कोरोना वायरस की वजह से भारत वापस लौटै मेडिकल छात्रों की जल्द चीन वापसी हो सकती है। चीन में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। भारत सरकार ने व्यक्तिगत रूप से कक्षाओं में शामिल होने के इच्छुक छात्रों से 8 मई तक रजिस्ट्रेशन करने का अनुरोध किया है। इसके बाद चीनी पक्ष के साथ सूची साझा की जाएगी।
बता दें कि भारत द्वारा साझा की जाने वाली सूची के आधार पर चीनी अधिकारी संबंधित विभागों के साथ भारतीय छात्रों के विवरण का सत्यापन करेंगे और इसके बाद ही छात्रों को चीनी विश्वविद्यालयों में अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए बुलाया जाएगा।
सरकार ने कहा कि चीन ने जरूरत के आधार पर भारतीय छात्रों की वापसी की सुविधा पर विचार करने की इच्छा जताई है। भारतीय छात्रों को पढ़ाई के लिए चीन भेजने की पूरी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।
दरअसल, भारत सरकार द्वारा रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ चीन में भारतीय छात्रों की वापसी का मुद्दा उठाए जाने के एक महीने बाद शुरू हुई है। जयशंकर ने संवाददाताओं से कहा था कि भारत को उम्मीद है कि बीजिंग उसके प्रति गैर-भेदभावपूर्ण दृष्टिकोण अपनाएगा।
भारतीय दूतावास द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 के प्रकोप के बीच चीन में 20,000 से अधिक भारतीय छात्रों ने मेडिकल डिग्री में दाखिला लिया था। महामारी के बाद चीन ने सभी विश्वविद्यालयों को बंद कर दिया था, जिसके बाद ज्यादातर छात्र देश वापस आ गए थे और सख्त यात्रा प्रतिबंधों के कारण वापस नहीं लौट पाए।
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कोरोना वायरस की वजह से भारत वापस लौटै मेडिकल छात्रों की जल्द चीन वापसी हो सकती है। चीन में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। भारत सरकार ने व्यक्तिगत रूप से कक्षाओं में शामिल होने के इच्छुक छात्रों से 8 मई तक रजिस्ट्रेशन करने का अनुरोध किया है। इसके बाद चीनी पक्ष के साथ सूची साझा की जाएगी।
बता दें कि भारत द्वारा साझा की जाने वाली सूची के आधार पर चीनी अधिकारी संबंधित विभागों के साथ भारतीय छात्रों के विवरण का सत्यापन करेंगे और इसके बाद ही छात्रों को चीनी विश्वविद्यालयों में अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए बुलाया जाएगा।
सरकार ने कहा कि चीन ने जरूरत के आधार पर भारतीय छात्रों की वापसी की सुविधा पर विचार करने की इच्छा जताई है। भारतीय छात्रों को पढ़ाई के लिए चीन भेजने की पूरी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।
दरअसल, भारत सरकार द्वारा रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ चीन में भारतीय छात्रों की वापसी का मुद्दा उठाए जाने के एक महीने बाद शुरू हुई है। जयशंकर ने संवाददाताओं से कहा था कि भारत को उम्मीद है कि बीजिंग उसके प्रति गैर-भेदभावपूर्ण दृष्टिकोण अपनाएगा।
भारतीय दूतावास द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 के प्रकोप के बीच चीन में 20,000 से अधिक भारतीय छात्रों ने मेडिकल डिग्री में दाखिला लिया था। महामारी के बाद चीन ने सभी विश्वविद्यालयों को बंद कर दिया था, जिसके बाद ज्यादातर छात्र देश वापस आ गए थे और सख्त यात्रा प्रतिबंधों के कारण वापस नहीं लौट पाए।