SSC CPO SI DME Admit Card 2021: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने दिल्ली पुलिस, सीएपीएफ और सीआईएसएफ परीक्षा 2019 में सब इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। मेडिकल एग्जाम के लिए योग्य उम्मीदवार अपने कॉल लेटर कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की रीजनल वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।
आयोग ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 18 से 30 अक्टूबर 2021 तक मेडिकल एग्जाम आयोजित करने का निर्णय लिया है। उम्मीदवार लॉगिन पेज पर अपने रोल नंबर, नाम और पंजीकरण संख्या का उपयोग करके अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
SSC CPO SI DME Admit Card 2021: ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड
स्टेप 1: उम्मीदवार सबसे पहले कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ऑफिशियल वेबासइट ssc.nic.in पर जाएं।
स्टेप 2: वेबसाइट पर दिए गये लिंक ‘STATUS / DOWNLOAD CALL LETTER FOR SUB-INSPECTORS IN DELHI POLICE, CAPFs & ASSISTANT SUB-INSPECTORS IN CISF EXAM-2019 – CONDUCT OF DETAILED MEDICAL EXAMINATION (DME) TO BE HELD FROM 18/10/2021 TO 30/10/2021’ पर क्लिक करें।
स्टेप 3: लिंक पर क्लिक करने के बाद एक नया पेज उम्मीदवारों के सामने खुलेगा।
स्टेप 4: अब, आपके पास अपने कॉल लेटर डाउनलोड करने के लिए तीन विकल्प हैं। यानी पंजीकरण संख्या और जन्म तिथि, रोल नंबर और जन्मतिथि, नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि के अनुसार।
स्टेप 5: क्रेडेंशियल सबमिट करने के बाद, स्क्रीन पर एडमिट कार्ड प्रदर्शित होगा।
स्टेप 6: उम्मीदवार SSC CPO SI DME Admit Card 2021 डाउनलोड कर सकते हैं और इसे भविष्य के संदर्भ के प्रिंट आउट ले लें।
अब तक, उत्तरी क्षेत्र, पश्चिमी क्षेत्र, एमपी उप क्षेत्र, उत्तर पूर्वी क्षेत्र, केकेआर क्षेत्र, एनडब्ल्यूआर क्षेत्र और मध्य क्षेत्र के लिए प्रवेश पत्र अपलोड कर दिए गए हैं। बाकी क्षेत्रों के लिए एडमिट कार्ड जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। उम्मीदवारों को ध्यान देना चाहिए कि परीक्षा में बैठते समय, उनके पास एक मूल फोटो पहचान पत्र होना चाहिए जिसमें जन्म तिथि वही हो जो प्रवेश प्रमाण पत्र में हो।
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SSC CPO SI DME Admit Card 2021: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने दिल्ली पुलिस, सीएपीएफ और सीआईएसएफ परीक्षा 2019 में सब इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। मेडिकल एग्जाम के लिए योग्य उम्मीदवार अपने कॉल लेटर कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की रीजनल वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।
आयोग ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 18 से 30 अक्टूबर 2021 तक मेडिकल एग्जाम आयोजित करने का निर्णय लिया है। उम्मीदवार लॉगिन पेज पर अपने रोल नंबर, नाम और पंजीकरण संख्या का उपयोग करके अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
SSC CPO SI DME Admit Card 2021: ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड
स्टेप 1: उम्मीदवार सबसे पहले कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ऑफिशियल वेबासइट ssc.nic.in पर जाएं।
स्टेप 2: वेबसाइट पर दिए गये लिंक ‘STATUS / DOWNLOAD CALL LETTER FOR SUB-INSPECTORS IN DELHI POLICE, CAPFs & ASSISTANT SUB-INSPECTORS IN CISF EXAM-2019 – CONDUCT OF DETAILED MEDICAL EXAMINATION (DME) TO BE HELD FROM 18/10/2021 TO 30/10/2021’ पर क्लिक करें।
स्टेप 3: लिंक पर क्लिक करने के बाद एक नया पेज उम्मीदवारों के सामने खुलेगा।
स्टेप 4: अब, आपके पास अपने कॉल लेटर डाउनलोड करने के लिए तीन विकल्प हैं। यानी पंजीकरण संख्या और जन्म तिथि, रोल नंबर और जन्मतिथि, नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि के अनुसार।
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स्टेप 6: उम्मीदवार SSC CPO SI DME Admit Card 2021 डाउनलोड कर सकते हैं और इसे भविष्य के संदर्भ के प्रिंट आउट ले लें।
अब तक, उत्तरी क्षेत्र, पश्चिमी क्षेत्र, एमपी उप क्षेत्र, उत्तर पूर्वी क्षेत्र, केकेआर क्षेत्र, एनडब्ल्यूआर क्षेत्र और मध्य क्षेत्र के लिए प्रवेश पत्र अपलोड कर दिए गए हैं। बाकी क्षेत्रों के लिए एडमिट कार्ड जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। उम्मीदवारों को ध्यान देना चाहिए कि परीक्षा में बैठते समय, उनके पास एक मूल फोटो पहचान पत्र होना चाहिए जिसमें जन्म तिथि वही हो जो प्रवेश प्रमाण पत्र में हो।
Sarkari Naukri-Result 2021 LIVE Updates: UPSC, SSC सहित कई सरकारी संस्थान समय समय पर रिक्त पदों के लिए उम्मीदवारों से आवेदन मांगते हैं। कैंडिडेट्स अपनी आयु सीमा और शैक्षिक योग्यता के अनुसार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। गोवा पुलिस ने हाल ही में पुलिस कांस्टेबल ड्राइवर ग्रेड 3 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। सभी इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित फॉर्मेट में 21 अक्टूबर तक या उससे पहले आवेदन कर सकते हैं। कांस्टेबल ड्राइवर पद पर भर्ती के लिए आवेदन पत्र गोवा पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट citizen.goapolice.gov.in पर उपलब्ध है।
उत्तराखंड सबोर्डिनेट सर्विस सेलेक्शन कमीशन (UKSSSC) ने विभिन्न विभागों में भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। सभी इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट sssc.uk.gov.in पर 12 अक्टूबर 2021 से आवेदन कर सकते हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 25 नवंबर 2021 है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने स्पेशलिस्ट ऑफिसर (SO) पदों के लिए इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं। इन पदों पर आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की ऑफिशियल वेबसाइट sbi.co.in के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। योग्य उम्मीदवार अपना आवेदन 18 अक्टूबर 2021 को या उससे पहले जमा कर सकते हैं।
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Sarkari Naukri-Result 2021 LIVE Updates: UPSC, SSC सहित कई सरकारी संस्थान समय समय पर रिक्त पदों के लिए उम्मीदवारों से आवेदन मांगते हैं। कैंडिडेट्स अपनी आयु सीमा और शैक्षिक योग्यता के अनुसार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। गोवा पुलिस ने हाल ही में पुलिस कांस्टेबल ड्राइवर ग्रेड 3 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। सभी इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित फॉर्मेट में 21 अक्टूबर तक या उससे पहले आवेदन कर सकते हैं। कांस्टेबल ड्राइवर पद पर भर्ती के लिए आवेदन पत्र गोवा पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट citizen.goapolice.gov.in पर उपलब्ध है।
उत्तराखंड सबोर्डिनेट सर्विस सेलेक्शन कमीशन (UKSSSC) ने विभिन्न विभागों में भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। सभी इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट sssc.uk.gov.in पर 12 अक्टूबर 2021 से आवेदन कर सकते हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 25 नवंबर 2021 है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने स्पेशलिस्ट ऑफिसर (SO) पदों के लिए इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं। इन पदों पर आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की ऑफिशियल वेबसाइट sbi.co.in के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। योग्य उम्मीदवार अपना आवेदन 18 अक्टूबर 2021 को या उससे पहले जमा कर सकते हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में पिछले दिनों कुछ ऐतिहासिक हुआ, जो हर तरफ चर्चा का विषय बना। पहली बार विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों को प्रमोट कर प्रोफेसर बनाया गया। यह व्यवस्था पहले विवि के विभागों तक ही सीमित थी। तमाम कॉलेजों में कई ऐसे शिक्षक थे, जो लंबे वक्त से एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर अपनी सेवा दे रहे थे और उनका प्रमोशन जुलाई 2018 से ही लंबित था।
इस प्रमोशन को सिर्फ कुछ शिक्षकों की पदोन्नति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसके व्यापक प्रभाव हैं। सबसे महत्वपूर्ण तो यह कि इस पदोन्नति ने पूरे विश्वविद्यालय में गुणात्मक शैक्षणिक प्रगति पर ध्यान देने योग्य प्रभाव डाला है। आपको बता दें कि अभी तक डीयू से संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों को ज्यादा से ज्यादा सहायक प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर के स्तर तक पदोन्नत किया जाता था। इससे उनका करियर आगे बढ़ नहीं पाता था। लेकिन इस बार हुए पदोन्नति खासकर युवा सहायक प्रोफेसरों के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
रिसर्च पब्लिकेशंस की गुणवत्ता सुधरेगी: डीयू के इस अभूतपूर्व कदम से उन तमाम युवा शिक्षकों को प्रेरणा मिल रही है, जो यूजीसी के तमाम नियमों को पूरा कर प्रोफेसर बनने की चाहत रखते हैं। तमाम शिक्षकों ने तो अपने शोध आउटपुट को बढ़ाने का काम भी शुरू कर दिया है। जल्द ही रिसर्च पब्लिकेशंस के रूप में इसका नतीजा भी देखने को मिलेगा। न सिर्फ पब्लिकेशंस की संख्या बढ़ेगी, बल्कि गुणवत्ता में भी सुधार होगा। कल्पना कीजिए कि अगर सभी असिस्टेंट प्रोफेसर, प्रमोशन के लिए जरूर प्रकाशन की संख्या को पूरा करते हैं तो पूरे विश्वविद्यालय के प्रकाशनों की संख्या में कितना उछाल आयेगा।
इसको इस तरीके से समझें कि डीयू से संबद्ध हर कॉलेज में तकरीबन 50 असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। यदि सभी जरूरी रिसर्च पब्लिकेशंस पर काम करें तो करीबन 35000 पब्लिकेशन तैयार हो जाएगा, जो देश में शोध प्रकाशनों की संख्या में बेहद महत्वपूर्ण योगदान होगा। हालांकि पहले प्रकाशन की गुणवत्ता एक प्रमुख चिंता का विषय रही है। लेकिन स्कोपस इंडेक्सेड ( Scopus Indexed) जैसी गुणवत्तापरक शोध पत्रिकाओं में प्रकाशन की अनिवार्यता से इसका स्तर सुधरा है। शिक्षक भी सतर्क और सजग हुए हैं। कुल मिलाकर नई व्यवस्था के बाद तमाम युवा शिक्षक घंटों किताबों में सिर खपाने, शोध और शोध की गुणवत्ता पर ध्यान देने को तैयार दिख रहे हैं। क्योंकि उन्हें पदोन्नति की संभावना दिखाई दे रही है, जो पहले नहीं थी।
पीएचडी के नामांकन में भी होगा इजाफा: इन सबके साथ-साथ पीएचडी में दाखिले की संख्या में भी भारी उछाल आएगा, क्योंकि अब ज्यादा शिक्षक शोध कराने (रिसर्च सुपरवाइजर) को तैयार होंगे, जो प्रमोशन के लिए अहम है। इसके अलावा शिक्षक शोध के विषय, उसकी गुणवत्ता और प्रकाशन जैसी बुनियादी चीजों को गंभीरता से लेंगे और ध्यान देंगे।
बता दें कि प्रमोशन की प्रक्रिया का लाभ सिर्फ एसोसिएट प्रोफेसरों को ही नहीं मिला, बल्कि अलग-अलग स्तर पर सैकड़ों शिक्षक लाभान्वित हुए। मसलन, तमाम असिस्टेंट प्रोफेसर प्रमोट होकर एसोसिएट बने। कई शिक्षकों को पदोन्नति के अलग-अलग चरण का लाभ मिला, जो पिछले दस-बारह साल से लंबित था। दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे संस्थान में सालभर के भीतर ही प्रमोशन से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाना एक बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
यह काम विवि के डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो. बलराम पाणि के नेतृत्व में संभव हो पाया, जो पहले दिन से ही इस कार्य को लेकर दृढ़ संकल्पित थे। प्रोफेसर पाणि कहते हैं कि “पदोन्नति का काम सबकी सहायता और समन्वय के कारण संभव हो पाया। यह शिक्षक का अधिकार भी है। अगर इसे समय से पूरा कर दिया जाए तो बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनेगा और नेतृत्व-कार्य करने की क्षमता भी बढ़ेगी। यह काम लंबे समय से नहीं हुआ था, इसलिए मैंने मिशन मोड में इसे पूरा करने का फैसला लिया। केवल पदोन्नति ही नहीं बल्कि सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन आदि से जुड़े मुद्दे भी पेंडिंग थे। विश्वविद्यालय ने इसे भी हल कर लिया है, और फिलहाल ऐसा कोई नहीं है, जिसकी पेंशन फाइल लंबित हो।”
नई नियुक्तियों की प्रक्रिया में आएगी तेजी: चूंकि, अब पदोन्नति की प्रक्रिया लगभग पूरी होने को है, ऐसे में विश्वविद्यालय में नियुक्तियों की प्रक्रिया में भी तेजी आने की संभावना है, जो सालों से लंबित है। खासकर एडहॉक पर पढ़ा रहे हजारों शिक्षकों को भी उम्मीद जगी है। बता दें कि डीयू से संबद्ध तमाम ऐसे कॉलेज हैं, जहां बीते एक दशक से भी ज्यादा वक्त से कोई भी स्थायी नियुक्ति नहीं हुई है। जिसके चलते हजारों योग्य-कुशल शिक्षकों के करियर पर एक तरीके से ब्रेक लग गया है। प्रो. बलराम पाणि कहते हैं कि किसी भी असंतुष्ट व्यक्ति से आप सौ फीसदी योगदान की अपेक्षा नहीं रख सकते हैं।
वे कहते हैं कि विवि में नए कुलपति की नियुक्ति के साथ ही प्रमोशन की तरह नई नियुक्तियों की प्रक्रिया भी गति पकड़ेगी। शिक्षा मंत्रालय द्वारा देश के सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति को पूरा करने के लिए दी गई समय-सीमा के अंदर यहां भी नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी करने की दिशा में काम चल रहा है। इससे निश्चित रूप से दिल्ली विश्वविद्यालय में पठन-पाठन का माहौल और बेहतर होगा। खासकर, ऐसे वक्त में जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू हो गई है, तब विवि ऐसे महत्वपूर्ण कार्य को नजरअंदाज करने का जोखिम कतई नहीं उठा सकता है।
(डॉ. नित्यानंद अगस्ती, दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज में केमिस्ट्री के शिक्षक हैं)
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डॉ. नित्यानंद अगस्ती
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में पिछले दिनों कुछ ऐतिहासिक हुआ, जो हर तरफ चर्चा का विषय बना। पहली बार विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों को प्रमोट कर प्रोफेसर बनाया गया। यह व्यवस्था पहले विवि के विभागों तक ही सीमित थी। तमाम कॉलेजों में कई ऐसे शिक्षक थे, जो लंबे वक्त से एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर अपनी सेवा दे रहे थे और उनका प्रमोशन जुलाई 2018 से ही लंबित था।
इस प्रमोशन को सिर्फ कुछ शिक्षकों की पदोन्नति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसके व्यापक प्रभाव हैं। सबसे महत्वपूर्ण तो यह कि इस पदोन्नति ने पूरे विश्वविद्यालय में गुणात्मक शैक्षणिक प्रगति पर ध्यान देने योग्य प्रभाव डाला है। आपको बता दें कि अभी तक डीयू से संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों को ज्यादा से ज्यादा सहायक प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर के स्तर तक पदोन्नत किया जाता था। इससे उनका करियर आगे बढ़ नहीं पाता था। लेकिन इस बार हुए पदोन्नति खासकर युवा सहायक प्रोफेसरों के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
रिसर्च पब्लिकेशंस की गुणवत्ता सुधरेगी: डीयू के इस अभूतपूर्व कदम से उन तमाम युवा शिक्षकों को प्रेरणा मिल रही है, जो यूजीसी के तमाम नियमों को पूरा कर प्रोफेसर बनने की चाहत रखते हैं। तमाम शिक्षकों ने तो अपने शोध आउटपुट को बढ़ाने का काम भी शुरू कर दिया है। जल्द ही रिसर्च पब्लिकेशंस के रूप में इसका नतीजा भी देखने को मिलेगा। न सिर्फ पब्लिकेशंस की संख्या बढ़ेगी, बल्कि गुणवत्ता में भी सुधार होगा। कल्पना कीजिए कि अगर सभी असिस्टेंट प्रोफेसर, प्रमोशन के लिए जरूर प्रकाशन की संख्या को पूरा करते हैं तो पूरे विश्वविद्यालय के प्रकाशनों की संख्या में कितना उछाल आयेगा।
इसको इस तरीके से समझें कि डीयू से संबद्ध हर कॉलेज में तकरीबन 50 असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। यदि सभी जरूरी रिसर्च पब्लिकेशंस पर काम करें तो करीबन 35000 पब्लिकेशन तैयार हो जाएगा, जो देश में शोध प्रकाशनों की संख्या में बेहद महत्वपूर्ण योगदान होगा। हालांकि पहले प्रकाशन की गुणवत्ता एक प्रमुख चिंता का विषय रही है। लेकिन स्कोपस इंडेक्सेड ( Scopus Indexed) जैसी गुणवत्तापरक शोध पत्रिकाओं में प्रकाशन की अनिवार्यता से इसका स्तर सुधरा है। शिक्षक भी सतर्क और सजग हुए हैं। कुल मिलाकर नई व्यवस्था के बाद तमाम युवा शिक्षक घंटों किताबों में सिर खपाने, शोध और शोध की गुणवत्ता पर ध्यान देने को तैयार दिख रहे हैं। क्योंकि उन्हें पदोन्नति की संभावना दिखाई दे रही है, जो पहले नहीं थी।
पीएचडी के नामांकन में भी होगा इजाफा: इन सबके साथ-साथ पीएचडी में दाखिले की संख्या में भी भारी उछाल आएगा, क्योंकि अब ज्यादा शिक्षक शोध कराने (रिसर्च सुपरवाइजर) को तैयार होंगे, जो प्रमोशन के लिए अहम है। इसके अलावा शिक्षक शोध के विषय, उसकी गुणवत्ता और प्रकाशन जैसी बुनियादी चीजों को गंभीरता से लेंगे और ध्यान देंगे।
बता दें कि प्रमोशन की प्रक्रिया का लाभ सिर्फ एसोसिएट प्रोफेसरों को ही नहीं मिला, बल्कि अलग-अलग स्तर पर सैकड़ों शिक्षक लाभान्वित हुए। मसलन, तमाम असिस्टेंट प्रोफेसर प्रमोट होकर एसोसिएट बने। कई शिक्षकों को पदोन्नति के अलग-अलग चरण का लाभ मिला, जो पिछले दस-बारह साल से लंबित था। दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे संस्थान में सालभर के भीतर ही प्रमोशन से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाना एक बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
यह काम विवि के डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो. बलराम पाणि के नेतृत्व में संभव हो पाया, जो पहले दिन से ही इस कार्य को लेकर दृढ़ संकल्पित थे। प्रोफेसर पाणि कहते हैं कि “पदोन्नति का काम सबकी सहायता और समन्वय के कारण संभव हो पाया। यह शिक्षक का अधिकार भी है। अगर इसे समय से पूरा कर दिया जाए तो बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनेगा और नेतृत्व-कार्य करने की क्षमता भी बढ़ेगी। यह काम लंबे समय से नहीं हुआ था, इसलिए मैंने मिशन मोड में इसे पूरा करने का फैसला लिया। केवल पदोन्नति ही नहीं बल्कि सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन आदि से जुड़े मुद्दे भी पेंडिंग थे। विश्वविद्यालय ने इसे भी हल कर लिया है, और फिलहाल ऐसा कोई नहीं है, जिसकी पेंशन फाइल लंबित हो।”
नई नियुक्तियों की प्रक्रिया में आएगी तेजी: चूंकि, अब पदोन्नति की प्रक्रिया लगभग पूरी होने को है, ऐसे में विश्वविद्यालय में नियुक्तियों की प्रक्रिया में भी तेजी आने की संभावना है, जो सालों से लंबित है। खासकर एडहॉक पर पढ़ा रहे हजारों शिक्षकों को भी उम्मीद जगी है। बता दें कि डीयू से संबद्ध तमाम ऐसे कॉलेज हैं, जहां बीते एक दशक से भी ज्यादा वक्त से कोई भी स्थायी नियुक्ति नहीं हुई है। जिसके चलते हजारों योग्य-कुशल शिक्षकों के करियर पर एक तरीके से ब्रेक लग गया है। प्रो. बलराम पाणि कहते हैं कि किसी भी असंतुष्ट व्यक्ति से आप सौ फीसदी योगदान की अपेक्षा नहीं रख सकते हैं।
वे कहते हैं कि विवि में नए कुलपति की नियुक्ति के साथ ही प्रमोशन की तरह नई नियुक्तियों की प्रक्रिया भी गति पकड़ेगी। शिक्षा मंत्रालय द्वारा देश के सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति को पूरा करने के लिए दी गई समय-सीमा के अंदर यहां भी नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी करने की दिशा में काम चल रहा है। इससे निश्चित रूप से दिल्ली विश्वविद्यालय में पठन-पाठन का माहौल और बेहतर होगा। खासकर, ऐसे वक्त में जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू हो गई है, तब विवि ऐसे महत्वपूर्ण कार्य को नजरअंदाज करने का जोखिम कतई नहीं उठा सकता है।
(डॉ. नित्यानंद अगस्ती, दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज में केमिस्ट्री के शिक्षक हैं)
Bihar BEd Counselling 2021: दूसरे राउंड के लिए बिहार बैचलर ऑफ एजुकेशन, बिहार बीएड काउंसलिंग 2021 प्रक्रिया को पहले ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, एलएनएमयू द्वारा संशोधित किया गया था। आधिकारिक नोटिस के अनुसार, बिहार बीएड सीईटी दूसरी अलॉटमेंट लिस्ट आज 11 अक्टूबर, 2021 को आधिकारिक वेबसाइट bihar-cetbed-lnmu.in पर जारी की जाएगी। जिन उम्मीदवारों को सीटें आवंटित की जाएंगी उन्हें 12 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक 3000 रुपये का आवेदन शुल्क देना होगा।
राउंड वन अलॉटमेंट लिस्ट 18 सितंबर, 2021 को जारी की गई थी। परीक्षा 13 अगस्त, 2021 को राज्य भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों में ऑफलाइन आयोजित की गई थी। 24 अगस्त को घोषित रिजल्ट के अनुसार, लगभग 1.12 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की थी। संशोधित बिहार बीएड काउंसलिंग 2021 अनुसूची में कहा गया है कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और संबंधित कॉलेजों को 18 से 23 अक्टूबर तक रिपोर्ट करना होगा।
तीसरा राउंड केवल बिहार बीएड काउंसलिंग 2021 के राउंड 2 के समापन के बाद उपलब्ध खाली सीटों के लिए आयोजित किया जाएगा। आधिकारिक सूचना के अनुसार, विश्वविद्यालय 24 अक्टूबर को खाली सीटों की घोषणा करेगा। बची सीटों के लिए स्पॉट प्रवेश होगा। 25 से 30 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे दूसरी आवंटन लिस्ट डाउनलोड करने के लिए यहां दिए गए लिंक पर जाएं और उसके मुताबिक बिहार बीएड काउंसलिंग 2021 प्रक्रिया को पूरा करें।
How to Download Bihar BEd Counselling 2021 Allotment List
Bihar BEd Counselling 2021 की दूसरी लिस्ट चेक करने के लिए कैंडिडे्टस को आधिकारिक वेबसाइट bihar-cetbed-lnmu.in पर जाना होगा।
वेबसाइट के होमपेज पर आपको ‘Bihar B.Ed CET 2021 Counselling’ का लिंक मिलेगा। उसपर क्लिक करें।
क्लिक करने के बाद नया पेज खुल जाएगा। यहां आपको अपना यूजरनेम, पासवर्ड और कैप्चा कोड डालकर लॉगिन करना होगा।
लॉगिन करने के बाद आप अपना एलॉटमेंट लेटर चेक करने पाएंगे और उसका प्रिंट आउट भी ले सकेंगे।
काउंसलिंग लेटर डाउनलोड करने का डायरेक्ट लिंक ये bihar-cetbed-lnmu.in/login है।
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Bihar BEd Counselling 2021: दूसरे राउंड के लिए बिहार बैचलर ऑफ एजुकेशन, बिहार बीएड काउंसलिंग 2021 प्रक्रिया को पहले ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, एलएनएमयू द्वारा संशोधित किया गया था। आधिकारिक नोटिस के अनुसार, बिहार बीएड सीईटी दूसरी अलॉटमेंट लिस्ट आज 11 अक्टूबर, 2021 को आधिकारिक वेबसाइट bihar-cetbed-lnmu.in पर जारी की जाएगी। जिन उम्मीदवारों को सीटें आवंटित की जाएंगी उन्हें 12 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक 3000 रुपये का आवेदन शुल्क देना होगा।
राउंड वन अलॉटमेंट लिस्ट 18 सितंबर, 2021 को जारी की गई थी। परीक्षा 13 अगस्त, 2021 को राज्य भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों में ऑफलाइन आयोजित की गई थी। 24 अगस्त को घोषित रिजल्ट के अनुसार, लगभग 1.12 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की थी। संशोधित बिहार बीएड काउंसलिंग 2021 अनुसूची में कहा गया है कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और संबंधित कॉलेजों को 18 से 23 अक्टूबर तक रिपोर्ट करना होगा।
तीसरा राउंड केवल बिहार बीएड काउंसलिंग 2021 के राउंड 2 के समापन के बाद उपलब्ध खाली सीटों के लिए आयोजित किया जाएगा। आधिकारिक सूचना के अनुसार, विश्वविद्यालय 24 अक्टूबर को खाली सीटों की घोषणा करेगा। बची सीटों के लिए स्पॉट प्रवेश होगा। 25 से 30 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे दूसरी आवंटन लिस्ट डाउनलोड करने के लिए यहां दिए गए लिंक पर जाएं और उसके मुताबिक बिहार बीएड काउंसलिंग 2021 प्रक्रिया को पूरा करें।
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Bihar BEd Counselling 2021 की दूसरी लिस्ट चेक करने के लिए कैंडिडे्टस को आधिकारिक वेबसाइट bihar-cetbed-lnmu.in पर जाना होगा।
वेबसाइट के होमपेज पर आपको ‘Bihar B.Ed CET 2021 Counselling’ का लिंक मिलेगा। उसपर क्लिक करें।
क्लिक करने के बाद नया पेज खुल जाएगा। यहां आपको अपना यूजरनेम, पासवर्ड और कैप्चा कोड डालकर लॉगिन करना होगा।
लॉगिन करने के बाद आप अपना एलॉटमेंट लेटर चेक करने पाएंगे और उसका प्रिंट आउट भी ले सकेंगे।
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सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों के संघर्षमय जीवन में विजय सिंह गुर्जर की पुलिस कांस्टेबल से आईपीएस बनने की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। विजय सिंह गुर्जर ने वर्ष 2017 में 574वीं रैंक हासिल की थी। उनका कहना है कि, अगर मैं कांस्टेबल से आईपीएस तक का सफर तय कर सकता हूं तो बाकी परीक्षार्थी भी अपनी लगन, मेहनत से अपना सपना पूरा कर सकते हैं।
विजय सिंह गुर्जर दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल रहे और कोचिंग के अधिक सपोर्ट के बिना यूपीएससी परीक्षा पास की। उनका कहना है कि, जीवन में हमें चलते रहना चाहिए, कोशिश करते रहना चाहिए, अगर हम रुक गए तो हम आगे नहीं बढ़ सकते। राजस्थान में एक गांव के किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले विजय सिंह गुर्जर की प्रारंभिक शिक्षा उनके ही गांव के एक सरकारी स्कूल में हुई थी। विजय गुर्जर स्कूल के दौरान खेतों के काम में अपने पिता की मदद करते थे।
2009 में संस्कृत विषय से बैचलर्स की डिग्री हासिल करने के बाद जून 2010 में विजय की दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल की परीक्षा पास की। कांस्टेबल की नौकरी के दौरान वो साउथ वेस्ट दिल्ली के डीसीपी परमादित्य की कार्यशैली से काफी प्रभावित हुए और यूपीएससी की तैयारी करने का मन बनाया। इस बीच उनका चयन दिल्ली सब इंस्पेक्टर के लिए भी हुआ लेकिन उन्हें लगा कि, सब इंस्पेक्टर रहते वो अपनी यूपीएससी की तैयारी को अधिक समय नहीं दे सकेंगे।
इसके लिए उन्होंने एसएससी परीक्षा की तरफ रुख किया और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में नौकरी की। विजय का कहना है कि, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में नौकरी के दौरान उन्हें तैयारी के लिए समय भी अधिक मिलने लगा। विजय को अपनी तैयारी के दौरान कई तरह के संघर्ष करने पड़े। कई असफलताएं देखनी पड़ीं। यहां तक कि 2016 में यूपीएससी परीक्षा पास कर इंटरव्यू तक पहुंच चुके थे लेकिन उनका चयन नहीं हो पाया। इससे भी उन्होंने हार नहीं मानी और दोगुनी मेहनत से फिर से तैयारी में लग गए।
असफलताओं से हार ना मानने वाले विजय को आखिरकार 2017 में यूपीएससी परीक्षा में 574वीं रैंक मिली। विजय का मानना है कि यदि आपका लक्ष्य साफ है, और उसके लिए आपके अंदर जुनून है तो सामने कैसी भी बाधा हो, वो ज्यादा देर तक नहीं टिक सकती है। सफलता पाने के लिए जरूरी है कि आप अपनी कमियों को पहचाने और उसमें लगातार सुधार करते रहें। विजय मानते हैं कि किसी सफलता के लिए भाषा कोई बाधा नहीं है। बस आपमें मेहनत और लगन होनी चाहिए।
कोशिश अभी भी है जारी: कभी कॉलेज की पढ़ाई छोड़ने का मन ख्याल लाने वाले आईपीएस विजय सिंह गुर्जर का संघर्ष आज भी जारी है। उनका कहना है कि अभी आगे वो और बेहतर करने की कोशिशों में लगे हैं। उन्होंने कहा कि, अगर मैं आईपीएस में रहा तो मैं कोशिश करूंगा, मैंने जो समस्याएं झेली वो मेरे अधीनस्थ कर्मचारियों को ना झेलनी पड़े।
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सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों के संघर्षमय जीवन में विजय सिंह गुर्जर की पुलिस कांस्टेबल से आईपीएस बनने की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। विजय सिंह गुर्जर ने वर्ष 2017 में 574वीं रैंक हासिल की थी। उनका कहना है कि, अगर मैं कांस्टेबल से आईपीएस तक का सफर तय कर सकता हूं तो बाकी परीक्षार्थी भी अपनी लगन, मेहनत से अपना सपना पूरा कर सकते हैं।
विजय सिंह गुर्जर दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल रहे और कोचिंग के अधिक सपोर्ट के बिना यूपीएससी परीक्षा पास की। उनका कहना है कि, जीवन में हमें चलते रहना चाहिए, कोशिश करते रहना चाहिए, अगर हम रुक गए तो हम आगे नहीं बढ़ सकते। राजस्थान में एक गांव के किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले विजय सिंह गुर्जर की प्रारंभिक शिक्षा उनके ही गांव के एक सरकारी स्कूल में हुई थी। विजय गुर्जर स्कूल के दौरान खेतों के काम में अपने पिता की मदद करते थे।
2009 में संस्कृत विषय से बैचलर्स की डिग्री हासिल करने के बाद जून 2010 में विजय की दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल की परीक्षा पास की। कांस्टेबल की नौकरी के दौरान वो साउथ वेस्ट दिल्ली के डीसीपी परमादित्य की कार्यशैली से काफी प्रभावित हुए और यूपीएससी की तैयारी करने का मन बनाया। इस बीच उनका चयन दिल्ली सब इंस्पेक्टर के लिए भी हुआ लेकिन उन्हें लगा कि, सब इंस्पेक्टर रहते वो अपनी यूपीएससी की तैयारी को अधिक समय नहीं दे सकेंगे।
इसके लिए उन्होंने एसएससी परीक्षा की तरफ रुख किया और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में नौकरी की। विजय का कहना है कि, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में नौकरी के दौरान उन्हें तैयारी के लिए समय भी अधिक मिलने लगा। विजय को अपनी तैयारी के दौरान कई तरह के संघर्ष करने पड़े। कई असफलताएं देखनी पड़ीं। यहां तक कि 2016 में यूपीएससी परीक्षा पास कर इंटरव्यू तक पहुंच चुके थे लेकिन उनका चयन नहीं हो पाया। इससे भी उन्होंने हार नहीं मानी और दोगुनी मेहनत से फिर से तैयारी में लग गए।
असफलताओं से हार ना मानने वाले विजय को आखिरकार 2017 में यूपीएससी परीक्षा में 574वीं रैंक मिली। विजय का मानना है कि यदि आपका लक्ष्य साफ है, और उसके लिए आपके अंदर जुनून है तो सामने कैसी भी बाधा हो, वो ज्यादा देर तक नहीं टिक सकती है। सफलता पाने के लिए जरूरी है कि आप अपनी कमियों को पहचाने और उसमें लगातार सुधार करते रहें। विजय मानते हैं कि किसी सफलता के लिए भाषा कोई बाधा नहीं है। बस आपमें मेहनत और लगन होनी चाहिए।
कोशिश अभी भी है जारी: कभी कॉलेज की पढ़ाई छोड़ने का मन ख्याल लाने वाले आईपीएस विजय सिंह गुर्जर का संघर्ष आज भी जारी है। उनका कहना है कि अभी आगे वो और बेहतर करने की कोशिशों में लगे हैं। उन्होंने कहा कि, अगर मैं आईपीएस में रहा तो मैं कोशिश करूंगा, मैंने जो समस्याएं झेली वो मेरे अधीनस्थ कर्मचारियों को ना झेलनी पड़े।
UPSC New Notification 2021: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने डेटा प्रोसेसिंग सहायक, निजी सचिव, वरिष्ठ ग्रेड, जूनियर टाइम स्केल (जेटीएस) ग्रेड और युवा अधिकारी के रूप में उम्मीदवारों की तलाश कर रहा है। ऑनलाइन आवेदन लिंक upsc.gov.in पर 28 अक्टूबर 2021 तक उपलब्ध है। इच्छुक उम्मीदवार जो इन पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे यूपीएससी वेकेंसी 2021 पर ज्यादा डिटेल्स जैसे वेकेंसी ब्रेकअप, शैक्षिक योग्यता आदि डिटेल्स यहां देख सकते हैं।
इस भर्ती प्रक्रिया से डेटा प्रोसेसिंग असिस्टेंट का एक पद, निजी सचिव का एक पद, सीनियर ग्रेड के 20 पद, जूनियर टाइम स्केल (जेटीएस) ग्रेड के 29 पद और युवा अधिकारी के 5 पद भरे जाने हैं। इन पदों पर आयु सीमा की बात करें तो डेटा प्रोसेसिंग असिस्टेंट, निजी सचिव, सीनियर ग्रेड और यूथ ऑफिसर के लिए 30 साल और जूनियर टाइम स्केल (जेटीएस) ग्रेड के लिए 35 साल है।
इन पदों पर भर्ती के लिए पढ़ाई की बात करें तो
डेटा प्रोसेसिंग असिस्टेंट– किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से कंप्यूटर एप्लीकेशन या इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी या कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री या बी.ई. या किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से कंप्यूटर इंजीनियरिंग या कंप्यूटर विज्ञान या कंप्यूटर टेक्नॉलीजी या कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग या इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी में बी.टेक
निजी सचिव – किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से ग्रेजुएशन की डिग्री. डिक्टेशन: 10 मिनट @ 100 शब्द प्रति मिनट। (iii) ट्रांसक्रिप्शन: ४० मिनट (अंग्रेजी) 55 मिनट (हिंदी) केवल कंप्यूटर पर। सीनियर ग्रेड – किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान की डिग्री, किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय / संस्थान से पत्रकारिता / जनसंचार में डिप्लोमा / स्नातकोत्तर डिप्लोमा, या किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय / संस्थान से पत्रकारिता और जनसंचार में डिग्री। उम्मीदवारों को 10 वीं कक्षा तक संबंधित भारतीय भाषा का अध्ययन करना चाहिए।
जूनियर टाइम स्केल (जेटीएस) ग्रेड – किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय की डिग्री, किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से सामाजिक कार्य या श्रम कल्याण या औद्योगिक संबंध या कार्मिक प्रबंधन या श्रम कानून में डिप्लोमा।
यूथ ऑफिसर- किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री या किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से डिग्री। राष्ट्रीय कैडेट कोर या राष्ट्रीय सेवा योजना या राष्ट्रीय सेवा स्वयंसेवक योजना या खेल या सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों सहित युवा कार्य या युवा कल्याण से संबंधित कार्यक्रमों के आयोजन में दो साल का अनुभव (मास्टर डिग्री के साथ) या आयोजन में चार साल का अनुभव युवा कार्य या युवा कल्याण से संबंधित कार्यक्रम जिसमें राष्ट्रीय कैडेट कोर या राष्ट्रीय सेवा योजना या राष्ट्रीय सेवा स्वयंसेवक योजना या शिविर सहित खेल या सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियां शामिल हैं (स्नातक की डिग्री के साथ)।
इस भर्ती प्रक्रिया का नोटिफिकेशन चेक करने का डायरेक्ट लिंक ये upsc.gov.in/sites/default/files/Advt-No-14-2021-engl-081021_0.pdf है।
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UPSC New Notification 2021: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने डेटा प्रोसेसिंग सहायक, निजी सचिव, वरिष्ठ ग्रेड, जूनियर टाइम स्केल (जेटीएस) ग्रेड और युवा अधिकारी के रूप में उम्मीदवारों की तलाश कर रहा है। ऑनलाइन आवेदन लिंक upsc.gov.in पर 28 अक्टूबर 2021 तक उपलब्ध है। इच्छुक उम्मीदवार जो इन पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे यूपीएससी वेकेंसी 2021 पर ज्यादा डिटेल्स जैसे वेकेंसी ब्रेकअप, शैक्षिक योग्यता आदि डिटेल्स यहां देख सकते हैं।
इस भर्ती प्रक्रिया से डेटा प्रोसेसिंग असिस्टेंट का एक पद, निजी सचिव का एक पद, सीनियर ग्रेड के 20 पद, जूनियर टाइम स्केल (जेटीएस) ग्रेड के 29 पद और युवा अधिकारी के 5 पद भरे जाने हैं। इन पदों पर आयु सीमा की बात करें तो डेटा प्रोसेसिंग असिस्टेंट, निजी सचिव, सीनियर ग्रेड और यूथ ऑफिसर के लिए 30 साल और जूनियर टाइम स्केल (जेटीएस) ग्रेड के लिए 35 साल है।
इन पदों पर भर्ती के लिए पढ़ाई की बात करें तो
डेटा प्रोसेसिंग असिस्टेंट– किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से कंप्यूटर एप्लीकेशन या इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी या कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री या बी.ई. या किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से कंप्यूटर इंजीनियरिंग या कंप्यूटर विज्ञान या कंप्यूटर टेक्नॉलीजी या कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग या इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी में बी.टेक
निजी सचिव – किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से ग्रेजुएशन की डिग्री. डिक्टेशन: 10 मिनट @ 100 शब्द प्रति मिनट। (iii) ट्रांसक्रिप्शन: ४० मिनट (अंग्रेजी) 55 मिनट (हिंदी) केवल कंप्यूटर पर। सीनियर ग्रेड – किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान की डिग्री, किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय / संस्थान से पत्रकारिता / जनसंचार में डिप्लोमा / स्नातकोत्तर डिप्लोमा, या किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय / संस्थान से पत्रकारिता और जनसंचार में डिग्री। उम्मीदवारों को 10 वीं कक्षा तक संबंधित भारतीय भाषा का अध्ययन करना चाहिए।
जूनियर टाइम स्केल (जेटीएस) ग्रेड – किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय की डिग्री, किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से सामाजिक कार्य या श्रम कल्याण या औद्योगिक संबंध या कार्मिक प्रबंधन या श्रम कानून में डिप्लोमा।
यूथ ऑफिसर- किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री या किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से डिग्री। राष्ट्रीय कैडेट कोर या राष्ट्रीय सेवा योजना या राष्ट्रीय सेवा स्वयंसेवक योजना या खेल या सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों सहित युवा कार्य या युवा कल्याण से संबंधित कार्यक्रमों के आयोजन में दो साल का अनुभव (मास्टर डिग्री के साथ) या आयोजन में चार साल का अनुभव युवा कार्य या युवा कल्याण से संबंधित कार्यक्रम जिसमें राष्ट्रीय कैडेट कोर या राष्ट्रीय सेवा योजना या राष्ट्रीय सेवा स्वयंसेवक योजना या शिविर सहित खेल या सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियां शामिल हैं (स्नातक की डिग्री के साथ)।
इस भर्ती प्रक्रिया का नोटिफिकेशन चेक करने का डायरेक्ट लिंक ये upsc.gov.in/sites/default/files/Advt-No-14-2021-engl-081021_0.pdf है।
Police Recruitment 2021: गोवा पुलिस ने हाल ही में पुलिस कांस्टेबल ड्राइवर ग्रेड 3 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। सभी इच्छुक और योग्य उम्मीदवार Goa Police Constable Driver Recruitment 2021 के लिए निर्धारित फॉर्मेट में 21 अक्टूबर तक या उससे पहले आवेदन कर सकते हैं। कांस्टेबल ड्राइवर पद पर भर्ती के लिए आवेदन पत्र गोवा पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट citizen.goapolice.gov.in पर उपलब्ध है।
नोटिफिकेशन के अनुसार, इस प्रक्रिया के माध्यम से कांस्टेबल ड्राइवर के कुल 55 पदों पर भर्ती की जाएगी। गोवा पुलिस में कांस्टेबल ड्राइवर पद पर चयनित उम्मीदवारों को वेतन मैट्रिक्स लेवल – 2 के तहत 19900 रुपए से 63200 रुपए महीने तक का वेतन दिया जाएगा। बता दें कि इन पदों पर भर्ती के लिए उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा।
योग्यता की बात करें तो कांस्टेबल ड्राइवर पद पर भर्ती के लिए उम्मीदवार सीनियर सेकेंडरी सर्टिफिकेट (SSC) परीक्षा या समकक्ष परीक्षा पास होना चाहिए। साथ ही उम्मीदवारों को कोंकणी भाषा का भी ज्ञान होना चाहिए। इसके अलावा उम्मीदवार की आयु 18 साल से 25 साल के बीच होनी चाहिए। हालांकि, सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट दी जाएगी। यह भर्ती स्पोर्ट्स कोटा के तहत की जा रही है तो किसी भी खेल में राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में राज्य या देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवार आधिकारिक नोटिफिकेशन चेक कर सकते हैं।
गोवा पुलिस में कांस्टेबल ड्राइवर पदों पर भर्ती के लिए सभी इच्छुक और योग्य उम्मीदवार अपना आवेदन निर्धारित फॉर्मेट में 21 अक्टूबर तक जमा कर सकते हैं। इस तारीख के बाद भेजे गए किसी भी आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। बता दें कि आवेदन करने के लिए जनरल / ओबीसी कैटेगरी के उम्मीदवारों को 200 रुपए आवेदन शुल्क जमा करना। जबकि, एससी / एसटी उम्मीदवारों को 100 रुपए देना होगा। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट चेक करें।
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Police Recruitment 2021: गोवा पुलिस ने हाल ही में पुलिस कांस्टेबल ड्राइवर ग्रेड 3 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। सभी इच्छुक और योग्य उम्मीदवार Goa Police Constable Driver Recruitment 2021 के लिए निर्धारित फॉर्मेट में 21 अक्टूबर तक या उससे पहले आवेदन कर सकते हैं। कांस्टेबल ड्राइवर पद पर भर्ती के लिए आवेदन पत्र गोवा पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट citizen.goapolice.gov.in पर उपलब्ध है।
नोटिफिकेशन के अनुसार, इस प्रक्रिया के माध्यम से कांस्टेबल ड्राइवर के कुल 55 पदों पर भर्ती की जाएगी। गोवा पुलिस में कांस्टेबल ड्राइवर पद पर चयनित उम्मीदवारों को वेतन मैट्रिक्स लेवल – 2 के तहत 19900 रुपए से 63200 रुपए महीने तक का वेतन दिया जाएगा। बता दें कि इन पदों पर भर्ती के लिए उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा।
योग्यता की बात करें तो कांस्टेबल ड्राइवर पद पर भर्ती के लिए उम्मीदवार सीनियर सेकेंडरी सर्टिफिकेट (SSC) परीक्षा या समकक्ष परीक्षा पास होना चाहिए। साथ ही उम्मीदवारों को कोंकणी भाषा का भी ज्ञान होना चाहिए। इसके अलावा उम्मीदवार की आयु 18 साल से 25 साल के बीच होनी चाहिए। हालांकि, सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट दी जाएगी। यह भर्ती स्पोर्ट्स कोटा के तहत की जा रही है तो किसी भी खेल में राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में राज्य या देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवार आधिकारिक नोटिफिकेशन चेक कर सकते हैं।
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