युवाल नोहा हरारी ने अपनी नामी किताब ‘सेपियंस’ में दस हजार साल पहले हुई खेती की क्रांति का जिक्र किया है। मध्य एशिया की जंगली घास गेहूं को जब इंसान ने उगाना शुरू किया तो इसने इंसान पर अपनी चाहतें लादनी शुरू की।
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