Tuesday, May 24, 2022

आने वाले कल के लिए, यंग लीडर्स बनाते हैं हम!

पिछले कुछ सालों में, टेक्नोलॉजी से आए उतार-चढ़ावों के बीच दुनिया कोविड की वजह से कई बड़े बदलावों की गवाह बनी है। द फ़ाइनेंशियल टाइम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर के कई देशों में मौजूदा बुरे दौर के बावजूद स्टार्टअप्स में एक बूम देखने को मिला है। इस बूम ने कुछ हद तक अनिश्चितता और स्टार्टअप्स के बंद होने में भी अहम भूमिका अदा की है। औपचारिक क्षेत्र की नौकरियों और एंट्रेप्रिन्योरशिप (स्वरोजगार) से जुड़ी ज़रूरतों में जबर्दस्त बदलाव हुआ है। साथ ही, इनका फ़ोकस अब क्रिएटिविटी, नया करने की पहल और रचनात्मक सोच पर है। अभी के समय में मैनेजर्स को नई चीज़ों के लिए तैयार करना ज़रूरी है, ताकि वे आने वाले समय में कामकाज के प्रतिस्पर्धी और अस्थिर माहौल में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।

हालांकि, इस अवसर में एक ज़रूरी बात यह है कि अगर किसी व्यक्ति के पास सही माइंडसेट और स्किल्स न हों, तो एंट्रेप्रिन्योरशिप टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। आज के युवाओं में एंट्रेप्रिन्योरशिप को बढ़ावा देना इस समय शैक्षणिक संस्थाओं की बुनियादी जिम्मेदारी बन गई है। एंट्रेप्रिन्योर से हम क्या समझते हैं? शायद, दुनियाभर के लोगों के दिमाग में यह शब्द सुनते ही सूट-बूट पहने एक ऐसे स्मार्ट यंगस्टर की छवि उभर आती है जो एक खूबसूरत गगनचुंबी इमारत में है और जिसमें शानदार तरीके से बात करने की कला है और जो अपने यूनीक आइडिया के साथ इन्वेस्टर्स को लुभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। लेकिन क्या हम कह सकते हैं कि अपने अनूठे आइडिया और नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके फ़सलों की पैदावार को बढ़ाने वाला किसान भी किसी एंट्रेप्रिन्योर से कम नहीं है? दरअसल, हम सभी एंट्रेप्रिन्योरशिप के मूल आइडिया के बजाय उसे लेकर बनी एक छवि के इर्द-गिर्द सीमित हैं।

एंट्रेप्रिन्योरियल स्पिरिट सही मायने में एक सोचने का एक तरीका है, एक माइंडसेट है, एक एटिट्यूड है जिसमें किसी की बदली हुई चीज़ों को स्वीकार करने से ज़्यादा बदलावों को करने के लिए ऐक्टिव रहने की बात होती है। यह एक अप्रोच है जिसमें इनोवेशन होते हैं, रचनात्मक सवाल होते हैं, समस्याओं को पहचानने और अपनी जानकारियों का इस्तेमाल करके उनका स्थायी समाधान ढूंढने का काम होता है। एंट्रेप्रिन्योरशिप का मतलब एक बड़ा सपना देखना, सतर्क और फुर्तीला होकर उसे हासिल करना और नए अवसरों को ढूंढना है। यह नपे-तुले जोखिम लेने की भूख है, कभी आगे बढ़ना और कभी नाकाम हो जाना। सक्रिय संगठन एन्ट्रेप्रिन्योरियल स्पिरिट दिखाते हुए लगातार जिज्ञासु कर्मचारियों की तलाश में रहते हैं, जो सितारों के ख्वाब भी देखने के साथ-साथ अपने सपनों को महसूस करने का साहस और दृढ़ता भी रखते हैं।

भारत की जनसंख्या का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा कामकाजी है, ऐसे में देश को उत्साहित और इनोवेटिव एंट्रेप्रिन्योर्स की ज़रूरत है। अगर युवाओं में ज़रूरी स्किल्स और इच्छाशक्ति की कमी रही, तो हम इस युवाशक्ति से ज़्यादा कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे। दुर्भाग्य से, मौजूदा शिक्षा प्रणाली से देश में नौकरियों के अवसर पैदा करने वालों के बजाय नौकरी मांगने वाले बढ़ते जा रहे हैं। आईएमएस गाज़ियाबाद में, 32 सालों की विरासत के बूते हमेशा से हमारा फ़ोकस युवाओं को 21वीं सदी के लिए ज़रूरी अच्छी स्किल्स देना रहा है, ताकि हम उन्हें कारोबार के मौजूदा माहौल की मुश्किल चुनौतियों से निपटने में सक्षम बना सकें। छात्र-छात्राएं अपने यूनीक आइडिया पर काम कर सकें, इसके लिए इंस्टिट्यूट में कई तरह की सुविधाएं हैं।

इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए हमने कई तरह की नई पहल की हैं। सेंटर ऑफ़ इनोवेशन ऐंड एंट्रेप्रिन्योरशिप (CIE) इन्हीं में से एक है। इसकी शुरुआत इस भरोसे के साथ की गई है कि एंट्रेप्रिन्योरशिप से भारत के इन्वेंटिव पॉटेंशियल को पूरी तरह से भुनाया जा सकता है। इसी भरोसे के साथ आईएमएस गाजियाबाद भारत के एंट्रेप्रिन्योरियल इकोसिस्टम को विकसित करने में मदद करने का लक्ष्य रखता है। इसके लिए छात्रों, पेशेवरों, मौजूदा और भावी एंट्रेप्रिन्योर्स, मेंटॉर्स, एंजिल इन्वेस्टर्स, वेंचर कैपिटल फ़र्म्स और कॉर्पोरेट वर्ल्ड के साथ आसान और प्रभावी संवाद स्थापित किया जाता है।

ऐसे संवाद के लिए अलग-अलग तरह के सेशन, कॉम्पीटिशन, कॉन्फ़्रेंस वगैरह की मदद ली जाती है। छात्रों, फ़ैकल्टी और एक्सपर्ट्स की सहभागिता के साथ, आईएमएस गाजियाबाद के CIE का मिशन युवाओं को उनके आइडिया को सफल बिज़नेस में बदलने के लिए प्लैटफ़ॉर्म देना और एंट्रेप्रिन्योरशिप की स्पिरिट को बढ़ावा देना, बरकरार रखना और उसकी प्रैक्टिस करना है। एक इनक्यूबेशन सेंटर है, जिससे एंट्रेप्रिन्योर्स को उनके स्टार्टअप्स को व्यापक, लाभदायी और टिकाऊ बिज़नेस में बदलने में सहयोग मिलता है।

कॉर्पोरेट डेवलपमेंट ऐंड एक्सीलेंस सेंटर (CDEC), आईएमएस गाजियाबाद का एक फ़्लैगशिप ट्रेनिंग और कंसल्टिंग वर्टिकल है। इसका उद्देश्य संगठन को शर्तिया ऑफ़र देकर विश्वस्तरीय ट्रेनिंग और कंसल्टिंग सर्विसेस देना है। हाल ही में हमने ‘पीयर टू पीयर मेंटॉरिंग’ सेशन की शुरुआत की है। इसके लिए हमने दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक प्रतिष्ठित संस्थान से हाथ मिलाया है। इन सेशन में आईएमएस गाजियाबाद के छात्र-छात्राएं अपने साथी छात्र-छात्राओं को सिखाएंगे। इस तरह दोनों ही इंस्टिट्यूट के छात्र-छात्राओं की क्रिएटिविटी और सीखने की कला को बढ़ावा मिलेगा।

आईएमएस गाजियाबाद में छात्र-छात्राओं को बिज़नेस डेवलपमेंट, कॉम्पीटिटिव एनालिसिस और सस्टेनेबिलिटी में अपनी स्किल्स बेहतर बनाने के कई अवसर मिलते हैं। नियमित रूप से गेस्ट लेक्चर्स, सेमिनार, पैनल डिस्कशन, वर्कशॉप, सर्वे और रिसर्च ऐक्टिविटी की जाती हैं, ताकि छात्र-छात्राओं को एंट्रेप्रिन्योर्स, वेंचर कैपिटलिस्ट्स और कॉर्पोरेट वर्ल्ड के अन्य एक्सपर्ट्स के साथ जुड़ने और उनसे बातचीत करने का अवसर मिले। इसी उद्देश्य के लिए क्रिएटिव प्रॉडक्ट और सर्विसेस डेवलप करने की प्रक्रिया जारी है।

बड़े शिक्षण संस्थानों को, याद रखने और रटने की पारंपरिक शिक्षा पद्धति से हटकर स्वतंत्र विचारों, क्रिएटिविटी और इनोवेशन को बढ़ावा देने वाले शानदार सिस्टम को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करने चाहिए। आजीवन सीखने की क्षमताओं को लेकर बदलावों के साथ, आईएमएस गाजियाबाद नए दौर के एंट्रेप्रिन्योर्स और लीडर्स तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रतिबद्धता ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए है जिनमें कुछ बड़े सपने देखने और उनकी कल्पना करने की क्षमता है। साथ ही, सहानुभूति, कृतज्ञता और विनम्रता दिखाने की योग्यता है।



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पिछले कुछ सालों में, टेक्नोलॉजी से आए उतार-चढ़ावों के बीच दुनिया कोविड की वजह से कई बड़े बदलावों की गवाह बनी है। द फ़ाइनेंशियल टाइम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर के कई देशों में मौजूदा बुरे दौर के बावजूद स्टार्टअप्स में एक बूम देखने को मिला है। इस बूम ने कुछ हद तक अनिश्चितता और स्टार्टअप्स के बंद होने में भी अहम भूमिका अदा की है। औपचारिक क्षेत्र की नौकरियों और एंट्रेप्रिन्योरशिप (स्वरोजगार) से जुड़ी ज़रूरतों में जबर्दस्त बदलाव हुआ है। साथ ही, इनका फ़ोकस अब क्रिएटिविटी, नया करने की पहल और रचनात्मक सोच पर है। अभी के समय में मैनेजर्स को नई चीज़ों के लिए तैयार करना ज़रूरी है, ताकि वे आने वाले समय में कामकाज के प्रतिस्पर्धी और अस्थिर माहौल में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।

हालांकि, इस अवसर में एक ज़रूरी बात यह है कि अगर किसी व्यक्ति के पास सही माइंडसेट और स्किल्स न हों, तो एंट्रेप्रिन्योरशिप टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। आज के युवाओं में एंट्रेप्रिन्योरशिप को बढ़ावा देना इस समय शैक्षणिक संस्थाओं की बुनियादी जिम्मेदारी बन गई है। एंट्रेप्रिन्योर से हम क्या समझते हैं? शायद, दुनियाभर के लोगों के दिमाग में यह शब्द सुनते ही सूट-बूट पहने एक ऐसे स्मार्ट यंगस्टर की छवि उभर आती है जो एक खूबसूरत गगनचुंबी इमारत में है और जिसमें शानदार तरीके से बात करने की कला है और जो अपने यूनीक आइडिया के साथ इन्वेस्टर्स को लुभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। लेकिन क्या हम कह सकते हैं कि अपने अनूठे आइडिया और नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके फ़सलों की पैदावार को बढ़ाने वाला किसान भी किसी एंट्रेप्रिन्योर से कम नहीं है? दरअसल, हम सभी एंट्रेप्रिन्योरशिप के मूल आइडिया के बजाय उसे लेकर बनी एक छवि के इर्द-गिर्द सीमित हैं।

एंट्रेप्रिन्योरियल स्पिरिट सही मायने में एक सोचने का एक तरीका है, एक माइंडसेट है, एक एटिट्यूड है जिसमें किसी की बदली हुई चीज़ों को स्वीकार करने से ज़्यादा बदलावों को करने के लिए ऐक्टिव रहने की बात होती है। यह एक अप्रोच है जिसमें इनोवेशन होते हैं, रचनात्मक सवाल होते हैं, समस्याओं को पहचानने और अपनी जानकारियों का इस्तेमाल करके उनका स्थायी समाधान ढूंढने का काम होता है। एंट्रेप्रिन्योरशिप का मतलब एक बड़ा सपना देखना, सतर्क और फुर्तीला होकर उसे हासिल करना और नए अवसरों को ढूंढना है। यह नपे-तुले जोखिम लेने की भूख है, कभी आगे बढ़ना और कभी नाकाम हो जाना। सक्रिय संगठन एन्ट्रेप्रिन्योरियल स्पिरिट दिखाते हुए लगातार जिज्ञासु कर्मचारियों की तलाश में रहते हैं, जो सितारों के ख्वाब भी देखने के साथ-साथ अपने सपनों को महसूस करने का साहस और दृढ़ता भी रखते हैं।

भारत की जनसंख्या का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा कामकाजी है, ऐसे में देश को उत्साहित और इनोवेटिव एंट्रेप्रिन्योर्स की ज़रूरत है। अगर युवाओं में ज़रूरी स्किल्स और इच्छाशक्ति की कमी रही, तो हम इस युवाशक्ति से ज़्यादा कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे। दुर्भाग्य से, मौजूदा शिक्षा प्रणाली से देश में नौकरियों के अवसर पैदा करने वालों के बजाय नौकरी मांगने वाले बढ़ते जा रहे हैं। आईएमएस गाज़ियाबाद में, 32 सालों की विरासत के बूते हमेशा से हमारा फ़ोकस युवाओं को 21वीं सदी के लिए ज़रूरी अच्छी स्किल्स देना रहा है, ताकि हम उन्हें कारोबार के मौजूदा माहौल की मुश्किल चुनौतियों से निपटने में सक्षम बना सकें। छात्र-छात्राएं अपने यूनीक आइडिया पर काम कर सकें, इसके लिए इंस्टिट्यूट में कई तरह की सुविधाएं हैं।

इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए हमने कई तरह की नई पहल की हैं। सेंटर ऑफ़ इनोवेशन ऐंड एंट्रेप्रिन्योरशिप (CIE) इन्हीं में से एक है। इसकी शुरुआत इस भरोसे के साथ की गई है कि एंट्रेप्रिन्योरशिप से भारत के इन्वेंटिव पॉटेंशियल को पूरी तरह से भुनाया जा सकता है। इसी भरोसे के साथ आईएमएस गाजियाबाद भारत के एंट्रेप्रिन्योरियल इकोसिस्टम को विकसित करने में मदद करने का लक्ष्य रखता है। इसके लिए छात्रों, पेशेवरों, मौजूदा और भावी एंट्रेप्रिन्योर्स, मेंटॉर्स, एंजिल इन्वेस्टर्स, वेंचर कैपिटल फ़र्म्स और कॉर्पोरेट वर्ल्ड के साथ आसान और प्रभावी संवाद स्थापित किया जाता है।

ऐसे संवाद के लिए अलग-अलग तरह के सेशन, कॉम्पीटिशन, कॉन्फ़्रेंस वगैरह की मदद ली जाती है। छात्रों, फ़ैकल्टी और एक्सपर्ट्स की सहभागिता के साथ, आईएमएस गाजियाबाद के CIE का मिशन युवाओं को उनके आइडिया को सफल बिज़नेस में बदलने के लिए प्लैटफ़ॉर्म देना और एंट्रेप्रिन्योरशिप की स्पिरिट को बढ़ावा देना, बरकरार रखना और उसकी प्रैक्टिस करना है। एक इनक्यूबेशन सेंटर है, जिससे एंट्रेप्रिन्योर्स को उनके स्टार्टअप्स को व्यापक, लाभदायी और टिकाऊ बिज़नेस में बदलने में सहयोग मिलता है।

कॉर्पोरेट डेवलपमेंट ऐंड एक्सीलेंस सेंटर (CDEC), आईएमएस गाजियाबाद का एक फ़्लैगशिप ट्रेनिंग और कंसल्टिंग वर्टिकल है। इसका उद्देश्य संगठन को शर्तिया ऑफ़र देकर विश्वस्तरीय ट्रेनिंग और कंसल्टिंग सर्विसेस देना है। हाल ही में हमने ‘पीयर टू पीयर मेंटॉरिंग’ सेशन की शुरुआत की है। इसके लिए हमने दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक प्रतिष्ठित संस्थान से हाथ मिलाया है। इन सेशन में आईएमएस गाजियाबाद के छात्र-छात्राएं अपने साथी छात्र-छात्राओं को सिखाएंगे। इस तरह दोनों ही इंस्टिट्यूट के छात्र-छात्राओं की क्रिएटिविटी और सीखने की कला को बढ़ावा मिलेगा।

आईएमएस गाजियाबाद में छात्र-छात्राओं को बिज़नेस डेवलपमेंट, कॉम्पीटिटिव एनालिसिस और सस्टेनेबिलिटी में अपनी स्किल्स बेहतर बनाने के कई अवसर मिलते हैं। नियमित रूप से गेस्ट लेक्चर्स, सेमिनार, पैनल डिस्कशन, वर्कशॉप, सर्वे और रिसर्च ऐक्टिविटी की जाती हैं, ताकि छात्र-छात्राओं को एंट्रेप्रिन्योर्स, वेंचर कैपिटलिस्ट्स और कॉर्पोरेट वर्ल्ड के अन्य एक्सपर्ट्स के साथ जुड़ने और उनसे बातचीत करने का अवसर मिले। इसी उद्देश्य के लिए क्रिएटिव प्रॉडक्ट और सर्विसेस डेवलप करने की प्रक्रिया जारी है।

बड़े शिक्षण संस्थानों को, याद रखने और रटने की पारंपरिक शिक्षा पद्धति से हटकर स्वतंत्र विचारों, क्रिएटिविटी और इनोवेशन को बढ़ावा देने वाले शानदार सिस्टम को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करने चाहिए। आजीवन सीखने की क्षमताओं को लेकर बदलावों के साथ, आईएमएस गाजियाबाद नए दौर के एंट्रेप्रिन्योर्स और लीडर्स तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रतिबद्धता ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए है जिनमें कुछ बड़े सपने देखने और उनकी कल्पना करने की क्षमता है। साथ ही, सहानुभूति, कृतज्ञता और विनम्रता दिखाने की योग्यता है।

आने वाले कल के लिए, यंग लीडर्स बनाते हैं हम!

पिछले कुछ सालों में, टेक्नोलॉजी से आए उतार-चढ़ावों के बीच दुनिया कोविड की वजह से कई बड़े बदलावों की गवाह बनी है। द फ़ाइनेंशियल टाइम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर के कई देशों में मौजूदा बुरे दौर के बावजूद स्टार्टअप्स में एक बूम देखने को मिला है। इस बूम ने कुछ हद तक अनिश्चितता और स्टार्टअप्स के बंद होने में भी अहम भूमिका अदा की है। औपचारिक क्षेत्र की नौकरियों और एंट्रेप्रिन्योरशिप (स्वरोजगार) से जुड़ी ज़रूरतों में जबर्दस्त बदलाव हुआ है। साथ ही, इनका फ़ोकस अब क्रिएटिविटी, नया करने की पहल और रचनात्मक सोच पर है। अभी के समय में मैनेजर्स को नई चीज़ों के लिए तैयार करना ज़रूरी है, ताकि वे आने वाले समय में कामकाज के प्रतिस्पर्धी और अस्थिर माहौल में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।

हालांकि, इस अवसर में एक ज़रूरी बात यह है कि अगर किसी व्यक्ति के पास सही माइंडसेट और स्किल्स न हों, तो एंट्रेप्रिन्योरशिप टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। आज के युवाओं में एंट्रेप्रिन्योरशिप को बढ़ावा देना इस समय शैक्षणिक संस्थाओं की बुनियादी जिम्मेदारी बन गई है। एंट्रेप्रिन्योर से हम क्या समझते हैं? शायद, दुनियाभर के लोगों के दिमाग में यह शब्द सुनते ही सूट-बूट पहने एक ऐसे स्मार्ट यंगस्टर की छवि उभर आती है जो एक खूबसूरत गगनचुंबी इमारत में है और जिसमें शानदार तरीके से बात करने की कला है और जो अपने यूनीक आइडिया के साथ इन्वेस्टर्स को लुभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। लेकिन क्या हम कह सकते हैं कि अपने अनूठे आइडिया और नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके फ़सलों की पैदावार को बढ़ाने वाला किसान भी किसी एंट्रेप्रिन्योर से कम नहीं है? दरअसल, हम सभी एंट्रेप्रिन्योरशिप के मूल आइडिया के बजाय उसे लेकर बनी एक छवि के इर्द-गिर्द सीमित हैं।

एंट्रेप्रिन्योरियल स्पिरिट सही मायने में एक सोचने का एक तरीका है, एक माइंडसेट है, एक एटिट्यूड है जिसमें किसी की बदली हुई चीज़ों को स्वीकार करने से ज़्यादा बदलावों को करने के लिए ऐक्टिव रहने की बात होती है। यह एक अप्रोच है जिसमें इनोवेशन होते हैं, रचनात्मक सवाल होते हैं, समस्याओं को पहचानने और अपनी जानकारियों का इस्तेमाल करके उनका स्थायी समाधान ढूंढने का काम होता है। एंट्रेप्रिन्योरशिप का मतलब एक बड़ा सपना देखना, सतर्क और फुर्तीला होकर उसे हासिल करना और नए अवसरों को ढूंढना है। यह नपे-तुले जोखिम लेने की भूख है, कभी आगे बढ़ना और कभी नाकाम हो जाना। सक्रिय संगठन एन्ट्रेप्रिन्योरियल स्पिरिट दिखाते हुए लगातार जिज्ञासु कर्मचारियों की तलाश में रहते हैं, जो सितारों के ख्वाब भी देखने के साथ-साथ अपने सपनों को महसूस करने का साहस और दृढ़ता भी रखते हैं।

भारत की जनसंख्या का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा कामकाजी है, ऐसे में देश को उत्साहित और इनोवेटिव एंट्रेप्रिन्योर्स की ज़रूरत है। अगर युवाओं में ज़रूरी स्किल्स और इच्छाशक्ति की कमी रही, तो हम इस युवाशक्ति से ज़्यादा कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे। दुर्भाग्य से, मौजूदा शिक्षा प्रणाली से देश में नौकरियों के अवसर पैदा करने वालों के बजाय नौकरी मांगने वाले बढ़ते जा रहे हैं। आईएमएस गाज़ियाबाद में, 32 सालों की विरासत के बूते हमेशा से हमारा फ़ोकस युवाओं को 21वीं सदी के लिए ज़रूरी अच्छी स्किल्स देना रहा है, ताकि हम उन्हें कारोबार के मौजूदा माहौल की मुश्किल चुनौतियों से निपटने में सक्षम बना सकें। छात्र-छात्राएं अपने यूनीक आइडिया पर काम कर सकें, इसके लिए इंस्टिट्यूट में कई तरह की सुविधाएं हैं।

इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए हमने कई तरह की नई पहल की हैं। सेंटर ऑफ़ इनोवेशन ऐंड एंट्रेप्रिन्योरशिप (CIE) इन्हीं में से एक है। इसकी शुरुआत इस भरोसे के साथ की गई है कि एंट्रेप्रिन्योरशिप से भारत के इन्वेंटिव पॉटेंशियल को पूरी तरह से भुनाया जा सकता है। इसी भरोसे के साथ आईएमएस गाजियाबाद भारत के एंट्रेप्रिन्योरियल इकोसिस्टम को विकसित करने में मदद करने का लक्ष्य रखता है। इसके लिए छात्रों, पेशेवरों, मौजूदा और भावी एंट्रेप्रिन्योर्स, मेंटॉर्स, एंजिल इन्वेस्टर्स, वेंचर कैपिटल फ़र्म्स और कॉर्पोरेट वर्ल्ड के साथ आसान और प्रभावी संवाद स्थापित किया जाता है।

ऐसे संवाद के लिए अलग-अलग तरह के सेशन, कॉम्पीटिशन, कॉन्फ़्रेंस वगैरह की मदद ली जाती है। छात्रों, फ़ैकल्टी और एक्सपर्ट्स की सहभागिता के साथ, आईएमएस गाजियाबाद के CIE का मिशन युवाओं को उनके आइडिया को सफल बिज़नेस में बदलने के लिए प्लैटफ़ॉर्म देना और एंट्रेप्रिन्योरशिप की स्पिरिट को बढ़ावा देना, बरकरार रखना और उसकी प्रैक्टिस करना है। एक इनक्यूबेशन सेंटर है, जिससे एंट्रेप्रिन्योर्स को उनके स्टार्टअप्स को व्यापक, लाभदायी और टिकाऊ बिज़नेस में बदलने में सहयोग मिलता है।

कॉर्पोरेट डेवलपमेंट ऐंड एक्सीलेंस सेंटर (CDEC), आईएमएस गाजियाबाद का एक फ़्लैगशिप ट्रेनिंग और कंसल्टिंग वर्टिकल है। इसका उद्देश्य संगठन को शर्तिया ऑफ़र देकर विश्वस्तरीय ट्रेनिंग और कंसल्टिंग सर्विसेस देना है। हाल ही में हमने ‘पीयर टू पीयर मेंटॉरिंग’ सेशन की शुरुआत की है। इसके लिए हमने दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक प्रतिष्ठित संस्थान से हाथ मिलाया है। इन सेशन में आईएमएस गाजियाबाद के छात्र-छात्राएं अपने साथी छात्र-छात्राओं को सिखाएंगे। इस तरह दोनों ही इंस्टिट्यूट के छात्र-छात्राओं की क्रिएटिविटी और सीखने की कला को बढ़ावा मिलेगा।

आईएमएस गाजियाबाद में छात्र-छात्राओं को बिज़नेस डेवलपमेंट, कॉम्पीटिटिव एनालिसिस और सस्टेनेबिलिटी में अपनी स्किल्स बेहतर बनाने के कई अवसर मिलते हैं। नियमित रूप से गेस्ट लेक्चर्स, सेमिनार, पैनल डिस्कशन, वर्कशॉप, सर्वे और रिसर्च ऐक्टिविटी की जाती हैं, ताकि छात्र-छात्राओं को एंट्रेप्रिन्योर्स, वेंचर कैपिटलिस्ट्स और कॉर्पोरेट वर्ल्ड के अन्य एक्सपर्ट्स के साथ जुड़ने और उनसे बातचीत करने का अवसर मिले। इसी उद्देश्य के लिए क्रिएटिव प्रॉडक्ट और सर्विसेस डेवलप करने की प्रक्रिया जारी है।

बड़े शिक्षण संस्थानों को, याद रखने और रटने की पारंपरिक शिक्षा पद्धति से हटकर स्वतंत्र विचारों, क्रिएटिविटी और इनोवेशन को बढ़ावा देने वाले शानदार सिस्टम को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करने चाहिए। आजीवन सीखने की क्षमताओं को लेकर बदलावों के साथ, आईएमएस गाजियाबाद नए दौर के एंट्रेप्रिन्योर्स और लीडर्स तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रतिबद्धता ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए है जिनमें कुछ बड़े सपने देखने और उनकी कल्पना करने की क्षमता है। साथ ही, सहानुभूति, कृतज्ञता और विनम्रता दिखाने की योग्यता है।



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हालांकि, इस अवसर में एक ज़रूरी बात यह है कि अगर किसी व्यक्ति के पास सही माइंडसेट और स्किल्स न हों, तो एंट्रेप्रिन्योरशिप टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। आज के युवाओं में एंट्रेप्रिन्योरशिप को बढ़ावा देना इस समय शैक्षणिक संस्थाओं की बुनियादी जिम्मेदारी बन गई है। एंट्रेप्रिन्योर से हम क्या समझते हैं? शायद, दुनियाभर के लोगों के दिमाग में यह शब्द सुनते ही सूट-बूट पहने एक ऐसे स्मार्ट यंगस्टर की छवि उभर आती है जो एक खूबसूरत गगनचुंबी इमारत में है और जिसमें शानदार तरीके से बात करने की कला है और जो अपने यूनीक आइडिया के साथ इन्वेस्टर्स को लुभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। लेकिन क्या हम कह सकते हैं कि अपने अनूठे आइडिया और नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके फ़सलों की पैदावार को बढ़ाने वाला किसान भी किसी एंट्रेप्रिन्योर से कम नहीं है? दरअसल, हम सभी एंट्रेप्रिन्योरशिप के मूल आइडिया के बजाय उसे लेकर बनी एक छवि के इर्द-गिर्द सीमित हैं।

एंट्रेप्रिन्योरियल स्पिरिट सही मायने में एक सोचने का एक तरीका है, एक माइंडसेट है, एक एटिट्यूड है जिसमें किसी की बदली हुई चीज़ों को स्वीकार करने से ज़्यादा बदलावों को करने के लिए ऐक्टिव रहने की बात होती है। यह एक अप्रोच है जिसमें इनोवेशन होते हैं, रचनात्मक सवाल होते हैं, समस्याओं को पहचानने और अपनी जानकारियों का इस्तेमाल करके उनका स्थायी समाधान ढूंढने का काम होता है। एंट्रेप्रिन्योरशिप का मतलब एक बड़ा सपना देखना, सतर्क और फुर्तीला होकर उसे हासिल करना और नए अवसरों को ढूंढना है। यह नपे-तुले जोखिम लेने की भूख है, कभी आगे बढ़ना और कभी नाकाम हो जाना। सक्रिय संगठन एन्ट्रेप्रिन्योरियल स्पिरिट दिखाते हुए लगातार जिज्ञासु कर्मचारियों की तलाश में रहते हैं, जो सितारों के ख्वाब भी देखने के साथ-साथ अपने सपनों को महसूस करने का साहस और दृढ़ता भी रखते हैं।

भारत की जनसंख्या का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा कामकाजी है, ऐसे में देश को उत्साहित और इनोवेटिव एंट्रेप्रिन्योर्स की ज़रूरत है। अगर युवाओं में ज़रूरी स्किल्स और इच्छाशक्ति की कमी रही, तो हम इस युवाशक्ति से ज़्यादा कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे। दुर्भाग्य से, मौजूदा शिक्षा प्रणाली से देश में नौकरियों के अवसर पैदा करने वालों के बजाय नौकरी मांगने वाले बढ़ते जा रहे हैं। आईएमएस गाज़ियाबाद में, 32 सालों की विरासत के बूते हमेशा से हमारा फ़ोकस युवाओं को 21वीं सदी के लिए ज़रूरी अच्छी स्किल्स देना रहा है, ताकि हम उन्हें कारोबार के मौजूदा माहौल की मुश्किल चुनौतियों से निपटने में सक्षम बना सकें। छात्र-छात्राएं अपने यूनीक आइडिया पर काम कर सकें, इसके लिए इंस्टिट्यूट में कई तरह की सुविधाएं हैं।

इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए हमने कई तरह की नई पहल की हैं। सेंटर ऑफ़ इनोवेशन ऐंड एंट्रेप्रिन्योरशिप (CIE) इन्हीं में से एक है। इसकी शुरुआत इस भरोसे के साथ की गई है कि एंट्रेप्रिन्योरशिप से भारत के इन्वेंटिव पॉटेंशियल को पूरी तरह से भुनाया जा सकता है। इसी भरोसे के साथ आईएमएस गाजियाबाद भारत के एंट्रेप्रिन्योरियल इकोसिस्टम को विकसित करने में मदद करने का लक्ष्य रखता है। इसके लिए छात्रों, पेशेवरों, मौजूदा और भावी एंट्रेप्रिन्योर्स, मेंटॉर्स, एंजिल इन्वेस्टर्स, वेंचर कैपिटल फ़र्म्स और कॉर्पोरेट वर्ल्ड के साथ आसान और प्रभावी संवाद स्थापित किया जाता है।

ऐसे संवाद के लिए अलग-अलग तरह के सेशन, कॉम्पीटिशन, कॉन्फ़्रेंस वगैरह की मदद ली जाती है। छात्रों, फ़ैकल्टी और एक्सपर्ट्स की सहभागिता के साथ, आईएमएस गाजियाबाद के CIE का मिशन युवाओं को उनके आइडिया को सफल बिज़नेस में बदलने के लिए प्लैटफ़ॉर्म देना और एंट्रेप्रिन्योरशिप की स्पिरिट को बढ़ावा देना, बरकरार रखना और उसकी प्रैक्टिस करना है। एक इनक्यूबेशन सेंटर है, जिससे एंट्रेप्रिन्योर्स को उनके स्टार्टअप्स को व्यापक, लाभदायी और टिकाऊ बिज़नेस में बदलने में सहयोग मिलता है।

कॉर्पोरेट डेवलपमेंट ऐंड एक्सीलेंस सेंटर (CDEC), आईएमएस गाजियाबाद का एक फ़्लैगशिप ट्रेनिंग और कंसल्टिंग वर्टिकल है। इसका उद्देश्य संगठन को शर्तिया ऑफ़र देकर विश्वस्तरीय ट्रेनिंग और कंसल्टिंग सर्विसेस देना है। हाल ही में हमने ‘पीयर टू पीयर मेंटॉरिंग’ सेशन की शुरुआत की है। इसके लिए हमने दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक प्रतिष्ठित संस्थान से हाथ मिलाया है। इन सेशन में आईएमएस गाजियाबाद के छात्र-छात्राएं अपने साथी छात्र-छात्राओं को सिखाएंगे। इस तरह दोनों ही इंस्टिट्यूट के छात्र-छात्राओं की क्रिएटिविटी और सीखने की कला को बढ़ावा मिलेगा।

आईएमएस गाजियाबाद में छात्र-छात्राओं को बिज़नेस डेवलपमेंट, कॉम्पीटिटिव एनालिसिस और सस्टेनेबिलिटी में अपनी स्किल्स बेहतर बनाने के कई अवसर मिलते हैं। नियमित रूप से गेस्ट लेक्चर्स, सेमिनार, पैनल डिस्कशन, वर्कशॉप, सर्वे और रिसर्च ऐक्टिविटी की जाती हैं, ताकि छात्र-छात्राओं को एंट्रेप्रिन्योर्स, वेंचर कैपिटलिस्ट्स और कॉर्पोरेट वर्ल्ड के अन्य एक्सपर्ट्स के साथ जुड़ने और उनसे बातचीत करने का अवसर मिले। इसी उद्देश्य के लिए क्रिएटिव प्रॉडक्ट और सर्विसेस डेवलप करने की प्रक्रिया जारी है।

बड़े शिक्षण संस्थानों को, याद रखने और रटने की पारंपरिक शिक्षा पद्धति से हटकर स्वतंत्र विचारों, क्रिएटिविटी और इनोवेशन को बढ़ावा देने वाले शानदार सिस्टम को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करने चाहिए। आजीवन सीखने की क्षमताओं को लेकर बदलावों के साथ, आईएमएस गाजियाबाद नए दौर के एंट्रेप्रिन्योर्स और लीडर्स तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रतिबद्धता ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए है जिनमें कुछ बड़े सपने देखने और उनकी कल्पना करने की क्षमता है। साथ ही, सहानुभूति, कृतज्ञता और विनम्रता दिखाने की योग्यता है।

Board Exam Result 2022: यूपी, हरियाणा, राजस्थान सहित अन्य बोर्ड रिजल्ट पर बड़ा अपडेट, जानें इन राज्यों में कब घोषित होंगे नतीजे

Board Result 2022: यूपी बोर्ड, राजस्थान और हरियाणा बोर्ड सहित अन्य राज्यों में बोर्ड परीक्षा 2022 रिजल्ट का छात्रों को बेसब्री से इंतजार है। इन राज्यों में बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन मार्च – अप्रैल 2022 में किया गया। परीक्षा खत्म होने के बाद से ही 10वीं और 12वीं के छात्रों को बोर्ड रिजल्ट का इंतजार है।

इन राज्यों में इस माह के अंत तक या जून के पहले सप्ताह में रिजल्ट घोषित किया जा सकता है। हालांकि अभी बोर्ड की ओर से रिजल्ट की डेट नहीं जारी की गई है।

UPMSP UP Board Result 2022


माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश जून के पहले सप्ताह तक 10वीं और 12वीं का रिजल्ट घोषित कर सकता है। इस माह के अंत तक रिजल्ट की डेट जारी होने की संभावना है। यूपी बोर्ड रिजल्ट के साथ 10वीं और 12वीं के टापर की लिस्ट भी जारी करेगा। यूपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2022 और यूपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2022 आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर घोषित किया जाएगा। यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा में करीब 47 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए थे। रिजल्ट बोर्ड की ओर से छात्रों के मेल आईडी पर भी भेजा जाएगा।

RBSE Rajasthan Board Result 2022


राजस्थान बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 15 जून तक घोषित किया जा सकता है। हालांकि अभी रिजल्ट की तारीख बोर्ड ने नहीं घोषित की है। राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2022 और राजस्थान बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2022 आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जारी किया जाएगा। राजस्थान बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा में लगभग 20 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे।

HBSE Haryana Board Result 2022


हरियाणा बोर्ड 10वीं और 12वीं रिजल्ट 2022 जून में जारी किया जा सकता है। बोर्ड ने अभी रिजल्ट की तिथि नहीं घोषित की है। हरियाणा बोर्ड 10वीं परीक्षा 2022 और हरियाणा बोर्ड 12वीं परीक्षा 2022 में करीब 7 लाख छात्र शामिल हुए थे। हरियाणा बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2022 और हरियाणा बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2022 आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर जारी किया जाएगा।

JAC 10th 12th Result 2022


झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जून में घोषित होने की संभावना है।

Board Result 2022: इन राज्यों में घोषित हो चुके हैं बोर्ड रिजल्ट


बिहार बोर्ड, छत्तीसगढ़ बोर्ड और मध्य प्रदेश बोर्ड 10वीं और 12 वीं का रिजल्ट घोषित किया जा चुका है।



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Board Result 2022: यूपी बोर्ड, राजस्थान और हरियाणा बोर्ड सहित अन्य राज्यों में बोर्ड परीक्षा 2022 रिजल्ट का छात्रों को बेसब्री से इंतजार है। इन राज्यों में बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन मार्च – अप्रैल 2022 में किया गया। परीक्षा खत्म होने के बाद से ही 10वीं और 12वीं के छात्रों को बोर्ड रिजल्ट का इंतजार है।

इन राज्यों में इस माह के अंत तक या जून के पहले सप्ताह में रिजल्ट घोषित किया जा सकता है। हालांकि अभी बोर्ड की ओर से रिजल्ट की डेट नहीं जारी की गई है।

UPMSP UP Board Result 2022


माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश जून के पहले सप्ताह तक 10वीं और 12वीं का रिजल्ट घोषित कर सकता है। इस माह के अंत तक रिजल्ट की डेट जारी होने की संभावना है। यूपी बोर्ड रिजल्ट के साथ 10वीं और 12वीं के टापर की लिस्ट भी जारी करेगा। यूपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2022 और यूपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2022 आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर घोषित किया जाएगा। यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा में करीब 47 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए थे। रिजल्ट बोर्ड की ओर से छात्रों के मेल आईडी पर भी भेजा जाएगा।

RBSE Rajasthan Board Result 2022


राजस्थान बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 15 जून तक घोषित किया जा सकता है। हालांकि अभी रिजल्ट की तारीख बोर्ड ने नहीं घोषित की है। राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2022 और राजस्थान बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2022 आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जारी किया जाएगा। राजस्थान बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा में लगभग 20 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे।

HBSE Haryana Board Result 2022


हरियाणा बोर्ड 10वीं और 12वीं रिजल्ट 2022 जून में जारी किया जा सकता है। बोर्ड ने अभी रिजल्ट की तिथि नहीं घोषित की है। हरियाणा बोर्ड 10वीं परीक्षा 2022 और हरियाणा बोर्ड 12वीं परीक्षा 2022 में करीब 7 लाख छात्र शामिल हुए थे। हरियाणा बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2022 और हरियाणा बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2022 आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर जारी किया जाएगा।

JAC 10th 12th Result 2022


झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जून में घोषित होने की संभावना है।

Board Result 2022: इन राज्यों में घोषित हो चुके हैं बोर्ड रिजल्ट


बिहार बोर्ड, छत्तीसगढ़ बोर्ड और मध्य प्रदेश बोर्ड 10वीं और 12 वीं का रिजल्ट घोषित किया जा चुका है।

Monday, May 23, 2022

AP POLYCET Hall Ticket 2022: पॉलिटेक्निक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट 2022 का एडमिट कार्ड जारी, ऐसे करें डाउनलोड

AP POLYCET Hall Ticket 2022: आंध्र प्रदेश पॉलिटेक्निक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट 2022 (AP POLYCET Exam 2022) का एडमिट कार्ड (AP POLYCET Hall Ticket 2022) जारी कर दिया गया है। छात्र आधिकारिक वेबसाइट polycet.ap.nic.in या manabadi.co के जरिए परीक्षा प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।

AP POLYCET 2022 का आयोजन 29 मई 2022 को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। अभ्यर्थी इस बात का ध्यान रखें कि बिना एडमिट कार्ड के उन्हें केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा संबंधी अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी परीक्षा शेड्यूल को चेक कर सकते हैं।

बता दें कि परीक्षा का आयोजन राज्य तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण बोर्ड, आंध्र प्रदेश, विजयवाड़ा की ओर से किया जाएगा। इस प्रवेश परीक्षा का आयोजन पॉलिटेक्निक / संस्थानों (सहायता प्राप्त सहित) में इंजीनियरिंग / गैर इंजीनियरिंग / प्रौद्योगिकी के सभी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया जाता है।

परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। देरी से आने वाले परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केंद्र में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को ले जानें की अनुमति नहीं होगी।

AP POLYCET Hall Ticket 2022 How to Download: ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड
1.सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट polycet.ap.nic.in पर जाए।
2.होम पेज पर दिए गए Print Hall Ticket के लिंक पर क्लिक करें।
3.अब मोबाइल नंबर आदि मांगी गई जानकारी को दर्ज कर सबमिट करें।
4.एडमिट कार्ड आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा।
5.अब चेक करें और डाउनलोड करें।



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AP POLYCET 2022 का आयोजन 29 मई 2022 को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। अभ्यर्थी इस बात का ध्यान रखें कि बिना एडमिट कार्ड के उन्हें केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा संबंधी अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी परीक्षा शेड्यूल को चेक कर सकते हैं।

बता दें कि परीक्षा का आयोजन राज्य तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण बोर्ड, आंध्र प्रदेश, विजयवाड़ा की ओर से किया जाएगा। इस प्रवेश परीक्षा का आयोजन पॉलिटेक्निक / संस्थानों (सहायता प्राप्त सहित) में इंजीनियरिंग / गैर इंजीनियरिंग / प्रौद्योगिकी के सभी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया जाता है।

परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। देरी से आने वाले परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केंद्र में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को ले जानें की अनुमति नहीं होगी।

AP POLYCET Hall Ticket 2022 How to Download: ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड
1.सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट polycet.ap.nic.in पर जाए।
2.होम पेज पर दिए गए Print Hall Ticket के लिंक पर क्लिक करें।
3.अब मोबाइल नंबर आदि मांगी गई जानकारी को दर्ज कर सबमिट करें।
4.एडमिट कार्ड आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा।
5.अब चेक करें और डाउनलोड करें।

AP POLYCET Hall Ticket 2022: पॉलिटेक्निक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट 2022 का एडमिट कार्ड जारी, ऐसे करें डाउनलोड

AP POLYCET Hall Ticket 2022: आंध्र प्रदेश पॉलिटेक्निक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट 2022 (AP POLYCET Exam 2022) का एडमिट कार्ड (AP POLYCET Hall Ticket 2022) जारी कर दिया गया है। छात्र आधिकारिक वेबसाइट polycet.ap.nic.in या manabadi.co के जरिए परीक्षा प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।

AP POLYCET 2022 का आयोजन 29 मई 2022 को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। अभ्यर्थी इस बात का ध्यान रखें कि बिना एडमिट कार्ड के उन्हें केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा संबंधी अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी परीक्षा शेड्यूल को चेक कर सकते हैं।

बता दें कि परीक्षा का आयोजन राज्य तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण बोर्ड, आंध्र प्रदेश, विजयवाड़ा की ओर से किया जाएगा। इस प्रवेश परीक्षा का आयोजन पॉलिटेक्निक / संस्थानों (सहायता प्राप्त सहित) में इंजीनियरिंग / गैर इंजीनियरिंग / प्रौद्योगिकी के सभी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया जाता है।

परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। देरी से आने वाले परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केंद्र में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को ले जानें की अनुमति नहीं होगी।

AP POLYCET Hall Ticket 2022 How to Download: ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड
1.सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट polycet.ap.nic.in पर जाए।
2.होम पेज पर दिए गए Print Hall Ticket के लिंक पर क्लिक करें।
3.अब मोबाइल नंबर आदि मांगी गई जानकारी को दर्ज कर सबमिट करें।
4.एडमिट कार्ड आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा।
5.अब चेक करें और डाउनलोड करें।



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AP POLYCET 2022 का आयोजन 29 मई 2022 को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। अभ्यर्थी इस बात का ध्यान रखें कि बिना एडमिट कार्ड के उन्हें केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा संबंधी अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी परीक्षा शेड्यूल को चेक कर सकते हैं।

बता दें कि परीक्षा का आयोजन राज्य तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण बोर्ड, आंध्र प्रदेश, विजयवाड़ा की ओर से किया जाएगा। इस प्रवेश परीक्षा का आयोजन पॉलिटेक्निक / संस्थानों (सहायता प्राप्त सहित) में इंजीनियरिंग / गैर इंजीनियरिंग / प्रौद्योगिकी के सभी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया जाता है।

परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। देरी से आने वाले परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केंद्र में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को ले जानें की अनुमति नहीं होगी।

AP POLYCET Hall Ticket 2022 How to Download: ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड
1.सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट polycet.ap.nic.in पर जाए।
2.होम पेज पर दिए गए Print Hall Ticket के लिंक पर क्लिक करें।
3.अब मोबाइल नंबर आदि मांगी गई जानकारी को दर्ज कर सबमिट करें।
4.एडमिट कार्ड आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा।
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Sunday, May 22, 2022

RBSE Rajasthan Board Result 2022: आज खत्म हो सकता है 20 लाख छात्रों का इंतजार, जारी हो सकती है 10वीं और 12वीं रिजल्ट की डेट

RBSE Board 10th, 12th Result 2022: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के 20 लाख छात्रों का इंतजार जल्द ही खत्म हो सकता है। राजस्थान बोर्ड आज 10वीं और 12वीं रिजल्ट की डेट जारी कर सकता है। नतीजे आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जारी किए जाएंगे। घोषित होने के बाद 10वीं और 12वीं के छात्र आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपने परिणाम चेक कर सकते हैं।

बता दें कि राजस्थान बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा का आयोजन 24 मार्च 2022 से 26 अप्रैल 2022 तक किया गया था। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 20 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे।

परीक्षा का आयोजन कोरोना सुरक्षा दिशा-निर्देश के तहत किया गया था। बोर्ड की परीक्षा के लिए विस्तृत गाइडलाइंस भी जारी की थी। सभी परीक्षार्थियों को केंद्र पर मास्क लगाकर आना अनिवार्य किया गया था।

पिछली बार राजस्थान बोर्ड 12वीं आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के नतीजे 24 जुलाई को घोषित किए गए थे, जबकि साल 2020 में तीनों स्ट्रीम का रिजल्ट अलग- अगल जारी किया गया था। वहीं 10वीं का रिजल्ट 31 जुलाई को जारी किया गया था।

RBSE Board 10th, 12th Result 2022: ऐसे चेक कर सकेंगे रिजल्ट
सबसे पहले छात्र आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं।
होम पेज पर दिए गए RBSE Board 10th Result 2022/ RBSE Board 12th Result 2022 के लिंक पर क्लिक करें।
यहां रोल नंबर आदि दर्ज कर सबमिट करें।
रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा।
अब चेक करें और डाउनलोड करें।



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RBSE Board 10th, 12th Result 2022: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के 20 लाख छात्रों का इंतजार जल्द ही खत्म हो सकता है। राजस्थान बोर्ड आज 10वीं और 12वीं रिजल्ट की डेट जारी कर सकता है। नतीजे आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जारी किए जाएंगे। घोषित होने के बाद 10वीं और 12वीं के छात्र आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपने परिणाम चेक कर सकते हैं।

बता दें कि राजस्थान बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा का आयोजन 24 मार्च 2022 से 26 अप्रैल 2022 तक किया गया था। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 20 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे।

परीक्षा का आयोजन कोरोना सुरक्षा दिशा-निर्देश के तहत किया गया था। बोर्ड की परीक्षा के लिए विस्तृत गाइडलाइंस भी जारी की थी। सभी परीक्षार्थियों को केंद्र पर मास्क लगाकर आना अनिवार्य किया गया था।

पिछली बार राजस्थान बोर्ड 12वीं आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के नतीजे 24 जुलाई को घोषित किए गए थे, जबकि साल 2020 में तीनों स्ट्रीम का रिजल्ट अलग- अगल जारी किया गया था। वहीं 10वीं का रिजल्ट 31 जुलाई को जारी किया गया था।

RBSE Board 10th, 12th Result 2022: ऐसे चेक कर सकेंगे रिजल्ट
सबसे पहले छात्र आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं।
होम पेज पर दिए गए RBSE Board 10th Result 2022/ RBSE Board 12th Result 2022 के लिंक पर क्लिक करें।
यहां रोल नंबर आदि दर्ज कर सबमिट करें।
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UGC NET Exam 2022: यूजीसी ने नेट परीक्षा के लिए बढ़ाई आवेदन की तारीख, अब 30 मई तक चलेगा रजिस्ट्रेशन

UGC NET Exam 2022: यूजीसी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। उम्मीदवार अब 30 मई, 2022 तक फॉर्म जमा कर सकते हैं। यूजीसी अध्यक्ष ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर इसकी घोषणा की है। उम्मीदवार अपना यूजीसी नेट की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाकर आपना आवेदन कर सकते हैं।

यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने ट्विटर पर लिखा कि यूजीसी नेट की दिसंबर 2021 और जून 2022 के संयुक्त सत्र की परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है। छात्र अब 30 मई तक आवेदन जमा कर सकेंगे। उम्होंने उम्मीदवारों को अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट चेक करने का सुझाव दिया है।

बता दें कि इससे पहले मर्ज किए गए चक्रों के लिए नेट परीक्षा जून 2022 के पहले / दूसरे सप्ताह में आयोजित की जानी थी। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब एनटीए ने यूजीसी-नेट के लिए आवेदन पत्र में सुधार करने के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। इन परिवर्तनों को करने की समय सीमा 23 मई, 2022 रात 9 बजे थी।

यूजीसी नेट साल में दो बार आयोजित किया जाता है। हालांकि, कोविड -19 के कारण दिसंबर 2021 चक्र के स्थगित होने के कारण इस बार यूजीसी नेट के जून 2022 के चक्र को स्थगित कर दिया गया था। इशके बाद एनटीए ने दिसंबर 2021 और जून 2022 के चक्रों को एक साथ जोड़ दिया है।

आवेदन कैसे करें
चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट ntanet.nic.in पर जाएं।
चरण 2: ‘यूजीसी नेट दिसंबर 2021/जून 2022 पंजीकरण’ लिंक पर क्लिक करें।
चरण 3: व्यक्तिगत विवरण भरें और अपना पंजीकरण करें।
चरण 4: पंजीकरण संख्या का उपयोग करके लॉग-इन करें।
चरण 5: फॉर्म भरें, फोटो अपलोड करें।
चरण 6: आवेदन शुल्क का भुगतान करें।



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UGC NET Exam 2022: यूजीसी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। उम्मीदवार अब 30 मई, 2022 तक फॉर्म जमा कर सकते हैं। यूजीसी अध्यक्ष ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर इसकी घोषणा की है। उम्मीदवार अपना यूजीसी नेट की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाकर आपना आवेदन कर सकते हैं।

यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने ट्विटर पर लिखा कि यूजीसी नेट की दिसंबर 2021 और जून 2022 के संयुक्त सत्र की परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है। छात्र अब 30 मई तक आवेदन जमा कर सकेंगे। उम्होंने उम्मीदवारों को अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट चेक करने का सुझाव दिया है।

बता दें कि इससे पहले मर्ज किए गए चक्रों के लिए नेट परीक्षा जून 2022 के पहले / दूसरे सप्ताह में आयोजित की जानी थी। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब एनटीए ने यूजीसी-नेट के लिए आवेदन पत्र में सुधार करने के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। इन परिवर्तनों को करने की समय सीमा 23 मई, 2022 रात 9 बजे थी।

यूजीसी नेट साल में दो बार आयोजित किया जाता है। हालांकि, कोविड -19 के कारण दिसंबर 2021 चक्र के स्थगित होने के कारण इस बार यूजीसी नेट के जून 2022 के चक्र को स्थगित कर दिया गया था। इशके बाद एनटीए ने दिसंबर 2021 और जून 2022 के चक्रों को एक साथ जोड़ दिया है।

आवेदन कैसे करें
चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट ntanet.nic.in पर जाएं।
चरण 2: ‘यूजीसी नेट दिसंबर 2021/जून 2022 पंजीकरण’ लिंक पर क्लिक करें।
चरण 3: व्यक्तिगत विवरण भरें और अपना पंजीकरण करें।
चरण 4: पंजीकरण संख्या का उपयोग करके लॉग-इन करें।
चरण 5: फॉर्म भरें, फोटो अपलोड करें।
चरण 6: आवेदन शुल्क का भुगतान करें।