Saturday, September 25, 2021

UPSC एग्जाम में दूसरी रैंक लाने वाली जागृति के लिए लॉकडाउन बना था वरदान! बोलीं- पढ़ने को मिल सका ज्यादा टाइम

‘जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास महत्वपूर्ण है।’ ये कहना है 24 वर्षीय जागृति अवस्थी का, जिन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2020 में महिला वर्ग में टॉप और ओवरऑल दूसरी रैंक हासिल की है। बता दें कि जागृति ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए काम करने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने बताया कि उनका बचपन से IAS बनने का सपना था, जो अब सच हो गया है।

जागृति अवस्थी मध्य प्रदेश के भोपाल की रहने वाली हैं। उन्होंने मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) से बीटेक किया और ग्रेजुएशन के बाद गेट (GATE) की परीक्षा पास की। इसके बाद जागृति ने भेल में टेक्निकल ऑफिसर के तौर पर नौकरी ज्वॉइन कर ली थी। हालांकि आईएएस बनने का सपना उन्होंने तब भी नहीं छोड़ा और 2019 में इसकी तैयारी में लग गईं।

जागृति ने कहा कि, “पहले प्रयास में मेरा सिविल सेवाओं के लिए चयन नहीं हुआ तो मैंने अपनी (भेल में) नौकरी छोड़ दी और सीएसई की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया। इसके लिए जागृति ने दिल्ली के एक कोचिंग संस्थान में एडमिशन लिया और तैयारी शुरू की। लेकिन तभी कोरोना महामारी ने दस्तक दे दी और देशभर में लॉकडाउन लग गया। इसके चलत उन्हें भोपाल लौटना पड़ा।

जागृति ने कहा कि, “कोराना और लॉकडाउन में तैयारी करने में मुझे काफी दिक्कतें हो रही थी, लेकिन मैंने इस महामारी के आगे घुटने नहीं टेके। मैंने ऑनलाइन क्लासेस ज्वॉइन कर लीं और आखिरकार मुझे दूसरे प्रयास में सफलता मिली।”

सिविल सेवा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए जागृति ने कहा कि, “खुद पर भरोसा रखकर, कड़ी मेहनत करते रहना चाहिए, इससे सफलता हासिल करने में मदद मिलेगी।” बता दें कि जागृति के पिता एससी अवस्थी एक होमियोपैथ हैं तो वहीं उनके भाई सुयश अवस्थी अभी एमबीबीएस सेकंड ईयर के छात्र हैं।

अपने माता-पिता को अपनी सफलता का श्रेय देते हुए उन्होंने कहा कि, मेरी तैयारी के चलते पिछले 4 सालों से मेरे माता-पिता ने टीवी नहीं देखा। बता दें कि स्कूल में टीचर रहीं जागृति की मां ने अपनी बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए अपनी नौकरी तक छोड़ दी थी।

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‘जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास महत्वपूर्ण है।’ ये कहना है 24 वर्षीय जागृति अवस्थी का, जिन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2020 में महिला वर्ग में टॉप और ओवरऑल दूसरी रैंक हासिल की है। बता दें कि जागृति ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए काम करने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने बताया कि उनका बचपन से IAS बनने का सपना था, जो अब सच हो गया है।

जागृति अवस्थी मध्य प्रदेश के भोपाल की रहने वाली हैं। उन्होंने मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) से बीटेक किया और ग्रेजुएशन के बाद गेट (GATE) की परीक्षा पास की। इसके बाद जागृति ने भेल में टेक्निकल ऑफिसर के तौर पर नौकरी ज्वॉइन कर ली थी। हालांकि आईएएस बनने का सपना उन्होंने तब भी नहीं छोड़ा और 2019 में इसकी तैयारी में लग गईं।

जागृति ने कहा कि, “पहले प्रयास में मेरा सिविल सेवाओं के लिए चयन नहीं हुआ तो मैंने अपनी (भेल में) नौकरी छोड़ दी और सीएसई की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया। इसके लिए जागृति ने दिल्ली के एक कोचिंग संस्थान में एडमिशन लिया और तैयारी शुरू की। लेकिन तभी कोरोना महामारी ने दस्तक दे दी और देशभर में लॉकडाउन लग गया। इसके चलत उन्हें भोपाल लौटना पड़ा।

जागृति ने कहा कि, “कोराना और लॉकडाउन में तैयारी करने में मुझे काफी दिक्कतें हो रही थी, लेकिन मैंने इस महामारी के आगे घुटने नहीं टेके। मैंने ऑनलाइन क्लासेस ज्वॉइन कर लीं और आखिरकार मुझे दूसरे प्रयास में सफलता मिली।”

सिविल सेवा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए जागृति ने कहा कि, “खुद पर भरोसा रखकर, कड़ी मेहनत करते रहना चाहिए, इससे सफलता हासिल करने में मदद मिलेगी।” बता दें कि जागृति के पिता एससी अवस्थी एक होमियोपैथ हैं तो वहीं उनके भाई सुयश अवस्थी अभी एमबीबीएस सेकंड ईयर के छात्र हैं।

अपने माता-पिता को अपनी सफलता का श्रेय देते हुए उन्होंने कहा कि, मेरी तैयारी के चलते पिछले 4 सालों से मेरे माता-पिता ने टीवी नहीं देखा। बता दें कि स्कूल में टीचर रहीं जागृति की मां ने अपनी बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए अपनी नौकरी तक छोड़ दी थी।

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