Sunday, October 31, 2021

UPSC: कभी वैभव का पढ़ाई में नहीं लगता था मन, आठ बार की असफलता के बाद ऐसे मिली कामयाबी

UPSC: दिल्ली के रहने वाले वैभव छाबड़ा एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई लिखाई दिल्ली से ही हुई है। आमतौर पर यह माना जाता है कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले लोग हमेशा से ही पढ़ने में काफी तेज होते हैं। हालांकि, वैभव का मामला इसके बिल्कुल उलट था। उन्हें पढ़ाई में कोई खास दिलचस्पी नहीं थी। किसी तरह उन्होंने नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट से 56% अंकों के साथ बीटेक की डिग्री हासिल की थी। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद वैभव ने एक कोचिंग इंस्टिट्यूट में फिजिक्स पढ़ना शुरू कर दिया था।

वैभव को कुछ समय तक नौकरी करने के बाद यह एहसास हुआ कि वह इसके लिए नहीं बने हैं। उन्होंने अपने जीवन में कुछ बड़ा और बेहतर करने का विचार बनाया और यह नौकरी छोड़ दी। ‌हालांकि, उन्होंने दोबारा बीएसएनएल में नौकरी शुरू कर दी थी लेकिन फिर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी का मन बनाने के बाद वैभव ने यह नौकरी भी छोड़ दी थी।

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वैभव ने सिविल सेवा के क्षेत्र में जाने का फैसला तो कर लिया था लेकिन यह सफर उनके लिए आसान नहीं था। सबसे पहले तो उन्हें अपने इस फैसले पर लोगों की नकारात्मक प्रतिक्रिया मिली लेकिन वैभव अपनी बात पर डटे रहे। उनके इस निर्णय पर उनके परिवार वालों ने भी भरपूर सहयोग किया था। जहां यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोग दिन में 7-8 घंटे की पढ़ाई करते हैं, वहीं वैभव के लिए 1-2 घंटे पढ़ना भी मुश्किल था। ऐसे में उन्होंने हर आधे घंटे पर थोड़ी देर का ब्रेक लेना शुरू कर दिया। इसी तरह धीरे-धीरे पढ़ाई में उनकी रुचि बढ़ने लगी और साथ ही पढ़ाई का समय भी।

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इसी दौरान वैभव के साथ एक भयानक हादसा भी हुआ था। एक एक्सीडेंट की वजह से उन्हें लगभग 8 महीने के लिए बेड रेस्ट पर रहना पड़ा था। इस मुश्किल समय में भी वैभव ने हिम्मत नहीं हारी और लेटे-लेटे पढ़ाई करते रहे। वैभव के कठिन परिश्रम और लगन का यह नतीजा हुआ कि साल 2018 में उन्होंने आईईएस परीक्षा में 32वीं रैंक प्राप्त की और घर वालों का नाम रोशन किया। इस कामयाबी से पहले वैभव को आठ बार असफलता का सामना करना पड़ा था लेकिन हार मानने की जगह उन्होंने हमेशा बेहतर करने का प्रयास किया।

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