UPSC: राहुल भट्ट मूल रूप से जम्मू और कश्मीर के उधमपुर के रहने वाले हैं। हालांकि, उनकी परवरिश और शुरुआती पढ़ाई लिखाई दिल्ली से हुई है। स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद राहुल ने पुणे के एक कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बैचलर्स की डिग्री हासिल की है। ग्रेजुएशन के बाद राहुल ने एक अच्छी कंपनी में करीब डेढ़ साल तक काम किया। नौकरी के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा के क्षेत्र में जाने का मन बना लिया था। अपने इसी फैसले की वजह से राहुल ने नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह से यूपीएससी एग्जाम की तैयारी में जुट गए।
राहुल ने साल 2016 में सिविल सेवा परीक्षा का पहला अटेम्प्ट दिया था। अपने पहले प्रयास में ही राहुल ने प्रिलिमनरी परीक्षा तो पास कर ली थी लेकिन मेन्स परीक्षा क्लियर करने में असफल रहे थे। इस असफलता से उन्होंने सीख ली और अपनी गलतियों में सुधार किया। इसके बाद उन्होंने साल 2017 में दूसरा अटेम्प्ट दिया था। इस बार सही रणनीति और कठिन परिश्रम के चलते राहुल ने 68वीं रैंक प्राप्त की थी।
UPSC: ऋषि राज ने दूसरे अटेम्प्ट में किया टॉप, ऐसे तय किया इंजीनियर से आईएएस बनने तक का सफर
राहुल के अनुसार, सिविल सेवा परीक्षा में बेहतर रैंक प्राप्त करने के लिए पर्सनैलिटी टेस्ट की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनका मानना है कि इंटरव्यू में अधिकतर सवाल डैफ (DAF) से पूछे जाते हैं इसलिए इसमें जो भी जानकारी दें उस पर आपकी अच्छी समझ होनी चाहिए। हर छोटी से छोटी चीज पर सारी जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश करें। वह कहते हैं कि डैफ बहुत ही सोच समझकर भरना चाहिए। अगर संभव है तो इसके लिए आप किसी की सलाह भी ले सकते हैं।
राहुल का मानना है कि डैफ में गलत और झूठी जानकारी भरने से अच्छा है कि आप वह जगह खाली छोड़ दें। इंटरव्यू में बैठने से पहले मॉक टेस्ट भी जरूर दें। ऐसा करने से आपकी अच्छी तैयारी हो सकेगी और सुधार करने का भी मौका मिल जाएगा। सबसे ज़्यादा ज़रूरी है कि इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखें और बार-बार सॉरी बोलने से भी बचें।
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UPSC: राहुल भट्ट मूल रूप से जम्मू और कश्मीर के उधमपुर के रहने वाले हैं। हालांकि, उनकी परवरिश और शुरुआती पढ़ाई लिखाई दिल्ली से हुई है। स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद राहुल ने पुणे के एक कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बैचलर्स की डिग्री हासिल की है। ग्रेजुएशन के बाद राहुल ने एक अच्छी कंपनी में करीब डेढ़ साल तक काम किया। नौकरी के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा के क्षेत्र में जाने का मन बना लिया था। अपने इसी फैसले की वजह से राहुल ने नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह से यूपीएससी एग्जाम की तैयारी में जुट गए।
राहुल ने साल 2016 में सिविल सेवा परीक्षा का पहला अटेम्प्ट दिया था। अपने पहले प्रयास में ही राहुल ने प्रिलिमनरी परीक्षा तो पास कर ली थी लेकिन मेन्स परीक्षा क्लियर करने में असफल रहे थे। इस असफलता से उन्होंने सीख ली और अपनी गलतियों में सुधार किया। इसके बाद उन्होंने साल 2017 में दूसरा अटेम्प्ट दिया था। इस बार सही रणनीति और कठिन परिश्रम के चलते राहुल ने 68वीं रैंक प्राप्त की थी।
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राहुल के अनुसार, सिविल सेवा परीक्षा में बेहतर रैंक प्राप्त करने के लिए पर्सनैलिटी टेस्ट की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनका मानना है कि इंटरव्यू में अधिकतर सवाल डैफ (DAF) से पूछे जाते हैं इसलिए इसमें जो भी जानकारी दें उस पर आपकी अच्छी समझ होनी चाहिए। हर छोटी से छोटी चीज पर सारी जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश करें। वह कहते हैं कि डैफ बहुत ही सोच समझकर भरना चाहिए। अगर संभव है तो इसके लिए आप किसी की सलाह भी ले सकते हैं।
राहुल का मानना है कि डैफ में गलत और झूठी जानकारी भरने से अच्छा है कि आप वह जगह खाली छोड़ दें। इंटरव्यू में बैठने से पहले मॉक टेस्ट भी जरूर दें। ऐसा करने से आपकी अच्छी तैयारी हो सकेगी और सुधार करने का भी मौका मिल जाएगा। सबसे ज़्यादा ज़रूरी है कि इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखें और बार-बार सॉरी बोलने से भी बचें।
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