UPSC: अकसर यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए लोग छोटे शहरों से निकलकर बड़े शहरों का रुख लेते हैं। उनके अनुसार बड़े शहरों में रहकर परीक्षा के लिए बेहतर संसाधन मिल सकता है। वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सीमित संसाधनों के बावजूद भी सफलता प्राप्त कर लेते हैं। ऐसे ही कुछ लोगों में नीतीश कुमार सिंह का नाम भी शामिल है। आज यहां हम उनकी सफलता के बारे में बताएंगे।
नीतीश कुमार सिंह झारखंड के पलामू जिले के रहने वाले हैं। नीतीश के पिता प्रयाग सिंह बोकारो स्टील प्लांट के रिटायर्ड कर्मचारी हैं और उनकी माता इंदिरा देवी एक ग्रहणी हैं। नीतीश की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भवनाथपुर के एक स्कूल से प्राप्त की है। हालांकि, उन्होंने कक्षा 12वीं की पढ़ाई बोकारो के DPS से की है। नीतीश बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज़ थे। उन्होंने कक्षा 10वीं में 97% अंक और कक्षा 12वीं में 90% अंक प्राप्त किए थे। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने IIT धनबाद से B.Tech की डिग्री पूरी की है। बता दें कि नीतीश को बच्चों को पढ़ाना काफी पसंद है। वह अपने ग्रेजुएशन के दिनों में भी गरीब बच्चों को ट्यूशन दिया करते थे। इसी दौरान उन्होंने यूपीएससी परीक्षा देने का मन बनाया, जिससे समाज को बेहतर बनाने में वह अपना भी कुछ योगदान दे सकें।
नीतीश ने धीरे धीरे परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। शुरुआती दिनों में उन्होंने कुछ दिन धनबाद में रहकर पढ़ाई की लेकिन फिर बाद में वह रांची आ गए और यहीं से पढ़ाई जारी रखी। यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्हें कई कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ा लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। नीतीश ने दो बार यूपीएससी परीक्षा दी लेकिन दोनों ही बार वह असफल रहे। इस असफलता से निराश होने की जगह वह पूरे जोश के साथ तैयारी में लगे रहे। आखिरकार साल 2016 के तीसरे प्रयास में नीतीश ने यूपीएससी परीक्षा में 23वीं रैंक प्राप्त की। उनका कहना है कि इस परीक्षा में सफलता पाने के लिए मेहनत के साथ ही धैर्य रखना भी बेहद आवश्यक है। संभव है कि पहले ही प्रयास में आप इस कठिन परीक्षा में सफल न हों इसलिए करीब दो साल तक परीक्षा की तैयारी करें और अगर फिर भी सफलता न मिले तो दोबारा प्रयास करना चाहिए।
UPSC: यूपीएससी एग्जाम क्लियर करने के इतनी मिलती है IAS ऑफिसर को सैलरी
नीतीश का मानना है कि इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक नहीं कि आप किसी बड़े शहर में ही रहकर पढ़ाई करें। टेक्नोलॉजी के इस दौर में इंटरनेट पर ही ज्ञान का भंडार उपलब्ध है। ज़रूरत है तो बस सही स्ट्रेटजी और कठिन परिश्रम की। कुछ सीमित लेकिन अच्छी किताबों और इंटरनेट के सही उपयोग के साथ भी इस परीक्षा को पास किया जा सकता है।
RSMSSB Notice 2021: बोर्ड ने जारी किया नया नोटिस, इन कैंडिडेट्स के लिए ज़रूरी
The post UPSC: झारखंड के नीतीश ने तीसरे प्रयास में पाई 23वीं रैंक, तैयारी के लिए देते हैं यह महत्वपूर्ण सलाह appeared first on Jansatta.
from एजुकेशन – Jansatta https://ift.tt/3jrfayl
via IFTTT
UPSC: अकसर यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए लोग छोटे शहरों से निकलकर बड़े शहरों का रुख लेते हैं। उनके अनुसार बड़े शहरों में रहकर परीक्षा के लिए बेहतर संसाधन मिल सकता है। वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सीमित संसाधनों के बावजूद भी सफलता प्राप्त कर लेते हैं। ऐसे ही कुछ लोगों में नीतीश कुमार सिंह का नाम भी शामिल है। आज यहां हम उनकी सफलता के बारे में बताएंगे।
नीतीश कुमार सिंह झारखंड के पलामू जिले के रहने वाले हैं। नीतीश के पिता प्रयाग सिंह बोकारो स्टील प्लांट के रिटायर्ड कर्मचारी हैं और उनकी माता इंदिरा देवी एक ग्रहणी हैं। नीतीश की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भवनाथपुर के एक स्कूल से प्राप्त की है। हालांकि, उन्होंने कक्षा 12वीं की पढ़ाई बोकारो के DPS से की है। नीतीश बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज़ थे। उन्होंने कक्षा 10वीं में 97% अंक और कक्षा 12वीं में 90% अंक प्राप्त किए थे। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने IIT धनबाद से B.Tech की डिग्री पूरी की है। बता दें कि नीतीश को बच्चों को पढ़ाना काफी पसंद है। वह अपने ग्रेजुएशन के दिनों में भी गरीब बच्चों को ट्यूशन दिया करते थे। इसी दौरान उन्होंने यूपीएससी परीक्षा देने का मन बनाया, जिससे समाज को बेहतर बनाने में वह अपना भी कुछ योगदान दे सकें।
नीतीश ने धीरे धीरे परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। शुरुआती दिनों में उन्होंने कुछ दिन धनबाद में रहकर पढ़ाई की लेकिन फिर बाद में वह रांची आ गए और यहीं से पढ़ाई जारी रखी। यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्हें कई कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ा लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। नीतीश ने दो बार यूपीएससी परीक्षा दी लेकिन दोनों ही बार वह असफल रहे। इस असफलता से निराश होने की जगह वह पूरे जोश के साथ तैयारी में लगे रहे। आखिरकार साल 2016 के तीसरे प्रयास में नीतीश ने यूपीएससी परीक्षा में 23वीं रैंक प्राप्त की। उनका कहना है कि इस परीक्षा में सफलता पाने के लिए मेहनत के साथ ही धैर्य रखना भी बेहद आवश्यक है। संभव है कि पहले ही प्रयास में आप इस कठिन परीक्षा में सफल न हों इसलिए करीब दो साल तक परीक्षा की तैयारी करें और अगर फिर भी सफलता न मिले तो दोबारा प्रयास करना चाहिए।
UPSC: यूपीएससी एग्जाम क्लियर करने के इतनी मिलती है IAS ऑफिसर को सैलरी
नीतीश का मानना है कि इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक नहीं कि आप किसी बड़े शहर में ही रहकर पढ़ाई करें। टेक्नोलॉजी के इस दौर में इंटरनेट पर ही ज्ञान का भंडार उपलब्ध है। ज़रूरत है तो बस सही स्ट्रेटजी और कठिन परिश्रम की। कुछ सीमित लेकिन अच्छी किताबों और इंटरनेट के सही उपयोग के साथ भी इस परीक्षा को पास किया जा सकता है।
RSMSSB Notice 2021: बोर्ड ने जारी किया नया नोटिस, इन कैंडिडेट्स के लिए ज़रूरी
The post UPSC: झारखंड के नीतीश ने तीसरे प्रयास में पाई 23वीं रैंक, तैयारी के लिए देते हैं यह महत्वपूर्ण सलाह appeared first on Jansatta.
No comments:
Post a Comment