Friday, February 14, 2020

द लास्‍ट कोच: तुम भी चलो, हम भी चलें…मेट्रो के सफर में प्यार की कहानी

कितनी बदल गई है युवा पीढ़ी। इन दिनों युवाओं का जोश देखना हो तो मेट्रो में देखिए। उस दिन एक युवती जिस तरह से अपने मित्र से गले लगी, उसे सभी यात्री देखते रह गए थे। पश्चिम की आधुनिक सभ्यता ने इस खास दिन को दिल से अंगीकार किया है। सेंट वेलेंटाइन की कहानी का मर्म समझते हुए उसकी पावनता को भी महत्त्व दिया है। और जब हमारी बारी आती है तो हमारे विचार क्यों संकुचित हो जाते हैं? द लास्ट कोच शृंखला में प्रेम की नई परिभाषा बता रहे हैं संजय स्वतंत्र।

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