UPSC: यूपीएससी एग्जाम भारत के सबसे कठिन एग्जाम में से एक है। इसमें लाखों की संख्या में उम्मीदवार भाग लेते हैं जिनमें से कई सौ उम्मीदवार सफल होते हैं। ऐसे ही एक उम्मीदवार थे रवींद्र कुमार जो 2011 बैच के ऑफिसर हैं साथ ही उन्होंने माउंट एवरेस्ट को भी फतह किया है।
रवींद्र कुमार का जन्म और पालन-पोषण बिहार के बेगूसराय जिले के एक गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी 10वीं तक की परीक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, बेगूसराय और उसके बाद की शिक्षा जवाहर विद्या मंदिर, रांची से की। उन्होंने अपनी 12वीं की शिक्षा पूरी की और साथ ही 1999 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) प्रवेश परीक्षा भी पास की, लेकिन उन्होंने शिपिंग को करियर के रूप में लेने का फैसला किया और मर्चेंट नेवी में शामिल हो गये।
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ग्रेजुएशन होने के बाद वे 2002 से 2008 तक लगातार मर्चेंट नेवी में काम किया लेकिन 2009 में नौकरी छोड़ दी और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए नई दिल्ली आ गए।
यूपीएससी एग्जाम में पास होने के बाद उन्हें कैडर के रूप में सिक्किम राज्य दिया गया था, जहां उन्होंने अगस्त 2013 से फरवरी 2014 तक दक्षिण सिक्किम के नामची उप-मंडल के एसडीएम के रूप में राज्य में काम किया। फिर वह जून 2014 में “ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पेयजल और स्वच्छता राज्य मंत्री” के साथ काम करने के लिए नई दिल्ली आए। मई 2016 में उनके कैडर को सिक्किम से उत्तर प्रदेश में स्थानांतरित कर दिया गया था।
रविंद्र कुमार देश के पहले IAS हैं, जिन्होंने माउंट एवरेस्ट फतह किया है। वर्ष 2013 में ही वे अपने पहले प्रयास में एवरेस्ट को फतह कर लिया था और उसके बाद उन्होंने 2019 में भी एवरेस्ट फतह किया था।
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UPSC: यूपीएससी एग्जाम भारत के सबसे कठिन एग्जाम में से एक है। इसमें लाखों की संख्या में उम्मीदवार भाग लेते हैं जिनमें से कई सौ उम्मीदवार सफल होते हैं। ऐसे ही एक उम्मीदवार थे रवींद्र कुमार जो 2011 बैच के ऑफिसर हैं साथ ही उन्होंने माउंट एवरेस्ट को भी फतह किया है।
रवींद्र कुमार का जन्म और पालन-पोषण बिहार के बेगूसराय जिले के एक गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी 10वीं तक की परीक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, बेगूसराय और उसके बाद की शिक्षा जवाहर विद्या मंदिर, रांची से की। उन्होंने अपनी 12वीं की शिक्षा पूरी की और साथ ही 1999 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) प्रवेश परीक्षा भी पास की, लेकिन उन्होंने शिपिंग को करियर के रूप में लेने का फैसला किया और मर्चेंट नेवी में शामिल हो गये।
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यूपीएससी एग्जाम में पास होने के बाद उन्हें कैडर के रूप में सिक्किम राज्य दिया गया था, जहां उन्होंने अगस्त 2013 से फरवरी 2014 तक दक्षिण सिक्किम के नामची उप-मंडल के एसडीएम के रूप में राज्य में काम किया। फिर वह जून 2014 में “ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पेयजल और स्वच्छता राज्य मंत्री” के साथ काम करने के लिए नई दिल्ली आए। मई 2016 में उनके कैडर को सिक्किम से उत्तर प्रदेश में स्थानांतरित कर दिया गया था।
रविंद्र कुमार देश के पहले IAS हैं, जिन्होंने माउंट एवरेस्ट फतह किया है। वर्ष 2013 में ही वे अपने पहले प्रयास में एवरेस्ट को फतह कर लिया था और उसके बाद उन्होंने 2019 में भी एवरेस्ट फतह किया था।
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