PCS Success Story: अनुपम मिश्रा प्रयागराज के रहने वाले हैं। उनके पिता प्रमोद कुमार मिश्रा भारतीय जीवन बीमा निगम, बादशाहपुर में एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर हैं और उनकी माता शशि देवी एक ग्रहणी हैं। अनुपम ने प्रयागराज के ही जीआईसी (राजकीय इंटर कॉलेज) से साल 2004 में कक्षा 10वीं और साल 2006 में 85% अंकों के साथ कक्षा 12वीं पास की है। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने एमएनएनआईटी, प्रयागराज से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री प्राप्त की है।
ग्रेजुएशन करने के बाद ही अनुपम ने अमेरिकन कंपनी क्रोनोज में बतौर सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर पद पर ज्वाइन कर लिया था। यहां उन्होंने करीब 4 साल तक काम किया। बता दें कि यहां उन्हें 15 लाख सालाना का पैकेज मिला करता था और 30 लाख के पैकेज का भी ऑफर मिल चुका था लेकिन अनुपम ने साल 2016 में इस कंपनी से इस्तीफा देकर सिविल सेवा परीक्षा देने का मन बना लिया था।
अनुपम सिविल सेवा परीक्षा के अपने पहले प्रयास में प्रीलिम्स पास कर मेन्स तक पहुंचे लेकिन केवल एक नंबर से मात खा गए। इसके बाद साल 2017 में उन्होंने यूपीपीसीएस परीक्षा दी थी। दिन रात के कठिन परिश्रम और दृढ़ निश्चय के चलते अनुपम ने न केवल यह परीक्षा पास की थी बल्कि दूसरा स्थान भी प्राप्त किया था। बता दें कि अनुपम के दादा का भी यही सपना था कि उनका पोता बड़ा होकर एक दिन डिप्टी कलेक्टर बने। अनुपम ने अपने लगन से दादा का सपना तो पूरा किया ही और साथ ही साथ परिवार वालों और अपने शहर का भी नाम रोशन कर दिखाया।
UPSC: लगातार चार बार परीक्षा में असफल होने वाली ममता ने नहीं मानी हार, पांचवें प्रयास में किया टॉप
अनुपम भी अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार वालों को ही देते हैं। अनुपम बताते हैं कि जब वह इतनी अच्छी नौकरी छोड़ कर भारत लौट आए थे तो उनके ऊपर भी कुछ बेहतर करने का दबाव था। अपने इस दृढ़ निश्चय के चलते अनुपम ने एक साल की तैयारी में ही इतना बड़ा मुकाम हासिल किया था।
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PCS Success Story: अनुपम मिश्रा प्रयागराज के रहने वाले हैं। उनके पिता प्रमोद कुमार मिश्रा भारतीय जीवन बीमा निगम, बादशाहपुर में एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर हैं और उनकी माता शशि देवी एक ग्रहणी हैं। अनुपम ने प्रयागराज के ही जीआईसी (राजकीय इंटर कॉलेज) से साल 2004 में कक्षा 10वीं और साल 2006 में 85% अंकों के साथ कक्षा 12वीं पास की है। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने एमएनएनआईटी, प्रयागराज से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री प्राप्त की है।
ग्रेजुएशन करने के बाद ही अनुपम ने अमेरिकन कंपनी क्रोनोज में बतौर सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर पद पर ज्वाइन कर लिया था। यहां उन्होंने करीब 4 साल तक काम किया। बता दें कि यहां उन्हें 15 लाख सालाना का पैकेज मिला करता था और 30 लाख के पैकेज का भी ऑफर मिल चुका था लेकिन अनुपम ने साल 2016 में इस कंपनी से इस्तीफा देकर सिविल सेवा परीक्षा देने का मन बना लिया था।
अनुपम सिविल सेवा परीक्षा के अपने पहले प्रयास में प्रीलिम्स पास कर मेन्स तक पहुंचे लेकिन केवल एक नंबर से मात खा गए। इसके बाद साल 2017 में उन्होंने यूपीपीसीएस परीक्षा दी थी। दिन रात के कठिन परिश्रम और दृढ़ निश्चय के चलते अनुपम ने न केवल यह परीक्षा पास की थी बल्कि दूसरा स्थान भी प्राप्त किया था। बता दें कि अनुपम के दादा का भी यही सपना था कि उनका पोता बड़ा होकर एक दिन डिप्टी कलेक्टर बने। अनुपम ने अपने लगन से दादा का सपना तो पूरा किया ही और साथ ही साथ परिवार वालों और अपने शहर का भी नाम रोशन कर दिखाया।
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अनुपम भी अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार वालों को ही देते हैं। अनुपम बताते हैं कि जब वह इतनी अच्छी नौकरी छोड़ कर भारत लौट आए थे तो उनके ऊपर भी कुछ बेहतर करने का दबाव था। अपने इस दृढ़ निश्चय के चलते अनुपम ने एक साल की तैयारी में ही इतना बड़ा मुकाम हासिल किया था।
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