मध्यप्रदेश के इंदौर शहर से चालीस किमी दूर एक गांव के सरकारी हाईस्कूल में चपरासी वासुदेव वहीं संस्कृत पढ़ा रहे हैं। यह काम वह पिछले 23 वर्षों से बिना किसी अतिरिक्त वेतन के कर रहे हैं। उनके इस सराहनीय काम के लिए उनको मुख्यमंत्री उत्तमता पुरस्कार के लिए चुना गया है।
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