UPSC: राजस्थान के रहने वाले गौरव बुदानिया ने साल 2020 में सिविल सेवा परीक्षा में 13वीं रैंक प्राप्त की है। गौरव के पिता एक शिक्षक हैं और उनकी माता एक गृहिणी हैं। गौरव की पढ़ाई लिखाई की बात करें तो आदर्श विद्या मंदिर से स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने आईआईटी (बीएचयू) से बीटेक की डिग्री हासिल की है। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने सोशियोलॉजी में एमए किया है। फिर गौरव ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। गौरव के अनुसार उन्हें एक अच्छी कंपनी से नौकरी का ऑफर भी आया था। घर की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनके लिए यह फैसला करना काफी मुश्किल था लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा को वरीयता दी।
यूपीएससी परीक्षा के साथ ही गौरव राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा की तैयारी में लगे हुए थे। उन्होंने राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा 2018 में भी 12वीं रैंक प्राप्त की थी। गौरव ने जुलाई तक इसकी ट्रेनिंग समाप्त कर ली थी और जल्द ही बतौर एसडीएम उनकी पोस्टिंग भी होने वाली थी लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। ज्वाइनिंग से पहले ही सिविल सेवा परीक्षा 2020 का रिजल्ट जारी हुआ और गौरव ने दोबारा अपनी सफलता का परचम लहराया दिया था। वह इस कामयाबी का सारा श्रेय अपने परिवार वालों को देते हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया और प्रोत्साहित करते रहे।
UPSC: पहले प्रयास में यूपीएससी एग्जाम में पाई 50वीं रैंक, ये सब्जेक्ट चुनने की दी सलाह
सिविल सेवा परीक्षा को लेकर गौरव की स्ट्रेटजी की बात करें तो उन्होंने सबसे पहले इस परीक्षा के सिलेबस को अच्छी तरह देखा और समझा। इसके बाद ही उन्होंने आगे के लिए रणनीति तैयार की थी। इसकी शुरुआत उन्होंने कुछ चुनिंदा किताबों से की थी। उनका मानना है कि नियमित रूप से पढ़ाई के साथ ही नोट्स भी तैयार करते रहना चाहिए। ऐसा करने से आखिरी समय में रिवीजन करने में काफी आसानी होती है।
गौरव के अनुसार देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता पाने के लिए कठिन परिश्रम और दृढ़ निश्चय के साथ ही सही रणनीत और सकारात्मक सोच रखना भी उतना ही आवश्यक है। इन्हीं कुछ बातों का ध्यान रखते हुए ही गौरव ने भी सिविल सेवा परीक्षा में टॉप किया और अपने परिवार वालों का नाम रोशन किया है।
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UPSC: राजस्थान के रहने वाले गौरव बुदानिया ने साल 2020 में सिविल सेवा परीक्षा में 13वीं रैंक प्राप्त की है। गौरव के पिता एक शिक्षक हैं और उनकी माता एक गृहिणी हैं। गौरव की पढ़ाई लिखाई की बात करें तो आदर्श विद्या मंदिर से स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने आईआईटी (बीएचयू) से बीटेक की डिग्री हासिल की है। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने सोशियोलॉजी में एमए किया है। फिर गौरव ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। गौरव के अनुसार उन्हें एक अच्छी कंपनी से नौकरी का ऑफर भी आया था। घर की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनके लिए यह फैसला करना काफी मुश्किल था लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा को वरीयता दी।
यूपीएससी परीक्षा के साथ ही गौरव राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा की तैयारी में लगे हुए थे। उन्होंने राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा 2018 में भी 12वीं रैंक प्राप्त की थी। गौरव ने जुलाई तक इसकी ट्रेनिंग समाप्त कर ली थी और जल्द ही बतौर एसडीएम उनकी पोस्टिंग भी होने वाली थी लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। ज्वाइनिंग से पहले ही सिविल सेवा परीक्षा 2020 का रिजल्ट जारी हुआ और गौरव ने दोबारा अपनी सफलता का परचम लहराया दिया था। वह इस कामयाबी का सारा श्रेय अपने परिवार वालों को देते हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया और प्रोत्साहित करते रहे।
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सिविल सेवा परीक्षा को लेकर गौरव की स्ट्रेटजी की बात करें तो उन्होंने सबसे पहले इस परीक्षा के सिलेबस को अच्छी तरह देखा और समझा। इसके बाद ही उन्होंने आगे के लिए रणनीति तैयार की थी। इसकी शुरुआत उन्होंने कुछ चुनिंदा किताबों से की थी। उनका मानना है कि नियमित रूप से पढ़ाई के साथ ही नोट्स भी तैयार करते रहना चाहिए। ऐसा करने से आखिरी समय में रिवीजन करने में काफी आसानी होती है।
गौरव के अनुसार देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता पाने के लिए कठिन परिश्रम और दृढ़ निश्चय के साथ ही सही रणनीत और सकारात्मक सोच रखना भी उतना ही आवश्यक है। इन्हीं कुछ बातों का ध्यान रखते हुए ही गौरव ने भी सिविल सेवा परीक्षा में टॉप किया और अपने परिवार वालों का नाम रोशन किया है।
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