Friday, September 3, 2021

UPSC: नागार्जुन सेल्फ स्टडी से ऐसे बने डॉक्टर से आईएएस ऑफिसर

UPSC: डॉक्टर नागार्जुन (अर्जुन) बी गौड़ा एक भारतीय IAS अधिकारी हैं, जिन्होंने 2018 में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के एग्जाम में ऑल इंडिया 418 रैंक (AIR) हासिल की थी।

नागार्जुन आईएएस बनने से पहले एक फुलटाइम रेजिडेंट डॉक्टर थे। उन्होंने फुल टाइम काम करने के साथ ही UPSC Exam की तैयारी भी की। उनकी आर्थिक स्थति भी अच्छी नहीं थी इसलिए उन्होंने सेल्फ स्टडी को चुना और भारत की प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक यूपीएससी एग्जाम में सफलता हासिल की।

जिस समय डॉ. अर्जुन यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे, उस समय वे कर्नाटक के मांड्या आयुर्विज्ञान संस्थान में रेजिडेंट के रूप में कार्यरत थे। उन्हें सुबह 9.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक अस्पताल में रहना होता था। फिर वह अपनी सीएसई की तैयारी के लिए कम से कम छह घंटे देते थे।

नागार्जुन गौड़ का जन्म कर्नाटक के एक गांव में हुआ था। उनके परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था पर आर्थिक कमजोरी उनके पढ़ाई के जज्बे को कम नहीं कर पाई। 12वीं कक्षा के बाद नागार्जुन ने MBBS के एंट्रेंस एग्जाम को पास किया। एमबीबीएस पूरा करने के बाद उन्होंने एक अस्पताल में नौकरी कर ली। नौकरी के दौरान ही उन्होंने सिविल एग्जाम की तैयारी का मन बनाया। लेकिन घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने नौकरी के साथ तैयारी करने का फैसला किया।

इंजीनियरिंग के बाद 8 हजार की नौकरी पर लोग मारते थे ताना, पहले प्रयास में ही पास की PCS एग्जाम

इसके बाद उन्होंने इसके लिए रणनीति बनाई, वे नौकरी के साथ ही हर दिन 6 से 8 घंटे की पढ़ाई करते थे। उन्होंने कई न्यूज पेपर एप्स के सब्क्रिप्शन ले लिए थे जो नौकरी के दौरान समय मिलने पर उनसे आर्टिकल पढ़ लेते थे। जिससे वो अपने आपको अपडेट रख सकें। हालांकि जब भी वो टेस्ट पेपर हल करने की बात करते हैं तो वो उम्मीदवारों को ऑफलाइन ही हल करना का सुक्षाव देते हैं।

उन्होंने अपने इतिहास विषय की तैयारी के लिए कक्षा 6 से कक्षा 12 एनसीईआरटी की बुक ,  आधुनिक इतिहास और कक्षा 11 तमिलनाडु एनसीईआरटी किताब से प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास की तैयारी की।

PCS Success Story: इंजीनियरिंग के बाद 8 हजार की नौकरी पर लोग मारते थे ताना, पहले प्रयास में ही पास किया PCS एग्जाम

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UPSC: डॉक्टर नागार्जुन (अर्जुन) बी गौड़ा एक भारतीय IAS अधिकारी हैं, जिन्होंने 2018 में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के एग्जाम में ऑल इंडिया 418 रैंक (AIR) हासिल की थी।

नागार्जुन आईएएस बनने से पहले एक फुलटाइम रेजिडेंट डॉक्टर थे। उन्होंने फुल टाइम काम करने के साथ ही UPSC Exam की तैयारी भी की। उनकी आर्थिक स्थति भी अच्छी नहीं थी इसलिए उन्होंने सेल्फ स्टडी को चुना और भारत की प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक यूपीएससी एग्जाम में सफलता हासिल की।

जिस समय डॉ. अर्जुन यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे, उस समय वे कर्नाटक के मांड्या आयुर्विज्ञान संस्थान में रेजिडेंट के रूप में कार्यरत थे। उन्हें सुबह 9.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक अस्पताल में रहना होता था। फिर वह अपनी सीएसई की तैयारी के लिए कम से कम छह घंटे देते थे।

नागार्जुन गौड़ का जन्म कर्नाटक के एक गांव में हुआ था। उनके परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था पर आर्थिक कमजोरी उनके पढ़ाई के जज्बे को कम नहीं कर पाई। 12वीं कक्षा के बाद नागार्जुन ने MBBS के एंट्रेंस एग्जाम को पास किया। एमबीबीएस पूरा करने के बाद उन्होंने एक अस्पताल में नौकरी कर ली। नौकरी के दौरान ही उन्होंने सिविल एग्जाम की तैयारी का मन बनाया। लेकिन घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने नौकरी के साथ तैयारी करने का फैसला किया।

इंजीनियरिंग के बाद 8 हजार की नौकरी पर लोग मारते थे ताना, पहले प्रयास में ही पास की PCS एग्जाम

इसके बाद उन्होंने इसके लिए रणनीति बनाई, वे नौकरी के साथ ही हर दिन 6 से 8 घंटे की पढ़ाई करते थे। उन्होंने कई न्यूज पेपर एप्स के सब्क्रिप्शन ले लिए थे जो नौकरी के दौरान समय मिलने पर उनसे आर्टिकल पढ़ लेते थे। जिससे वो अपने आपको अपडेट रख सकें। हालांकि जब भी वो टेस्ट पेपर हल करने की बात करते हैं तो वो उम्मीदवारों को ऑफलाइन ही हल करना का सुक्षाव देते हैं।

उन्होंने अपने इतिहास विषय की तैयारी के लिए कक्षा 6 से कक्षा 12 एनसीईआरटी की बुक ,  आधुनिक इतिहास और कक्षा 11 तमिलनाडु एनसीईआरटी किताब से प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास की तैयारी की।

PCS Success Story: इंजीनियरिंग के बाद 8 हजार की नौकरी पर लोग मारते थे ताना, पहले प्रयास में ही पास किया PCS एग्जाम

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