Sunday, May 22, 2022

UGC NET Exam 2022: यूजीसी ने नेट परीक्षा के लिए बढ़ाई आवेदन की तारीख, अब 30 मई तक चलेगा रजिस्ट्रेशन

UGC NET Exam 2022: यूजीसी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। उम्मीदवार अब 30 मई, 2022 तक फॉर्म जमा कर सकते हैं। यूजीसी अध्यक्ष ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर इसकी घोषणा की है। उम्मीदवार अपना यूजीसी नेट की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाकर आपना आवेदन कर सकते हैं।

यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने ट्विटर पर लिखा कि यूजीसी नेट की दिसंबर 2021 और जून 2022 के संयुक्त सत्र की परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है। छात्र अब 30 मई तक आवेदन जमा कर सकेंगे। उम्होंने उम्मीदवारों को अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट चेक करने का सुझाव दिया है।

बता दें कि इससे पहले मर्ज किए गए चक्रों के लिए नेट परीक्षा जून 2022 के पहले / दूसरे सप्ताह में आयोजित की जानी थी। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब एनटीए ने यूजीसी-नेट के लिए आवेदन पत्र में सुधार करने के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। इन परिवर्तनों को करने की समय सीमा 23 मई, 2022 रात 9 बजे थी।

यूजीसी नेट साल में दो बार आयोजित किया जाता है। हालांकि, कोविड -19 के कारण दिसंबर 2021 चक्र के स्थगित होने के कारण इस बार यूजीसी नेट के जून 2022 के चक्र को स्थगित कर दिया गया था। इशके बाद एनटीए ने दिसंबर 2021 और जून 2022 के चक्रों को एक साथ जोड़ दिया है।

आवेदन कैसे करें
चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट ntanet.nic.in पर जाएं।
चरण 2: ‘यूजीसी नेट दिसंबर 2021/जून 2022 पंजीकरण’ लिंक पर क्लिक करें।
चरण 3: व्यक्तिगत विवरण भरें और अपना पंजीकरण करें।
चरण 4: पंजीकरण संख्या का उपयोग करके लॉग-इन करें।
चरण 5: फॉर्म भरें, फोटो अपलोड करें।
चरण 6: आवेदन शुल्क का भुगतान करें।



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UGC NET Exam 2022: यूजीसी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। उम्मीदवार अब 30 मई, 2022 तक फॉर्म जमा कर सकते हैं। यूजीसी अध्यक्ष ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर इसकी घोषणा की है। उम्मीदवार अपना यूजीसी नेट की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाकर आपना आवेदन कर सकते हैं।

यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने ट्विटर पर लिखा कि यूजीसी नेट की दिसंबर 2021 और जून 2022 के संयुक्त सत्र की परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है। छात्र अब 30 मई तक आवेदन जमा कर सकेंगे। उम्होंने उम्मीदवारों को अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट चेक करने का सुझाव दिया है।

बता दें कि इससे पहले मर्ज किए गए चक्रों के लिए नेट परीक्षा जून 2022 के पहले / दूसरे सप्ताह में आयोजित की जानी थी। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब एनटीए ने यूजीसी-नेट के लिए आवेदन पत्र में सुधार करने के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। इन परिवर्तनों को करने की समय सीमा 23 मई, 2022 रात 9 बजे थी।

यूजीसी नेट साल में दो बार आयोजित किया जाता है। हालांकि, कोविड -19 के कारण दिसंबर 2021 चक्र के स्थगित होने के कारण इस बार यूजीसी नेट के जून 2022 के चक्र को स्थगित कर दिया गया था। इशके बाद एनटीए ने दिसंबर 2021 और जून 2022 के चक्रों को एक साथ जोड़ दिया है।

आवेदन कैसे करें
चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट ntanet.nic.in पर जाएं।
चरण 2: ‘यूजीसी नेट दिसंबर 2021/जून 2022 पंजीकरण’ लिंक पर क्लिक करें।
चरण 3: व्यक्तिगत विवरण भरें और अपना पंजीकरण करें।
चरण 4: पंजीकरण संख्या का उपयोग करके लॉग-इन करें।
चरण 5: फॉर्म भरें, फोटो अपलोड करें।
चरण 6: आवेदन शुल्क का भुगतान करें।

UGC NET Exam 2022: यूजीसी ने नेट परीक्षा के लिए बढ़ाई आवेदन की तारीख, अब 30 मई तक चलेगा रजिस्ट्रेशन

UGC NET Exam 2022: यूजीसी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। उम्मीदवार अब 30 मई, 2022 तक फॉर्म जमा कर सकते हैं। यूजीसी अध्यक्ष ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर इसकी घोषणा की है। उम्मीदवार अपना यूजीसी नेट की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाकर आपना आवेदन कर सकते हैं।

यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने ट्विटर पर लिखा कि यूजीसी नेट की दिसंबर 2021 और जून 2022 के संयुक्त सत्र की परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है। छात्र अब 30 मई तक आवेदन जमा कर सकेंगे। उम्होंने उम्मीदवारों को अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट चेक करने का सुझाव दिया है।

बता दें कि इससे पहले मर्ज किए गए चक्रों के लिए नेट परीक्षा जून 2022 के पहले / दूसरे सप्ताह में आयोजित की जानी थी। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब एनटीए ने यूजीसी-नेट के लिए आवेदन पत्र में सुधार करने के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। इन परिवर्तनों को करने की समय सीमा 23 मई, 2022 रात 9 बजे थी।

यूजीसी नेट साल में दो बार आयोजित किया जाता है। हालांकि, कोविड -19 के कारण दिसंबर 2021 चक्र के स्थगित होने के कारण इस बार यूजीसी नेट के जून 2022 के चक्र को स्थगित कर दिया गया था। इशके बाद एनटीए ने दिसंबर 2021 और जून 2022 के चक्रों को एक साथ जोड़ दिया है।

आवेदन कैसे करें
चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट ntanet.nic.in पर जाएं।
चरण 2: ‘यूजीसी नेट दिसंबर 2021/जून 2022 पंजीकरण’ लिंक पर क्लिक करें।
चरण 3: व्यक्तिगत विवरण भरें और अपना पंजीकरण करें।
चरण 4: पंजीकरण संख्या का उपयोग करके लॉग-इन करें।
चरण 5: फॉर्म भरें, फोटो अपलोड करें।
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बता दें कि इससे पहले मर्ज किए गए चक्रों के लिए नेट परीक्षा जून 2022 के पहले / दूसरे सप्ताह में आयोजित की जानी थी। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब एनटीए ने यूजीसी-नेट के लिए आवेदन पत्र में सुधार करने के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। इन परिवर्तनों को करने की समय सीमा 23 मई, 2022 रात 9 बजे थी।

यूजीसी नेट साल में दो बार आयोजित किया जाता है। हालांकि, कोविड -19 के कारण दिसंबर 2021 चक्र के स्थगित होने के कारण इस बार यूजीसी नेट के जून 2022 के चक्र को स्थगित कर दिया गया था। इशके बाद एनटीए ने दिसंबर 2021 और जून 2022 के चक्रों को एक साथ जोड़ दिया है।

आवेदन कैसे करें
चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट ntanet.nic.in पर जाएं।
चरण 2: ‘यूजीसी नेट दिसंबर 2021/जून 2022 पंजीकरण’ लिंक पर क्लिक करें।
चरण 3: व्यक्तिगत विवरण भरें और अपना पंजीकरण करें।
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Saturday, May 21, 2022

Goa Board Class 12the result 2022 announced: जारी हुआ गोवा बोर्ड 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट, ऐसे करें चेक

Goa Board Class 12the Result 2022: गोवा बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन (GBSHSE) ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। आधिकारिक वेबसाइट gbshse.gov.in पर परिणाम शाम 5 बजे घोषित किया गए। छात्र 24 मई, सुबह 9 बजे से कंसोलिडेटेड रिजल्ट डाउनलोड कर सकेंगे।

हायर सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट (HSSC) कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा 5 अप्रैल से 23 अप्रैल तक राज्य के 18 परीक्षा केंद्रों और 72 उप-केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस साल एचएसएससी परीक्षा में कुल 18,201 उम्मीदवार शामिल हुए थे।

ऐसे चेक करें रिजल्ट
उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट gbshse.gov.in पर जाना होगा।
इसके बाद होमपेज पर रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें।
रोल नंबर और जन्म तिथि जैसे आवश्यक क्रेडेंशियल दर्ज करें।
रिजल्ट देखने के लिए सबमिट पर क्लिक करें।
मार्कशीट 24 मई के बाद ही डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगी।

इन वेबसाइट पर भी चेक कर सकते हैं रिजल्ट
gbshsegoa.net
results.gbshsegoa.net
http://www.gbshse.info

बता दें कि 2021 में कुल 18,195 उम्मीदवारों ने एचएसएससी परीक्षाओं के लिए पंजीकरण कराया था। इसमें कुल 99.40 प्रतिशत छात्र पास हुए थे, जिसमें विज्ञान के छात्रों ने सबसे अधिक 99.69 प्रतिशत, वाणिज्य में 99.66 और कला में 99.39 प्रतिशत छात्र पास हुए थे। व्यावसायिक विषयों का राउंड प्रतिशत 98.51 प्रतिशत था।



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Goa Board Class 12the Result 2022: गोवा बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन (GBSHSE) ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। आधिकारिक वेबसाइट gbshse.gov.in पर परिणाम शाम 5 बजे घोषित किया गए। छात्र 24 मई, सुबह 9 बजे से कंसोलिडेटेड रिजल्ट डाउनलोड कर सकेंगे।

हायर सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट (HSSC) कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा 5 अप्रैल से 23 अप्रैल तक राज्य के 18 परीक्षा केंद्रों और 72 उप-केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस साल एचएसएससी परीक्षा में कुल 18,201 उम्मीदवार शामिल हुए थे।

ऐसे चेक करें रिजल्ट
उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट gbshse.gov.in पर जाना होगा।
इसके बाद होमपेज पर रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें।
रोल नंबर और जन्म तिथि जैसे आवश्यक क्रेडेंशियल दर्ज करें।
रिजल्ट देखने के लिए सबमिट पर क्लिक करें।
मार्कशीट 24 मई के बाद ही डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगी।

इन वेबसाइट पर भी चेक कर सकते हैं रिजल्ट
gbshsegoa.net
results.gbshsegoa.net
http://www.gbshse.info

बता दें कि 2021 में कुल 18,195 उम्मीदवारों ने एचएसएससी परीक्षाओं के लिए पंजीकरण कराया था। इसमें कुल 99.40 प्रतिशत छात्र पास हुए थे, जिसमें विज्ञान के छात्रों ने सबसे अधिक 99.69 प्रतिशत, वाणिज्य में 99.66 और कला में 99.39 प्रतिशत छात्र पास हुए थे। व्यावसायिक विषयों का राउंड प्रतिशत 98.51 प्रतिशत था।

Goa Board Class 12the result 2022 announced: जारी हुआ गोवा बोर्ड 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट, ऐसे करें चेक

Goa Board Class 12the Result 2022: गोवा बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन (GBSHSE) ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। आधिकारिक वेबसाइट gbshse.gov.in पर परिणाम शाम 5 बजे घोषित किया गए। छात्र 24 मई, सुबह 9 बजे से कंसोलिडेटेड रिजल्ट डाउनलोड कर सकेंगे।

हायर सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट (HSSC) कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा 5 अप्रैल से 23 अप्रैल तक राज्य के 18 परीक्षा केंद्रों और 72 उप-केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस साल एचएसएससी परीक्षा में कुल 18,201 उम्मीदवार शामिल हुए थे।

ऐसे चेक करें रिजल्ट
उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट gbshse.gov.in पर जाना होगा।
इसके बाद होमपेज पर रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें।
रोल नंबर और जन्म तिथि जैसे आवश्यक क्रेडेंशियल दर्ज करें।
रिजल्ट देखने के लिए सबमिट पर क्लिक करें।
मार्कशीट 24 मई के बाद ही डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगी।

इन वेबसाइट पर भी चेक कर सकते हैं रिजल्ट
gbshsegoa.net
results.gbshsegoa.net
http://www.gbshse.info

बता दें कि 2021 में कुल 18,195 उम्मीदवारों ने एचएसएससी परीक्षाओं के लिए पंजीकरण कराया था। इसमें कुल 99.40 प्रतिशत छात्र पास हुए थे, जिसमें विज्ञान के छात्रों ने सबसे अधिक 99.69 प्रतिशत, वाणिज्य में 99.66 और कला में 99.39 प्रतिशत छात्र पास हुए थे। व्यावसायिक विषयों का राउंड प्रतिशत 98.51 प्रतिशत था।



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हायर सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट (HSSC) कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा 5 अप्रैल से 23 अप्रैल तक राज्य के 18 परीक्षा केंद्रों और 72 उप-केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस साल एचएसएससी परीक्षा में कुल 18,201 उम्मीदवार शामिल हुए थे।

ऐसे चेक करें रिजल्ट
उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट gbshse.gov.in पर जाना होगा।
इसके बाद होमपेज पर रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें।
रोल नंबर और जन्म तिथि जैसे आवश्यक क्रेडेंशियल दर्ज करें।
रिजल्ट देखने के लिए सबमिट पर क्लिक करें।
मार्कशीट 24 मई के बाद ही डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगी।

इन वेबसाइट पर भी चेक कर सकते हैं रिजल्ट
gbshsegoa.net
results.gbshsegoa.net
http://www.gbshse.info

बता दें कि 2021 में कुल 18,195 उम्मीदवारों ने एचएसएससी परीक्षाओं के लिए पंजीकरण कराया था। इसमें कुल 99.40 प्रतिशत छात्र पास हुए थे, जिसमें विज्ञान के छात्रों ने सबसे अधिक 99.69 प्रतिशत, वाणिज्य में 99.66 और कला में 99.39 प्रतिशत छात्र पास हुए थे। व्यावसायिक विषयों का राउंड प्रतिशत 98.51 प्रतिशत था।

Friday, May 20, 2022

Goa Board HSSC Result 2022: गोवा बोर्ड 12वीं का रिजल्ट आज, स्टूडेंट्स इस वेबसाइट पर कर सकेंगे चेक

GBSHSE HSSC Result 2022: गोवा बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन (GBSHSE) द्वारा 12वीं का रिजल्ट आज यानी 21 मई 2022 को शाम 5 बजे घोषित किया जाएगा। जिसके बाद छात्रों का रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट gbshse.gov.in पर देखा जा सकता है।

Goa Board 12th Result 2022: दो टर्म में हुई थी परीक्षा
गोवा बोर्ड द्वारा 12वीं की परीक्षा दो टर्म में आयोजित की गई थी। पहले टर्म की परीक्षा 1 दिसंबर से 11 जनवरी 2022 तक आयोजित की गई थी। जबकि, दूसरे टर्म की परीक्षा 5 अप्रैल से 23 अप्रैल 2022 तक चली थी। छात्र गोवा बोर्ड 12वीं की मार्कशीट 24 मई को संबंधित स्कूल से प्राप्त कर सकेंगे। सभी छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर इन स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं।

How to download Goa Board GBSHSE HSSC Result 2022

स्टेप 1: सबसे पहले गोवा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट gbshse.gov.in पर जाएं।

स्टेप 2: फिर होम पेज पर दिख रहे GBSHSE HSSC Result 2022 के लिंक पर क्लिक करें।

स्टेप 3: इसके बाद रोल नंबर सहित अन्य आवश्यक जानकारी भरें और सबमिट बटन पर क्लिक कर दें।

स्टेप 4: अब छात्र अपना रिजल्ट चेक करके डाउनलोड भी कर सकते हैं।

GBSHSE 12th Result 2022: इतने छात्र परीक्षा में शामिल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गोवा बोर्ड 12वीं की परीक्षा राज्य के 18 केंद्रों और 72 उप केंद्रों में हुई थी। इस साल इस परीक्षा में 18201 छात्र शामिल हुए थे। गोवा बोर्ड 12वीं रिजल्ट से जुड़े लेटेस्ट अपडेट्स के लिए छात्र यहां और आधिकारिक वेबसाइट पर चेक करते रहें।



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GBSHSE HSSC Result 2022: गोवा बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन (GBSHSE) द्वारा 12वीं का रिजल्ट आज यानी 21 मई 2022 को शाम 5 बजे घोषित किया जाएगा। जिसके बाद छात्रों का रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट gbshse.gov.in पर देखा जा सकता है।

Goa Board 12th Result 2022: दो टर्म में हुई थी परीक्षा
गोवा बोर्ड द्वारा 12वीं की परीक्षा दो टर्म में आयोजित की गई थी। पहले टर्म की परीक्षा 1 दिसंबर से 11 जनवरी 2022 तक आयोजित की गई थी। जबकि, दूसरे टर्म की परीक्षा 5 अप्रैल से 23 अप्रैल 2022 तक चली थी। छात्र गोवा बोर्ड 12वीं की मार्कशीट 24 मई को संबंधित स्कूल से प्राप्त कर सकेंगे। सभी छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर इन स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं।

How to download Goa Board GBSHSE HSSC Result 2022

स्टेप 1: सबसे पहले गोवा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट gbshse.gov.in पर जाएं।

स्टेप 2: फिर होम पेज पर दिख रहे GBSHSE HSSC Result 2022 के लिंक पर क्लिक करें।

स्टेप 3: इसके बाद रोल नंबर सहित अन्य आवश्यक जानकारी भरें और सबमिट बटन पर क्लिक कर दें।

स्टेप 4: अब छात्र अपना रिजल्ट चेक करके डाउनलोड भी कर सकते हैं।

GBSHSE 12th Result 2022: इतने छात्र परीक्षा में शामिल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गोवा बोर्ड 12वीं की परीक्षा राज्य के 18 केंद्रों और 72 उप केंद्रों में हुई थी। इस साल इस परीक्षा में 18201 छात्र शामिल हुए थे। गोवा बोर्ड 12वीं रिजल्ट से जुड़े लेटेस्ट अपडेट्स के लिए छात्र यहां और आधिकारिक वेबसाइट पर चेक करते रहें।

MBBS in Hindi: डॉक्‍टर बोले- पाठ्यक्रम की भाषा बदलना गैरजरूरी और नुकसानदायक

मध्य प्रदेश सरकार हिंदी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी में थी। शिवराज सरकार का दावा था कि हिंदी माध्यम में एमबीबीएस कोर्स ऑफर करने वाला पहला राज्य होगा। सरकार ने भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में अगले सत्र से हिंदी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए थे। एमबीबीएस हिंदी पाठ्यक्रम की कार्य योजना तैयार करने के लिए 14 सदस्यीय समिति का गठन भी किया गया। लेकिन NMC (नेशनल मेडिकल कमीशन) ने उसकी योजना पर ये कहकर पानी फेर दिया कि अंग्रेजी के सिवाय किसी और भाषा में मेडिकल कोर्स की पढ़ाई उसे स्वीकार नहीं है। वो शिवराज सरकार के प्रपोजल को खारिज करता है।

लेकिन अब फिर से ये बहस तब शुरू हो गई जब उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि उनकी सरकार जल्दी ही एमबीबीएस कोर्सेज को हिंदी में लॉन्च करने जा रही है। उनका दावा है कि इससे उन छात्रों को मदद मिलेगी जो हिंदी बैक ग्राउंड से आते हैं। उन्हें पढ़ाई करने में खासी सहूलियत मिलेगी। हालांकि चिकित्सक इसे गैर जरूरी मानते हैं। उनका कहना है कि मेडिकल कोर्सेज की भाषा बदलना सही कदम नहीं होगा।

दिल्ली मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉक्टर अरुण गुप्ता का कहना है कि एमबीबीएस की वोकेबलरी पूरी तरह से अंग्रेजी पर निर्भर है। आयुर्वेद भारतीय शब्दावली के अनुरूप है। पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गुप्ता का कहना है कि मॉडर्न मेडिकल एजुकेशन की तकरीबन सारी किताबें अंग्रेजी में लिखी गई हैं। पढ़ाई का माध्यम बदला जा सकता है। लेकिन एकेडमिक वोकेबलरी को बदलना नामुनमिक है। इसके अलावा जो रिसर्च पेपर और जर्नल लिखे गए हैं वो सारे अंग्रेजी में हैं।

AIIMS ऋषिकेश के प्रो. डॉ. अमित गुप्ता भी मानते हैं कि लेक्चररर्स को भी हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई कराने में परेशानी होगी। जब वो छात्र थे तो अंग्रेजी में ही पढ़ाई की। पूरे देश में कोई ऐसा कॉलेज नहीं है जो एमबीबीएस, बीडीएस, एमडी की पढ़ाई हिंदी या किसी दूसरी भाषा में करा रहा हो। सवाल है कि कोर्सेज को हिंदी में ट्रांसलेट कर भी दिया जाता है तो इसके लिए शिक्षकों को कैसे फिर से प्रशिक्षित किया जाएगा।

अपोलो अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. आलोक मुखर्जी का कहना है कि हिंदी में पढ़ाई करने वाले छात्रों को कोर्स के बाद भारी दिक्कत पेश आएगी। हिंदी को दूसरी भाषा के तौर पर शामिल किया जा सकता है लेकिन पूरे कोर्स को हिंदी में करना नासमझी भरा कदम होगा। बरेली के राजश्री अस्पताल के जूनियर रेजीडेंट डॉ. मोहित सिंह का कहना है कि मौजूदा समय में ये कदम ठीक नहीं कहा जा सकता। परिजात मिश्रा का कहना है कि अगर दो डॉक्टर जो तेलगु और तमिल में कोर्स करके आते हैं। उनके स्टाफ में नार्थ ईस्ट के लोग शामिल हैं और मरीज कर्नाटक से है तो वो आपस में कैसे बात करेंगे?



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मध्य प्रदेश सरकार हिंदी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी में थी। शिवराज सरकार का दावा था कि हिंदी माध्यम में एमबीबीएस कोर्स ऑफर करने वाला पहला राज्य होगा। सरकार ने भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में अगले सत्र से हिंदी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए थे। एमबीबीएस हिंदी पाठ्यक्रम की कार्य योजना तैयार करने के लिए 14 सदस्यीय समिति का गठन भी किया गया। लेकिन NMC (नेशनल मेडिकल कमीशन) ने उसकी योजना पर ये कहकर पानी फेर दिया कि अंग्रेजी के सिवाय किसी और भाषा में मेडिकल कोर्स की पढ़ाई उसे स्वीकार नहीं है। वो शिवराज सरकार के प्रपोजल को खारिज करता है।

लेकिन अब फिर से ये बहस तब शुरू हो गई जब उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि उनकी सरकार जल्दी ही एमबीबीएस कोर्सेज को हिंदी में लॉन्च करने जा रही है। उनका दावा है कि इससे उन छात्रों को मदद मिलेगी जो हिंदी बैक ग्राउंड से आते हैं। उन्हें पढ़ाई करने में खासी सहूलियत मिलेगी। हालांकि चिकित्सक इसे गैर जरूरी मानते हैं। उनका कहना है कि मेडिकल कोर्सेज की भाषा बदलना सही कदम नहीं होगा।

दिल्ली मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉक्टर अरुण गुप्ता का कहना है कि एमबीबीएस की वोकेबलरी पूरी तरह से अंग्रेजी पर निर्भर है। आयुर्वेद भारतीय शब्दावली के अनुरूप है। पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गुप्ता का कहना है कि मॉडर्न मेडिकल एजुकेशन की तकरीबन सारी किताबें अंग्रेजी में लिखी गई हैं। पढ़ाई का माध्यम बदला जा सकता है। लेकिन एकेडमिक वोकेबलरी को बदलना नामुनमिक है। इसके अलावा जो रिसर्च पेपर और जर्नल लिखे गए हैं वो सारे अंग्रेजी में हैं।

AIIMS ऋषिकेश के प्रो. डॉ. अमित गुप्ता भी मानते हैं कि लेक्चररर्स को भी हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई कराने में परेशानी होगी। जब वो छात्र थे तो अंग्रेजी में ही पढ़ाई की। पूरे देश में कोई ऐसा कॉलेज नहीं है जो एमबीबीएस, बीडीएस, एमडी की पढ़ाई हिंदी या किसी दूसरी भाषा में करा रहा हो। सवाल है कि कोर्सेज को हिंदी में ट्रांसलेट कर भी दिया जाता है तो इसके लिए शिक्षकों को कैसे फिर से प्रशिक्षित किया जाएगा।

अपोलो अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. आलोक मुखर्जी का कहना है कि हिंदी में पढ़ाई करने वाले छात्रों को कोर्स के बाद भारी दिक्कत पेश आएगी। हिंदी को दूसरी भाषा के तौर पर शामिल किया जा सकता है लेकिन पूरे कोर्स को हिंदी में करना नासमझी भरा कदम होगा। बरेली के राजश्री अस्पताल के जूनियर रेजीडेंट डॉ. मोहित सिंह का कहना है कि मौजूदा समय में ये कदम ठीक नहीं कहा जा सकता। परिजात मिश्रा का कहना है कि अगर दो डॉक्टर जो तेलगु और तमिल में कोर्स करके आते हैं। उनके स्टाफ में नार्थ ईस्ट के लोग शामिल हैं और मरीज कर्नाटक से है तो वो आपस में कैसे बात करेंगे?

MBBS in Hindi: डॉक्‍टर बोले- पाठ्यक्रम की भाषा बदलना गैरजरूरी और नुकसानदायक

मध्य प्रदेश सरकार हिंदी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी में थी। शिवराज सरकार का दावा था कि हिंदी माध्यम में एमबीबीएस कोर्स ऑफर करने वाला पहला राज्य होगा। सरकार ने भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में अगले सत्र से हिंदी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए थे। एमबीबीएस हिंदी पाठ्यक्रम की कार्य योजना तैयार करने के लिए 14 सदस्यीय समिति का गठन भी किया गया। लेकिन NMC (नेशनल मेडिकल कमीशन) ने उसकी योजना पर ये कहकर पानी फेर दिया कि अंग्रेजी के सिवाय किसी और भाषा में मेडिकल कोर्स की पढ़ाई उसे स्वीकार नहीं है। वो शिवराज सरकार के प्रपोजल को खारिज करता है।

लेकिन अब फिर से ये बहस तब शुरू हो गई जब उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि उनकी सरकार जल्दी ही एमबीबीएस कोर्सेज को हिंदी में लॉन्च करने जा रही है। उनका दावा है कि इससे उन छात्रों को मदद मिलेगी जो हिंदी बैक ग्राउंड से आते हैं। उन्हें पढ़ाई करने में खासी सहूलियत मिलेगी। हालांकि चिकित्सक इसे गैर जरूरी मानते हैं। उनका कहना है कि मेडिकल कोर्सेज की भाषा बदलना सही कदम नहीं होगा।

दिल्ली मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉक्टर अरुण गुप्ता का कहना है कि एमबीबीएस की वोकेबलरी पूरी तरह से अंग्रेजी पर निर्भर है। आयुर्वेद भारतीय शब्दावली के अनुरूप है। पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गुप्ता का कहना है कि मॉडर्न मेडिकल एजुकेशन की तकरीबन सारी किताबें अंग्रेजी में लिखी गई हैं। पढ़ाई का माध्यम बदला जा सकता है। लेकिन एकेडमिक वोकेबलरी को बदलना नामुनमिक है। इसके अलावा जो रिसर्च पेपर और जर्नल लिखे गए हैं वो सारे अंग्रेजी में हैं।

AIIMS ऋषिकेश के प्रो. डॉ. अमित गुप्ता भी मानते हैं कि लेक्चररर्स को भी हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई कराने में परेशानी होगी। जब वो छात्र थे तो अंग्रेजी में ही पढ़ाई की। पूरे देश में कोई ऐसा कॉलेज नहीं है जो एमबीबीएस, बीडीएस, एमडी की पढ़ाई हिंदी या किसी दूसरी भाषा में करा रहा हो। सवाल है कि कोर्सेज को हिंदी में ट्रांसलेट कर भी दिया जाता है तो इसके लिए शिक्षकों को कैसे फिर से प्रशिक्षित किया जाएगा।

अपोलो अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. आलोक मुखर्जी का कहना है कि हिंदी में पढ़ाई करने वाले छात्रों को कोर्स के बाद भारी दिक्कत पेश आएगी। हिंदी को दूसरी भाषा के तौर पर शामिल किया जा सकता है लेकिन पूरे कोर्स को हिंदी में करना नासमझी भरा कदम होगा। बरेली के राजश्री अस्पताल के जूनियर रेजीडेंट डॉ. मोहित सिंह का कहना है कि मौजूदा समय में ये कदम ठीक नहीं कहा जा सकता। परिजात मिश्रा का कहना है कि अगर दो डॉक्टर जो तेलगु और तमिल में कोर्स करके आते हैं। उनके स्टाफ में नार्थ ईस्ट के लोग शामिल हैं और मरीज कर्नाटक से है तो वो आपस में कैसे बात करेंगे?



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मध्य प्रदेश सरकार हिंदी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी में थी। शिवराज सरकार का दावा था कि हिंदी माध्यम में एमबीबीएस कोर्स ऑफर करने वाला पहला राज्य होगा। सरकार ने भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में अगले सत्र से हिंदी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए थे। एमबीबीएस हिंदी पाठ्यक्रम की कार्य योजना तैयार करने के लिए 14 सदस्यीय समिति का गठन भी किया गया। लेकिन NMC (नेशनल मेडिकल कमीशन) ने उसकी योजना पर ये कहकर पानी फेर दिया कि अंग्रेजी के सिवाय किसी और भाषा में मेडिकल कोर्स की पढ़ाई उसे स्वीकार नहीं है। वो शिवराज सरकार के प्रपोजल को खारिज करता है।

लेकिन अब फिर से ये बहस तब शुरू हो गई जब उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि उनकी सरकार जल्दी ही एमबीबीएस कोर्सेज को हिंदी में लॉन्च करने जा रही है। उनका दावा है कि इससे उन छात्रों को मदद मिलेगी जो हिंदी बैक ग्राउंड से आते हैं। उन्हें पढ़ाई करने में खासी सहूलियत मिलेगी। हालांकि चिकित्सक इसे गैर जरूरी मानते हैं। उनका कहना है कि मेडिकल कोर्सेज की भाषा बदलना सही कदम नहीं होगा।

दिल्ली मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉक्टर अरुण गुप्ता का कहना है कि एमबीबीएस की वोकेबलरी पूरी तरह से अंग्रेजी पर निर्भर है। आयुर्वेद भारतीय शब्दावली के अनुरूप है। पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गुप्ता का कहना है कि मॉडर्न मेडिकल एजुकेशन की तकरीबन सारी किताबें अंग्रेजी में लिखी गई हैं। पढ़ाई का माध्यम बदला जा सकता है। लेकिन एकेडमिक वोकेबलरी को बदलना नामुनमिक है। इसके अलावा जो रिसर्च पेपर और जर्नल लिखे गए हैं वो सारे अंग्रेजी में हैं।

AIIMS ऋषिकेश के प्रो. डॉ. अमित गुप्ता भी मानते हैं कि लेक्चररर्स को भी हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई कराने में परेशानी होगी। जब वो छात्र थे तो अंग्रेजी में ही पढ़ाई की। पूरे देश में कोई ऐसा कॉलेज नहीं है जो एमबीबीएस, बीडीएस, एमडी की पढ़ाई हिंदी या किसी दूसरी भाषा में करा रहा हो। सवाल है कि कोर्सेज को हिंदी में ट्रांसलेट कर भी दिया जाता है तो इसके लिए शिक्षकों को कैसे फिर से प्रशिक्षित किया जाएगा।

अपोलो अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. आलोक मुखर्जी का कहना है कि हिंदी में पढ़ाई करने वाले छात्रों को कोर्स के बाद भारी दिक्कत पेश आएगी। हिंदी को दूसरी भाषा के तौर पर शामिल किया जा सकता है लेकिन पूरे कोर्स को हिंदी में करना नासमझी भरा कदम होगा। बरेली के राजश्री अस्पताल के जूनियर रेजीडेंट डॉ. मोहित सिंह का कहना है कि मौजूदा समय में ये कदम ठीक नहीं कहा जा सकता। परिजात मिश्रा का कहना है कि अगर दो डॉक्टर जो तेलगु और तमिल में कोर्स करके आते हैं। उनके स्टाफ में नार्थ ईस्ट के लोग शामिल हैं और मरीज कर्नाटक से है तो वो आपस में कैसे बात करेंगे?