Wednesday, September 8, 2021

एमबीए प्रवेश परीक्षाओं के लिए पंजीकरण शुरू

अगले शैक्षणिक वर्ष के लिए व्यवसाय प्रबंधन में स्नातकोत्तर (एमबीए) पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी एमबीए प्रवेश परीक्षाओं के लिए पंजीकरण भी शुरू हो चुका है। अलग-अलग क्षेत्र से स्नातक विद्यार्थियों के लिए एमबीए पसंदीदा स्नातकोत्तर पेशेवर पाठ्यक्रमों में से एक है।

एमबीए पाठ्यक्रम प्रवेश में शामिल होने की उम्मीद करने वाले विद्यार्थी भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) में प्रवेश के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा 2021 (कैट-2021) जैसी विभिन्न परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं जिनमें सिम्बायोसिस नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट, भारतीय विदेश व्यापार संस्थान, जेवियर एप्टीट्यूड टेस्ट और संयुक्त प्रबंधन प्रवेश परीक्षा शामिल हैं।

संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया चार अगस्त को शुरू हुई और 15 सितंबर को शाम पांच बजे समाप्त होगी। 28 नवंबर को परीक्षा निर्धारित है। विद्यार्थी कैट के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा आइआइएम अहमदाबाद की ओर से आयोजित जाएगी और परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को एमबीए कार्यक्रमों के लिए आइआइएम में प्रवेश मिलेगा। सिम्बायोसिस अंतरराष्ट्रीय (डीम्ड) विश्वविद्यालय, पुणे ने 31 अगस्त से सिम्बायोसिस नेशनल एप्टीट्यूड आॅनलाइन परीक्षा (एसएनएपी-2021) के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 27 नवंबर तक जारी रहेगी।

इच्छुक विद्यार्थी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। राष्ट्रीय परीक्षा एजंसी (एनटीए) ने भारतीय विदेश व्यापार संस्थान प्रवेश (आइआइएफटी-2022) के लिए एक सितंबर से आवेदन आमंत्रित किए हैं। विद्यार्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण प्रक्रिया 15 अक्तूबर को समाप्त होगी। जेवियर एप्टीट्यूड टेस्ट (एक्सएटी-2022)के लिए भी पंजीकरण शुरू हो गया है, जो विद्यार्थी परीक्षा के लिए आवेदन करने के इच्छुक हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 30 नवंबर को समाप्त होगी और प्रवेश पत्र 30 दिसंबर से डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध होंगे। एक्सएटी-2022 की परीक्षा दो जनवरी 2022 को होगी।
यूजीसी नेट परीक्षा की तिथि में बदलाव

राष्ट्रीय परीक्षा एजंसी (एनटीए) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) राष्ट्रीय योग्यता परीक्षा (नेट) 2021 की तारीखों में संशोधन किया है। इसके अनुसार, अब यह परीक्षा छह से आठ अक्तूबर के बीच पहले चरा में परीक्षा कराई जाएगी। वहीं, दूसरे चरण में 17 से 19 अक्तूबर के बीच परीक्षा का आयोजन होग, जबकि पहले यह परीक्षा 6 से 11 अक्तूबर, 2021 के बीच होनी थी। लेकिन अब एनटीए ने इसमें बदलाव किया है। इस संबंध में एजंसी ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इसके मुताबिक, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा दिसंबर और जून सत्र 2021 की परीक्षा तिथि में संशोधन किया गया है। एनटीए के मुताबिक, यह जानकारी प्राप्त हुई है कि 10 अक्तूबर को यूजीसी नेट परीक्षा के साथ-साथ कुछ अन्य प्रमुख परीक्षाएं भी उस दिन के लिए निर्धारित है। ऐसे में परीक्षार्थियों को कठिनाई को समझते हुए और उम्मीदवारों की बड़ी भागीदारी सुनिश्चित करने की दूष्टि से यूजीसी नेट दिसंबर की कुछ तिथियों को दोबारा संशोधित किया गया है। यूजीसी नेट 2021 अक्तूबर परीक्षा के लिए नई परीक्षा तिथियां और कार्यक्रम एनटीए की वेबसाइट पर जारी किया गया है।

सीबीएसई ने जारी किए सैंपल पेपर
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने छमाही परीक्षाओं के लिए दसवीं और बारहवीं के लिए सैंपल पेपर जारी कर दिए हैं। विद्यार्थी सीबीएसई की वेबसाइट पर जाकर इन पेपर को देख सकते हैं। कोरोना विषाणु संक्रमण महामारी के मद्देनजर बोर्ड ने इस बार दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित करने का निर्णय किया है। इसके तहत दोनों कक्षाओं की छमाही परीक्षाएं नवंबर में होंगी। नवंबर में होने वाली परीक्षाओं के लिए ही बोर्ड की ओर से दोनों कक्षाओं के सभी विषयों के सैंपल पेपर जारी किए गए हैं।

The post एमबीए प्रवेश परीक्षाओं के लिए पंजीकरण शुरू appeared first on Jansatta.



from एजुकेशन – Jansatta https://ift.tt/3k0UnSF
via IFTTT

अगले शैक्षणिक वर्ष के लिए व्यवसाय प्रबंधन में स्नातकोत्तर (एमबीए) पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी एमबीए प्रवेश परीक्षाओं के लिए पंजीकरण भी शुरू हो चुका है। अलग-अलग क्षेत्र से स्नातक विद्यार्थियों के लिए एमबीए पसंदीदा स्नातकोत्तर पेशेवर पाठ्यक्रमों में से एक है।

एमबीए पाठ्यक्रम प्रवेश में शामिल होने की उम्मीद करने वाले विद्यार्थी भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) में प्रवेश के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा 2021 (कैट-2021) जैसी विभिन्न परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं जिनमें सिम्बायोसिस नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट, भारतीय विदेश व्यापार संस्थान, जेवियर एप्टीट्यूड टेस्ट और संयुक्त प्रबंधन प्रवेश परीक्षा शामिल हैं।

संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया चार अगस्त को शुरू हुई और 15 सितंबर को शाम पांच बजे समाप्त होगी। 28 नवंबर को परीक्षा निर्धारित है। विद्यार्थी कैट के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा आइआइएम अहमदाबाद की ओर से आयोजित जाएगी और परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को एमबीए कार्यक्रमों के लिए आइआइएम में प्रवेश मिलेगा। सिम्बायोसिस अंतरराष्ट्रीय (डीम्ड) विश्वविद्यालय, पुणे ने 31 अगस्त से सिम्बायोसिस नेशनल एप्टीट्यूड आॅनलाइन परीक्षा (एसएनएपी-2021) के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 27 नवंबर तक जारी रहेगी।

इच्छुक विद्यार्थी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। राष्ट्रीय परीक्षा एजंसी (एनटीए) ने भारतीय विदेश व्यापार संस्थान प्रवेश (आइआइएफटी-2022) के लिए एक सितंबर से आवेदन आमंत्रित किए हैं। विद्यार्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण प्रक्रिया 15 अक्तूबर को समाप्त होगी। जेवियर एप्टीट्यूड टेस्ट (एक्सएटी-2022)के लिए भी पंजीकरण शुरू हो गया है, जो विद्यार्थी परीक्षा के लिए आवेदन करने के इच्छुक हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 30 नवंबर को समाप्त होगी और प्रवेश पत्र 30 दिसंबर से डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध होंगे। एक्सएटी-2022 की परीक्षा दो जनवरी 2022 को होगी।
यूजीसी नेट परीक्षा की तिथि में बदलाव

राष्ट्रीय परीक्षा एजंसी (एनटीए) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) राष्ट्रीय योग्यता परीक्षा (नेट) 2021 की तारीखों में संशोधन किया है। इसके अनुसार, अब यह परीक्षा छह से आठ अक्तूबर के बीच पहले चरा में परीक्षा कराई जाएगी। वहीं, दूसरे चरण में 17 से 19 अक्तूबर के बीच परीक्षा का आयोजन होग, जबकि पहले यह परीक्षा 6 से 11 अक्तूबर, 2021 के बीच होनी थी। लेकिन अब एनटीए ने इसमें बदलाव किया है। इस संबंध में एजंसी ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इसके मुताबिक, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा दिसंबर और जून सत्र 2021 की परीक्षा तिथि में संशोधन किया गया है। एनटीए के मुताबिक, यह जानकारी प्राप्त हुई है कि 10 अक्तूबर को यूजीसी नेट परीक्षा के साथ-साथ कुछ अन्य प्रमुख परीक्षाएं भी उस दिन के लिए निर्धारित है। ऐसे में परीक्षार्थियों को कठिनाई को समझते हुए और उम्मीदवारों की बड़ी भागीदारी सुनिश्चित करने की दूष्टि से यूजीसी नेट दिसंबर की कुछ तिथियों को दोबारा संशोधित किया गया है। यूजीसी नेट 2021 अक्तूबर परीक्षा के लिए नई परीक्षा तिथियां और कार्यक्रम एनटीए की वेबसाइट पर जारी किया गया है।

सीबीएसई ने जारी किए सैंपल पेपर
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने छमाही परीक्षाओं के लिए दसवीं और बारहवीं के लिए सैंपल पेपर जारी कर दिए हैं। विद्यार्थी सीबीएसई की वेबसाइट पर जाकर इन पेपर को देख सकते हैं। कोरोना विषाणु संक्रमण महामारी के मद्देनजर बोर्ड ने इस बार दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित करने का निर्णय किया है। इसके तहत दोनों कक्षाओं की छमाही परीक्षाएं नवंबर में होंगी। नवंबर में होने वाली परीक्षाओं के लिए ही बोर्ड की ओर से दोनों कक्षाओं के सभी विषयों के सैंपल पेपर जारी किए गए हैं।

The post एमबीए प्रवेश परीक्षाओं के लिए पंजीकरण शुरू appeared first on Jansatta.

दूर रहें समय बर्बाद करने वाले कार्यों से

कई बार हम ऐसे कार्यों में उलझ जाते हैं, जहां हमें समय के बीतने का बिलकुल भी पता नहीं चलता है। ऐसे कार्यों से सिर्फ समय की ही बर्बादी नहीं होती है बल्कि हमारी काफी ऊर्जा में व्यर्थ हो जाती है। सबसे पहले ऐसे कार्यों की पहचान करें और फिर इन कार्यों को धीरे-धीरे कम समय देना शुरू करें। एक समय के बाद इन कार्यों को पूरी तरह से करना बंद कर दें। ऐसे ही कार्यों में सोशल मीडिया पर समय बिताना शामिल है जिनमें फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि शामिल हैं।

तय करें कि सोशल मीडिया पर दिन में एक-दो बार से अधिक नहीं जाएंगे और हर बार 15 मिनट से ज्यादा का समय नहीं देंगे। कुछ दिनों में आप महसूस करेंगे कि सोशल मीडिया पर कम समय खर्च करने से आपको महत्त्वपूर्ण कार्यों के लिए अधिक समय मिलने लगा है। साथ ही आपको इस बात की गिलानी भी नहीं हो रही है कि आप अपने समय को बर्बाद कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि सिर्फ सोशल मीडिया की ऐसा कार्य है जहां हमारे समय की बर्बादी होती है। आप खुद अपनी दिनचर्या आ आकलन करें। इससे आपको पता चलेगा कि हर दिन आपका समय कहां बर्बाद हो रहा है। जब एक बार आपको ऐसे कार्यों का पता चल जाएगा जो आपके समय की बर्बादी कर रहे हैं तो ऐसे कार्यों पर अंकुश लगाना आसान हो जाएगा। इसलिए आज से ही इस कार्य को शुरू करें।

The post दूर रहें समय बर्बाद करने वाले कार्यों से appeared first on Jansatta.



from एजुकेशन – Jansatta https://ift.tt/3heNOKf
via IFTTT

कई बार हम ऐसे कार्यों में उलझ जाते हैं, जहां हमें समय के बीतने का बिलकुल भी पता नहीं चलता है। ऐसे कार्यों से सिर्फ समय की ही बर्बादी नहीं होती है बल्कि हमारी काफी ऊर्जा में व्यर्थ हो जाती है। सबसे पहले ऐसे कार्यों की पहचान करें और फिर इन कार्यों को धीरे-धीरे कम समय देना शुरू करें। एक समय के बाद इन कार्यों को पूरी तरह से करना बंद कर दें। ऐसे ही कार्यों में सोशल मीडिया पर समय बिताना शामिल है जिनमें फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि शामिल हैं।

तय करें कि सोशल मीडिया पर दिन में एक-दो बार से अधिक नहीं जाएंगे और हर बार 15 मिनट से ज्यादा का समय नहीं देंगे। कुछ दिनों में आप महसूस करेंगे कि सोशल मीडिया पर कम समय खर्च करने से आपको महत्त्वपूर्ण कार्यों के लिए अधिक समय मिलने लगा है। साथ ही आपको इस बात की गिलानी भी नहीं हो रही है कि आप अपने समय को बर्बाद कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि सिर्फ सोशल मीडिया की ऐसा कार्य है जहां हमारे समय की बर्बादी होती है। आप खुद अपनी दिनचर्या आ आकलन करें। इससे आपको पता चलेगा कि हर दिन आपका समय कहां बर्बाद हो रहा है। जब एक बार आपको ऐसे कार्यों का पता चल जाएगा जो आपके समय की बर्बादी कर रहे हैं तो ऐसे कार्यों पर अंकुश लगाना आसान हो जाएगा। इसलिए आज से ही इस कार्य को शुरू करें।

The post दूर रहें समय बर्बाद करने वाले कार्यों से appeared first on Jansatta.

प्रादेशिक सेना में अधिकारी बन देश की करें सेवा

स्‍नातक युवकों के लिए प्रादेशिक सेना में अधिकारी बनकर देश सेवा करने का सुनहरा मौका है। प्रादेशिक सेना में गैर-विभागीय अधिकारी के विभिन्न पदों पर भर्तियों के लिए आॅनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन की प्रक्रिया 19 अगस्त 2021 तक चलेगी। इस परीक्षा में पास करने वाले और अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों को लेफ्टिनेंट के पद पर तैनात किया जाएगा। भर्ती एक लिखित परीक्षा के माध्यम से की जाएगी। परीक्षा की संभावित तारीख 29 सितंबर है और यह परीक्षा देश के विभिन्न शहरों में आयोजित की जाएगी। प्रादेशिक सेना को नियमित भारतीय सेना के अलावा एक अल्प कालिक रक्षा सेवा के तौर पर स्थापित किया गया है। प्रादेशिक सेना के स्वयंसेवकों को साल में दो माह के लिए नियमित तौर पर सेना का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी सेवाएं ली जा सकें।

इस परीक्षा में शामिल होने और आवेदन करने के लिए उम्मीदवार को देश के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी संकाय में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। आवेदन करने वाले उम्मीदवार की आयु 18 साल से कम या 42 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए।इस पद पर चयनित होने के लिए उम्मीदवारों को तीन चरणों की परीक्षा से गुजरना होगा। सबसे पहले उम्मीदवारों को एक लिखित परीक्षा देनी होगी और इसमें सफल उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। साक्षात्कार में सफल उम्मीदवारों को चिकित्सकीय परीक्षण भी होगा। इसके बाद ही अंतिम रूप से सेवा में नियुक्ति मिलेगी। चयनित उम्मीदवारों को सेना के अधिकारियों की तरह ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक वेतन मिलता है। इच्छुक उम्मीदवार प्रादेशिक सेना की वेबसाइट पर जाकर आॅनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

The post प्रादेशिक सेना में अधिकारी बन देश की करें सेवा appeared first on Jansatta.



from एजुकेशन – Jansatta https://ift.tt/3yVOJ8z
via IFTTT

स्‍नातक युवकों के लिए प्रादेशिक सेना में अधिकारी बनकर देश सेवा करने का सुनहरा मौका है। प्रादेशिक सेना में गैर-विभागीय अधिकारी के विभिन्न पदों पर भर्तियों के लिए आॅनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन की प्रक्रिया 19 अगस्त 2021 तक चलेगी। इस परीक्षा में पास करने वाले और अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों को लेफ्टिनेंट के पद पर तैनात किया जाएगा। भर्ती एक लिखित परीक्षा के माध्यम से की जाएगी। परीक्षा की संभावित तारीख 29 सितंबर है और यह परीक्षा देश के विभिन्न शहरों में आयोजित की जाएगी। प्रादेशिक सेना को नियमित भारतीय सेना के अलावा एक अल्प कालिक रक्षा सेवा के तौर पर स्थापित किया गया है। प्रादेशिक सेना के स्वयंसेवकों को साल में दो माह के लिए नियमित तौर पर सेना का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी सेवाएं ली जा सकें।

इस परीक्षा में शामिल होने और आवेदन करने के लिए उम्मीदवार को देश के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी संकाय में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। आवेदन करने वाले उम्मीदवार की आयु 18 साल से कम या 42 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए।इस पद पर चयनित होने के लिए उम्मीदवारों को तीन चरणों की परीक्षा से गुजरना होगा। सबसे पहले उम्मीदवारों को एक लिखित परीक्षा देनी होगी और इसमें सफल उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। साक्षात्कार में सफल उम्मीदवारों को चिकित्सकीय परीक्षण भी होगा। इसके बाद ही अंतिम रूप से सेवा में नियुक्ति मिलेगी। चयनित उम्मीदवारों को सेना के अधिकारियों की तरह ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक वेतन मिलता है। इच्छुक उम्मीदवार प्रादेशिक सेना की वेबसाइट पर जाकर आॅनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

The post प्रादेशिक सेना में अधिकारी बन देश की करें सेवा appeared first on Jansatta.

सिविल सेवा : अवश्य होंगे सफल

भारतीय प्रशासन की रीढ़ कहे जाने वाली सिविल सेवाओं के भावी अधिकारियों का चयन संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से आयोजित ‘सिविल सेवा परीक्षा’ के माध्यम से किया जाता है। सिविल सेवा परीक्षा, देश की सर्वाधिक कठिन परीक्षाओं में से एक है। 700 से 900 रिक्तियों के लिए हर साल दस लाख से भी अधिक आवेदन यूपीएससी को मिलते हैं। तीन चरणों में संपन्न होने वाली इस परीक्षा की मूल्यांकन प्रक्रिया में लगभग एक साल लग जाता है। इस दुरुह प्रतिस्पर्धा का पहला चरण ‘प्रारंभिक परीक्षा’ है जिसमें आवेदन करने वाले 50 फीसद उम्मीदवार ही बैठने का साहस जुटा पाते हैं। प्रांरभिक परीक्षा को पास कर करीब 10 से 15 हजार ही अगले चरण ‘मुख्य परीक्षा’ तक पहुंच पाते हैं। इनमें से भी दो से तीन हजार मेघावी प्रत्याशी व्यक्तित्व परीक्षण के अंतिम चरण में प्रवेश कर पाते हैं।

प्रारंभिक परीक्षा और सीसैट : प्रारंभिक परीक्षा में अभ्यार्थियों का मूल्यांकन दो प्रश्न पत्रों के माध्यम से होता है। इन्हें सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-1 और प्रश्न पत्र-2 के नाम से औपचारिक रूप से जाना जाता है। दोनों प्रश्न पत्रों में वस्तुनिष्ठ प्रकार के बहुविकल्पीय प्रश्न आते हैं। प्रश्न पत्र-1 में भारतीय इतिहास एवं राष्ट्रीय आंदोलन, भारत एवं विश्व भूगोल, भारतीय राजतंत्र एवं प्रशासन, आर्थिक व सामाजिक विकास, पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, सामान्य विज्ञान और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएं जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रश्न पत्र-2 में बोधगम्यता, संचार कौशल, तार्किक कौशल एवं विश्लेषणात्मक क्षमता, निर्णयन एवं समस्या समाधान, सामान्य मानसिक योग्यता, बुनियादी संख्याएं एवं आंकड़ों का विश्लेषण सहित संचार व अंतरवैयक्ति कौशल के प्रश्न शामिल होते हैं। प्रश्न पत्र-2 विषय बोध का आकलन न करके प्रतियोगी की अभियोग्यता का आकलन करता है और इसलिए इसे बोलचाल की भाषा में सीसैट यानी ‘सिविल सर्विजेस एप्टीट्यूड टेस्ट’ कहते हैं।
प्रश्न पत्र -2 का महत्त्व : प्रारंभिक परीक्षा के दोनों ही तीन-तीन घंटों के और प्रश्न पत्र 200-200 अंकों के होते हैं परंतु 2015 के बाद प्रश्न पत्र-2 (सीसैट) मात्र एक अर्हक विषय बन कर रह गया है। इस प्रश्न पत्र में करीब 80 प्रश्न होते हैं जिनमें प्रत्येक के लिए 2.50 अंक निर्धारित है। गलत उत्तर दिए जाने पर सवाल का एक तिहाई (0.83 अंक) काटे जाने का प्रावधान है। प्रश्न पत्र-2 में आर्हता प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार को कुल अंकों का 33 फीसद यानी 66.67 अंक प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। अगले चरण के लिए वे ही उम्मीदवार चयनित होंगे जो प्रश्न पत्र-2 में कम से कम 66.67 अंक और प्रश्न पत्र-1 में अधिकतम अंक प्राप्त कर सके। निश्चित तौर पर उम्मीदवारों के लिए यह महत्त्वपूर्ण है कि वह अपना अधिकतम समय और श्रम प्रश्न पत्र-1 के विषयों पर केंद्रित करें। पर क्या इसका अर्थ यह निकाला जाए कि हर प्रतिभागी बिना किसी प्रयास या कठिनाई के प्रश्न पत्र-2 को हल कर लेगा। वस्तुस्थिति तो यह है कि हजारों विद्यार्थी तो होड़ से सिर्फ इसलिए बाहर हो जाते हैं कि वह न्यूनतम अर्हक अंक भी नहीं प्राप्त कर पाते हैं और अपना एक साल का प्रयास गवां बैठते हैं। अत: प्रश्न पत्र-2 को तनिक भी हल्के में लेना निश्चित तौर पर अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारना होगा।

प्रश्न पत्र-2 की तैयारी : इस पेपर की प्रारंभ से ही सतत तैयारी करना उचित है। ऐसा करने से अपनी कमियों को समयानुसार आंका जा सकता है और दूर भी किया जा सकता है। इसकी तैयार के लिए मूलत: अभ्यास की आवश्यकता है। अत: परीक्षा से कई महीने पूर्व की तैयारी का समयोपरांत हृास नहीं होता है और अंतिम के कुछ सप्ताहों को प्रश्न पत्र-1 के ज्ञान उन्मूख विषयों पर लगाया जा सकता है। पर अगर आप ऐसा करने में असमर्थ रहे हैं तो इस वर्ष की प्रारंभिक परीक्षा में बचे कुछेक सप्ताहों में भी आप संतोषजनक तैयारी कर सकते हैं। इसके लिए निम्न बातों पर ध्यान देना आवश्यक है। कई वर्षों के प्रश्नपत्रों के विश्लेषण के अनुसार ‘बोधगम्यता’ और ‘बुनियादी संख्याएं व आंकड़ों का विश्लषेण’ दो ऐसे विषय है जिनसे सर्वाधिक प्रश्न आते हैं। यह देखा गया है कि औसतन 50 से 60फीसद सवाल सिर्फ इन दो विषयों के ही होते हैं। अगर समय की कमी हो तो इन दो विषयों पर सर्वप्रथम ध्यान केंद्रित करें। अगर समय पर्याप्त हो तो भी इन दोनों विषयों पर महारत हासिल करना अनिवार्य है।

तैयारी करने के लिए कोई एक अच्छी किताब अवश्य खरीदें। इस पुस्तक में सबसे पहले, अध्याय में वर्णित विषय के पहलुओं का अध्ययन करें और बाद में अध्याय के अंत में सवालों को हल करें। बिना इस अभ्यास के विगत वर्षों के प्रश्न पत्र या पुस्तक में दिए अभ्यास प्रश्न पत्रों को हल करने का न प्रयास करें। यह अभ्यास बाद के लिए रखें।

बोधगम्यता : 2020 की परीक्षा में इस विषय से लगभग 25 सवाल आए थे। ये सवाल प्रश्न पत्र में दिए गए अनुच्छेदों पर आधारित होते हैं जो 40 से 400 शब्दों और विभिन्न विषयों से संबंधित होते हैं। सवाल इस प्रकार के होते हैं कि वे अनुच्छेद में निहित विषयवस्तु की तार्किक समझ की परख करते हैं। प्रश्न में दिए गए चार विकल्पों में कौन सा सही है, इसका अनुमान अनुच्छेद के सरसरी या सतही अवलोकन से तो बिलकुल नहीं लगता। यह प्रश्न भी तथ्यात्मक प्रकृति के नहीं होते और न ही उनके जवाब गद्यांश के वाक्यों में ढूंढ़े जा सकते हैं। बल्कि उस छोटे से अनुच्छेद को ध्यानपूर्वक पढ़ना और प्रश्न के संदर्भ में अनुच्छेद में वर्णित ज्ञान का अनुप्रयोग करना, अत्यंत ही आवश्यक है। अत: आवश्यकता पड़ती है भाषा के बुनियादी समझ और विषय के अवबोध की। और यह प्राप्त होता है निरंतर प्रयास से।

बुनियादी संख्याएं एवं आंकड़ों का विश्लेषण : इस विषय से 2020 में करीब 38 सवाल आए थे। वैसे तो यह विषय अंक प्रदायी है पर इसके लिए आवश्यकता है, कक्षा आठवीं और नौवीं के अंकगणित और सांख्यिकी के विषयों के पुनरावलोकन की। जिन विद्यार्थियों ने कला विषयों से स्नातक की है, उनके लिए यह विषय थोड़ा चुनौतीपूर्ण अवश्य है पर थोड़े से अभ्यास से विषय में पारंगत अवश्य हो सकते हैं। ‘अंतर वैयक्तिक कौशल’ और ‘निर्णयन एवं समस्या समाधान’ के विषयों से पिछले कई सालों से कोई भी सवाल नहीं आया। अत: इस पर अधिक समय न लगाएं।

‘तर्कसंगत विवेचना एवं विश्लेषणात्मक योग्यता’ अगले महत्त्वपूर्ण विषय हैं। दोनों विषय एक दूसरे से भिन्न हैं। तर्कसंगत विवेचना के प्रश्नों में एक तर्क उतेजक चयन अंतरनिहित होता है जिसके अनुरूप तर्क संगत विवेचना की आवश्यकता होती है। विश्लेषणात्मक योग्यता संबंधी प्रश्नों में परिस्थितियों एवं बाधाओं संबंधी मैट्रिक्स दी गई होती है जिनके निगमन और विश्लेषण से हल को प्राप्त करना होता है। अंतिम विषय ‘सामान्य मानिसिक योग्यता’ का है जिसके लिए किसी थ्यौरी की आवश्यकता नहीं बल्कि अभ्यास और अनुभव अनिवार्य है। अर्हक विषय होते हुए भी अभ्यर्थियों के लिए महत्त्वपूर्ण है कि वे उपरोक्त विभिन्न विषयों के कम से कम 50 सवालों का अभ्यास करें और उसके बाद पांच-पांच प्रश्न पत्रों व पुराने वर्षों के प्रश्न पत्र को हल करें। प्रतिभागी यह ध्यान रखें कि प्रत्येक परीक्षा की तरह इस प्रतिस्पर्धा में भी परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।

  • मधुकर कुमार भगत
    (आयकर आयुक्त और लेखक)

The post सिविल सेवा : अवश्य होंगे सफल appeared first on Jansatta.



from एजुकेशन – Jansatta https://ift.tt/3jW884E
via IFTTT

भारतीय प्रशासन की रीढ़ कहे जाने वाली सिविल सेवाओं के भावी अधिकारियों का चयन संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से आयोजित ‘सिविल सेवा परीक्षा’ के माध्यम से किया जाता है। सिविल सेवा परीक्षा, देश की सर्वाधिक कठिन परीक्षाओं में से एक है। 700 से 900 रिक्तियों के लिए हर साल दस लाख से भी अधिक आवेदन यूपीएससी को मिलते हैं। तीन चरणों में संपन्न होने वाली इस परीक्षा की मूल्यांकन प्रक्रिया में लगभग एक साल लग जाता है। इस दुरुह प्रतिस्पर्धा का पहला चरण ‘प्रारंभिक परीक्षा’ है जिसमें आवेदन करने वाले 50 फीसद उम्मीदवार ही बैठने का साहस जुटा पाते हैं। प्रांरभिक परीक्षा को पास कर करीब 10 से 15 हजार ही अगले चरण ‘मुख्य परीक्षा’ तक पहुंच पाते हैं। इनमें से भी दो से तीन हजार मेघावी प्रत्याशी व्यक्तित्व परीक्षण के अंतिम चरण में प्रवेश कर पाते हैं।

प्रारंभिक परीक्षा और सीसैट : प्रारंभिक परीक्षा में अभ्यार्थियों का मूल्यांकन दो प्रश्न पत्रों के माध्यम से होता है। इन्हें सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-1 और प्रश्न पत्र-2 के नाम से औपचारिक रूप से जाना जाता है। दोनों प्रश्न पत्रों में वस्तुनिष्ठ प्रकार के बहुविकल्पीय प्रश्न आते हैं। प्रश्न पत्र-1 में भारतीय इतिहास एवं राष्ट्रीय आंदोलन, भारत एवं विश्व भूगोल, भारतीय राजतंत्र एवं प्रशासन, आर्थिक व सामाजिक विकास, पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, सामान्य विज्ञान और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएं जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रश्न पत्र-2 में बोधगम्यता, संचार कौशल, तार्किक कौशल एवं विश्लेषणात्मक क्षमता, निर्णयन एवं समस्या समाधान, सामान्य मानसिक योग्यता, बुनियादी संख्याएं एवं आंकड़ों का विश्लेषण सहित संचार व अंतरवैयक्ति कौशल के प्रश्न शामिल होते हैं। प्रश्न पत्र-2 विषय बोध का आकलन न करके प्रतियोगी की अभियोग्यता का आकलन करता है और इसलिए इसे बोलचाल की भाषा में सीसैट यानी ‘सिविल सर्विजेस एप्टीट्यूड टेस्ट’ कहते हैं।
प्रश्न पत्र -2 का महत्त्व : प्रारंभिक परीक्षा के दोनों ही तीन-तीन घंटों के और प्रश्न पत्र 200-200 अंकों के होते हैं परंतु 2015 के बाद प्रश्न पत्र-2 (सीसैट) मात्र एक अर्हक विषय बन कर रह गया है। इस प्रश्न पत्र में करीब 80 प्रश्न होते हैं जिनमें प्रत्येक के लिए 2.50 अंक निर्धारित है। गलत उत्तर दिए जाने पर सवाल का एक तिहाई (0.83 अंक) काटे जाने का प्रावधान है। प्रश्न पत्र-2 में आर्हता प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार को कुल अंकों का 33 फीसद यानी 66.67 अंक प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। अगले चरण के लिए वे ही उम्मीदवार चयनित होंगे जो प्रश्न पत्र-2 में कम से कम 66.67 अंक और प्रश्न पत्र-1 में अधिकतम अंक प्राप्त कर सके। निश्चित तौर पर उम्मीदवारों के लिए यह महत्त्वपूर्ण है कि वह अपना अधिकतम समय और श्रम प्रश्न पत्र-1 के विषयों पर केंद्रित करें। पर क्या इसका अर्थ यह निकाला जाए कि हर प्रतिभागी बिना किसी प्रयास या कठिनाई के प्रश्न पत्र-2 को हल कर लेगा। वस्तुस्थिति तो यह है कि हजारों विद्यार्थी तो होड़ से सिर्फ इसलिए बाहर हो जाते हैं कि वह न्यूनतम अर्हक अंक भी नहीं प्राप्त कर पाते हैं और अपना एक साल का प्रयास गवां बैठते हैं। अत: प्रश्न पत्र-2 को तनिक भी हल्के में लेना निश्चित तौर पर अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारना होगा।

प्रश्न पत्र-2 की तैयारी : इस पेपर की प्रारंभ से ही सतत तैयारी करना उचित है। ऐसा करने से अपनी कमियों को समयानुसार आंका जा सकता है और दूर भी किया जा सकता है। इसकी तैयार के लिए मूलत: अभ्यास की आवश्यकता है। अत: परीक्षा से कई महीने पूर्व की तैयारी का समयोपरांत हृास नहीं होता है और अंतिम के कुछ सप्ताहों को प्रश्न पत्र-1 के ज्ञान उन्मूख विषयों पर लगाया जा सकता है। पर अगर आप ऐसा करने में असमर्थ रहे हैं तो इस वर्ष की प्रारंभिक परीक्षा में बचे कुछेक सप्ताहों में भी आप संतोषजनक तैयारी कर सकते हैं। इसके लिए निम्न बातों पर ध्यान देना आवश्यक है। कई वर्षों के प्रश्नपत्रों के विश्लेषण के अनुसार ‘बोधगम्यता’ और ‘बुनियादी संख्याएं व आंकड़ों का विश्लषेण’ दो ऐसे विषय है जिनसे सर्वाधिक प्रश्न आते हैं। यह देखा गया है कि औसतन 50 से 60फीसद सवाल सिर्फ इन दो विषयों के ही होते हैं। अगर समय की कमी हो तो इन दो विषयों पर सर्वप्रथम ध्यान केंद्रित करें। अगर समय पर्याप्त हो तो भी इन दोनों विषयों पर महारत हासिल करना अनिवार्य है।

तैयारी करने के लिए कोई एक अच्छी किताब अवश्य खरीदें। इस पुस्तक में सबसे पहले, अध्याय में वर्णित विषय के पहलुओं का अध्ययन करें और बाद में अध्याय के अंत में सवालों को हल करें। बिना इस अभ्यास के विगत वर्षों के प्रश्न पत्र या पुस्तक में दिए अभ्यास प्रश्न पत्रों को हल करने का न प्रयास करें। यह अभ्यास बाद के लिए रखें।

बोधगम्यता : 2020 की परीक्षा में इस विषय से लगभग 25 सवाल आए थे। ये सवाल प्रश्न पत्र में दिए गए अनुच्छेदों पर आधारित होते हैं जो 40 से 400 शब्दों और विभिन्न विषयों से संबंधित होते हैं। सवाल इस प्रकार के होते हैं कि वे अनुच्छेद में निहित विषयवस्तु की तार्किक समझ की परख करते हैं। प्रश्न में दिए गए चार विकल्पों में कौन सा सही है, इसका अनुमान अनुच्छेद के सरसरी या सतही अवलोकन से तो बिलकुल नहीं लगता। यह प्रश्न भी तथ्यात्मक प्रकृति के नहीं होते और न ही उनके जवाब गद्यांश के वाक्यों में ढूंढ़े जा सकते हैं। बल्कि उस छोटे से अनुच्छेद को ध्यानपूर्वक पढ़ना और प्रश्न के संदर्भ में अनुच्छेद में वर्णित ज्ञान का अनुप्रयोग करना, अत्यंत ही आवश्यक है। अत: आवश्यकता पड़ती है भाषा के बुनियादी समझ और विषय के अवबोध की। और यह प्राप्त होता है निरंतर प्रयास से।

बुनियादी संख्याएं एवं आंकड़ों का विश्लेषण : इस विषय से 2020 में करीब 38 सवाल आए थे। वैसे तो यह विषय अंक प्रदायी है पर इसके लिए आवश्यकता है, कक्षा आठवीं और नौवीं के अंकगणित और सांख्यिकी के विषयों के पुनरावलोकन की। जिन विद्यार्थियों ने कला विषयों से स्नातक की है, उनके लिए यह विषय थोड़ा चुनौतीपूर्ण अवश्य है पर थोड़े से अभ्यास से विषय में पारंगत अवश्य हो सकते हैं। ‘अंतर वैयक्तिक कौशल’ और ‘निर्णयन एवं समस्या समाधान’ के विषयों से पिछले कई सालों से कोई भी सवाल नहीं आया। अत: इस पर अधिक समय न लगाएं।

‘तर्कसंगत विवेचना एवं विश्लेषणात्मक योग्यता’ अगले महत्त्वपूर्ण विषय हैं। दोनों विषय एक दूसरे से भिन्न हैं। तर्कसंगत विवेचना के प्रश्नों में एक तर्क उतेजक चयन अंतरनिहित होता है जिसके अनुरूप तर्क संगत विवेचना की आवश्यकता होती है। विश्लेषणात्मक योग्यता संबंधी प्रश्नों में परिस्थितियों एवं बाधाओं संबंधी मैट्रिक्स दी गई होती है जिनके निगमन और विश्लेषण से हल को प्राप्त करना होता है। अंतिम विषय ‘सामान्य मानिसिक योग्यता’ का है जिसके लिए किसी थ्यौरी की आवश्यकता नहीं बल्कि अभ्यास और अनुभव अनिवार्य है। अर्हक विषय होते हुए भी अभ्यर्थियों के लिए महत्त्वपूर्ण है कि वे उपरोक्त विभिन्न विषयों के कम से कम 50 सवालों का अभ्यास करें और उसके बाद पांच-पांच प्रश्न पत्रों व पुराने वर्षों के प्रश्न पत्र को हल करें। प्रतिभागी यह ध्यान रखें कि प्रत्येक परीक्षा की तरह इस प्रतिस्पर्धा में भी परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।

  • मधुकर कुमार भगत
    (आयकर आयुक्त और लेखक)

The post सिविल सेवा : अवश्य होंगे सफल appeared first on Jansatta.

IBPS RRB Clerk Result 2021: प्रीलिम्स परीक्षा का स्कोर कार्ड जारी, इन स्टेप्स से कर सकते हैं डाउनलोड

IBPS RRB Clerk Result 2021: इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन (IBPS) ने ग्रुप बी ऑफिस असिस्टेंट पदों पर भर्ती के लिए आयोजित प्रिलिमनरी परीक्षा का स्कोरकार्ड जारी कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने IBPS RRB Clerk Exam दिया था, वह अब आधिकारिक वेबसाइट ibps.in के माध्यम से 17 अक्टूबर तक अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

आईबीपीएस ने इससे पहले CRP RRB X Office Assistant (Clerk) Prelims Exam 2021 का रिजल्ट 3 सितंबर को जारी किया था। बता दें कि आईबीपीएस द्वारा प्रिलिमनरी परीक्षा 8 अगस्त और 14 अगस्त को आयोजित की गई थी। इस प्रिलिमनरी परीक्षा को सफलतापूर्वक पास करने वाले उम्मीदवारों को अब मेन्स परीक्षा के लिए उपस्थित होना होगा। सभी उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर इन स्टेप्स के माध्यम से अपना स्कोर कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

क्लर्क, पटवारी और जिलादार के पदों पर भर्ती के लिए हुए एग्जाम की आंसर की जारी, ऐसे करें चेक, ये है आपत्ति दर्ज कराने का तरीका

How to download IBPS RRB Clerk Scorecard 2021

स्टेप 1: सबसे पहले उम्मीदवार आईबीपीएस की आधिकारिक वेबसाइट ibps.in पर जाएं।

स्टेप 2: इसके बाद होम पेज पर दिख रहे IBPS RRB Clerk Score Card 2021 के लिंक पर क्लिक करें।

स्टेप 3: अब आपके सामने एक नया पेज खुल जाएगा।

स्टेप 4: यहां सभी आवश्यक जानकारी भरें और सबमिट बटन पर क्लिक कर दें।

स्टेप 5: अब आप IBPS RRB Clerk Scorecard 2021 डाउनलोड करके प्रिंट आउट निकाल सकते हैं।

इस प्रक्रिया के माध्यम से ऑफिस असिस्टेंट (मल्टी परपज), ऑफिसर स्केल I, ऑफिसर स्केल II और ऑफिसर स्केल III के कुल 12958 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों पर भर्ती के लिए उम्मीदवारों का चयन प्रिलिमनरी परीक्षा और मेन्स परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। अधिकारी सूचना के अनुसार मेन्स परीक्षा 17 अक्टूबर को आयोजित किए जाने की संभावना है। जानकारी के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट चेक कर सकते हैं।

UPSC: लगातार चार बार परीक्षा में असफल होने वाली ममता ने नहीं मानी हार, पांचवें प्रयास में किया टॉप

The post IBPS RRB Clerk Result 2021: प्रीलिम्स परीक्षा का स्कोर कार्ड जारी, इन स्टेप्स से कर सकते हैं डाउनलोड appeared first on Jansatta.



from एजुकेशन – Jansatta https://ift.tt/3l3nfZI
via IFTTT

IBPS RRB Clerk Result 2021: इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन (IBPS) ने ग्रुप बी ऑफिस असिस्टेंट पदों पर भर्ती के लिए आयोजित प्रिलिमनरी परीक्षा का स्कोरकार्ड जारी कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने IBPS RRB Clerk Exam दिया था, वह अब आधिकारिक वेबसाइट ibps.in के माध्यम से 17 अक्टूबर तक अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

आईबीपीएस ने इससे पहले CRP RRB X Office Assistant (Clerk) Prelims Exam 2021 का रिजल्ट 3 सितंबर को जारी किया था। बता दें कि आईबीपीएस द्वारा प्रिलिमनरी परीक्षा 8 अगस्त और 14 अगस्त को आयोजित की गई थी। इस प्रिलिमनरी परीक्षा को सफलतापूर्वक पास करने वाले उम्मीदवारों को अब मेन्स परीक्षा के लिए उपस्थित होना होगा। सभी उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर इन स्टेप्स के माध्यम से अपना स्कोर कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

क्लर्क, पटवारी और जिलादार के पदों पर भर्ती के लिए हुए एग्जाम की आंसर की जारी, ऐसे करें चेक, ये है आपत्ति दर्ज कराने का तरीका

How to download IBPS RRB Clerk Scorecard 2021

स्टेप 1: सबसे पहले उम्मीदवार आईबीपीएस की आधिकारिक वेबसाइट ibps.in पर जाएं।

स्टेप 2: इसके बाद होम पेज पर दिख रहे IBPS RRB Clerk Score Card 2021 के लिंक पर क्लिक करें।

स्टेप 3: अब आपके सामने एक नया पेज खुल जाएगा।

स्टेप 4: यहां सभी आवश्यक जानकारी भरें और सबमिट बटन पर क्लिक कर दें।

स्टेप 5: अब आप IBPS RRB Clerk Scorecard 2021 डाउनलोड करके प्रिंट आउट निकाल सकते हैं।

इस प्रक्रिया के माध्यम से ऑफिस असिस्टेंट (मल्टी परपज), ऑफिसर स्केल I, ऑफिसर स्केल II और ऑफिसर स्केल III के कुल 12958 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों पर भर्ती के लिए उम्मीदवारों का चयन प्रिलिमनरी परीक्षा और मेन्स परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। अधिकारी सूचना के अनुसार मेन्स परीक्षा 17 अक्टूबर को आयोजित किए जाने की संभावना है। जानकारी के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट चेक कर सकते हैं।

UPSC: लगातार चार बार परीक्षा में असफल होने वाली ममता ने नहीं मानी हार, पांचवें प्रयास में किया टॉप

The post IBPS RRB Clerk Result 2021: प्रीलिम्स परीक्षा का स्कोर कार्ड जारी, इन स्टेप्स से कर सकते हैं डाउनलोड appeared first on Jansatta.

Teacher Recruitment 2021: 45000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती जल्द, जाने कब तक जारी हो सकती है नोटिफिकेशन

Teacher Recruitment 2021: बिहार सरकार जल्द ही बिहार प्राथमिक विद्यालय और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी करने वाली है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 7 सितंबर को, बिहार सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों में 40518 और माध्यमिक विद्यालयों में 5334 रिक्त पदों को भरने के लिए मंजूरी दे दी है। 7 सितंबर, 2021 को कैबिनेट में यह फैसला लिया गया है।

शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों एवं माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की भर्ती हेतु स्वीकृति प्रदान की गयी है, जबकि पंचायती राज्य संस्था एवं नगर निगम के अंतर्गत प्रारम्भिक शिक्षक के 40518 पद स्वीकृत किये गये हैं। अब पंचायती राज्य संस्थान में माध्यमिक विद्यालयों और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों के लिए कुल 5334 रिक्तियां भरी जाएंगी। Bihar Head Master Notification जल्द ही ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी की जा सकती है। इन पदों पर आवेदन नोटिफिकेशन जारी होने के बाद शुरू होंगे।

आयोग ने रद्द की ये बड़ी भर्ती, जानिए कब तक जारी हो सकती है नई नोटिफिकेशन

इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास बी.एड होना चाहिए। हालांकि, शैक्षिक योग्यता की पूर्ण जानकारी ऑफिशियल नोटिफिकेशन में दी जाएगी। उम्मीदवार ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी होने का इंतजार करें। यह भर्ती प्रक्रिया BPSC के जरिए की जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन पदों के लिए चयन परीक्षा में 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। साथ ही इस एग्जाम में माइनस मार्किंग भी होगी। 1994 के बाद यह पहला मौका होगा जब बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति लोक सेवा आयोग के माध्यम से की जाएगी। बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने इसकी घोषणा की।

प्रधानाध्यापकों के पद पर अप्लाई करने के लिए प्लस टू के टीचर जो 8 वर्ष की टीचिंग का अनुभव रखते हों। वहीं कक्षा 9 व 10 के शिक्षक जो पोस्ट ग्रेजुएट के साथ ही 10 वर्ष का स्कूल में टीचिंग का अनुभव रखते हैं वे आवेदन कर सकेंगे। प्राइवेट स्कूल के टीचर भी रिक्त पदों पर आवेदन के लिए पात्र होंगे। पात्रता की पूर्ण जानकारी नोटिफिकेशन के माध्यम से दी जाएगी।

भारतीय डाक ने जारी किया इन उम्मीदवारों का रिजल्ट, इन स्टेप्स से करें चेक

The post Teacher Recruitment 2021: 45000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती जल्द, जाने कब तक जारी हो सकती है नोटिफिकेशन appeared first on Jansatta.



from एजुकेशन – Jansatta https://ift.tt/2Vntajg
via IFTTT

Teacher Recruitment 2021: बिहार सरकार जल्द ही बिहार प्राथमिक विद्यालय और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी करने वाली है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 7 सितंबर को, बिहार सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों में 40518 और माध्यमिक विद्यालयों में 5334 रिक्त पदों को भरने के लिए मंजूरी दे दी है। 7 सितंबर, 2021 को कैबिनेट में यह फैसला लिया गया है।

शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों एवं माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की भर्ती हेतु स्वीकृति प्रदान की गयी है, जबकि पंचायती राज्य संस्था एवं नगर निगम के अंतर्गत प्रारम्भिक शिक्षक के 40518 पद स्वीकृत किये गये हैं। अब पंचायती राज्य संस्थान में माध्यमिक विद्यालयों और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों के लिए कुल 5334 रिक्तियां भरी जाएंगी। Bihar Head Master Notification जल्द ही ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी की जा सकती है। इन पदों पर आवेदन नोटिफिकेशन जारी होने के बाद शुरू होंगे।

आयोग ने रद्द की ये बड़ी भर्ती, जानिए कब तक जारी हो सकती है नई नोटिफिकेशन

इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास बी.एड होना चाहिए। हालांकि, शैक्षिक योग्यता की पूर्ण जानकारी ऑफिशियल नोटिफिकेशन में दी जाएगी। उम्मीदवार ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी होने का इंतजार करें। यह भर्ती प्रक्रिया BPSC के जरिए की जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन पदों के लिए चयन परीक्षा में 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। साथ ही इस एग्जाम में माइनस मार्किंग भी होगी। 1994 के बाद यह पहला मौका होगा जब बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति लोक सेवा आयोग के माध्यम से की जाएगी। बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने इसकी घोषणा की।

प्रधानाध्यापकों के पद पर अप्लाई करने के लिए प्लस टू के टीचर जो 8 वर्ष की टीचिंग का अनुभव रखते हों। वहीं कक्षा 9 व 10 के शिक्षक जो पोस्ट ग्रेजुएट के साथ ही 10 वर्ष का स्कूल में टीचिंग का अनुभव रखते हैं वे आवेदन कर सकेंगे। प्राइवेट स्कूल के टीचर भी रिक्त पदों पर आवेदन के लिए पात्र होंगे। पात्रता की पूर्ण जानकारी नोटिफिकेशन के माध्यम से दी जाएगी।

भारतीय डाक ने जारी किया इन उम्मीदवारों का रिजल्ट, इन स्टेप्स से करें चेक

The post Teacher Recruitment 2021: 45000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती जल्द, जाने कब तक जारी हो सकती है नोटिफिकेशन appeared first on Jansatta.

UPPSC Recruitment 2021: आयोग ने रद्द की ये बड़ी भर्ती, जानिए कब तक जारी हो सकती है नई नोटिफिकेशन

UPPSC Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने राज्य सरकार के तकनीकी शिक्षा विभाग (डिप्लोमा सेक्टर) के तहत राज्य पॉलिटेक्निक संस्थानों में विज्ञापन संख्या – 02/2017-18 के तहत प्रिंसिपल और लेक्चरर के पदों पर भर्ती को रद्द कर दिया है।

ऑफिशियल नोटिस के अनुसार आयोग ने प्रिंसिपल, वर्कशॉप सुपरिंटेंडेंट, लाइब्रेरियन और लेक्चरर के कुल 1370 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन फिर से जारी करेगा। जबकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आयोग की ओर से एक हफ्ते में नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा उक्त पदों के लिए निर्धारित नियमों में संशोधन के कारण भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया है।

विज्ञापन संख्या- 02/2017-18 में विभिन्न विषयों के लेक्चरर के कुल 1248 रिक्त पद थे। जिसमें से मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लिए 261, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के लिए 230, सिविल इंजीनियरिंग के लिए 133, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के लिए 120, कंप्यूटर और अन्य विषयों के लिए 132 रिक्तियां घोषित की गई थीं।

योग ने जारी की परीक्षा तारीख सहित यह अहम जानकारी, इनके लिए ज़रूरी

सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्रिंसिपल और लेक्चरर के पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया 25 जनवरी 2018 से शुरू हुई थी और 7 फरवरी 2018 तक जारी रही। परीक्षा के लिए आवेदन शुल्क 105 रुपये थी।

वहीं उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने लेक्चरर गवर्नमेंट इंटर कॉलेज प्री एग्जाम के एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। वे उम्मीदवार जिन्होंने UPPSC Lecturer Recruitment 2021 के लिए आवेदन किया है और उनका आवेदन स्वीकार कर लिया गया है, वे ऑफिशियल वेबसाइट की मदद से ऑनलाइन अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। उम्मीदवार अपना एडमिट कार्ड उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की ऑफिशियल वेबसाइट uppsc.up.nic.in से डाउनलोड कर सकते हैं।

यूपी जीआईसी 19 सितंबर 2021 (रविवार) को एक ही पाली में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक मुरादाबाद, प्रयागराज, सीतापुर, वाराणसी, आगरा, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, जौनपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ और मथुरा सहित अन्य केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

इस तारीख को घोषित किया जाएगा इन परीक्षाओं का रिजल्ट, यहां पढ़िए लेटेस्ट अपडेट

The post UPPSC Recruitment 2021: आयोग ने रद्द की ये बड़ी भर्ती, जानिए कब तक जारी हो सकती है नई नोटिफिकेशन appeared first on Jansatta.



from एजुकेशन – Jansatta https://ift.tt/3togeX2
via IFTTT

UPPSC Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने राज्य सरकार के तकनीकी शिक्षा विभाग (डिप्लोमा सेक्टर) के तहत राज्य पॉलिटेक्निक संस्थानों में विज्ञापन संख्या – 02/2017-18 के तहत प्रिंसिपल और लेक्चरर के पदों पर भर्ती को रद्द कर दिया है।

ऑफिशियल नोटिस के अनुसार आयोग ने प्रिंसिपल, वर्कशॉप सुपरिंटेंडेंट, लाइब्रेरियन और लेक्चरर के कुल 1370 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन फिर से जारी करेगा। जबकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आयोग की ओर से एक हफ्ते में नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा उक्त पदों के लिए निर्धारित नियमों में संशोधन के कारण भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया है।

विज्ञापन संख्या- 02/2017-18 में विभिन्न विषयों के लेक्चरर के कुल 1248 रिक्त पद थे। जिसमें से मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लिए 261, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के लिए 230, सिविल इंजीनियरिंग के लिए 133, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के लिए 120, कंप्यूटर और अन्य विषयों के लिए 132 रिक्तियां घोषित की गई थीं।

योग ने जारी की परीक्षा तारीख सहित यह अहम जानकारी, इनके लिए ज़रूरी

सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्रिंसिपल और लेक्चरर के पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया 25 जनवरी 2018 से शुरू हुई थी और 7 फरवरी 2018 तक जारी रही। परीक्षा के लिए आवेदन शुल्क 105 रुपये थी।

वहीं उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने लेक्चरर गवर्नमेंट इंटर कॉलेज प्री एग्जाम के एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। वे उम्मीदवार जिन्होंने UPPSC Lecturer Recruitment 2021 के लिए आवेदन किया है और उनका आवेदन स्वीकार कर लिया गया है, वे ऑफिशियल वेबसाइट की मदद से ऑनलाइन अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। उम्मीदवार अपना एडमिट कार्ड उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की ऑफिशियल वेबसाइट uppsc.up.nic.in से डाउनलोड कर सकते हैं।

यूपी जीआईसी 19 सितंबर 2021 (रविवार) को एक ही पाली में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक मुरादाबाद, प्रयागराज, सीतापुर, वाराणसी, आगरा, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, जौनपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ और मथुरा सहित अन्य केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

इस तारीख को घोषित किया जाएगा इन परीक्षाओं का रिजल्ट, यहां पढ़िए लेटेस्ट अपडेट

The post UPPSC Recruitment 2021: आयोग ने रद्द की ये बड़ी भर्ती, जानिए कब तक जारी हो सकती है नई नोटिफिकेशन appeared first on Jansatta.