Sunday, October 24, 2021

UPSC: रवि आनंद ने तीसरे प्रयास में पाई 79वीं रैंक, परीक्षा के लिए देते हैं यह सलाह

UPSC: रवि आनंद मूल रूप से झारखंड के दुमका के रहने वाले हैं। उनके पिता दीपक कुमार शर्मा सिंचाई विभाग में सहायक इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। जबकि, उनकी माता विंदु शर्मा एक गृहणी हैं। रवि की पढ़ाई लिखाई की बात करें तो उन्होंने कक्षा चौथी तक की पढ़ाई दुमका में रहकर ही की है। इसके बाद वह अपने पिता के साथ रहने लगे थे और आगे की पढ़ाई उन्हीं के साथ रहकर की थी। फिर कक्षा 12वीं की पढ़ाई के लिए वह कोटा, राजस्थान चले गए थे। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद रवि ने आईआईटी खड़गपुर से बीटेक की डिग्री हासिल की है। ग्रेजुएशन पूरा होते ही रिलायंस कंपनी में रवि की नौकरी भी लग गई थी। हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने यह नौकरी छोड़ दी और सिविल सेवा के क्षेत्र में जाने का मन बना लिया।

रवि अपने बड़े भाई के साथ दिल्ली में रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने लगे थे। उनके बड़े भाई भी इसी परीक्षा की तैयारी में लगे थे और रवि के आज आने के बाद से दोनों ने साथ पढ़ना शुरू कर दिया था। रवि हमेशा से ही पढ़ने में काफी अच्छे थे। आखिरकार, अपने कठिन परिश्रम के चलते उन्होंने साल 2017 में सिविल सेवा परीक्षा के तीसरे प्रयास में 79वीं रैंक हासिल की थी।

UPSC: मजदूर पिता की बेटी ने यूपीएससी परीक्षा में हासिल की AIR 481 रैंक

रवि का मानना है कि ग्रेजुएशन के आखिरी साल से ही सिविल सेवा परीक्षा की बेसिक तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। इसके लिए नियमित रूप से न्यूज़ पेपर पढ़ने के अलावा आप एनसीईआरटी की किताबें भी पढ़ सकते हैं। साथ ही सिविल सेवा परीक्षा के लिए कुछ चुनिंदा किताबों और कोचिंग द्वारा उपलब्ध कराए गए स्टडी मैटेरियल को भी देख सकते हैं। इसके साथ ही इंटरनेट पर उपलब्ध स्टडी मैटेरियल को भी उपयोग में लाया जा सकता है।

UPSC: पहले प्रयास में मिली असफलता के बाद नहीं मानी हार, करिश्मा नायर ने दूसरे प्रयास में ऐसे किया टॉप

रवि के अनुसार सिविल सेवा परीक्षा के लिए ऑप्शनल सब्जेक्ट का चुनाव बहुत ही सोच समझ कर करना चाहिए। इससे परीक्षा में आपके प्रदर्शन और रैंक पर भी सीधा असर पड़ता है। किसी और की बात से प्रभावित होने की जगह जिस विषय में आपकी रुचि हो उसका चुनाव करें। वहीं, कोचिंग पर रवि का मानना है कि उम्मीदवार गाइडेंस के लिए इसका सहारा ले सकते हैं लेकिन आखिरकार पढ़ाई खुद ही करनी होती है। रवि का कहना है कि सही रणनीति और कठिन परिश्रम के माध्यम से इस परीक्षा को आसानी से पास किया जा सकता है।

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रवि अपने बड़े भाई के साथ दिल्ली में रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने लगे थे। उनके बड़े भाई भी इसी परीक्षा की तैयारी में लगे थे और रवि के आज आने के बाद से दोनों ने साथ पढ़ना शुरू कर दिया था। रवि हमेशा से ही पढ़ने में काफी अच्छे थे। आखिरकार, अपने कठिन परिश्रम के चलते उन्होंने साल 2017 में सिविल सेवा परीक्षा के तीसरे प्रयास में 79वीं रैंक हासिल की थी।

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रवि का मानना है कि ग्रेजुएशन के आखिरी साल से ही सिविल सेवा परीक्षा की बेसिक तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। इसके लिए नियमित रूप से न्यूज़ पेपर पढ़ने के अलावा आप एनसीईआरटी की किताबें भी पढ़ सकते हैं। साथ ही सिविल सेवा परीक्षा के लिए कुछ चुनिंदा किताबों और कोचिंग द्वारा उपलब्ध कराए गए स्टडी मैटेरियल को भी देख सकते हैं। इसके साथ ही इंटरनेट पर उपलब्ध स्टडी मैटेरियल को भी उपयोग में लाया जा सकता है।

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रवि के अनुसार सिविल सेवा परीक्षा के लिए ऑप्शनल सब्जेक्ट का चुनाव बहुत ही सोच समझ कर करना चाहिए। इससे परीक्षा में आपके प्रदर्शन और रैंक पर भी सीधा असर पड़ता है। किसी और की बात से प्रभावित होने की जगह जिस विषय में आपकी रुचि हो उसका चुनाव करें। वहीं, कोचिंग पर रवि का मानना है कि उम्मीदवार गाइडेंस के लिए इसका सहारा ले सकते हैं लेकिन आखिरकार पढ़ाई खुद ही करनी होती है। रवि का कहना है कि सही रणनीति और कठिन परिश्रम के माध्यम से इस परीक्षा को आसानी से पास किया जा सकता है।

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