Thursday, December 10, 2020

कव‍ि मंगलेश डबराल नहीं रहे, 12 द‍िन पहले हुआ था कोरोना संक्रमण, द‍िल का दौरा पड़ने से न‍िधन

मंगलेश डबराल अपने पीछे कविताओं का ऐसा संसार छोड़ गए हैं, जो उनकी याद दिलाता रहेगा। उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में ‘पहाड़ पर लालटेन’, ‘घर का रास्ता’, ‘नए युग में शत्रु’ और यात्रावृत्त ‘एक बार आयोवा’ आदि शामिल हैं।

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