Thursday, March 17, 2022

चार साल का होगा ग्रेजुएशन, कौशल प्रशिक्षण के साथ शोध भी किया गया है शामिल, जानें यूजीसी ने क्या तैयार किया है मसौदा

UGC: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग जल्द ही विश्वविद्यालयों में चार वर्षीय ग्रेजुएशन डिग्री कोर्स लागू करेगा। इस संबंध में 10 मार्च को यूजीसी अध्यक्ष और सदस्यों को हुई 556वीं बैठक में चर्चा की गई। यूजीसी जल्द ही चार वर्षीय ग्रेजुएशन कोर्स की आधिकारिक घोषणा कर सकता है। वहीं इस बैठक में पीएचडी नियमों में भी संशोधन किया गया।

इस संबंध में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने मसौदा रूपरेखा तैयार कर लिया है, जो लागू होने पर उच्च शिक्षा संरचना स्नातक डिग्री से लेकर पीएचडी तक अगले शैक्षणिक सत्र से, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप होगी। जल्द ही इसे सार्वजनिक डोमेन में प्रकाशित किए जाने की संभावना है।

यूजीसी अध्यक्ष प्रो. एम जगदीश कुमार ने कहा कि स्नातक शिक्षा के मौजूदा ढांचे में अंतःविषय का अभाव है। अब उद्योग एक विशेष क्षेत्र के विशेषज्ञों के बजाय कई क्षमताओं वाले मानव संसाधनों की तलाश करते हैं। इसलिए छात्रों को समग्र शिक्षा, सामुदायिक जुड़ाव, सेवा, पर्यावरण शिक्षा और मूल्य-आधारित शिक्षा की पूरी श्रृंखला से अवगत कराने की आवश्यकता है।

भविष्य की नौकरियों की मांगों को पूरा करने के लिए स्थानीय उद्योग और व्यवसायों के साथ इंटर्नशिप भी आवश्यक है। ऐसा होने के लिए, सामान्य शिक्षा के पाठ्यक्रम को बदलने की जरूरत है।

ऐसा होगा चार वर्षीय यूजी पाठ्यक्रम
यूजीसी चेयरमैन ने कहा कि चार वर्षीय यूजी कामन पाठ्यक्रमों के लिए प्रस्तावित संरचना के अनुसार छात्र पहले तीन सेमेस्टर के दौरान प्राकृतिक विज्ञान, मानविकी और सामाजिक विज्ञान में सामान्य और प्रारंभिक पाठ्यक्रमों के एक सेट का अध्ययन करेंगे, चाहे वे किसी भी विशेषज्ञ के लिए चुनते हों।

सामान्य पाठ्यक्रमों में पहले तीन सेमेस्टर के दौरान अंग्रेजी भाषा, एक क्षेत्रीय भाषा और भारत को समझना, पर्यावरण विज्ञान, स्वास्थ्य और कल्याण या योग और खेल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बड़े डेटा विश्लेषण पर पाठ्यक्रम शामिल हैं।

तीसरे सत्र के अंत में सेमेस्टर छात्रों को एक प्रमुख घोषित करना होगा, जो एक ऐसा विषय होगा जिसका वे गहराई से अध्ययन करना चाहते हैं। चार वर्षीय पाठ्यक्रम में 160 क्रेडिट की पेशकश की जाएगी, जिसमें 15 घंटे के कक्षा शिक्षण के लिए एक क्रेडिट लेखांकन होगा।

छात्र खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी से लेकर राजनीति विज्ञान तक के पाठ्यक्रमों में से एक को अपनी प्रमुख पसंद चुन सकते हैं। मसौदा ढांचे में कहा गया है कि छात्र की शैक्षणिक रुचि और पहले तीन सेमेस्टर में उसके प्रदर्शन दोनों को अनुशासनात्मक / अंतःविषय प्रमुख आवंटित करने के लिए विचार किया जाएगा।

छात्रों के पास यह भी होगा विकल्प
लागू होने वाले चार वर्षीय यूजी कोर्स में छात्रों के पास अपने ज्ञान और कौशल को व्यापक बनाने के लिए दो मामूली पाठ्यक्रम चुनने का विकल्प भी होगा। छात्र मानविकी या सामाजिक विज्ञान या यहां तक कि एक व्यावसायिक विषय का विकल्प चुन सकते हैं।

सातवें सेमेस्टर की शुरुआत में छात्रों को एक शोध परियोजना शुरू करनी होगी, जो आठवें और अंतिम सेमेस्टर में उनका एकमात्र फोकस होगा, जिसे उन्होंने प्रमुख विषय के रूप में चुना है। मसौदे में यह भी कहा गया है।

पीएचडी नियमों में भी किया गया संशोधन
यूजीसी ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि पीएचडी की कुल सीटों में से 60 फीसदी सीटें नेट/जेआरएफ क्वालिफाइड छात्रों से भरी जाएंगी और बाकी यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के जरिए भरी जाएंगी। पात्रता के संदर्भ में, 5 प्रतिशत अंकों की छूट, जो वर्तमान में एससी, एसटी, ओबीसी (गैर-क्रीमी लेयर) को कवर करती है, को ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को भी विस्तारित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा एनईपी 2020 में सुझाव के अनुरूप, एमफिल की डिग्री 2022-23 शैक्षणिक सत्र से समाप्त कर दी जाएगी। इसका भी जिक्र मसौदे में किया गया है।



from Education News Hindi, Latest Educational News In India, Today Education News (एजुकेशन न्यूज़), शिक्षा समाचार, Admit Card, Exam Results | Jansatta https://ift.tt/ZGyKRJ9
via IFTTT

UGC: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग जल्द ही विश्वविद्यालयों में चार वर्षीय ग्रेजुएशन डिग्री कोर्स लागू करेगा। इस संबंध में 10 मार्च को यूजीसी अध्यक्ष और सदस्यों को हुई 556वीं बैठक में चर्चा की गई। यूजीसी जल्द ही चार वर्षीय ग्रेजुएशन कोर्स की आधिकारिक घोषणा कर सकता है। वहीं इस बैठक में पीएचडी नियमों में भी संशोधन किया गया।

इस संबंध में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने मसौदा रूपरेखा तैयार कर लिया है, जो लागू होने पर उच्च शिक्षा संरचना स्नातक डिग्री से लेकर पीएचडी तक अगले शैक्षणिक सत्र से, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप होगी। जल्द ही इसे सार्वजनिक डोमेन में प्रकाशित किए जाने की संभावना है।

यूजीसी अध्यक्ष प्रो. एम जगदीश कुमार ने कहा कि स्नातक शिक्षा के मौजूदा ढांचे में अंतःविषय का अभाव है। अब उद्योग एक विशेष क्षेत्र के विशेषज्ञों के बजाय कई क्षमताओं वाले मानव संसाधनों की तलाश करते हैं। इसलिए छात्रों को समग्र शिक्षा, सामुदायिक जुड़ाव, सेवा, पर्यावरण शिक्षा और मूल्य-आधारित शिक्षा की पूरी श्रृंखला से अवगत कराने की आवश्यकता है।

भविष्य की नौकरियों की मांगों को पूरा करने के लिए स्थानीय उद्योग और व्यवसायों के साथ इंटर्नशिप भी आवश्यक है। ऐसा होने के लिए, सामान्य शिक्षा के पाठ्यक्रम को बदलने की जरूरत है।

ऐसा होगा चार वर्षीय यूजी पाठ्यक्रम
यूजीसी चेयरमैन ने कहा कि चार वर्षीय यूजी कामन पाठ्यक्रमों के लिए प्रस्तावित संरचना के अनुसार छात्र पहले तीन सेमेस्टर के दौरान प्राकृतिक विज्ञान, मानविकी और सामाजिक विज्ञान में सामान्य और प्रारंभिक पाठ्यक्रमों के एक सेट का अध्ययन करेंगे, चाहे वे किसी भी विशेषज्ञ के लिए चुनते हों।

सामान्य पाठ्यक्रमों में पहले तीन सेमेस्टर के दौरान अंग्रेजी भाषा, एक क्षेत्रीय भाषा और भारत को समझना, पर्यावरण विज्ञान, स्वास्थ्य और कल्याण या योग और खेल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बड़े डेटा विश्लेषण पर पाठ्यक्रम शामिल हैं।

तीसरे सत्र के अंत में सेमेस्टर छात्रों को एक प्रमुख घोषित करना होगा, जो एक ऐसा विषय होगा जिसका वे गहराई से अध्ययन करना चाहते हैं। चार वर्षीय पाठ्यक्रम में 160 क्रेडिट की पेशकश की जाएगी, जिसमें 15 घंटे के कक्षा शिक्षण के लिए एक क्रेडिट लेखांकन होगा।

छात्र खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी से लेकर राजनीति विज्ञान तक के पाठ्यक्रमों में से एक को अपनी प्रमुख पसंद चुन सकते हैं। मसौदा ढांचे में कहा गया है कि छात्र की शैक्षणिक रुचि और पहले तीन सेमेस्टर में उसके प्रदर्शन दोनों को अनुशासनात्मक / अंतःविषय प्रमुख आवंटित करने के लिए विचार किया जाएगा।

छात्रों के पास यह भी होगा विकल्प
लागू होने वाले चार वर्षीय यूजी कोर्स में छात्रों के पास अपने ज्ञान और कौशल को व्यापक बनाने के लिए दो मामूली पाठ्यक्रम चुनने का विकल्प भी होगा। छात्र मानविकी या सामाजिक विज्ञान या यहां तक कि एक व्यावसायिक विषय का विकल्प चुन सकते हैं।

सातवें सेमेस्टर की शुरुआत में छात्रों को एक शोध परियोजना शुरू करनी होगी, जो आठवें और अंतिम सेमेस्टर में उनका एकमात्र फोकस होगा, जिसे उन्होंने प्रमुख विषय के रूप में चुना है। मसौदे में यह भी कहा गया है।

पीएचडी नियमों में भी किया गया संशोधन
यूजीसी ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि पीएचडी की कुल सीटों में से 60 फीसदी सीटें नेट/जेआरएफ क्वालिफाइड छात्रों से भरी जाएंगी और बाकी यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के जरिए भरी जाएंगी। पात्रता के संदर्भ में, 5 प्रतिशत अंकों की छूट, जो वर्तमान में एससी, एसटी, ओबीसी (गैर-क्रीमी लेयर) को कवर करती है, को ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को भी विस्तारित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा एनईपी 2020 में सुझाव के अनुरूप, एमफिल की डिग्री 2022-23 शैक्षणिक सत्र से समाप्त कर दी जाएगी। इसका भी जिक्र मसौदे में किया गया है।

REET Exam: रीट की वैधता को लेकर राजस्थान सरकार ने किया बड़ा फैसला, जानें क्या है पूरा मामला

REET Exam: राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी रीट (REET) को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला किया है। इस नए फैसले के मुताबिक, अब रीट परीक्षा की वैधता आजीवन रहेगी। सरकार के इस कदम से राजस्थान के युवाओं को काफी फायदा मिलेगा।

बता दें कि अभी तक REET परीक्षा में पास होने के बाद इसकी वैधता 3 साल तक के लिए थी, लेकिन नए नियमों के मुताबिक अब ये आजीवन मान्य रहेगा। अब उम्मीदवारों को जीवन में केवल एक बार ही रीट परीक्षा पास करनी होगी।

गौरतलब है कि रीट पेपर लीक विवाद के बाद से ही ये बात साफ हो गई थी कि अब शिक्षक भर्ती के पैटर्न में बदलाव किया जाएगा।

बता दें कि हालही में मुख्यमंत्री के आवास पर सीएम गहलोत की अध्यक्षता में कैबिनेट की मीटिंग हुई थी। इसमें ये फैसला लिया गया था कि रीट की वैधता आजीवन रहेगी। इसके अलावा प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रतियोगी परीक्षा देनी होगी।

गौरतलब है कि इससे पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) की वैलिडिटी को भी बढ़ाने का फैसला किया था। पहले CTET पास करने पर इसकी वैधता केवल 7 सालों के लिए ही थी, लेकिन बाद में इसे भी आजीवन मान्य कर दिया गया।

क्या है रीट परीक्षा: रीट परीक्षा का आयोजन बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन, राजस्थान (आरबीएसई) द्वारा किया जाता है। इसके लिए स्तर 1 और स्तर 2 की परीक्षा होती है। इसे पास करने के बाद कैंडीडेट्स कक्षा 1-5 और कक्षा 6-8 में शिक्षकों के पद के लिए पात्र माने जाते हैं।



from Education News Hindi, Latest Educational News In India, Today Education News (एजुकेशन न्यूज़), शिक्षा समाचार, Admit Card, Exam Results | Jansatta https://ift.tt/ohKPgZJ
via IFTTT

REET Exam: राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी रीट (REET) को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला किया है। इस नए फैसले के मुताबिक, अब रीट परीक्षा की वैधता आजीवन रहेगी। सरकार के इस कदम से राजस्थान के युवाओं को काफी फायदा मिलेगा।

बता दें कि अभी तक REET परीक्षा में पास होने के बाद इसकी वैधता 3 साल तक के लिए थी, लेकिन नए नियमों के मुताबिक अब ये आजीवन मान्य रहेगा। अब उम्मीदवारों को जीवन में केवल एक बार ही रीट परीक्षा पास करनी होगी।

गौरतलब है कि रीट पेपर लीक विवाद के बाद से ही ये बात साफ हो गई थी कि अब शिक्षक भर्ती के पैटर्न में बदलाव किया जाएगा।

बता दें कि हालही में मुख्यमंत्री के आवास पर सीएम गहलोत की अध्यक्षता में कैबिनेट की मीटिंग हुई थी। इसमें ये फैसला लिया गया था कि रीट की वैधता आजीवन रहेगी। इसके अलावा प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रतियोगी परीक्षा देनी होगी।

गौरतलब है कि इससे पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) की वैलिडिटी को भी बढ़ाने का फैसला किया था। पहले CTET पास करने पर इसकी वैधता केवल 7 सालों के लिए ही थी, लेकिन बाद में इसे भी आजीवन मान्य कर दिया गया।

क्या है रीट परीक्षा: रीट परीक्षा का आयोजन बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन, राजस्थान (आरबीएसई) द्वारा किया जाता है। इसके लिए स्तर 1 और स्तर 2 की परीक्षा होती है। इसे पास करने के बाद कैंडीडेट्स कक्षा 1-5 और कक्षा 6-8 में शिक्षकों के पद के लिए पात्र माने जाते हैं।

Wednesday, March 16, 2022

आख़िरकार सरकार ने माना- जरूरी योग्यता के बिना ही लगातार दूसरी बार बना दिया आईआईएम डायरेक्टर

आईआईएम रोहतक के डायरेक्टर धीरज शर्मा की नियुक्ति पर चल रहे विवाद पर केंद्र सरकार का चौंकाने वाला रुख सामने आया है। बार-बार इनकार करने के बाद आखिरकार केंद्र सरकार ने कोर्ट में मान लिया है कि धीरज शर्मा आईआईएम रोहतक के डायरेक्टर पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मानदंड को पूरा नहीं करते थे, फिर भी उन्हें नियुक्ति दी गई। ये बात तब सामने आई है, जब धीरज शर्मा 5 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और अपने दूसरे कार्यकाल की ओर हैं।

सोमवार को शिक्षा मंत्रालय (MoE) ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में एक हलफनामा दायर किया, जिसमें कहा गया था कि धीरज शर्मा को स्नातक स्तर पर सेकंड डिवीजन हासिल करने के बावजूद IIM-रोहतक का प्रमुख बनाया गया था। बता दें कि शर्मा ने इस साल 9 फरवरी को अपना कार्यकाल पूरा किया था।

यहां ये बात ध्यान देने वाली है कि आईआईएम डायरेक्टर पद पर चयनित होने के लिए कैंडीडेट के पास फर्स्ट डिवीजन के साथ स्नातक की डिग्री होना चाहिए। लेकिन शर्मा सेकंड डिवीजन से पास हुए थे।

इंडियन एक्सप्रेस ने पहली बार सितंबर 2021 में उनकी नियुक्ति के संबंध में इस कथित अनियमितता की बात उठाई थी और बताया था कि शर्मा ने पिछले साल तीन पत्रों के बावजूद मंत्रालय को अपनी स्नातक की डिग्री प्रदान नहीं की।

हैरानी की बात तो तब हुई जब शर्मा को आईआईएम अधिनियम के तहत इस साल 28 फरवरी को संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) द्वारा दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त किया गया।

बता दें कि शर्मा को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) की पूर्व मंजूरी के साथ नियुक्त किया गया था। एसीसी ने 10 फरवरी, 2017 को शर्मा के आईआईएम-रोहतक के निदेशक के रूप में पहले कार्यकाल को मंजूरी दी थी।

इसके बाद शर्मा की नियुक्ति को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई और याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि निदेशक ने अन्य बातों के अलावा अपनी शैक्षणिक योग्यता को गलत तरीके से पेश किया और वह पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं।



from Education News Hindi, Latest Educational News In India, Today Education News (एजुकेशन न्यूज़), शिक्षा समाचार, Admit Card, Exam Results | Jansatta https://ift.tt/eoZH0sN
via IFTTT

आईआईएम रोहतक के डायरेक्टर धीरज शर्मा की नियुक्ति पर चल रहे विवाद पर केंद्र सरकार का चौंकाने वाला रुख सामने आया है। बार-बार इनकार करने के बाद आखिरकार केंद्र सरकार ने कोर्ट में मान लिया है कि धीरज शर्मा आईआईएम रोहतक के डायरेक्टर पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मानदंड को पूरा नहीं करते थे, फिर भी उन्हें नियुक्ति दी गई। ये बात तब सामने आई है, जब धीरज शर्मा 5 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और अपने दूसरे कार्यकाल की ओर हैं।

सोमवार को शिक्षा मंत्रालय (MoE) ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में एक हलफनामा दायर किया, जिसमें कहा गया था कि धीरज शर्मा को स्नातक स्तर पर सेकंड डिवीजन हासिल करने के बावजूद IIM-रोहतक का प्रमुख बनाया गया था। बता दें कि शर्मा ने इस साल 9 फरवरी को अपना कार्यकाल पूरा किया था।

यहां ये बात ध्यान देने वाली है कि आईआईएम डायरेक्टर पद पर चयनित होने के लिए कैंडीडेट के पास फर्स्ट डिवीजन के साथ स्नातक की डिग्री होना चाहिए। लेकिन शर्मा सेकंड डिवीजन से पास हुए थे।

इंडियन एक्सप्रेस ने पहली बार सितंबर 2021 में उनकी नियुक्ति के संबंध में इस कथित अनियमितता की बात उठाई थी और बताया था कि शर्मा ने पिछले साल तीन पत्रों के बावजूद मंत्रालय को अपनी स्नातक की डिग्री प्रदान नहीं की।

हैरानी की बात तो तब हुई जब शर्मा को आईआईएम अधिनियम के तहत इस साल 28 फरवरी को संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) द्वारा दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त किया गया।

बता दें कि शर्मा को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) की पूर्व मंजूरी के साथ नियुक्त किया गया था। एसीसी ने 10 फरवरी, 2017 को शर्मा के आईआईएम-रोहतक के निदेशक के रूप में पहले कार्यकाल को मंजूरी दी थी।

इसके बाद शर्मा की नियुक्ति को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई और याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि निदेशक ने अन्य बातों के अलावा अपनी शैक्षणिक योग्यता को गलत तरीके से पेश किया और वह पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं।

UPPCL Admit Card 2022: कैंप असिस्टेंट परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, ऐसे करें डाउनलोड

UPPCL Admit Card 2022: उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने कैंप असिस्टेंट ग्रेड 3 के पदों पर भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट upenergy.in पर जारी परीक्षा प्रवेश पत्र को डाउनलोड कर सकते हैं।

कैंप असिस्टेंट ग्रेड 3 के कुल 49 रिक्त पदों पर भर्तियों के लिए इस परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों को एक घंटे पहले पहुंचना होगा। तय समय से देरी से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

परीक्षार्थियों को केंद्र पर एडमिट कार्ड के साथ एक फोटो युक्त आधिकारिक पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड या पैन कार्ड भी लेकर जाना होगा। इन पदों पर अभ्यर्थियों का चयन सीबीटी परीक्षा और टाइपिंग टेस्ट के जरिए किया जाएगा।

UPPCL Admit Card 2022: ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड
सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट upenergy.in पर जाएं।
होम पेज पर दिए गए Vacancy/Results सेक्शन में जाएं।
यहां DOWNLOAD ADMIT CARD FOR ONLINE EXAM (CBT) FOR THE POST OF “CAMP ASSISTANT-GRADE-III” AGAINST ADVT. No. 04/VSA/2021/SS के लिंक पर क्लिक करें।
मांगी गई जानकारी को दर्ज कर सबमिट करें।
एडमिट कार्ड आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा।
अब उसे डाउनलोड करें।



from Education News Hindi, Latest Educational News In India, Today Education News (एजुकेशन न्यूज़), शिक्षा समाचार, Admit Card, Exam Results | Jansatta https://ift.tt/jv19s2W
via IFTTT

UPPCL Admit Card 2022: उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने कैंप असिस्टेंट ग्रेड 3 के पदों पर भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट upenergy.in पर जारी परीक्षा प्रवेश पत्र को डाउनलोड कर सकते हैं।

कैंप असिस्टेंट ग्रेड 3 के कुल 49 रिक्त पदों पर भर्तियों के लिए इस परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों को एक घंटे पहले पहुंचना होगा। तय समय से देरी से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

परीक्षार्थियों को केंद्र पर एडमिट कार्ड के साथ एक फोटो युक्त आधिकारिक पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड या पैन कार्ड भी लेकर जाना होगा। इन पदों पर अभ्यर्थियों का चयन सीबीटी परीक्षा और टाइपिंग टेस्ट के जरिए किया जाएगा।

UPPCL Admit Card 2022: ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड
सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट upenergy.in पर जाएं।
होम पेज पर दिए गए Vacancy/Results सेक्शन में जाएं।
यहां DOWNLOAD ADMIT CARD FOR ONLINE EXAM (CBT) FOR THE POST OF “CAMP ASSISTANT-GRADE-III” AGAINST ADVT. No. 04/VSA/2021/SS के लिंक पर क्लिक करें।
मांगी गई जानकारी को दर्ज कर सबमिट करें।
एडमिट कार्ड आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा।
अब उसे डाउनलोड करें।

BSEB Bihar Board Result 2022: BSEB की वेबसाइट न खुलने पर, यहां से ऐसे चेक करें रिजल्ट

BSEB Bihar Board Result 2022: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की वेबसाइट हैवी ट्रैफिक के कारण क्रैश हो गई है। 12वीं के छात्र रिजल्ट देखने को लेकर परेशान न हो। छात्र आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in नहीं खुलने पर भी रिजल्ट चेक कर सकते हैं। ऐसे में 12वीं के छात्र biharboard.ac.in, biharboardonline.com पर भी अपने नतीजे चेक कर सकते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 12वीं बोर्ड परीक्षा 2022 में करीब 13 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए थे। परीक्षा 1 फरवरी 2022 से 14 फरवरी 2022 तक चली थी। परीक्षा का आयोजन कोरोना सुरक्षा दिशा-निर्देश के तहत किया गया था। वहीं 12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षा का आयोजन 10 जनवरी से 20 जनवरी 2022 तक किया गया था।

रिजल्ट जारी होने की जानकारी बोर्ड ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के जरिए 15 मार्च को दी थी। राज्य के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने रिजल्ट घोषित किया है। इस मौके पर बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद रहें।

बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं के छात्र अपना रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.com या biharboardonline.bihar.gov.in या biharboard.online.in या biharboard.ac.in पर चेक कर हैं। छात्रों अपने रोल नंबर के जरिए अपने नतीजे चेक कर सकते हैं।



from Education News Hindi, Latest Educational News In India, Today Education News (एजुकेशन न्यूज़), शिक्षा समाचार, Admit Card, Exam Results | Jansatta https://ift.tt/P3qInka
via IFTTT

BSEB Bihar Board Result 2022: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की वेबसाइट हैवी ट्रैफिक के कारण क्रैश हो गई है। 12वीं के छात्र रिजल्ट देखने को लेकर परेशान न हो। छात्र आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in नहीं खुलने पर भी रिजल्ट चेक कर सकते हैं। ऐसे में 12वीं के छात्र biharboard.ac.in, biharboardonline.com पर भी अपने नतीजे चेक कर सकते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 12वीं बोर्ड परीक्षा 2022 में करीब 13 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए थे। परीक्षा 1 फरवरी 2022 से 14 फरवरी 2022 तक चली थी। परीक्षा का आयोजन कोरोना सुरक्षा दिशा-निर्देश के तहत किया गया था। वहीं 12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षा का आयोजन 10 जनवरी से 20 जनवरी 2022 तक किया गया था।

रिजल्ट जारी होने की जानकारी बोर्ड ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के जरिए 15 मार्च को दी थी। राज्य के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने रिजल्ट घोषित किया है। इस मौके पर बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद रहें।

बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं के छात्र अपना रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.com या biharboardonline.bihar.gov.in या biharboard.online.in या biharboard.ac.in पर चेक कर हैं। छात्रों अपने रोल नंबर के जरिए अपने नतीजे चेक कर सकते हैं।

Uttar Pradesh: 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षा में नकल करवाने वालों पर लगेगा NSA- योगी सरकार का निर्देश

यूपी सरकार ने फैसला लिया है कि बोर्ड की परीक्षा के दौरान अगर कोई शख्स किसी छात्र को नकल करवाता मिला तो उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई होगी। सरकार ने ये फैसला बोर्ड की 10वीं व 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं को साफ सुथरे तरीके से करवाने के लिए ये फैसला लिया है।

योगी सरकार के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने ये आदेश जारी किया। सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए। सेंटरों पर सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता तरीके से होने बेहद जरूरी हैं। जिला मजिस्ट्रेट सुनिश्चत करें कि सेंटरों पर किसी तरह की कोई परेशानी छात्रों को न हो। इसके लिए वो अपने अधीनस्थ अफसरों से बैठकर करके लगातार चर्चा करते रहें।

उन्होंने कहा कि सरकार सुनुश्चित कर रही है कि परीक्षा के दौरान छात्रों को कोई परेशानी न हो। हेल्थ के साथ शहरी विकास, पंचायती राज महकमों को हिदायत दी गई है कि वो सेंटरों में सुविधाएं बहाल करने का काम तेजी से करें। परीक्षाएं 24 मार्च से शुरू होनी हैं। इसके लिए लखनऊ में एक कंट्रोल रूम भी बनाया जा रहा है। यहां से सभी 75 जिलों में होने वाली परीक्षाओं पर निगरानी रखी जाएगी। सरकार की कोशिश है कि परीक्षा सेंटरों पर किसी तरह की धोखाधड़ी न होने पाए।

यूपी की अतिरिक्त मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने बताया कि इस बार के बोर्ड एग्जाम में 51.92 लाख छात्र बैठने जा रहे हैं। परीक्षा आयोजित करने के लिए 8 हजार 373 सेंटर बनाए गए हैं। सभी सेंटरों में सीसीटीवी लगवाए जा चुके हैं। उनका कहना है कि एहतियात के तौर पर प्रश्नपत्र डबल लाक्ड अलमारियों में रखवाए जाएंगे, जिससे कोई इनके साथ छेड़खानी न कर सके।



from Education News Hindi, Latest Educational News In India, Today Education News (एजुकेशन न्यूज़), शिक्षा समाचार, Admit Card, Exam Results | Jansatta https://ift.tt/prsZ18E
via IFTTT

यूपी सरकार ने फैसला लिया है कि बोर्ड की परीक्षा के दौरान अगर कोई शख्स किसी छात्र को नकल करवाता मिला तो उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई होगी। सरकार ने ये फैसला बोर्ड की 10वीं व 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं को साफ सुथरे तरीके से करवाने के लिए ये फैसला लिया है।

योगी सरकार के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने ये आदेश जारी किया। सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए। सेंटरों पर सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता तरीके से होने बेहद जरूरी हैं। जिला मजिस्ट्रेट सुनिश्चत करें कि सेंटरों पर किसी तरह की कोई परेशानी छात्रों को न हो। इसके लिए वो अपने अधीनस्थ अफसरों से बैठकर करके लगातार चर्चा करते रहें।

उन्होंने कहा कि सरकार सुनुश्चित कर रही है कि परीक्षा के दौरान छात्रों को कोई परेशानी न हो। हेल्थ के साथ शहरी विकास, पंचायती राज महकमों को हिदायत दी गई है कि वो सेंटरों में सुविधाएं बहाल करने का काम तेजी से करें। परीक्षाएं 24 मार्च से शुरू होनी हैं। इसके लिए लखनऊ में एक कंट्रोल रूम भी बनाया जा रहा है। यहां से सभी 75 जिलों में होने वाली परीक्षाओं पर निगरानी रखी जाएगी। सरकार की कोशिश है कि परीक्षा सेंटरों पर किसी तरह की धोखाधड़ी न होने पाए।

यूपी की अतिरिक्त मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने बताया कि इस बार के बोर्ड एग्जाम में 51.92 लाख छात्र बैठने जा रहे हैं। परीक्षा आयोजित करने के लिए 8 हजार 373 सेंटर बनाए गए हैं। सभी सेंटरों में सीसीटीवी लगवाए जा चुके हैं। उनका कहना है कि एहतियात के तौर पर प्रश्नपत्र डबल लाक्ड अलमारियों में रखवाए जाएंगे, जिससे कोई इनके साथ छेड़खानी न कर सके।

BSEB 12th Result 2022: बिहार बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जारी, जानें साइंस, आर्ट और कामर्स में किसने किया टाॅप

BSEB 12th Result 2022: बिहार सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड (BSEB) ने कक्षा 12वीं परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। यह परिणाम राज्य शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी द्वारा घोषित किया गया। इसके बाद रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। सभी उम्मीदवार बिहार बोर्ड की वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर अपना रिजल्ट चेक करके डाउनलोड कर सकते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल कक्षा 12वीं परीक्षा साइंस में 83.7 फीसदी, आर्ट्स में कुल 79.53 फीसदी और कॉमर्स में कुल 90.38 फीसदी विद्यार्थी सफल हुए हैं। साइंस स्ट्रीम में सौरभ कुमार 94.4 फीसदी अंक हासिल कर पहला प्राप्त किया। वहीं आर्ट्स स्ट्रीम में संगम राज ने 96.4 फीसदी नंबरों के साथ पहले स्थान पर रहें। इस तरह कॉमर्स स्ट्रीम में पटना के अंकित कुमार गुप्ता 94.6 फीसदी नंबर पाकर राज्य में टॉप किया है। कॉमर्स स्ट्रीम में 31,353 विद्यार्थी फर्स्ट डिवीजन में पास हुए हैं।

वहीं, पिछले साल की 12वीं परीक्षा में साइंस स्ट्रीम में सोनाली कुमारी ने 471 अंकों के साथ टॉप किया था। जबकि, सुगंधा वानी कॉमर्स स्ट्रीम में टॉपर थीं।‌ मधु भारती और कैलाश कुमार आर्ट्स स्ट्रीम में टॉपर थे। इसके अलावा साल 2021 में इंटरमीडिएट परीक्षा का पास प्रतिशत 78.04 प्रतिशत था। कॉमर्स स्ट्रीम का पास प्रतिशत 91.48, आर्ट्स स्ट्रीम का 77.97 और साइंस स्ट्रीम का 77.39 प्रतिशत था।

इस साल बिहार बोर्ड द्वारा कक्षा 12वीं की परीक्षा कोविड-19 महामारी के बावजूद भी 1 फरवरी से 14 फरवरी 2022 तक सफलतापूर्वक आयोजित की गई थी। इस परीक्षा की प्रोविजनल आंसर की 3 मार्च को जारी की गई थी और कक्षा 12वीं का परिणाम आज यानी 16 मार्च 2022 को घोषित किया गया है। इस परीक्षा से जुड़े लेटेस्ट अपडेट के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर चेक करते रहें।



from Education News Hindi, Latest Educational News In India, Today Education News (एजुकेशन न्यूज़), शिक्षा समाचार, Admit Card, Exam Results | Jansatta https://ift.tt/8NqnaAi
via IFTTT

BSEB 12th Result 2022: बिहार सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड (BSEB) ने कक्षा 12वीं परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। यह परिणाम राज्य शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी द्वारा घोषित किया गया। इसके बाद रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। सभी उम्मीदवार बिहार बोर्ड की वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर अपना रिजल्ट चेक करके डाउनलोड कर सकते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल कक्षा 12वीं परीक्षा साइंस में 83.7 फीसदी, आर्ट्स में कुल 79.53 फीसदी और कॉमर्स में कुल 90.38 फीसदी विद्यार्थी सफल हुए हैं। साइंस स्ट्रीम में सौरभ कुमार 94.4 फीसदी अंक हासिल कर पहला प्राप्त किया। वहीं आर्ट्स स्ट्रीम में संगम राज ने 96.4 फीसदी नंबरों के साथ पहले स्थान पर रहें। इस तरह कॉमर्स स्ट्रीम में पटना के अंकित कुमार गुप्ता 94.6 फीसदी नंबर पाकर राज्य में टॉप किया है। कॉमर्स स्ट्रीम में 31,353 विद्यार्थी फर्स्ट डिवीजन में पास हुए हैं।

वहीं, पिछले साल की 12वीं परीक्षा में साइंस स्ट्रीम में सोनाली कुमारी ने 471 अंकों के साथ टॉप किया था। जबकि, सुगंधा वानी कॉमर्स स्ट्रीम में टॉपर थीं।‌ मधु भारती और कैलाश कुमार आर्ट्स स्ट्रीम में टॉपर थे। इसके अलावा साल 2021 में इंटरमीडिएट परीक्षा का पास प्रतिशत 78.04 प्रतिशत था। कॉमर्स स्ट्रीम का पास प्रतिशत 91.48, आर्ट्स स्ट्रीम का 77.97 और साइंस स्ट्रीम का 77.39 प्रतिशत था।

इस साल बिहार बोर्ड द्वारा कक्षा 12वीं की परीक्षा कोविड-19 महामारी के बावजूद भी 1 फरवरी से 14 फरवरी 2022 तक सफलतापूर्वक आयोजित की गई थी। इस परीक्षा की प्रोविजनल आंसर की 3 मार्च को जारी की गई थी और कक्षा 12वीं का परिणाम आज यानी 16 मार्च 2022 को घोषित किया गया है। इस परीक्षा से जुड़े लेटेस्ट अपडेट के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर चेक करते रहें।