Monday, May 30, 2022

समाज में बदलाव वाली खबरें पाठकों की पसंद, डॉ. कलाम भी कहते थे यही- पूर्वांचल विवि के वेबिनार में बोले प्रो. प्रमोद कुमार

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस-अनुवाद, भारतीय भाषा,संस्कृति एवं कला प्रकोष्ठ की ओर से हिंदी पत्रकारिता दिवस पर सोमवार (30 मई) को “हिंदी पत्रकारिता की नवीन प्रवृत्तियां” विषयक ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पाठ्यक्रम निदेशक एवं छात्र कल्याण अधिष्ठाता, भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी),नई दिल्ली के प्रो. प्रमोद कुमार ने कहा कि सकारात्मक और समाज में बदलाव से जुड़ी खबरें पाठकों द्वारा खूब पसंद की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि डिजिटल हो चुकी हिंदी पत्रकारिता ने सकारात्मक खबरों के माध्यम से पाठकों एवं दर्शकों का एक बड़ा वर्ग तैयार किया है। उन्होंने मीडिया में सकारात्मक खबरों की वकालत की। कहा कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने भी देश और समाज में बदलाव लाने वाली खबरों को प्रमुखता देने की बात कही थी।

अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि पत्रकारिता समाज हित के लिए होनी चाहिए। इसका सामाजिक सरोकार जरूरी है, तभी इसका लाभ देश को मिल सकेगा। पौराणिक और कलयुगी पत्रकारिता का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता से पहले की पत्रकारिता का रूप साहित्यिक था, बाद में यह विधा नई परिधि के रूप में बदली और बहुआयामी हो गई। समय के साथ- साथ इसके प्रतिमान भी बदले। पत्रकारिता में सनसनी फैलाने का ट्रेंड चल रहा है इस पर विचार करने की जरूरत है। तकनीक के साथ-साथ समाचार पत्रों की डिजाइन और रूप सज्जा भी बदली है जो पाठकों को आकर्षित कर रही है।

वरिष्ठ पत्रकार हेमंत तिवारी ने कहा कि एक तरफ हिंदी पत्रकारिता का विस्तार हुआ है तो दूसरी तरफ उसकी भाषा में संक्रमण हुआ है। उन्होंने कहा कि आज भी अधिकतर चैनल हिंदी के ही हैं इनकी अपनी अलग-अलग भाषा हो गई है। सोशल मीडिया की भाषा पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इसका कोई नियमन नहीं।

वेबिनार में राजभवन, उत्तराखंड के उप निदेशक (सूचना) डॉ. नितिन उपाध्याय ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता को जनभाषा से अलग नहीं किया जा सकता है। अखबारों का क्षेत्रीयकरण पाठक को कई बड़ी खबरों से दूर ले जा रहा है। इसका कारण अधिक से अधिक संस्करण निकलना है। वेबिनार के संयोजक और जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने अतिथियों का स्वागत और विषय प्रवर्तन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया।



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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस-अनुवाद, भारतीय भाषा,संस्कृति एवं कला प्रकोष्ठ की ओर से हिंदी पत्रकारिता दिवस पर सोमवार (30 मई) को “हिंदी पत्रकारिता की नवीन प्रवृत्तियां” विषयक ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पाठ्यक्रम निदेशक एवं छात्र कल्याण अधिष्ठाता, भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी),नई दिल्ली के प्रो. प्रमोद कुमार ने कहा कि सकारात्मक और समाज में बदलाव से जुड़ी खबरें पाठकों द्वारा खूब पसंद की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि डिजिटल हो चुकी हिंदी पत्रकारिता ने सकारात्मक खबरों के माध्यम से पाठकों एवं दर्शकों का एक बड़ा वर्ग तैयार किया है। उन्होंने मीडिया में सकारात्मक खबरों की वकालत की। कहा कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने भी देश और समाज में बदलाव लाने वाली खबरों को प्रमुखता देने की बात कही थी।

अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि पत्रकारिता समाज हित के लिए होनी चाहिए। इसका सामाजिक सरोकार जरूरी है, तभी इसका लाभ देश को मिल सकेगा। पौराणिक और कलयुगी पत्रकारिता का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता से पहले की पत्रकारिता का रूप साहित्यिक था, बाद में यह विधा नई परिधि के रूप में बदली और बहुआयामी हो गई। समय के साथ- साथ इसके प्रतिमान भी बदले। पत्रकारिता में सनसनी फैलाने का ट्रेंड चल रहा है इस पर विचार करने की जरूरत है। तकनीक के साथ-साथ समाचार पत्रों की डिजाइन और रूप सज्जा भी बदली है जो पाठकों को आकर्षित कर रही है।

वरिष्ठ पत्रकार हेमंत तिवारी ने कहा कि एक तरफ हिंदी पत्रकारिता का विस्तार हुआ है तो दूसरी तरफ उसकी भाषा में संक्रमण हुआ है। उन्होंने कहा कि आज भी अधिकतर चैनल हिंदी के ही हैं इनकी अपनी अलग-अलग भाषा हो गई है। सोशल मीडिया की भाषा पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इसका कोई नियमन नहीं।

वेबिनार में राजभवन, उत्तराखंड के उप निदेशक (सूचना) डॉ. नितिन उपाध्याय ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता को जनभाषा से अलग नहीं किया जा सकता है। अखबारों का क्षेत्रीयकरण पाठक को कई बड़ी खबरों से दूर ले जा रहा है। इसका कारण अधिक से अधिक संस्करण निकलना है। वेबिनार के संयोजक और जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने अतिथियों का स्वागत और विषय प्रवर्तन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया।

समाज में बदलाव वाली खबरें पाठकों की पसंद, डॉ. कलाम भी कहते थे यही- पूर्वांचल विवि के वेबिनार में बोले प्रो. प्रमोद कुमार

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस-अनुवाद, भारतीय भाषा,संस्कृति एवं कला प्रकोष्ठ की ओर से हिंदी पत्रकारिता दिवस पर सोमवार (30 मई) को “हिंदी पत्रकारिता की नवीन प्रवृत्तियां” विषयक ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पाठ्यक्रम निदेशक एवं छात्र कल्याण अधिष्ठाता, भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी),नई दिल्ली के प्रो. प्रमोद कुमार ने कहा कि सकारात्मक और समाज में बदलाव से जुड़ी खबरें पाठकों द्वारा खूब पसंद की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि डिजिटल हो चुकी हिंदी पत्रकारिता ने सकारात्मक खबरों के माध्यम से पाठकों एवं दर्शकों का एक बड़ा वर्ग तैयार किया है। उन्होंने मीडिया में सकारात्मक खबरों की वकालत की। कहा कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने भी देश और समाज में बदलाव लाने वाली खबरों को प्रमुखता देने की बात कही थी।

अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि पत्रकारिता समाज हित के लिए होनी चाहिए। इसका सामाजिक सरोकार जरूरी है, तभी इसका लाभ देश को मिल सकेगा। पौराणिक और कलयुगी पत्रकारिता का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता से पहले की पत्रकारिता का रूप साहित्यिक था, बाद में यह विधा नई परिधि के रूप में बदली और बहुआयामी हो गई। समय के साथ- साथ इसके प्रतिमान भी बदले। पत्रकारिता में सनसनी फैलाने का ट्रेंड चल रहा है इस पर विचार करने की जरूरत है। तकनीक के साथ-साथ समाचार पत्रों की डिजाइन और रूप सज्जा भी बदली है जो पाठकों को आकर्षित कर रही है।

वरिष्ठ पत्रकार हेमंत तिवारी ने कहा कि एक तरफ हिंदी पत्रकारिता का विस्तार हुआ है तो दूसरी तरफ उसकी भाषा में संक्रमण हुआ है। उन्होंने कहा कि आज भी अधिकतर चैनल हिंदी के ही हैं इनकी अपनी अलग-अलग भाषा हो गई है। सोशल मीडिया की भाषा पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इसका कोई नियमन नहीं।

वेबिनार में राजभवन, उत्तराखंड के उप निदेशक (सूचना) डॉ. नितिन उपाध्याय ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता को जनभाषा से अलग नहीं किया जा सकता है। अखबारों का क्षेत्रीयकरण पाठक को कई बड़ी खबरों से दूर ले जा रहा है। इसका कारण अधिक से अधिक संस्करण निकलना है। वेबिनार के संयोजक और जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने अतिथियों का स्वागत और विषय प्रवर्तन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया।



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उन्होंने कहा कि डिजिटल हो चुकी हिंदी पत्रकारिता ने सकारात्मक खबरों के माध्यम से पाठकों एवं दर्शकों का एक बड़ा वर्ग तैयार किया है। उन्होंने मीडिया में सकारात्मक खबरों की वकालत की। कहा कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने भी देश और समाज में बदलाव लाने वाली खबरों को प्रमुखता देने की बात कही थी।

अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि पत्रकारिता समाज हित के लिए होनी चाहिए। इसका सामाजिक सरोकार जरूरी है, तभी इसका लाभ देश को मिल सकेगा। पौराणिक और कलयुगी पत्रकारिता का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता से पहले की पत्रकारिता का रूप साहित्यिक था, बाद में यह विधा नई परिधि के रूप में बदली और बहुआयामी हो गई। समय के साथ- साथ इसके प्रतिमान भी बदले। पत्रकारिता में सनसनी फैलाने का ट्रेंड चल रहा है इस पर विचार करने की जरूरत है। तकनीक के साथ-साथ समाचार पत्रों की डिजाइन और रूप सज्जा भी बदली है जो पाठकों को आकर्षित कर रही है।

वरिष्ठ पत्रकार हेमंत तिवारी ने कहा कि एक तरफ हिंदी पत्रकारिता का विस्तार हुआ है तो दूसरी तरफ उसकी भाषा में संक्रमण हुआ है। उन्होंने कहा कि आज भी अधिकतर चैनल हिंदी के ही हैं इनकी अपनी अलग-अलग भाषा हो गई है। सोशल मीडिया की भाषा पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इसका कोई नियमन नहीं।

वेबिनार में राजभवन, उत्तराखंड के उप निदेशक (सूचना) डॉ. नितिन उपाध्याय ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता को जनभाषा से अलग नहीं किया जा सकता है। अखबारों का क्षेत्रीयकरण पाठक को कई बड़ी खबरों से दूर ले जा रहा है। इसका कारण अधिक से अधिक संस्करण निकलना है। वेबिनार के संयोजक और जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने अतिथियों का स्वागत और विषय प्रवर्तन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया।

Rajasthan Board Result 2022: इस सप्ताह घोषित हो सकता है 10वीं और 12वीं का रिजल्ट, यह है लेटेस्ट अपडेट्स

RBSE 10th,12th Result 2022: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) इस सप्ताह 10वीं और 12वीं का रिजल्ट घोषित कर सकता है। यानी की इस सप्ताह 20 लाख छात्रों का इंतजार खत्म हो सकता है। परिणाम आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर घोषित किया जाएगा। जारी होने के बाद 10वीं और 12वीं के छात्र आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपने नतीजे चेक कर सकते हैं।

वहीं विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रिजल्ट 31 मई को घोषित किया जा सकता है। हालांकि अभी राजस्थान बोर्ड की ओर से रिजल्ट की डेट नहीं घोषित की गई है, लेकिन इस सप्ताह रिजल्ट घोषित होने की पूरी संभावना है।

बता दें कि राजस्थान बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा का आयोजन 24 मार्च 2022 से 26 अप्रैल 2022 तक किया गया था। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 20 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। वहीं राजस्थान जल्द ही 5वीं और 8वीं का भी रिजल्ट घोषित कर सकता है।

RBSE Board Result 2022: पिछली बार जुलाई में घोषित हुए थे बोर्ड परीक्षा के नतीजे
पिछली बार राजस्थान बोर्ड 12वीं आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के नतीजे 24 जुलाई को घोषित किए गए थे, जबकि साल 2020 में तीनों स्ट्रीम का रिजल्ट अलग- अगल जारी किया गया था। वहीं 10वीं का रिजल्ट 31 जुलाई को जारी किया गया था।

Rajasthan Board Result 2022 How to Check: ऐसे चेक कर सकेंगे रिजल्ट
-सबसे पहले छात्र आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं।
-होम पेज पर दिए गए RBSE Board 10th Result 2022/ RBSE Board 12th Result 2022 के लिंक पर क्लिक करें।
-यहां रोल नंबर आदि दर्ज कर सबमिट करें।
-रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा।
-अब चेक करें और डाउनलोड करें।



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RBSE 10th,12th Result 2022: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) इस सप्ताह 10वीं और 12वीं का रिजल्ट घोषित कर सकता है। यानी की इस सप्ताह 20 लाख छात्रों का इंतजार खत्म हो सकता है। परिणाम आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर घोषित किया जाएगा। जारी होने के बाद 10वीं और 12वीं के छात्र आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपने नतीजे चेक कर सकते हैं।

वहीं विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रिजल्ट 31 मई को घोषित किया जा सकता है। हालांकि अभी राजस्थान बोर्ड की ओर से रिजल्ट की डेट नहीं घोषित की गई है, लेकिन इस सप्ताह रिजल्ट घोषित होने की पूरी संभावना है।

बता दें कि राजस्थान बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा का आयोजन 24 मार्च 2022 से 26 अप्रैल 2022 तक किया गया था। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 20 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। वहीं राजस्थान जल्द ही 5वीं और 8वीं का भी रिजल्ट घोषित कर सकता है।

RBSE Board Result 2022: पिछली बार जुलाई में घोषित हुए थे बोर्ड परीक्षा के नतीजे
पिछली बार राजस्थान बोर्ड 12वीं आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के नतीजे 24 जुलाई को घोषित किए गए थे, जबकि साल 2020 में तीनों स्ट्रीम का रिजल्ट अलग- अगल जारी किया गया था। वहीं 10वीं का रिजल्ट 31 जुलाई को जारी किया गया था।

Rajasthan Board Result 2022 How to Check: ऐसे चेक कर सकेंगे रिजल्ट
-सबसे पहले छात्र आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं।
-होम पेज पर दिए गए RBSE Board 10th Result 2022/ RBSE Board 12th Result 2022 के लिंक पर क्लिक करें।
-यहां रोल नंबर आदि दर्ज कर सबमिट करें।
-रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा।
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Sunday, May 29, 2022

UGC NET 2022 Registration: यूजीसी नेट 2022 रजिस्ट्रेशन की लास्ट डेट आज, जल्द करें अप्लाई

UGC NET 2022 Registration: यूजीसी नेट 2022 के लिए रजिस्ट्रेशन करने की आज यानी 30 मई 2022 लास्ट डेट है। जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक पंजीकरण नहीं किया है। वह आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in के जरिए आज शाम 5 बजे से पहले तक रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर पूर्व में जारी नोटिफिकेशन को चेक कर सकते हैं।

वहीं आवेदन शुल्क आज रात 12 बजे से पहले तक जमा किया जा सकता है। पहले रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 24 मई 2022 थी ,जिसे 30 मई 2022 तक के लिए बढ़ाया गया था। इस संबंध में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने नोटिस भी जारी किया था।

अभ्यर्थी अपने आवेदन में 31 मई से 1 जून तक करेक्शन कर सकते हैं। दिसंबर 2021 और जून 2022 की परीक्षा संभावित रूप से जुलाई 2022 में आयोजित की जा सकती है। परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से किसा जाएग। एनटीए ने अभी परीक्षा तिथि की घोषणा नहीं की है।

UGC NET 2022 Registration: ऐसे करें पंजीकरण
1.सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं।
2.होम पेज पर दिए गए Registration for UGC NET December 2021 & June 2022 (merged cycles) के लिंक पर क्लिक करें।
3.यहां UGC NET December 2021 & June 2022 (merged cycles) के लिंक पर क्लिक करें।
4.अब मेल आईडी आदि दर्ज कर रजिस्ट्रेशन करें।
5.आवश्यक दस्तावेज को अपलोड करें।
6.आवेदन शुल्क का भुगतान करें और सबमिट करें।



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UGC NET 2022 Registration: यूजीसी नेट 2022 के लिए रजिस्ट्रेशन करने की आज यानी 30 मई 2022 लास्ट डेट है। जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक पंजीकरण नहीं किया है। वह आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in के जरिए आज शाम 5 बजे से पहले तक रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर पूर्व में जारी नोटिफिकेशन को चेक कर सकते हैं।

वहीं आवेदन शुल्क आज रात 12 बजे से पहले तक जमा किया जा सकता है। पहले रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 24 मई 2022 थी ,जिसे 30 मई 2022 तक के लिए बढ़ाया गया था। इस संबंध में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने नोटिस भी जारी किया था।

अभ्यर्थी अपने आवेदन में 31 मई से 1 जून तक करेक्शन कर सकते हैं। दिसंबर 2021 और जून 2022 की परीक्षा संभावित रूप से जुलाई 2022 में आयोजित की जा सकती है। परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से किसा जाएग। एनटीए ने अभी परीक्षा तिथि की घोषणा नहीं की है।

UGC NET 2022 Registration: ऐसे करें पंजीकरण
1.सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं।
2.होम पेज पर दिए गए Registration for UGC NET December 2021 & June 2022 (merged cycles) के लिंक पर क्लिक करें।
3.यहां UGC NET December 2021 & June 2022 (merged cycles) के लिंक पर क्लिक करें।
4.अब मेल आईडी आदि दर्ज कर रजिस्ट्रेशन करें।
5.आवश्यक दस्तावेज को अपलोड करें।
6.आवेदन शुल्क का भुगतान करें और सबमिट करें।

GSHSEB Gujarat Board Result: जानें कब आएगा गुजरात बोर्ड का रिजल्ट, यहां देखें डिटेल

GSHSEB Gujarat Board Result 2022: गुजरात माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Gujarat Secondary and Higher Secondary Education Board) जल्द ही कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के परिणाम घोषित करेगी। गुजरात बोर्ड अपनी आधिकारिक वेबसाइट gseb.org और gsebeservice.com पर कला, वाणिज्य परिणाम जारी करेगा।

अधिकारियों के अनुसार, जीएसईबी एसएससी परिणाम10 जून के बाद घोषित किया जाएगा। बता दें कि गुजरात शिक्षा बोर्ड ने 12 मई को गुजरात एचएससी विज्ञान परीक्षा का परिणाम जारी किया था। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे जीएसईबी परिणाम 2022 से संबंधित ताजा अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।

जीएसईबी नियमों के अनुसार, उम्मीदवारों को पास होने के लिए सभी विषयों में कम से कम D ग्रेड लाना होगा, जबकि ग्रेड E1 या ग्रेड E2 स्कोर करने वाले छात्रों को कंपार्टमेंट परीक्षाओं के माध्यम से अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा।

बता दें कि गुजरात बोर्ड कक्षा 10वीं एसएससी और कक्षा 12वीं एचएससी बोर्ड परीक्षा 28 मार्च, 2022 से आयोजित की गई थी। 28 मार्च से 9 अप्रैल, 2022 तक आयोजिक हुई परीक्षा में 7 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे। पिछले साल, कोविड महामारी के कारण जीएसईबी ने कक्षा 10वीं, 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द कर दी थी और सभी छात्रों को पास घोषित कर किया गया था।

कैसे करें डाउनलोड?
जीएसईबी की आधिकारिक वेबसाइट gseb.org पर जाएं।
होम पेज पर गुजरात बोर्ड एसएससी, एचएससी रिजल्ट 2022 लिंक पर क्लिक करें।
लॉगिन विवरण दर्ज करें और सबमिट पर क्लिक करें।
आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा।
जीएसईबी परिणाम की जांच करें और स्कोरकार्ड डाउनलोड करें।



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GSHSEB Gujarat Board Result 2022: गुजरात माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Gujarat Secondary and Higher Secondary Education Board) जल्द ही कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के परिणाम घोषित करेगी। गुजरात बोर्ड अपनी आधिकारिक वेबसाइट gseb.org और gsebeservice.com पर कला, वाणिज्य परिणाम जारी करेगा।

अधिकारियों के अनुसार, जीएसईबी एसएससी परिणाम10 जून के बाद घोषित किया जाएगा। बता दें कि गुजरात शिक्षा बोर्ड ने 12 मई को गुजरात एचएससी विज्ञान परीक्षा का परिणाम जारी किया था। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे जीएसईबी परिणाम 2022 से संबंधित ताजा अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।

जीएसईबी नियमों के अनुसार, उम्मीदवारों को पास होने के लिए सभी विषयों में कम से कम D ग्रेड लाना होगा, जबकि ग्रेड E1 या ग्रेड E2 स्कोर करने वाले छात्रों को कंपार्टमेंट परीक्षाओं के माध्यम से अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा।

बता दें कि गुजरात बोर्ड कक्षा 10वीं एसएससी और कक्षा 12वीं एचएससी बोर्ड परीक्षा 28 मार्च, 2022 से आयोजित की गई थी। 28 मार्च से 9 अप्रैल, 2022 तक आयोजिक हुई परीक्षा में 7 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे। पिछले साल, कोविड महामारी के कारण जीएसईबी ने कक्षा 10वीं, 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द कर दी थी और सभी छात्रों को पास घोषित कर किया गया था।

कैसे करें डाउनलोड?
जीएसईबी की आधिकारिक वेबसाइट gseb.org पर जाएं।
होम पेज पर गुजरात बोर्ड एसएससी, एचएससी रिजल्ट 2022 लिंक पर क्लिक करें।
लॉगिन विवरण दर्ज करें और सबमिट पर क्लिक करें।
आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा।
जीएसईबी परिणाम की जांच करें और स्कोरकार्ड डाउनलोड करें।

CUET-UG Registration 2022: कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट के लिए रजिस्ट्रेशन फिर शुरू, जानें कब होगी परीक्षा

CUET-UG Registration 2022: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ( National Testing Agency) ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (Common University Entrance Test) 2022 के लिए रजिस्ट्रेशन विंडो को फिर से खोल दिया है। इच्छुक उम्मीदवार अब आधिकारिक वेबसाइट cuet.samarth.ac.in पर 31 मई, रात 9 बजे तक आवेदन कर सकते हैं।

बता दें किनेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने अभी तक परीक्षा को लेकर कोई निर्धारित तिथि घोषित नहीं की है। हलाकिं यह घोषणा पहले कर दी गई है कि परीक्षा जुलाई 2022 में आयोजित की जाएगी।

सीयूईटी यूजी 2022 नोटिस के अनुसार, विभिन्न स्नातक कार्यक्रमों के लिए देश भर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों (सीयू) में प्रवेश पाने के इच्छुक छात्रों को सिंगल विंडो प्रदान की जाएगी। इस प्रवेश परीक्षा के प्रश्न विशुद्ध रूप से कक्षा 12वीं में छात्रों को पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम पर आधारित होंगे।

आवेदन कैसे करें
चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट – cuet.samarth.ac.in पर जाएं।
चरण 2: ‘रजिस्टर’ टैब पर क्लिक करें।
चरण 3: ईमेल आईडी, सक्रिय मोबाइल नंबर और आवश्यक विवरण भरें।
चरण 4: एनटीए द्वारा निर्धारित आवश्यक दस्तावेज जमा करें।
चरण 5: आवेदन शुल्क का भुगतान करें।
चरण 6: आवेदन पत्र जमा करें।
चरण 7: भविष्य के संदर्भ के लिए आवेदन पत्र का प्रिंटआउट निकाल लें।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची
उम्मीदवारों को CUET 2022 आवेदन करने से पहले कई दस्तावेजों की जरुरत पड़ेगी। उम्मीदवारों को कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, स्कैन किया हुआ पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर की स्कैन की गई पोटो, आईडी प्रूफ (आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट आदि) और जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) अपने पास रखना होगा।



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CUET-UG Registration 2022: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ( National Testing Agency) ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (Common University Entrance Test) 2022 के लिए रजिस्ट्रेशन विंडो को फिर से खोल दिया है। इच्छुक उम्मीदवार अब आधिकारिक वेबसाइट cuet.samarth.ac.in पर 31 मई, रात 9 बजे तक आवेदन कर सकते हैं।

बता दें किनेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने अभी तक परीक्षा को लेकर कोई निर्धारित तिथि घोषित नहीं की है। हलाकिं यह घोषणा पहले कर दी गई है कि परीक्षा जुलाई 2022 में आयोजित की जाएगी।

सीयूईटी यूजी 2022 नोटिस के अनुसार, विभिन्न स्नातक कार्यक्रमों के लिए देश भर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों (सीयू) में प्रवेश पाने के इच्छुक छात्रों को सिंगल विंडो प्रदान की जाएगी। इस प्रवेश परीक्षा के प्रश्न विशुद्ध रूप से कक्षा 12वीं में छात्रों को पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम पर आधारित होंगे।

आवेदन कैसे करें
चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट – cuet.samarth.ac.in पर जाएं।
चरण 2: ‘रजिस्टर’ टैब पर क्लिक करें।
चरण 3: ईमेल आईडी, सक्रिय मोबाइल नंबर और आवश्यक विवरण भरें।
चरण 4: एनटीए द्वारा निर्धारित आवश्यक दस्तावेज जमा करें।
चरण 5: आवेदन शुल्क का भुगतान करें।
चरण 6: आवेदन पत्र जमा करें।
चरण 7: भविष्य के संदर्भ के लिए आवेदन पत्र का प्रिंटआउट निकाल लें।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची
उम्मीदवारों को CUET 2022 आवेदन करने से पहले कई दस्तावेजों की जरुरत पड़ेगी। उम्मीदवारों को कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, स्कैन किया हुआ पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर की स्कैन की गई पोटो, आईडी प्रूफ (आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट आदि) और जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) अपने पास रखना होगा।

UP Board 10th, 12th Result 2022: यूपी बोर्ड रिजल्ट से पहले छात्रों को आ रहे फर्जी कॉल, UPMSP ने जारी की चेतावनी

UP Board UPMSP 10th, 12th Result 2022 Update: यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के रिजल्ट जारी होने से पहले बोर्ड ने छात्रों के लिए चेतावनी जारी की है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपीएमएसपी) ने छात्रों और अभिभावकों को फर्जी फोन कॉल के बारे में चेतावनी दी है और उनके बहकावे में ना आने की सलाह दी है।

हाल ही में जारी एक अधिसूचना में यूपीएमएसपी ने कहा कि बोर्ड परीक्षा के परिणाम से पहले छात्रों और उनके माता-पिता को कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में पास कराने या अंक बढ़ाने में मदद करने के लिए लगातार कॉल मिल रही है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने छात्रों और उनके अभिभावकों को इन कॉलों से दूर रहने और ऐसी घटनाओं की सूचना जल्द से जल्द अधिकारियों को देने का अनुरोध किया है।

47 लाख से अधिक छत्रों ने दी परीक्षा
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यूपीएमएसपी जून के दूसरे सप्ताह तक उत्तर प्रदेश बोर्ड 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित करेगा। इस साल, यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं, 12वीं की परीक्षा के लिए कुल 51,92,689 छात्रों ने पंजीकरण कराया था और उनमें से 47,75,749 छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हुए थे।

कब आएगा रिजल्ट
बता दें कि UP Board 10th, 12th Result 2022 घोषित होने के बाद छात्र अपना परिणाम upresults.nic.in और upmsp.edu.in पर देख सकते हैं। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन समाप्त हो गया है और बोर्ड द्वारा जल्द ही परिणाम घोषित करने की तारीख और समय की घोषणा की जा सकती है।

मिलेंगे बोनस अंक
इस साल शैक्षणिक गतिविधियों पर कोविड-19 के प्रभाव को देखते हुए, यूपी बोर्ड 10वीं, 12वीं की परीक्षा 30% कम पाठ्यक्रम के आधार पर आयोजित की गई थी। हालांकि परीक्षा में कई सवाल इस कम किए गए पाठ्यक्रम से थे, जिसके लिए बोर्ड ने छात्रों को बोनस अंक देने का फैसला किया है। बता दें कि कक्षा 12वीं के लगभग बारह विषयों और कक्षा 10वीं के सात विषयों में छात्रों को अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे, क्योंकि प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर के थे या उनमें अन्य त्रुटियां थीं।



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UP Board UPMSP 10th, 12th Result 2022 Update: यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के रिजल्ट जारी होने से पहले बोर्ड ने छात्रों के लिए चेतावनी जारी की है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपीएमएसपी) ने छात्रों और अभिभावकों को फर्जी फोन कॉल के बारे में चेतावनी दी है और उनके बहकावे में ना आने की सलाह दी है।

हाल ही में जारी एक अधिसूचना में यूपीएमएसपी ने कहा कि बोर्ड परीक्षा के परिणाम से पहले छात्रों और उनके माता-पिता को कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में पास कराने या अंक बढ़ाने में मदद करने के लिए लगातार कॉल मिल रही है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने छात्रों और उनके अभिभावकों को इन कॉलों से दूर रहने और ऐसी घटनाओं की सूचना जल्द से जल्द अधिकारियों को देने का अनुरोध किया है।

47 लाख से अधिक छत्रों ने दी परीक्षा
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यूपीएमएसपी जून के दूसरे सप्ताह तक उत्तर प्रदेश बोर्ड 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित करेगा। इस साल, यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं, 12वीं की परीक्षा के लिए कुल 51,92,689 छात्रों ने पंजीकरण कराया था और उनमें से 47,75,749 छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हुए थे।

कब आएगा रिजल्ट
बता दें कि UP Board 10th, 12th Result 2022 घोषित होने के बाद छात्र अपना परिणाम upresults.nic.in और upmsp.edu.in पर देख सकते हैं। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन समाप्त हो गया है और बोर्ड द्वारा जल्द ही परिणाम घोषित करने की तारीख और समय की घोषणा की जा सकती है।

मिलेंगे बोनस अंक
इस साल शैक्षणिक गतिविधियों पर कोविड-19 के प्रभाव को देखते हुए, यूपी बोर्ड 10वीं, 12वीं की परीक्षा 30% कम पाठ्यक्रम के आधार पर आयोजित की गई थी। हालांकि परीक्षा में कई सवाल इस कम किए गए पाठ्यक्रम से थे, जिसके लिए बोर्ड ने छात्रों को बोनस अंक देने का फैसला किया है। बता दें कि कक्षा 12वीं के लगभग बारह विषयों और कक्षा 10वीं के सात विषयों में छात्रों को अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे, क्योंकि प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर के थे या उनमें अन्य त्रुटियां थीं।