि वे आने वाले समय में कामकाज के प्रतिस्पर्धी और अस्थिर माहौल में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
हालांकि, इस अवसर में एक ज़रूरी बात यह है कि अगर किसी व्यक्ति के पास सही माइंडसेट और स्किल्स न हों, तो एंट्रेप्रिन्योरशिप टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। आज के युवाओं में एंट्रेप्रिन्योरशिप को बढ़ावा देना इस समय शैक्षणिक संस्थाओं की बुनियादी जिम्मेदारी बन गई है। एंट्रेप्रिन्योर से हम क्या समझते हैं? शायद, दुनियाभर के लोगों के दिमाग में यह शब्द सुनते ही सूट-बूट पहने एक ऐसे स्मार्ट यंगस्टर की छवि उभर आती है जो एक खूबसूरत गगनचुंबी इमारत में है और जिसमें शानदार तरीके से बात करने की कला है और जो अपने यूनीक आइडिया के साथ इन्वेस्टर्स को लुभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। लेकिन क्या हम कह सकते हैं कि अपने अनूठे आइडिया और नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके फ़सलों की पैदावार को बढ़ाने वाला किसान भी किसी एंट्रेप्रिन्योर से कम नहीं है? दरअसल, हम सभी एंट्रेप्रिन्योरशिप के मूल आइडिया के बजाय उसे लेकर बनी एक छवि के इर्द-गिर्द सीमित हैं।
एंट्रेप्रिन्योरियल स्पिरिट सही मायने में एक सोचने का एक तरीका है, एक माइंडसेट है, एक एटिट्यूड है जिसमें किसी की बदली हुई चीज़ों को स्वीकार करने से ज़्यादा बदलावों को करने के लिए ऐक्टिव रहने की बात होती है। यह एक अप्रोच है जिसमें इनोवेशन होते हैं, रचनात्मक सवाल होते हैं, समस्याओं को पहचानने और अपनी जानकारियों का इस्तेमाल करके उनका स्थायी समाधान ढूंढने का काम होता है। एंट्रेप्रिन्योरशिप का मतलब एक बड़ा सपना देखना, सतर्क और फुर्तीला होकर उसे हासिल करना और नए अवसरों को ढूंढना है। यह नपे-तुले जोखिम लेने की भूख है, कभी आगे बढ़ना और कभी नाकाम हो जाना। सक्रिय संगठन एन्ट्रेप्रिन्योरियल स्पिरिट दिखाते हुए लगातार जिज्ञासु कर्मचारियों की तलाश में रहते हैं, जो सितारों के ख्वाब भी देखने के साथ-साथ अपने सपनों को महसूस करने का साहस और दृढ़ता भी रखते हैं।
भारत की जनसंख्या का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा कामकाजी है, ऐसे में देश को उत्साहित और इनोवेटिव एंट्रेप्रिन्योर्स की ज़रूरत है। अगर युवाओं में ज़रूरी स्किल्स और इच्छाशक्ति की कमी रही, तो हम इस युवाशक्ति से ज़्यादा कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे। दुर्भाग्य से, मौजूदा शिक्षा प्रणाली से देश में नौकरियों के अवसर पैदा करने वालों के बजाय नौकरी मांगने वाले बढ़ते जा रहे हैं। आईएमएस गाज़ियाबाद में, 32 सालों की विरासत के बूते हमेशा से हमारा फ़ोकस युवाओं को 21वीं सदी के लिए ज़रूरी अच्छी स्किल्स देना रहा है, ताकि हम उन्हें कारोबार के मौजूदा माहौल की मुश्किल चुनौतियों से निपटने में सक्षम बना सकें। छात्र-छात्राएं अपने यूनीक आइडिया पर काम कर सकें, इसके लिए इंस्टिट्यूट में कई तरह की सुविधाएं हैं।
इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए हमने कई तरह की नई पहल की हैं। सेंटर ऑफ़ इनोवेशन ऐंड एंट्रेप्रिन्योरशिप (CIE) इन्हीं में से एक है। इसकी शुरुआत इस भरोसे के साथ की गई है कि एंट्रेप्रिन्योरशिप से भारत के इन्वेंटिव पॉटेंशियल को पूरी तरह से भुनाया जा सकता है। इसी भरोसे के साथ आईएमएस गाजियाबाद भारत के एंट्रेप्रिन्योरियल इकोसिस्टम को विकसित करने में मदद करने का लक्ष्य रखता है। इसके लिए छात्रों, पेशेवरों, मौजूदा और भावी एंट्रेप्रिन्योर्स, मेंटॉर्स, एंजिल इन्वेस्टर्स, वेंचर कैपिटल फ़र्म्स और कॉर्पोरेट वर्ल्ड के साथ आसान और प्रभावी संवाद स्थापित किया जाता है।
ऐसे संवाद के लिए अलग-अलग तरह के सेशन, कॉम्पीटिशन, कॉन्फ़्रेंस वगैरह की मदद ली जाती है। छात्रों, फ़ैकल्टी और एक्सपर्ट्स की सहभागिता के साथ, आईएमएस गाजियाबाद के CIE का मिशन युवाओं को उनके आइडिया को सफल बिज़नेस में बदलने के लिए प्लैटफ़ॉर्म देना और एंट्रेप्रिन्योरशिप की स्पिरिट को बढ़ावा देना, बरकरार रखना और उसकी प्रैक्टिस करना है। एक इनक्यूबेशन सेंटर है, जिससे एंट्रेप्रिन्योर्स को उनके स्टार्टअप्स को व्यापक, लाभदायी और टिकाऊ बिज़नेस में बदलने में सहयोग मिलता है।
कॉर्पोरेट डेवलपमेंट ऐंड एक्सीलेंस सेंटर (CDEC), आईएमएस गाजियाबाद का एक फ़्लैगशिप ट्रेनिंग और कंसल्टिंग वर्टिकल है। इसका उद्देश्य संगठन को शर्तिया ऑफ़र देकर विश्वस्तरीय ट्रेनिंग और कंसल्टिंग सर्विसेस देना है। हाल ही में हमने ‘पीयर टू पीयर मेंटॉरिंग’ सेशन की शुरुआत की है। इसके लिए हमने दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक प्रतिष्ठित संस्थान से हाथ मिलाया है। इन सेशन में आईएमएस गाजियाबाद के छात्र-छात्राएं अपने साथी छात्र-छात्राओं को सिखाएंगे। इस तरह दोनों ही इंस्टिट्यूट के छात्र-छात्राओं की क्रिएटिविटी और सीखने की कला को बढ़ावा मिलेगा।
आईएमएस गाजियाबाद में छात्र-छात्राओं को बिज़नेस डेवलपमेंट, कॉम्पीटिटिव एनालिसिस और सस्टेनेबिलिटी में अपनी स्किल्स बेहतर बनाने के कई अवसर मिलते हैं। नियमित रूप से गेस्ट लेक्चर्स, सेमिनार, पैनल डिस्कशन, वर्कशॉप, सर्वे और रिसर्च ऐक्टिविटी की जाती हैं, ताकि छात्र-छात्राओं को एंट्रेप्रिन्योर्स, वेंचर कैपिटलिस्ट्स और कॉर्पोरेट वर्ल्ड के अन्य एक्सपर्ट्स के साथ जुड़ने और उनसे बातचीत करने का अवसर मिले। इसी उद्देश्य के लिए क्रिएटिव प्रॉडक्ट और सर्विसेस डेवलप करने की प्रक्रिया जारी है।
बड़े शिक्षण संस्थानों को, याद रखने और रटने की पारंपरिक शिक्षा पद्धति से हटकर स्वतंत्र विचारों, क्रिएटिविटी और इनोवेशन को बढ़ावा देने वाले शानदार सिस्टम को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करने चाहिए। आजीवन सीखने की क्षमताओं को लेकर बदलावों के साथ, आईएमएस गाजियाबाद नए दौर के एंट्रेप्रिन्योर्स और लीडर्स तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रतिबद्धता ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए है जिनमें कुछ बड़े सपने देखने और उनकी कल्पना करने की क्षमता है। साथ ही, सहानुभूति, कृतज्ञता और विनम्रता दिखाने की योग्यता है।
from Education News Hindi, Latest Educational News In India, Today Education News (एजुकेशन न्यूज़), शिक्षा समाचार, Admit Card, Exam Results | Jansatta https://ift.tt/nmojdlp
via IFTTT
पिछले कुछ सालों में, टेक्नोलॉजी से आए उतार-चढ़ावों के बीच दुनिया कोविड की वजह से कई बड़े बदलावों की गवाह बनी है। द फ़ाइनेंशियल टाइम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर के कई देशों में मौजूदा बुरे दौर के बावजूद स्टार्टअप्स में एक बूम देखने को मिला है। इस बूम ने कुछ हद तक अनिश्चितता और स्टार्टअप्स के बंद होने में भी अहम भूमिका अदा की है। औपचारिक क्षेत्र की नौकरियों और एंट्रेप्रिन्योरशिप (स्वरोजगार) से जुड़ी ज़रूरतों में जबर्दस्त बदलाव हुआ है। साथ ही, इनका फ़ोकस अब क्रिएटिविटी, नया करने की पहल और रचनात्मक सोच पर है। अभी के समय में मैनेजर्स को नई चीज़ों के लिए तैयार करना ज़रूरी है, ताकि वे आने वाले समय में कामकाज के प्रतिस्पर्धी और अस्थिर माहौल में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
हालांकि, इस अवसर में एक ज़रूरी बात यह है कि अगर किसी व्यक्ति के पास सही माइंडसेट और स्किल्स न हों, तो एंट्रेप्रिन्योरशिप टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। आज के युवाओं में एंट्रेप्रिन्योरशिप को बढ़ावा देना इस समय शैक्षणिक संस्थाओं की बुनियादी जिम्मेदारी बन गई है। एंट्रेप्रिन्योर से हम क्या समझते हैं? शायद, दुनियाभर के लोगों के दिमाग में यह शब्द सुनते ही सूट-बूट पहने एक ऐसे स्मार्ट यंगस्टर की छवि उभर आती है जो एक खूबसूरत गगनचुंबी इमारत में है और जिसमें शानदार तरीके से बात करने की कला है और जो अपने यूनीक आइडिया के साथ इन्वेस्टर्स को लुभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। लेकिन क्या हम कह सकते हैं कि अपने अनूठे आइडिया और नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके फ़सलों की पैदावार को बढ़ाने वाला किसान भी किसी एंट्रेप्रिन्योर से कम नहीं है? दरअसल, हम सभी एंट्रेप्रिन्योरशिप के मूल आइडिया के बजाय उसे लेकर बनी एक छवि के इर्द-गिर्द सीमित हैं।
एंट्रेप्रिन्योरियल स्पिरिट सही मायने में एक सोचने का एक तरीका है, एक माइंडसेट है, एक एटिट्यूड है जिसमें किसी की बदली हुई चीज़ों को स्वीकार करने से ज़्यादा बदलावों को करने के लिए ऐक्टिव रहने की बात होती है। यह एक अप्रोच है जिसमें इनोवेशन होते हैं, रचनात्मक सवाल होते हैं, समस्याओं को पहचानने और अपनी जानकारियों का इस्तेमाल करके उनका स्थायी समाधान ढूंढने का काम होता है। एंट्रेप्रिन्योरशिप का मतलब एक बड़ा सपना देखना, सतर्क और फुर्तीला होकर उसे हासिल करना और नए अवसरों को ढूंढना है। यह नपे-तुले जोखिम लेने की भूख है, कभी आगे बढ़ना और कभी नाकाम हो जाना। सक्रिय संगठन एन्ट्रेप्रिन्योरियल स्पिरिट दिखाते हुए लगातार जिज्ञासु कर्मचारियों की तलाश में रहते हैं, जो सितारों के ख्वाब भी देखने के साथ-साथ अपने सपनों को महसूस करने का साहस और दृढ़ता भी रखते हैं।
भारत की जनसंख्या का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा कामकाजी है, ऐसे में देश को उत्साहित और इनोवेटिव एंट्रेप्रिन्योर्स की ज़रूरत है। अगर युवाओं में ज़रूरी स्किल्स और इच्छाशक्ति की कमी रही, तो हम इस युवाशक्ति से ज़्यादा कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे। दुर्भाग्य से, मौजूदा शिक्षा प्रणाली से देश में नौकरियों के अवसर पैदा करने वालों के बजाय नौकरी मांगने वाले बढ़ते जा रहे हैं। आईएमएस गाज़ियाबाद में, 32 सालों की विरासत के बूते हमेशा से हमारा फ़ोकस युवाओं को 21वीं सदी के लिए ज़रूरी अच्छी स्किल्स देना रहा है, ताकि हम उन्हें कारोबार के मौजूदा माहौल की मुश्किल चुनौतियों से निपटने में सक्षम बना सकें। छात्र-छात्राएं अपने यूनीक आइडिया पर काम कर सकें, इसके लिए इंस्टिट्यूट में कई तरह की सुविधाएं हैं।
इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए हमने कई तरह की नई पहल की हैं। सेंटर ऑफ़ इनोवेशन ऐंड एंट्रेप्रिन्योरशिप (CIE) इन्हीं में से एक है। इसकी शुरुआत इस भरोसे के साथ की गई है कि एंट्रेप्रिन्योरशिप से भारत के इन्वेंटिव पॉटेंशियल को पूरी तरह से भुनाया जा सकता है। इसी भरोसे के साथ आईएमएस गाजियाबाद भारत के एंट्रेप्रिन्योरियल इकोसिस्टम को विकसित करने में मदद करने का लक्ष्य रखता है। इसके लिए छात्रों, पेशेवरों, मौजूदा और भावी एंट्रेप्रिन्योर्स, मेंटॉर्स, एंजिल इन्वेस्टर्स, वेंचर कैपिटल फ़र्म्स और कॉर्पोरेट वर्ल्ड के साथ आसान और प्रभावी संवाद स्थापित किया जाता है।
ऐसे संवाद के लिए अलग-अलग तरह के सेशन, कॉम्पीटिशन, कॉन्फ़्रेंस वगैरह की मदद ली जाती है। छात्रों, फ़ैकल्टी और एक्सपर्ट्स की सहभागिता के साथ, आईएमएस गाजियाबाद के CIE का मिशन युवाओं को उनके आइडिया को सफल बिज़नेस में बदलने के लिए प्लैटफ़ॉर्म देना और एंट्रेप्रिन्योरशिप की स्पिरिट को बढ़ावा देना, बरकरार रखना और उसकी प्रैक्टिस करना है। एक इनक्यूबेशन सेंटर है, जिससे एंट्रेप्रिन्योर्स को उनके स्टार्टअप्स को व्यापक, लाभदायी और टिकाऊ बिज़नेस में बदलने में सहयोग मिलता है।
कॉर्पोरेट डेवलपमेंट ऐंड एक्सीलेंस सेंटर (CDEC), आईएमएस गाजियाबाद का एक फ़्लैगशिप ट्रेनिंग और कंसल्टिंग वर्टिकल है। इसका उद्देश्य संगठन को शर्तिया ऑफ़र देकर विश्वस्तरीय ट्रेनिंग और कंसल्टिंग सर्विसेस देना है। हाल ही में हमने ‘पीयर टू पीयर मेंटॉरिंग’ सेशन की शुरुआत की है। इसके लिए हमने दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक प्रतिष्ठित संस्थान से हाथ मिलाया है। इन सेशन में आईएमएस गाजियाबाद के छात्र-छात्राएं अपने साथी छात्र-छात्राओं को सिखाएंगे। इस तरह दोनों ही इंस्टिट्यूट के छात्र-छात्राओं की क्रिएटिविटी और सीखने की कला को बढ़ावा मिलेगा।
आईएमएस गाजियाबाद में छात्र-छात्राओं को बिज़नेस डेवलपमेंट, कॉम्पीटिटिव एनालिसिस और सस्टेनेबिलिटी में अपनी स्किल्स बेहतर बनाने के कई अवसर मिलते हैं। नियमित रूप से गेस्ट लेक्चर्स, सेमिनार, पैनल डिस्कशन, वर्कशॉप, सर्वे और रिसर्च ऐक्टिविटी की जाती हैं, ताकि छात्र-छात्राओं को एंट्रेप्रिन्योर्स, वेंचर कैपिटलिस्ट्स और कॉर्पोरेट वर्ल्ड के अन्य एक्सपर्ट्स के साथ जुड़ने और उनसे बातचीत करने का अवसर मिले। इसी उद्देश्य के लिए क्रिएटिव प्रॉडक्ट और सर्विसेस डेवलप करने की प्रक्रिया जारी है।
बड़े शिक्षण संस्थानों को, याद रखने और रटने की पारंपरिक शिक्षा पद्धति से हटकर स्वतंत्र विचारों, क्रिएटिविटी और इनोवेशन को बढ़ावा देने वाले शानदार सिस्टम को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करने चाहिए। आजीवन सीखने की क्षमताओं को लेकर बदलावों के साथ, आईएमएस गाजियाबाद नए दौर के एंट्रेप्रिन्योर्स और लीडर्स तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रतिबद्धता ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए है जिनमें कुछ बड़े सपने देखने और उनकी कल्पना करने की क्षमता है। साथ ही, सहानुभूति, कृतज्ञता और विनम्रता दिखाने की योग्यता है।
पिछले कुछ सालों में, टेक्नोलॉजी से आए उतार-चढ़ावों के बीच दुनिया कोविड की वजह से कई बड़े बदलावों की गवाह बनी है। द फ़ाइनेंशियल टाइम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर के कई देशों में मौजूदा बुरे दौर के बावजूद स्टार्टअप्स में एक बूम देखने को मिला है। इस बूम ने कुछ हद तक अनिश्चितता और स्टार्टअप्स के बंद होने में भी अहम भूमिका अदा की है। औपचारिक क्षेत्र की नौकरियों और एंट्रेप्रिन्योरशिप (स्वरोजगार) से जुड़ी ज़रूरतों में जबर्दस्त बदलाव हुआ है। साथ ही, इनका फ़ोकस अब क्रिएटिविटी, नया करने की पहल और रचनात्मक सोच पर है। अभी के समय में मैनेजर्स को नई चीज़ों के लिए तैयार करना ज़रूरी है, ताकि वे आने वाले समय में कामकाज के प्रतिस्पर्धी और अस्थिर माहौल में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
हालांकि, इस अवसर में एक ज़रूरी बात यह है कि अगर किसी व्यक्ति के पास सही माइंडसेट और स्किल्स न हों, तो एंट्रेप्रिन्योरशिप टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। आज के युवाओं में एंट्रेप्रिन्योरशिप को बढ़ावा देना इस समय शैक्षणिक संस्थाओं की बुनियादी जिम्मेदारी बन गई है। एंट्रेप्रिन्योर से हम क्या समझते हैं? शायद, दुनियाभर के लोगों के दिमाग में यह शब्द सुनते ही सूट-बूट पहने एक ऐसे स्मार्ट यंगस्टर की छवि उभर आती है जो एक खूबसूरत गगनचुंबी इमारत में है और जिसमें शानदार तरीके से बात करने की कला है और जो अपने यूनीक आइडिया के साथ इन्वेस्टर्स को लुभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। लेकिन क्या हम कह सकते हैं कि अपने अनूठे आइडिया और नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके फ़सलों की पैदावार को बढ़ाने वाला किसान भी किसी एंट्रेप्रिन्योर से कम नहीं है? दरअसल, हम सभी एंट्रेप्रिन्योरशिप के मूल आइडिया के बजाय उसे लेकर बनी एक छवि के इर्द-गिर्द सीमित हैं।
एंट्रेप्रिन्योरियल स्पिरिट सही मायने में एक सोचने का एक तरीका है, एक माइंडसेट है, एक एटिट्यूड है जिसमें किसी की बदली हुई चीज़ों को स्वीकार करने से ज़्यादा बदलावों को करने के लिए ऐक्टिव रहने की बात होती है। यह एक अप्रोच है जिसमें इनोवेशन होते हैं, रचनात्मक सवाल होते हैं, समस्याओं को पहचानने और अपनी जानकारियों का इस्तेमाल करके उनका स्थायी समाधान ढूंढने का काम होता है। एंट्रेप्रिन्योरशिप का मतलब एक बड़ा सपना देखना, सतर्क और फुर्तीला होकर उसे हासिल करना और नए अवसरों को ढूंढना है। यह नपे-तुले जोखिम लेने की भूख है, कभी आगे बढ़ना और कभी नाकाम हो जाना। सक्रिय संगठन एन्ट्रेप्रिन्योरियल स्पिरिट दिखाते हुए लगातार जिज्ञासु कर्मचारियों की तलाश में रहते हैं, जो सितारों के ख्वाब भी देखने के साथ-साथ अपने सपनों को महसूस करने का साहस और दृढ़ता भी रखते हैं।
भारत की जनसंख्या का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा कामकाजी है, ऐसे में देश को उत्साहित और इनोवेटिव एंट्रेप्रिन्योर्स की ज़रूरत है। अगर युवाओं में ज़रूरी स्किल्स और इच्छाशक्ति की कमी रही, तो हम इस युवाशक्ति से ज़्यादा कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे। दुर्भाग्य से, मौजूदा शिक्षा प्रणाली से देश में नौकरियों के अवसर पैदा करने वालों के बजाय नौकरी मांगने वाले बढ़ते जा रहे हैं। आईएमएस गाज़ियाबाद में, 32 सालों की विरासत के बूते हमेशा से हमारा फ़ोकस युवाओं को 21वीं सदी के लिए ज़रूरी अच्छी स्किल्स देना रहा है, ताकि हम उन्हें कारोबार के मौजूदा माहौल की मुश्किल चुनौतियों से निपटने में सक्षम बना सकें। छात्र-छात्राएं अपने यूनीक आइडिया पर काम कर सकें, इसके लिए इंस्टिट्यूट में कई तरह की सुविधाएं हैं।
इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए हमने कई तरह की नई पहल की हैं। सेंटर ऑफ़ इनोवेशन ऐंड एंट्रेप्रिन्योरशिप (CIE) इन्हीं में से एक है। इसकी शुरुआत इस भरोसे के साथ की गई है कि एंट्रेप्रिन्योरशिप से भारत के इन्वेंटिव पॉटेंशियल को पूरी तरह से भुनाया जा सकता है। इसी भरोसे के साथ आईएमएस गाजियाबाद भारत के एंट्रेप्रिन्योरियल इकोसिस्टम को विकसित करने में मदद करने का लक्ष्य रखता है। इसके लिए छात्रों, पेशेवरों, मौजूदा और भावी एंट्रेप्रिन्योर्स, मेंटॉर्स, एंजिल इन्वेस्टर्स, वेंचर कैपिटल फ़र्म्स और कॉर्पोरेट वर्ल्ड के साथ आसान और प्रभावी संवाद स्थापित किया जाता है।
ऐसे संवाद के लिए अलग-अलग तरह के सेशन, कॉम्पीटिशन, कॉन्फ़्रेंस वगैरह की मदद ली जाती है। छात्रों, फ़ैकल्टी और एक्सपर्ट्स की सहभागिता के साथ, आईएमएस गाजियाबाद के CIE का मिशन युवाओं को उनके आइडिया को सफल बिज़नेस में बदलने के लिए प्लैटफ़ॉर्म देना और एंट्रेप्रिन्योरशिप की स्पिरिट को बढ़ावा देना, बरकरार रखना और उसकी प्रैक्टिस करना है। एक इनक्यूबेशन सेंटर है, जिससे एंट्रेप्रिन्योर्स को उनके स्टार्टअप्स को व्यापक, लाभदायी और टिकाऊ बिज़नेस में बदलने में सहयोग मिलता है।
कॉर्पोरेट डेवलपमेंट ऐंड एक्सीलेंस सेंटर (CDEC), आईएमएस गाजियाबाद का एक फ़्लैगशिप ट्रेनिंग और कंसल्टिंग वर्टिकल है। इसका उद्देश्य संगठन को शर्तिया ऑफ़र देकर विश्वस्तरीय ट्रेनिंग और कंसल्टिंग सर्विसेस देना है। हाल ही में हमने ‘पीयर टू पीयर मेंटॉरिंग’ सेशन की शुरुआत की है। इसके लिए हमने दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक प्रतिष्ठित संस्थान से हाथ मिलाया है। इन सेशन में आईएमएस गाजियाबाद के छात्र-छात्राएं अपने साथी छात्र-छात्राओं को सिखाएंगे। इस तरह दोनों ही इंस्टिट्यूट के छात्र-छात्राओं की क्रिएटिविटी और सीखने की कला को बढ़ावा मिलेगा।
आईएमएस गाजियाबाद में छात्र-छात्राओं को बिज़नेस डेवलपमेंट, कॉम्पीटिटिव एनालिसिस और सस्टेनेबिलिटी में अपनी स्किल्स बेहतर बनाने के कई अवसर मिलते हैं। नियमित रूप से गेस्ट लेक्चर्स, सेमिनार, पैनल डिस्कशन, वर्कशॉप, सर्वे और रिसर्च ऐक्टिविटी की जाती हैं, ताकि छात्र-छात्राओं को एंट्रेप्रिन्योर्स, वेंचर कैपिटलिस्ट्स और कॉर्पोरेट वर्ल्ड के अन्य एक्सपर्ट्स के साथ जुड़ने और उनसे बातचीत करने का अवसर मिले। इसी उद्देश्य के लिए क्रिएटिव प्रॉडक्ट और सर्विसेस डेवलप करने की प्रक्रिया जारी है।
बड़े शिक्षण संस्थानों को, याद रखने और रटने की पारंपरिक शिक्षा पद्धति से हटकर स्वतंत्र विचारों, क्रिएटिविटी और इनोवेशन को बढ़ावा देने वाले शानदार सिस्टम को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करने चाहिए। आजीवन सीखने की क्षमताओं को लेकर बदलावों के साथ, आईएमएस गाजियाबाद नए दौर के एंट्रेप्रिन्योर्स और लीडर्स तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रतिबद्धता ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए है जिनमें कुछ बड़े सपने देखने और उनकी कल्पना करने की क्षमता है। साथ ही, सहानुभूति, कृतज्ञता और विनम्रता दिखाने की योग्यता है।
from Education News Hindi, Latest Educational News In India, Today Education News (एजुकेशन न्यूज़), शिक्षा समाचार, Admit Card, Exam Results | Jansatta https://ift.tt/nmojdlp
via IFTTT
पिछले कुछ सालों में, टेक्नोलॉजी से आए उतार-चढ़ावों के बीच दुनिया कोविड की वजह से कई बड़े बदलावों की गवाह बनी है। द फ़ाइनेंशियल टाइम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर के कई देशों में मौजूदा बुरे दौर के बावजूद स्टार्टअप्स में एक बूम देखने को मिला है। इस बूम ने कुछ हद तक अनिश्चितता और स्टार्टअप्स के बंद होने में भी अहम भूमिका अदा की है। औपचारिक क्षेत्र की नौकरियों और एंट्रेप्रिन्योरशिप (स्वरोजगार) से जुड़ी ज़रूरतों में जबर्दस्त बदलाव हुआ है। साथ ही, इनका फ़ोकस अब क्रिएटिविटी, नया करने की पहल और रचनात्मक सोच पर है। अभी के समय में मैनेजर्स को नई चीज़ों के लिए तैयार करना ज़रूरी है, ताकि वे आने वाले समय में कामकाज के प्रतिस्पर्धी और अस्थिर माहौल में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
हालांकि, इस अवसर में एक ज़रूरी बात यह है कि अगर किसी व्यक्ति के पास सही माइंडसेट और स्किल्स न हों, तो एंट्रेप्रिन्योरशिप टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। आज के युवाओं में एंट्रेप्रिन्योरशिप को बढ़ावा देना इस समय शैक्षणिक संस्थाओं की बुनियादी जिम्मेदारी बन गई है। एंट्रेप्रिन्योर से हम क्या समझते हैं? शायद, दुनियाभर के लोगों के दिमाग में यह शब्द सुनते ही सूट-बूट पहने एक ऐसे स्मार्ट यंगस्टर की छवि उभर आती है जो एक खूबसूरत गगनचुंबी इमारत में है और जिसमें शानदार तरीके से बात करने की कला है और जो अपने यूनीक आइडिया के साथ इन्वेस्टर्स को लुभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। लेकिन क्या हम कह सकते हैं कि अपने अनूठे आइडिया और नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके फ़सलों की पैदावार को बढ़ाने वाला किसान भी किसी एंट्रेप्रिन्योर से कम नहीं है? दरअसल, हम सभी एंट्रेप्रिन्योरशिप के मूल आइडिया के बजाय उसे लेकर बनी एक छवि के इर्द-गिर्द सीमित हैं।
एंट्रेप्रिन्योरियल स्पिरिट सही मायने में एक सोचने का एक तरीका है, एक माइंडसेट है, एक एटिट्यूड है जिसमें किसी की बदली हुई चीज़ों को स्वीकार करने से ज़्यादा बदलावों को करने के लिए ऐक्टिव रहने की बात होती है। यह एक अप्रोच है जिसमें इनोवेशन होते हैं, रचनात्मक सवाल होते हैं, समस्याओं को पहचानने और अपनी जानकारियों का इस्तेमाल करके उनका स्थायी समाधान ढूंढने का काम होता है। एंट्रेप्रिन्योरशिप का मतलब एक बड़ा सपना देखना, सतर्क और फुर्तीला होकर उसे हासिल करना और नए अवसरों को ढूंढना है। यह नपे-तुले जोखिम लेने की भूख है, कभी आगे बढ़ना और कभी नाकाम हो जाना। सक्रिय संगठन एन्ट्रेप्रिन्योरियल स्पिरिट दिखाते हुए लगातार जिज्ञासु कर्मचारियों की तलाश में रहते हैं, जो सितारों के ख्वाब भी देखने के साथ-साथ अपने सपनों को महसूस करने का साहस और दृढ़ता भी रखते हैं।
भारत की जनसंख्या का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा कामकाजी है, ऐसे में देश को उत्साहित और इनोवेटिव एंट्रेप्रिन्योर्स की ज़रूरत है। अगर युवाओं में ज़रूरी स्किल्स और इच्छाशक्ति की कमी रही, तो हम इस युवाशक्ति से ज़्यादा कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे। दुर्भाग्य से, मौजूदा शिक्षा प्रणाली से देश में नौकरियों के अवसर पैदा करने वालों के बजाय नौकरी मांगने वाले बढ़ते जा रहे हैं। आईएमएस गाज़ियाबाद में, 32 सालों की विरासत के बूते हमेशा से हमारा फ़ोकस युवाओं को 21वीं सदी के लिए ज़रूरी अच्छी स्किल्स देना रहा है, ताकि हम उन्हें कारोबार के मौजूदा माहौल की मुश्किल चुनौतियों से निपटने में सक्षम बना सकें। छात्र-छात्राएं अपने यूनीक आइडिया पर काम कर सकें, इसके लिए इंस्टिट्यूट में कई तरह की सुविधाएं हैं।
इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए हमने कई तरह की नई पहल की हैं। सेंटर ऑफ़ इनोवेशन ऐंड एंट्रेप्रिन्योरशिप (CIE) इन्हीं में से एक है। इसकी शुरुआत इस भरोसे के साथ की गई है कि एंट्रेप्रिन्योरशिप से भारत के इन्वेंटिव पॉटेंशियल को पूरी तरह से भुनाया जा सकता है। इसी भरोसे के साथ आईएमएस गाजियाबाद भारत के एंट्रेप्रिन्योरियल इकोसिस्टम को विकसित करने में मदद करने का लक्ष्य रखता है। इसके लिए छात्रों, पेशेवरों, मौजूदा और भावी एंट्रेप्रिन्योर्स, मेंटॉर्स, एंजिल इन्वेस्टर्स, वेंचर कैपिटल फ़र्म्स और कॉर्पोरेट वर्ल्ड के साथ आसान और प्रभावी संवाद स्थापित किया जाता है।
ऐसे संवाद के लिए अलग-अलग तरह के सेशन, कॉम्पीटिशन, कॉन्फ़्रेंस वगैरह की मदद ली जाती है। छात्रों, फ़ैकल्टी और एक्सपर्ट्स की सहभागिता के साथ, आईएमएस गाजियाबाद के CIE का मिशन युवाओं को उनके आइडिया को सफल बिज़नेस में बदलने के लिए प्लैटफ़ॉर्म देना और एंट्रेप्रिन्योरशिप की स्पिरिट को बढ़ावा देना, बरकरार रखना और उसकी प्रैक्टिस करना है। एक इनक्यूबेशन सेंटर है, जिससे एंट्रेप्रिन्योर्स को उनके स्टार्टअप्स को व्यापक, लाभदायी और टिकाऊ बिज़नेस में बदलने में सहयोग मिलता है।
कॉर्पोरेट डेवलपमेंट ऐंड एक्सीलेंस सेंटर (CDEC), आईएमएस गाजियाबाद का एक फ़्लैगशिप ट्रेनिंग और कंसल्टिंग वर्टिकल है। इसका उद्देश्य संगठन को शर्तिया ऑफ़र देकर विश्वस्तरीय ट्रेनिंग और कंसल्टिंग सर्विसेस देना है। हाल ही में हमने ‘पीयर टू पीयर मेंटॉरिंग’ सेशन की शुरुआत की है। इसके लिए हमने दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक प्रतिष्ठित संस्थान से हाथ मिलाया है। इन सेशन में आईएमएस गाजियाबाद के छात्र-छात्राएं अपने साथी छात्र-छात्राओं को सिखाएंगे। इस तरह दोनों ही इंस्टिट्यूट के छात्र-छात्राओं की क्रिएटिविटी और सीखने की कला को बढ़ावा मिलेगा।
आईएमएस गाजियाबाद में छात्र-छात्राओं को बिज़नेस डेवलपमेंट, कॉम्पीटिटिव एनालिसिस और सस्टेनेबिलिटी में अपनी स्किल्स बेहतर बनाने के कई अवसर मिलते हैं। नियमित रूप से गेस्ट लेक्चर्स, सेमिनार, पैनल डिस्कशन, वर्कशॉप, सर्वे और रिसर्च ऐक्टिविटी की जाती हैं, ताकि छात्र-छात्राओं को एंट्रेप्रिन्योर्स, वेंचर कैपिटलिस्ट्स और कॉर्पोरेट वर्ल्ड के अन्य एक्सपर्ट्स के साथ जुड़ने और उनसे बातचीत करने का अवसर मिले। इसी उद्देश्य के लिए क्रिएटिव प्रॉडक्ट और सर्विसेस डेवलप करने की प्रक्रिया जारी है।
बड़े शिक्षण संस्थानों को, याद रखने और रटने की पारंपरिक शिक्षा पद्धति से हटकर स्वतंत्र विचारों, क्रिएटिविटी और इनोवेशन को बढ़ावा देने वाले शानदार सिस्टम को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करने चाहिए। आजीवन सीखने की क्षमताओं को लेकर बदलावों के साथ, आईएमएस गाजियाबाद नए दौर के एंट्रेप्रिन्योर्स और लीडर्स तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रतिबद्धता ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए है जिनमें कुछ बड़े सपने देखने और उनकी कल्पना करने की क्षमता है। साथ ही, सहानुभूति, कृतज्ञता और विनम्रता दिखाने की योग्यता है।
Board Result 2022: यूपी बोर्ड, राजस्थान और हरियाणा बोर्ड सहित अन्य राज्यों में बोर्ड परीक्षा 2022 रिजल्ट का छात्रों को बेसब्री से इंतजार है। इन राज्यों में बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन मार्च – अप्रैल 2022 में किया गया। परीक्षा खत्म होने के बाद से ही 10वीं और 12वीं के छात्रों को बोर्ड रिजल्ट का इंतजार है।
इन राज्यों में इस माह के अंत तक या जून के पहले सप्ताह में रिजल्ट घोषित किया जा सकता है। हालांकि अभी बोर्ड की ओर से रिजल्ट की डेट नहीं जारी की गई है।
UPMSP UP Board Result 2022
माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश जून के पहले सप्ताह तक 10वीं और 12वीं का रिजल्ट घोषित कर सकता है। इस माह के अंत तक रिजल्ट की डेट जारी होने की संभावना है। यूपी बोर्ड रिजल्ट के साथ 10वीं और 12वीं के टापर की लिस्ट भी जारी करेगा। यूपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2022 और यूपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2022 आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर घोषित किया जाएगा। यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा में करीब 47 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए थे। रिजल्ट बोर्ड की ओर से छात्रों के मेल आईडी पर भी भेजा जाएगा।
RBSE Rajasthan Board Result 2022
राजस्थान बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 15 जून तक घोषित किया जा सकता है। हालांकि अभी रिजल्ट की तारीख बोर्ड ने नहीं घोषित की है। राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2022 और राजस्थान बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2022 आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जारी किया जाएगा। राजस्थान बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा में लगभग 20 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे।
HBSE Haryana Board Result 2022
हरियाणा बोर्ड 10वीं और 12वीं रिजल्ट 2022 जून में जारी किया जा सकता है। बोर्ड ने अभी रिजल्ट की तिथि नहीं घोषित की है। हरियाणा बोर्ड 10वीं परीक्षा 2022 और हरियाणा बोर्ड 12वीं परीक्षा 2022 में करीब 7 लाख छात्र शामिल हुए थे। हरियाणा बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2022 और हरियाणा बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2022 आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर जारी किया जाएगा।
JAC 10th 12th Result 2022
झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जून में घोषित होने की संभावना है।
Board Result 2022: इन राज्यों में घोषित हो चुके हैं बोर्ड रिजल्ट
बिहार बोर्ड, छत्तीसगढ़ बोर्ड और मध्य प्रदेश बोर्ड 10वीं और 12 वीं का रिजल्ट घोषित किया जा चुका है।
from Education News Hindi, Latest Educational News In India, Today Education News (एजुकेशन न्यूज़), शिक्षा समाचार, Admit Card, Exam Results | Jansatta https://ift.tt/pzgGZrh
via IFTTT
Board Result 2022: यूपी बोर्ड, राजस्थान और हरियाणा बोर्ड सहित अन्य राज्यों में बोर्ड परीक्षा 2022 रिजल्ट का छात्रों को बेसब्री से इंतजार है। इन राज्यों में बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन मार्च – अप्रैल 2022 में किया गया। परीक्षा खत्म होने के बाद से ही 10वीं और 12वीं के छात्रों को बोर्ड रिजल्ट का इंतजार है।
इन राज्यों में इस माह के अंत तक या जून के पहले सप्ताह में रिजल्ट घोषित किया जा सकता है। हालांकि अभी बोर्ड की ओर से रिजल्ट की डेट नहीं जारी की गई है।
UPMSP UP Board Result 2022
माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश जून के पहले सप्ताह तक 10वीं और 12वीं का रिजल्ट घोषित कर सकता है। इस माह के अंत तक रिजल्ट की डेट जारी होने की संभावना है। यूपी बोर्ड रिजल्ट के साथ 10वीं और 12वीं के टापर की लिस्ट भी जारी करेगा। यूपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2022 और यूपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2022 आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर घोषित किया जाएगा। यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा में करीब 47 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए थे। रिजल्ट बोर्ड की ओर से छात्रों के मेल आईडी पर भी भेजा जाएगा।
RBSE Rajasthan Board Result 2022
राजस्थान बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 15 जून तक घोषित किया जा सकता है। हालांकि अभी रिजल्ट की तारीख बोर्ड ने नहीं घोषित की है। राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2022 और राजस्थान बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2022 आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जारी किया जाएगा। राजस्थान बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा में लगभग 20 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे।
HBSE Haryana Board Result 2022
हरियाणा बोर्ड 10वीं और 12वीं रिजल्ट 2022 जून में जारी किया जा सकता है। बोर्ड ने अभी रिजल्ट की तिथि नहीं घोषित की है। हरियाणा बोर्ड 10वीं परीक्षा 2022 और हरियाणा बोर्ड 12वीं परीक्षा 2022 में करीब 7 लाख छात्र शामिल हुए थे। हरियाणा बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2022 और हरियाणा बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2022 आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर जारी किया जाएगा।
JAC 10th 12th Result 2022
झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जून में घोषित होने की संभावना है।
Board Result 2022: इन राज्यों में घोषित हो चुके हैं बोर्ड रिजल्ट
बिहार बोर्ड, छत्तीसगढ़ बोर्ड और मध्य प्रदेश बोर्ड 10वीं और 12 वीं का रिजल्ट घोषित किया जा चुका है।
AP POLYCET Hall Ticket 2022: आंध्र प्रदेश पॉलिटेक्निक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट 2022 (AP POLYCET Exam 2022) का एडमिट कार्ड (AP POLYCET Hall Ticket 2022) जारी कर दिया गया है। छात्र आधिकारिक वेबसाइट polycet.ap.nic.in या manabadi.co के जरिए परीक्षा प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
AP POLYCET 2022 का आयोजन 29 मई 2022 को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। अभ्यर्थी इस बात का ध्यान रखें कि बिना एडमिट कार्ड के उन्हें केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा संबंधी अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी परीक्षा शेड्यूल को चेक कर सकते हैं।
बता दें कि परीक्षा का आयोजन राज्य तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण बोर्ड, आंध्र प्रदेश, विजयवाड़ा की ओर से किया जाएगा। इस प्रवेश परीक्षा का आयोजन पॉलिटेक्निक / संस्थानों (सहायता प्राप्त सहित) में इंजीनियरिंग / गैर इंजीनियरिंग / प्रौद्योगिकी के सभी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया जाता है।
परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। देरी से आने वाले परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केंद्र में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को ले जानें की अनुमति नहीं होगी।
AP POLYCET Hall Ticket 2022 How to Download: ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड 1.सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट polycet.ap.nic.in पर जाए।
2.होम पेज पर दिए गए Print Hall Ticket के लिंक पर क्लिक करें।
3.अब मोबाइल नंबर आदि मांगी गई जानकारी को दर्ज कर सबमिट करें।
4.एडमिट कार्ड आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा।
5.अब चेक करें और डाउनलोड करें।
from Education News Hindi, Latest Educational News In India, Today Education News (एजुकेशन न्यूज़), शिक्षा समाचार, Admit Card, Exam Results | Jansatta https://ift.tt/vIfgNix
via IFTTT
AP POLYCET Hall Ticket 2022: आंध्र प्रदेश पॉलिटेक्निक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट 2022 (AP POLYCET Exam 2022) का एडमिट कार्ड (AP POLYCET Hall Ticket 2022) जारी कर दिया गया है। छात्र आधिकारिक वेबसाइट polycet.ap.nic.in या manabadi.co के जरिए परीक्षा प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
AP POLYCET 2022 का आयोजन 29 मई 2022 को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। अभ्यर्थी इस बात का ध्यान रखें कि बिना एडमिट कार्ड के उन्हें केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा संबंधी अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी परीक्षा शेड्यूल को चेक कर सकते हैं।
बता दें कि परीक्षा का आयोजन राज्य तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण बोर्ड, आंध्र प्रदेश, विजयवाड़ा की ओर से किया जाएगा। इस प्रवेश परीक्षा का आयोजन पॉलिटेक्निक / संस्थानों (सहायता प्राप्त सहित) में इंजीनियरिंग / गैर इंजीनियरिंग / प्रौद्योगिकी के सभी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया जाता है।
परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। देरी से आने वाले परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केंद्र में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को ले जानें की अनुमति नहीं होगी।
AP POLYCET Hall Ticket 2022 How to Download: ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड 1.सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट polycet.ap.nic.in पर जाए।
2.होम पेज पर दिए गए Print Hall Ticket के लिंक पर क्लिक करें।
3.अब मोबाइल नंबर आदि मांगी गई जानकारी को दर्ज कर सबमिट करें।
4.एडमिट कार्ड आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा।
5.अब चेक करें और डाउनलोड करें।