Wednesday, April 20, 2022

CGBSE Result 2022: कक्षा 10वीं और 12वीं परीक्षा का रिजल्ट जल्द, छात्र ऐसे करें डाउनलोड

CGBSE Result 2022: छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CGBSE), रायपुर द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं परीक्षा का रिजल्ट जल्द ही जारी किया जाएगा। जिसके बाद सभी छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cgbse.nic.in के माध्यम से अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे।

CGBSE 10th, 12th Exam 2022: मार्च में हुई थी परीक्षा
छत्तीसगढ़ बोर्ड द्वारा कक्षा 10वीं की परीक्षा 3 मार्च से 23 मार्च 2022 तक सुबह 9:15 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित की गई थी। जबकि, कक्षा 12वीं की परीक्षा 2 मार्च से 30 मार्च 2022 तक हुई थी। इन परीक्षाओं के दौरान कोविड-19 नियमों का कड़ाई से पालन किया गया थी। सभी छात्र बोर्ड की वेबसाइट पर इन स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे।

How to check CGBSE Chhattisgarh Board 10th, 12th Result 2022

स्टेप 1: सबसे पहले छात्र छत्तीसगढ़ बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cgbse.nic.in पर जाएं।

स्टेप 2: फिर होम पेज पर दिख रहे ‘Chhattisgarh Board 10th / 12th Result 2022’ के लिंक पर क्लिक करें।

स्टेप 3: अब आपके सामने एक नया पेज खुल जाएगा। यहां सभी आवश्यक जानकारी भरें और सबमिट बटन पर क्लिक कर दें।

स्टेप 4: अब आप CGBSE 10th, 12th Result 2022 चेक करके डाउनलोड भी कर सकते हैं।

CGBSE Result 2022: मई में जारी हो सकता है रिजल्ट
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की चेकिंग का काम तेजी से चल रहा है। ऐसे में इन परीक्षाओं का रिजल्ट मई के दूसरे या तीसरे सप्ताह में जारी किया जा सकता है। हालांकि, बोर्ड की तरफ से रिजल्ट की तारीख के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। छत्तीसगढ़ 10वीं और 12वीं रिजल्ट से जुड़े लेटेस्ट अपडेट्स के लिए छात्र यहां और आधिकारिक वेबसाइट पर चेक करते रहें।



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CGBSE Result 2022: छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CGBSE), रायपुर द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं परीक्षा का रिजल्ट जल्द ही जारी किया जाएगा। जिसके बाद सभी छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cgbse.nic.in के माध्यम से अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे।

CGBSE 10th, 12th Exam 2022: मार्च में हुई थी परीक्षा
छत्तीसगढ़ बोर्ड द्वारा कक्षा 10वीं की परीक्षा 3 मार्च से 23 मार्च 2022 तक सुबह 9:15 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित की गई थी। जबकि, कक्षा 12वीं की परीक्षा 2 मार्च से 30 मार्च 2022 तक हुई थी। इन परीक्षाओं के दौरान कोविड-19 नियमों का कड़ाई से पालन किया गया थी। सभी छात्र बोर्ड की वेबसाइट पर इन स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे।

How to check CGBSE Chhattisgarh Board 10th, 12th Result 2022

स्टेप 1: सबसे पहले छात्र छत्तीसगढ़ बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cgbse.nic.in पर जाएं।

स्टेप 2: फिर होम पेज पर दिख रहे ‘Chhattisgarh Board 10th / 12th Result 2022’ के लिंक पर क्लिक करें।

स्टेप 3: अब आपके सामने एक नया पेज खुल जाएगा। यहां सभी आवश्यक जानकारी भरें और सबमिट बटन पर क्लिक कर दें।

स्टेप 4: अब आप CGBSE 10th, 12th Result 2022 चेक करके डाउनलोड भी कर सकते हैं।

CGBSE Result 2022: मई में जारी हो सकता है रिजल्ट
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की चेकिंग का काम तेजी से चल रहा है। ऐसे में इन परीक्षाओं का रिजल्ट मई के दूसरे या तीसरे सप्ताह में जारी किया जा सकता है। हालांकि, बोर्ड की तरफ से रिजल्ट की तारीख के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। छत्तीसगढ़ 10वीं और 12वीं रिजल्ट से जुड़े लेटेस्ट अपडेट्स के लिए छात्र यहां और आधिकारिक वेबसाइट पर चेक करते रहें।

UPSC New Chairman: मनोज सोनी ने संघर्षों के बीच गुजारा बचपन, ऐसा रहा कुलपति से लेकर UPSC चेयरमैन बनने तक का सफर

मनोज सोनी को संघ लोक सेवा आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बचपन में अगरबत्ती बेचने से लेकर सबसे कम उम्र में विश्वविद्यालय के कुलपति बनने की उनकी यह कहानी काफी प्रेरणादायक है। यहां हम आपको उनके अब तक के सफर के बारे में बताएंगे।

Manoj Soni Early Life: संघर्षों में गुजरा बचपन
मनोज का जन्म 17 फरवरी 1965 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता फुटपाथ मार्केट में कपड़े बेचा करते थे। जब मनोज कक्षा 5वीं में थे तभी उनके पिता की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद परिवार के पालन पोषण के लिए उन्होंने अगरबत्ती बेचना शुरू कर दिया था। फिर कुछ साल बाद वह‌ अपनी मां के साथ गुजरात चले आए थे। यहां मनोज ने कक्षा 12वीं की साइंस परीक्षा में फेल होने के बाद राज रत्न पीटी पटेल कॉलेज में आर्ट्स विषय को चुन लिया था।

UPSC New Chairman: दो विश्वविद्यालयों के बनें कुलपति
मनोज के पिता मुंबई में एक मिशन से जुड़े हुए थे। उनके देहांत के बाद मनोज भी इस मिशन से जुड़ गए थे और यहां उन्हें पढ़ाई लिखाई में काफी सहायता मिली। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद मनोज ने एसपी विश्वविद्यालय में पढ़ाना शुरू कर दिया था। इसके बाद साल 1991 से 2016 तक उन्होंने सरदार पटेल यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल रिलेशंस विषय भी पढ़ाया। इस दौरान उन्होंने साल 2005 से 2008 तक एमएसयू वडोदरा में और फिर साल 2009 से 2015 तक डॉ.बाबासाहेब अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी में कुलपति का कार्यभार भी संभाला।

Manoj Soni Education: इन‌ विषयों में है रुचि
मनोज को अंतरराष्ट्रीय संबंधों के अलावा राजनीति विज्ञान में काफी रुचि है। सोनी ने साल 1995 में डॉक्टर की पढ़ाई पूरी की और फिर ‘पोस्ट कोल्ड वॉर इंटरनेशनल सिस्टमैटिक ट्रांजिशन एंड इंडो-यूएस रिलेशन्स’ पर रिसर्च किया। इसके अलावा उन्होंने ‘अंडरस्टैंडिंग तक ग्लोबल पॉलीटिकल अर्थक्वेक’ नामक एक किताब भी लिखी है।

UPSC New Chairman: राहुल गांधी ने क्यों कसा तंज
जहां ‘द वायर’ ने मनोज सोनी को बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के निकट बताया। वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी उनकी नियुक्ति पर तंज कसते हुए यूपीएससी को यूनियन प्रचार संघ कमीशन कहा। उनके इस ट्वीट पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।



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मनोज सोनी को संघ लोक सेवा आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बचपन में अगरबत्ती बेचने से लेकर सबसे कम उम्र में विश्वविद्यालय के कुलपति बनने की उनकी यह कहानी काफी प्रेरणादायक है। यहां हम आपको उनके अब तक के सफर के बारे में बताएंगे।

Manoj Soni Early Life: संघर्षों में गुजरा बचपन
मनोज का जन्म 17 फरवरी 1965 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता फुटपाथ मार्केट में कपड़े बेचा करते थे। जब मनोज कक्षा 5वीं में थे तभी उनके पिता की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद परिवार के पालन पोषण के लिए उन्होंने अगरबत्ती बेचना शुरू कर दिया था। फिर कुछ साल बाद वह‌ अपनी मां के साथ गुजरात चले आए थे। यहां मनोज ने कक्षा 12वीं की साइंस परीक्षा में फेल होने के बाद राज रत्न पीटी पटेल कॉलेज में आर्ट्स विषय को चुन लिया था।

UPSC New Chairman: दो विश्वविद्यालयों के बनें कुलपति
मनोज के पिता मुंबई में एक मिशन से जुड़े हुए थे। उनके देहांत के बाद मनोज भी इस मिशन से जुड़ गए थे और यहां उन्हें पढ़ाई लिखाई में काफी सहायता मिली। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद मनोज ने एसपी विश्वविद्यालय में पढ़ाना शुरू कर दिया था। इसके बाद साल 1991 से 2016 तक उन्होंने सरदार पटेल यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल रिलेशंस विषय भी पढ़ाया। इस दौरान उन्होंने साल 2005 से 2008 तक एमएसयू वडोदरा में और फिर साल 2009 से 2015 तक डॉ.बाबासाहेब अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी में कुलपति का कार्यभार भी संभाला।

Manoj Soni Education: इन‌ विषयों में है रुचि
मनोज को अंतरराष्ट्रीय संबंधों के अलावा राजनीति विज्ञान में काफी रुचि है। सोनी ने साल 1995 में डॉक्टर की पढ़ाई पूरी की और फिर ‘पोस्ट कोल्ड वॉर इंटरनेशनल सिस्टमैटिक ट्रांजिशन एंड इंडो-यूएस रिलेशन्स’ पर रिसर्च किया। इसके अलावा उन्होंने ‘अंडरस्टैंडिंग तक ग्लोबल पॉलीटिकल अर्थक्वेक’ नामक एक किताब भी लिखी है।

UPSC New Chairman: राहुल गांधी ने क्यों कसा तंज
जहां ‘द वायर’ ने मनोज सोनी को बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के निकट बताया। वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी उनकी नियुक्ति पर तंज कसते हुए यूपीएससी को यूनियन प्रचार संघ कमीशन कहा। उनके इस ट्वीट पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।

UPSC New Chairman: मनोज सोनी ने संघर्षों के बीच गुजारा बचपन, ऐसा रहा कुलपति से लेकर UPSC चेयरमैन बनने तक का सफर

मनोज सोनी को संघ लोक सेवा आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बचपन में अगरबत्ती बेचने से लेकर सबसे कम उम्र में विश्वविद्यालय के कुलपति बनने की उनकी यह कहानी काफी प्रेरणादायक है। यहां हम आपको उनके अब तक के सफर के बारे में बताएंगे।

Manoj Soni Early Life: संघर्षों में गुजरा बचपन
मनोज का जन्म 17 फरवरी 1965 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता फुटपाथ मार्केट में कपड़े बेचा करते थे। जब मनोज कक्षा 5वीं में थे तभी उनके पिता की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद परिवार के पालन पोषण के लिए उन्होंने अगरबत्ती बेचना शुरू कर दिया था। फिर कुछ साल बाद वह‌ अपनी मां के साथ गुजरात चले आए थे। यहां मनोज ने कक्षा 12वीं की साइंस परीक्षा में फेल होने के बाद राज रत्न पीटी पटेल कॉलेज में आर्ट्स विषय को चुन लिया था।

UPSC New Chairman: दो विश्वविद्यालयों के बनें कुलपति
मनोज के पिता मुंबई में एक मिशन से जुड़े हुए थे। उनके देहांत के बाद मनोज भी इस मिशन से जुड़ गए थे और यहां उन्हें पढ़ाई लिखाई में काफी सहायता मिली। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद मनोज ने एसपी विश्वविद्यालय में पढ़ाना शुरू कर दिया था। इसके बाद साल 1991 से 2016 तक उन्होंने सरदार पटेल यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल रिलेशंस विषय भी पढ़ाया। इस दौरान उन्होंने साल 2005 से 2008 तक एमएसयू वडोदरा में और फिर साल 2009 से 2015 तक डॉ.बाबासाहेब अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी में कुलपति का कार्यभार भी संभाला।

Manoj Soni Education: इन‌ विषयों में है रुचि
मनोज को अंतरराष्ट्रीय संबंधों के अलावा राजनीति विज्ञान में काफी रुचि है। सोनी ने साल 1995 में डॉक्टर की पढ़ाई पूरी की और फिर ‘पोस्ट कोल्ड वॉर इंटरनेशनल सिस्टमैटिक ट्रांजिशन एंड इंडो-यूएस रिलेशन्स’ पर रिसर्च किया। इसके अलावा उन्होंने ‘अंडरस्टैंडिंग तक ग्लोबल पॉलीटिकल अर्थक्वेक’ नामक एक किताब भी लिखी है।

UPSC New Chairman: राहुल गांधी ने क्यों कसा तंज
जहां ‘द वायर’ ने मनोज सोनी को बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के निकट बताया। वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी उनकी नियुक्ति पर तंज कसते हुए यूपीएससी को यूनियन प्रचार संघ कमीशन कहा। उनके इस ट्वीट पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।



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Manoj Soni Early Life: संघर्षों में गुजरा बचपन
मनोज का जन्म 17 फरवरी 1965 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता फुटपाथ मार्केट में कपड़े बेचा करते थे। जब मनोज कक्षा 5वीं में थे तभी उनके पिता की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद परिवार के पालन पोषण के लिए उन्होंने अगरबत्ती बेचना शुरू कर दिया था। फिर कुछ साल बाद वह‌ अपनी मां के साथ गुजरात चले आए थे। यहां मनोज ने कक्षा 12वीं की साइंस परीक्षा में फेल होने के बाद राज रत्न पीटी पटेल कॉलेज में आर्ट्स विषय को चुन लिया था।

UPSC New Chairman: दो विश्वविद्यालयों के बनें कुलपति
मनोज के पिता मुंबई में एक मिशन से जुड़े हुए थे। उनके देहांत के बाद मनोज भी इस मिशन से जुड़ गए थे और यहां उन्हें पढ़ाई लिखाई में काफी सहायता मिली। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद मनोज ने एसपी विश्वविद्यालय में पढ़ाना शुरू कर दिया था। इसके बाद साल 1991 से 2016 तक उन्होंने सरदार पटेल यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल रिलेशंस विषय भी पढ़ाया। इस दौरान उन्होंने साल 2005 से 2008 तक एमएसयू वडोदरा में और फिर साल 2009 से 2015 तक डॉ.बाबासाहेब अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी में कुलपति का कार्यभार भी संभाला।

Manoj Soni Education: इन‌ विषयों में है रुचि
मनोज को अंतरराष्ट्रीय संबंधों के अलावा राजनीति विज्ञान में काफी रुचि है। सोनी ने साल 1995 में डॉक्टर की पढ़ाई पूरी की और फिर ‘पोस्ट कोल्ड वॉर इंटरनेशनल सिस्टमैटिक ट्रांजिशन एंड इंडो-यूएस रिलेशन्स’ पर रिसर्च किया। इसके अलावा उन्होंने ‘अंडरस्टैंडिंग तक ग्लोबल पॉलीटिकल अर्थक्वेक’ नामक एक किताब भी लिखी है।

UPSC New Chairman: राहुल गांधी ने क्यों कसा तंज
जहां ‘द वायर’ ने मनोज सोनी को बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के निकट बताया। वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी उनकी नियुक्ति पर तंज कसते हुए यूपीएससी को यूनियन प्रचार संघ कमीशन कहा। उनके इस ट्वीट पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।

UGC Dual Degree: डुअल डिग्री प्रोग्राम को लेकर यूजीसी ने जारी की गाइडलाइंस, जानें सभी डिटेल्स

UGC Dual Degree Programmes: यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन (यूजीसी) ने डुअल डिग्री और ज्वॉइंट डिग्री प्रोग्राम को लेकर गाइडलाइंस जारी कर दी है। यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने इससे जुड़ी कंफ्यूजन को दूर करते हुए कहा कि भारतीय और विदेशी उच्च शिक्षण संस्थान जल्द ही ज्वॉइंट डिग्री और डुअल डिग्री प्रोग्राम की पेशकश कर सकते हैं। यूजीसी ने इन कार्यक्रमों के लिए नियमों को मंजूरी दे दी है।

मंगलवार को उच्च शिक्षा नियामक की बैठक में यह फैसला लिया गया। इक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुमार ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत छात्र विदेशी संस्थानों से 30 प्रतिशत से अधिक ‘क्रेडिट’ प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इन नियमों के तहत किसी विदेशी उच्च शिक्षण संस्थान और भारतीय उच्च शिक्षण संस्थान के बीच किसी भी प्रकार की ‘फ्रेंचाइजी’ व्यवस्था या अध्ययन केंद्र की अनुमति नहीं दी जाएगी।

यूजीसी की गाइडलाइंस के अनुसार, डुअल डिग्री एक सहयोगात्मक व्यवस्था होगी जिसके तहत भारतीय उच्च शिक्षण संस्थान में नामांकित छात्र यूजीसी नियमों का पालन करते हुए विदेशी उच्च शिक्षण संस्थान में अध्ययन कर सकते हैं। इस तरह के डुअल डिग्री कार्यक्रमों के तहत दी जाने वाली डिग्री भारतीय संस्थान द्वारा प्रदान की जाएगी।

छात्रों को मिलेगी एक डिग्री
उन्होंने कहा कि ज्वॉइंट डिग्री प्रोग्राम के लिए पाठ्यक्रम भारतीय और विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया जाएगा और कार्यक्रम के पूरा होने पर दोनों संस्थानों द्वारा एक ही प्रमाणपत्र के साथ डिग्री प्रदान की जाएगी। कुमार ने कहा कि इसके तहत प्रदान की गई डिग्री भारतीय उच्च शिक्षण संस्थान द्वारा प्रदान की जाने वाली किसी भी संबंधित डिग्री के बराबर होगी।

बढ़ेगी छात्रों की संख्या
कुमार ने कहा, ”यह प्रयास हमारी उच्च शिक्षा को अंतरराष्ट्रीयकरण की ओर ले जाएगा। यह हमारे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिक पाठ्यक्रम के माध्यम से बहु-विषयक शिक्षा प्राप्त करने का एक बड़ा अवसर प्रदान करेगा। इससे उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कुमार के मुताबिक, कम से कम चार करोड़ विदेशी छात्र भारत में पढ़ते हैं और यह संख्या बढ़कर 10 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।



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UGC Dual Degree Programmes: यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन (यूजीसी) ने डुअल डिग्री और ज्वॉइंट डिग्री प्रोग्राम को लेकर गाइडलाइंस जारी कर दी है। यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने इससे जुड़ी कंफ्यूजन को दूर करते हुए कहा कि भारतीय और विदेशी उच्च शिक्षण संस्थान जल्द ही ज्वॉइंट डिग्री और डुअल डिग्री प्रोग्राम की पेशकश कर सकते हैं। यूजीसी ने इन कार्यक्रमों के लिए नियमों को मंजूरी दे दी है।

मंगलवार को उच्च शिक्षा नियामक की बैठक में यह फैसला लिया गया। इक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुमार ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत छात्र विदेशी संस्थानों से 30 प्रतिशत से अधिक ‘क्रेडिट’ प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इन नियमों के तहत किसी विदेशी उच्च शिक्षण संस्थान और भारतीय उच्च शिक्षण संस्थान के बीच किसी भी प्रकार की ‘फ्रेंचाइजी’ व्यवस्था या अध्ययन केंद्र की अनुमति नहीं दी जाएगी।

यूजीसी की गाइडलाइंस के अनुसार, डुअल डिग्री एक सहयोगात्मक व्यवस्था होगी जिसके तहत भारतीय उच्च शिक्षण संस्थान में नामांकित छात्र यूजीसी नियमों का पालन करते हुए विदेशी उच्च शिक्षण संस्थान में अध्ययन कर सकते हैं। इस तरह के डुअल डिग्री कार्यक्रमों के तहत दी जाने वाली डिग्री भारतीय संस्थान द्वारा प्रदान की जाएगी।

छात्रों को मिलेगी एक डिग्री
उन्होंने कहा कि ज्वॉइंट डिग्री प्रोग्राम के लिए पाठ्यक्रम भारतीय और विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया जाएगा और कार्यक्रम के पूरा होने पर दोनों संस्थानों द्वारा एक ही प्रमाणपत्र के साथ डिग्री प्रदान की जाएगी। कुमार ने कहा कि इसके तहत प्रदान की गई डिग्री भारतीय उच्च शिक्षण संस्थान द्वारा प्रदान की जाने वाली किसी भी संबंधित डिग्री के बराबर होगी।

बढ़ेगी छात्रों की संख्या
कुमार ने कहा, ”यह प्रयास हमारी उच्च शिक्षा को अंतरराष्ट्रीयकरण की ओर ले जाएगा। यह हमारे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिक पाठ्यक्रम के माध्यम से बहु-विषयक शिक्षा प्राप्त करने का एक बड़ा अवसर प्रदान करेगा। इससे उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कुमार के मुताबिक, कम से कम चार करोड़ विदेशी छात्र भारत में पढ़ते हैं और यह संख्या बढ़कर 10 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।

Maharashtra Open School Result 2022: महाराष्ट्र बोर्ड ओपन स्कूल का रिजल्ट जारी, msos.ac.in पर करें चेक

Maharashtra Open School Result 2022: महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग(MSBOS) ने ओपन स्कूल का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट msos.ac.in पर जारी किया गया है। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए परीक्षा परिणाम चेक कर सकते हैं।

कक्षा 5वीं और 8वीं महाराष्ट्र ओपन स्कूल परीक्षा 2022 का आयोजन 30 दिसंबर 2021 से 8 जनवरी 2022 के बीच किया गया था। परीक्षा महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, पुणे, औरंगाबाद, कोल्हापुर के सभी छह डिवीजनों में आयोजित की गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार महाराष्ट्र 5वीं और 8वीं ओपन स्कूल के छात्र आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपने स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते है।

Maharashtra Open School Result 2022 How to Check: ऐसे चेक करें रिजल्ट
1.सबसे पहले छात्र आधिकारिक वेबसाइट
2.महाराष्ट्र ओपन स्कूल रिजल्ट कैसे चेक करें http://www.msos.ac.in पर जाएं।
3.होम पेज पर दिए गए रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें।
3.यहां मांगी गई जानकारी को दर्ज कर सबमिट करें।
4.रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा।
5.अब चेक करें डाउनलोड करें।



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Maharashtra Open School Result 2022: महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग(MSBOS) ने ओपन स्कूल का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट msos.ac.in पर जारी किया गया है। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए परीक्षा परिणाम चेक कर सकते हैं।

कक्षा 5वीं और 8वीं महाराष्ट्र ओपन स्कूल परीक्षा 2022 का आयोजन 30 दिसंबर 2021 से 8 जनवरी 2022 के बीच किया गया था। परीक्षा महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, पुणे, औरंगाबाद, कोल्हापुर के सभी छह डिवीजनों में आयोजित की गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार महाराष्ट्र 5वीं और 8वीं ओपन स्कूल के छात्र आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपने स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते है।

Maharashtra Open School Result 2022 How to Check: ऐसे चेक करें रिजल्ट
1.सबसे पहले छात्र आधिकारिक वेबसाइट
2.महाराष्ट्र ओपन स्कूल रिजल्ट कैसे चेक करें http://www.msos.ac.in पर जाएं।
3.होम पेज पर दिए गए रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें।
3.यहां मांगी गई जानकारी को दर्ज कर सबमिट करें।
4.रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा।
5.अब चेक करें डाउनलोड करें।

UP Board Practical Exam 2022: 12वीं प्रैक्टिकल परीक्षाएं आज से इन जिलों में होंगी शुरू, जानें डिटेल

UP Board Practical Exam 2022: यूपी बोर्ड की ओर से 12वीं प्रैक्टिकल परीक्षाओं का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण के तहत आज यानी 20 अप्रैल 2022 से शुरू हो रही हैं। वहीं दूसरे चरण की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 28 अप्रैल 2022 से शुरू होंगी।

पहले चरण के तहत 12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षाएं आगरा, सहारनपुर, बरेली, लखनऊ, झांसी, चित्रकूट, फैजाबाद, आजमगढ़, देवीपाटन और बस्ती में 20 अप्रैल 2022 से 27 अप्रैल 2022 तक आयोजित की जाएंगी।

वहीं दूसरे चरण में 28 अप्रैल 2022 से 4 मई 2022 तक प्रैक्टिकल परीक्षाएं प्रयागराज, अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर, मिर्जापुर, वाराणसी तथा गोरखपुर में आयोजित की जाएगी। परीक्षा का आयोजजन कोरोना सुरक्षा दिशा-निर्देश के तहत किया जाएगा।

बता दें कि 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन 24 मार्च 2022 से 12 अप्रैल 2022 तक किया गया था। परीक्षा दो पालियों में हुई थी। पहली पाली में परीक्षा सुबह 8 बजे से 11.15 बजे तक और दूसरी पाली में दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक किया गया था। 12वीं बोर्ड परीक्षा में करीब 24,11,035 विद्यार्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के लिए प्रदेश में 8873 केंद्र बनाए गए थे।



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UP Board Practical Exam 2022: यूपी बोर्ड की ओर से 12वीं प्रैक्टिकल परीक्षाओं का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण के तहत आज यानी 20 अप्रैल 2022 से शुरू हो रही हैं। वहीं दूसरे चरण की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 28 अप्रैल 2022 से शुरू होंगी।

पहले चरण के तहत 12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षाएं आगरा, सहारनपुर, बरेली, लखनऊ, झांसी, चित्रकूट, फैजाबाद, आजमगढ़, देवीपाटन और बस्ती में 20 अप्रैल 2022 से 27 अप्रैल 2022 तक आयोजित की जाएंगी।

वहीं दूसरे चरण में 28 अप्रैल 2022 से 4 मई 2022 तक प्रैक्टिकल परीक्षाएं प्रयागराज, अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर, मिर्जापुर, वाराणसी तथा गोरखपुर में आयोजित की जाएगी। परीक्षा का आयोजजन कोरोना सुरक्षा दिशा-निर्देश के तहत किया जाएगा।

बता दें कि 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन 24 मार्च 2022 से 12 अप्रैल 2022 तक किया गया था। परीक्षा दो पालियों में हुई थी। पहली पाली में परीक्षा सुबह 8 बजे से 11.15 बजे तक और दूसरी पाली में दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक किया गया था। 12वीं बोर्ड परीक्षा में करीब 24,11,035 विद्यार्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के लिए प्रदेश में 8873 केंद्र बनाए गए थे।

UGC NET Notification 2022: यूजीसी नेट का नोटिफिकेशन जल्द, यहां जानें क्या है परीक्षा पैटर्न

UGC NET 2022: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (NET) का नोटिफिकेशन कभी भी जारी किया जा सकता है। जिसके बाद सभी योग्य उम्मीदवार एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in के माध्यम से तय समय के अंदर UGC NET 2022 के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

यूजीसी नेट परीक्षा का पैटर्न
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित इस परीक्षा में कुल दो पेपर होते हैं। पहले पेपर में छात्रों से टीचिंग एप्टीट्यूड, रिसर्च एप्टीट्यूड, मैथमेटिक्स, लॉजिकल रीजनिंग, ‌ कम्युनिकेशन, हायर एजुकेशन, कंप्रीहेंशन और डाटा इंटरप्रिटेशन सहित अन्य विषयों से कुल 100 अंकों के 50 सवाल पूछे जाते हैं। वहीं, दूसरे पेपर में उम्मीदवारों से संबंधित विषय से 200 अंकों के 100 ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल पूछे जाएंगे। दोनों सेक्शन के सवाल हल करने के लिए उम्मीदवारों को 3 घंटे का समय दिया जाता है। बता दें कि इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं की जाती है और यह परीक्षा ऑनलाइन मोड में होती है।

परीक्षा का नोटिफिकेशन जल्द
यूजीसी के अध्यक्ष जगदीश कुमार ने हाल ही में एक ट्वीट के माध्यम से दिसंबर 2021 और जून 2022 साइकिल के लिए यह परीक्षा जून 2022 के पहले या दूसरे हफ्ते में आयोजित किए जाने की बात कही थी। ऐसे में उम्मीद है कि परीक्षा का नोटिफिकेशन कभी भी जारी किया जा सकता है।

नवंबर से जनवरी के बीच हुई थी परीक्षा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा इससे पहले यह परीक्षा 20 नवंबर 2021 से 5 जनवरी 2022 तक देशभर के 239 शहरों में कुल 837 केंद्र पर आयोजित की गई थी। इस परीक्षा का आयोजन तीन चरणों में कुल 81 विषयों के लिए किया गया था। वहीं, इस परीक्षा का रिजल्ट 19 फरवरी को जारी किया गया था।



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UGC NET 2022: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (NET) का नोटिफिकेशन कभी भी जारी किया जा सकता है। जिसके बाद सभी योग्य उम्मीदवार एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in के माध्यम से तय समय के अंदर UGC NET 2022 के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

यूजीसी नेट परीक्षा का पैटर्न
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित इस परीक्षा में कुल दो पेपर होते हैं। पहले पेपर में छात्रों से टीचिंग एप्टीट्यूड, रिसर्च एप्टीट्यूड, मैथमेटिक्स, लॉजिकल रीजनिंग, ‌ कम्युनिकेशन, हायर एजुकेशन, कंप्रीहेंशन और डाटा इंटरप्रिटेशन सहित अन्य विषयों से कुल 100 अंकों के 50 सवाल पूछे जाते हैं। वहीं, दूसरे पेपर में उम्मीदवारों से संबंधित विषय से 200 अंकों के 100 ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल पूछे जाएंगे। दोनों सेक्शन के सवाल हल करने के लिए उम्मीदवारों को 3 घंटे का समय दिया जाता है। बता दें कि इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं की जाती है और यह परीक्षा ऑनलाइन मोड में होती है।

परीक्षा का नोटिफिकेशन जल्द
यूजीसी के अध्यक्ष जगदीश कुमार ने हाल ही में एक ट्वीट के माध्यम से दिसंबर 2021 और जून 2022 साइकिल के लिए यह परीक्षा जून 2022 के पहले या दूसरे हफ्ते में आयोजित किए जाने की बात कही थी। ऐसे में उम्मीद है कि परीक्षा का नोटिफिकेशन कभी भी जारी किया जा सकता है।

नवंबर से जनवरी के बीच हुई थी परीक्षा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा इससे पहले यह परीक्षा 20 नवंबर 2021 से 5 जनवरी 2022 तक देशभर के 239 शहरों में कुल 837 केंद्र पर आयोजित की गई थी। इस परीक्षा का आयोजन तीन चरणों में कुल 81 विषयों के लिए किया गया था। वहीं, इस परीक्षा का रिजल्ट 19 फरवरी को जारी किया गया था।